*राजधानी भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र में मकान धारकों को नगर निगम के द्वारा दिए गए तोड़ने के आदेश* राजधानी भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र में 5 से 6 हजार मकान धारक लगभग 50 से 60 वर्षों से अधिक समय से अपने पक्के मकान में रह रहे हैं रेवासियों को नगर निगम भोपाल द्वारा गुमराह करके सर्वे कर हटाने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रेवासियों के पास सन 1984 के 30 30 वर्ष के पट्टे हैं साथ ही कुछ मकान मालिकों के पास वर्ष 1974 का अलॉटमेंट है एवं कुछ मकान धारकों के पास लैंडलिस एवं रजिस्ट्री उपलब्ध है शासन ने अभी तक जिन बस्तियों को हटाया उन्हें आज तक मकान आवंटित नहीं किए गए हैं जिनमें बद भद्दा बस्ती के 400 परिवार 12 नंबर बस्ती के सैकड़ो साथ ही अन्य कई ऐसी बस्तियां हैं जिन्हें आज तक मकान आवंटित होना था नहीं हुए इससे पूर्व भी नगर वल्लभनगर ओम नगर बस्ती अरेरा हिल्स की झुग्गियों के सर्वे हुए थे एक वर्ष पूर्व उनको पहले कहा गया कहा गया वहीं अरेहिल्स पर मकान बना कर देंगे फिर कहां बाणगंगा में मकान बना कर देंगे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा बाइट कांग्रेस के पूर्व मंत्री पी सी शर्मा
*राजधानी भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र में मकान धारकों को नगर निगम के द्वारा दिए गए तोड़ने के आदेश* राजधानी भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र में 5 से 6 हजार मकान धारक लगभग 50 से 60 वर्षों से अधिक समय से अपने पक्के मकान में रह रहे हैं रेवासियों को नगर निगम भोपाल द्वारा गुमराह करके सर्वे कर हटाने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रेवासियों के पास सन 1984 के 30 30 वर्ष के पट्टे हैं साथ ही कुछ मकान मालिकों के पास वर्ष 1974 का अलॉटमेंट है एवं कुछ मकान धारकों के पास लैंडलिस एवं रजिस्ट्री उपलब्ध है शासन ने अभी तक जिन बस्तियों को हटाया उन्हें आज तक मकान आवंटित नहीं किए गए हैं जिनमें बद भद्दा बस्ती के 400 परिवार 12 नंबर बस्ती के सैकड़ो साथ ही अन्य कई ऐसी बस्तियां हैं जिन्हें आज तक मकान आवंटित होना था नहीं हुए इससे पूर्व भी नगर वल्लभनगर ओम नगर बस्ती अरेरा हिल्स की झुग्गियों के सर्वे हुए थे एक वर्ष पूर्व उनको पहले कहा गया कहा गया वहीं अरेहिल्स पर मकान बना कर देंगे फिर कहां बाणगंगा में मकान बना कर देंगे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा बाइट कांग्रेस के पूर्व मंत्री पी सी शर्मा
- *भोपाल में बदमाशों के हौसले बुलंद"* *नहीं थम रहा छुरी तलवार से रील बनाने का सिलसिला।*1
- Post by Pankaj sahu1
- डिंडोरी माता के दरबार में आस्था की पुकार, नर्मदा परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने मांगा जीवन की समस्याओं से मुक्ति का आशीर्वाद डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। मां नर्मदा स्वर्ण मंदिर, डेम घाट स्थित डिंडोरी माता मंदिर आस्था, विश्वास और मनोकामना पूर्ति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां डिंडोरी माता के दरबार में की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती। इसी गहरी आस्था के साथ नर्मदा परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु श्री पी.डी. पंवार (चाचा जी) एवं चाची जी ने डिंडोरी माता के पावन स्थान पर विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने अपने भतीजे के जीवन में आ रही लगातार समस्याओं, बाधाओं और कष्टों से मुक्ति के लिए मां नर्मदा एवं डिंडोरी माता से विशेष प्रार्थना की। पूजन के समय दीप प्रज्वलन, आरती एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां के चरणों में मनोकामना अर्पित की गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां डिंडोरी माता का यह स्थान केवल मंदिर नहीं बल्कि संकटमोचक शक्ति का केंद्र है, जहाँ आने वाला हर भक्त मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा अनुभव करता है। डिंडोरी माता मंदिर का धार्मिक महत्व डिंडोरी माता मंदिर मां नर्मदा के तट पर स्थित एक प्राचीन और सिद्ध पीठ माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ की गई पूजा से— जीवन की समस्याओं से मुक्ति रोग, शोक और मानसिक तनाव का निवारण परिवार में सुख-शांति कार्यों में सफलता जैसी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। नर्मदा परिक्रमा के दौरान यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। स्थानीय पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, मां नर्मदा और डिंडोरी माता की संयुक्त कृपा से भक्तों के जीवन में नई दिशा और ऊर्जा का संचार होता है। आस्था का संदेश आज के भागदौड़ भरे जीवन में जब व्यक्