सरकारी स्कूल के चतुर्थ कर्मचारी के पद पर कार्यरत युवक का फांसी से लटका मिला शव सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत युवक का फंदा से लटका मिला शव राजेंद्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। सरकारी स्कूल में कार्यरत एक कर्मचारी का शव घर के कमरे में फांसी से लटकता हुआ मिलने की खबर पर परिजनों में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक जिले की चौकी खड़नी के कररी गांव निवासी स्व. सत्यराम शाक्य की करीब तीन साल पूर्व बीमारी से हुई मौत के बाद उनकी जगह पर उनके पुत्र 28 वर्षीय धर्मेंद्र शाक्य की मृतक आश्रित के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नौकरी लगी थी। धर्मेंद्र औरैया जिले के बिधूना के कछपुरा गांव स्थित एक सरकारी स्कूल में कार्यरत थे। सुबह घर के एक कमरे में छत के सहारे लगे कुंडे में दुपट्टे के सहारे फांसी के फंदे से लटका हुआ धर्मेंद्र का शव मिला। मामले की जानकारी जब परिजनो को हुई तो हड़कंप मच गया। परिजनों के शोरगुल और कोहराम पर गांव के ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर पहुंच गई। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार और खड़नी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जांच पड़ताल शुरू करते हुए मृतक के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। थाना प्रभारी ने बताया कि, पी.एम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। बताते चलें कि , मृतक कर्मचारी की मां ने बताया कि,मृतक कर्मी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बच्चे तान्या और सूरज हैं। इसके अलावा एक बच्चे की मृत्यु हो चुकी है। शादी के 6 से 7 साल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि, परिवार में धर्मेंद्र का उनकी पत्नी के साथ अक्सर पारिवारिक विवाद होता रहता था। इस मामले में किसी अन्य युवक का दोनो पति पत्नी के बीच आ जाना विवाद का प्रमुख कारण रहा। मां का आरोप था कि, धर्मेंद्र अक्सर अपनी पत्नी से किसी अन्य शख्स से बात करने को लेकर अधिक परेशान रहता था। इसके अलावा सुबह भी दोनों केमध्य झगड़ा हुआ और धर्मेंद्र ने खुद को कमरे में बंद करने के बाद अन्दर से गेट की कुंडी भी लगा ली थी। इसके बाद भी धर्मेंद्र की पत्नी ने कुंडी नहीं खुलवाई, नतीजा यह हुआ कि, धर्मेंद्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है, वहीं धर्मेंद्र की मौत पर उनकी मां और बच्चों का रोने बिलखने का सिलसिला जारी था।
सरकारी स्कूल के चतुर्थ कर्मचारी के पद पर कार्यरत युवक का फांसी से लटका मिला शव सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत युवक का फंदा से लटका मिला शव राजेंद्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। सरकारी स्कूल में कार्यरत एक कर्मचारी का शव घर के कमरे में फांसी से लटकता हुआ मिलने की खबर पर परिजनों में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक जिले की चौकी खड़नी के कररी गांव निवासी स्व. सत्यराम शाक्य की करीब तीन साल पूर्व बीमारी से हुई मौत के बाद उनकी जगह पर उनके पुत्र 28 वर्षीय धर्मेंद्र शाक्य की मृतक आश्रित के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नौकरी लगी थी। धर्मेंद्र औरैया जिले के बिधूना के कछपुरा गांव स्थित एक सरकारी स्कूल में कार्यरत थे। सुबह घर के एक कमरे में छत के सहारे लगे कुंडे में
दुपट्टे के सहारे फांसी के फंदे से लटका हुआ धर्मेंद्र का शव मिला। मामले की जानकारी जब परिजनो को हुई तो हड़कंप मच गया। परिजनों के शोरगुल और कोहराम पर गांव के ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर पहुंच गई। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार और खड़नी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जांच पड़ताल शुरू करते हुए मृतक के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। थाना प्रभारी ने बताया कि, पी.एम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। बताते चलें कि , मृतक कर्मचारी की मां ने बताया कि,मृतक कर्मी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बच्चे तान्या और सूरज हैं। इसके अलावा एक बच्चे की मृत्यु हो चुकी है। शादी के 6 से 7 साल हो चुके हैं। उन्होंने बताया
कि, परिवार में धर्मेंद्र का उनकी पत्नी के साथ अक्सर पारिवारिक विवाद होता रहता था। इस मामले में किसी अन्य युवक का दोनो पति पत्नी के बीच आ जाना विवाद का प्रमुख कारण रहा। मां का आरोप था कि, धर्मेंद्र अक्सर अपनी पत्नी से किसी अन्य शख्स से बात करने को लेकर अधिक परेशान रहता था। इसके अलावा सुबह भी दोनों केमध्य झगड़ा हुआ और धर्मेंद्र ने खुद को कमरे में बंद करने के बाद अन्दर से गेट की कुंडी भी लगा ली थी। इसके बाद भी धर्मेंद्र की पत्नी ने कुंडी नहीं खुलवाई, नतीजा यह हुआ कि, धर्मेंद्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है, वहीं धर्मेंद्र की मौत पर उनकी मां और बच्चों का रोने बिलखने का सिलसिला जारी था।
- कन्नौज जनपद के सौरिख थाना क्षेत्र से मार-पीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस समय वायरल हो रहा है।1
- Jay shri ram🙏🙏🙏🙏1
- उत्तर प्रदेश के कन्नौज (Kannauj) जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। सौरिख थाना क्षेत्र के एक स्कूल में साफ-सफाई (नाखून और बाल) को लेकर शिक्षिका की डांट से आहत होकर कक्षा 5 की मासूम छात्रा 'निधि' ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने स्कूल में शव रखकर घंटों भारी हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर 4 शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। लेकिन इस दुखद घटना ने हमारे समाज और शिक्षा व्यवस्था के सामने एक बहुत बड़ा और कड़वा सवाल खड़ा कर दिया है: 👉 क्या अब स्कूलों में बच्चों को सुधारने के लिए डांटना भी गुनाह है? 👉 अगर गुरु बच्चों को अनुशासन नहीं सिखाएंगे, तो उनका भविष्य कैसे संवरेगा? 👉 क्या अब मुकदमों के खौफ में शिक्षक सिर्फ अपनी नौकरी और खुद को बचाएंगे?1
- सरकारी आदेश बनाम जमीनी हकीकत: सवाजपुर में किसकी चलेगी?, "SDM सवायजपुर या थाना अरवल" हरदोई जनपद की सवाजपुर तहसील अंतर्गत कटरी इब्राहिमपुर में ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद ने प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। राजस्व अभिलेखों में दर्ज उक्त भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने और वहां खड़ी गेहूं की फसल को राजकीय कोष में जमा कराने के स्पष्ट निर्देश उप जिलाधिकारी सवाजपुर द्वारा जारी किए गए थे। आदेश के अनुपालन हेतु ग्राम पंचायत रामपुर मझियारा के प्रधान को विधिवत सुपुर्दगी भी दी गई, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उपज से प्राप्त धनराशि ग्राम विकास कार्यों में उपयोग हो। सूत्रों के अनुसार लाखों रुपये मूल्य की अनुमानित गेहूं की फसल को लेकर कुछ दबंग तत्वों द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है। आरोप है कि न केवल प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी की जा रही है, बल्कि खुले तौर पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों को न मानने की बातें भी कही जा रही हैं। यह स्थिति शासन की साख पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाती है। मामले में सबसे गंभीर सवाल थाना अरवल की भूमिका को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सूचना दिए जाने के बावजूद अपेक्षित पुलिस कार्रवाई नहीं हुई। जब उप जिलाधिकारी, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल स्तर से स्पष्ट निर्देश जारी हो चुके हैं, तो उनका पालन सुनिश्चित कराना किसकी जिम्मेदारी है? क्या राजस्व और पुलिस विभाग के बीच समन्वय की कमी से अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ रहा है? यह प्रकरण केवल एक खेत या फसल का नहीं, बल्कि प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता और कानून के शासन की कसौटी है। यदि सरकारी भूमि की उपज राजकीय कोष तक नहीं पहुंचती, तो इसका सीधा असर ग्राम पंचायत की वित्तीय स्थिति और विकास योजनाओं पर पड़ेगा। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या आदेशों को धरातल पर लागू कर जवाबदेही तय की जाएगी, या फिर सरकारी निर्देश कागजों तक सीमित रहेंगे? कटरी इब्राहिमपुर का यह विवाद प्रशासन के लिए सचमुच अग्निपरीक्षा बनता दिख रहा है।1
- ट्रेन भाग 21
- बिलग्राम (हरदोई): थाना बिलग्राम क्षेत्र के ग्राम अतरछा खुर्द में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खेतों के बीच बने एक बंगले में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बंगले में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित रामचरण (पुत्र खगा) ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की चपेट में आकर एक चारपाई, एक रजाई, दो कंबल तथा तीन ट्रॉली पैरा पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लोग आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। सूचना मिलते ही फायर सर्विस टीम मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आसपास के खेतों और अन्य संपत्ति को बचा लिया गया। आग बुझाने में अशोक कुमार द्विवेदी, करुणा शंकर पांडेय, आशीष और दीपक की अहम भूमिका रही। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। घटना में पीड़ित को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग उठने लगी है।1
- सरस्वती शिशु मंदिर का परीक्षा परिणाम घोषित , मेधावी छात्र किए गए सम्मानित1
- कन्नौज जनपद के सौरिख थाना क्षेत्र में लूट का विरोध करने पर फैक्ट्री मालिक को बदमाशो ने घोपा चाकू, घटना का वीडियो आया सामने। घायल फैक्ट्री मालिक रीजेंसी अस्पताल कानपुर में भर्ती ।1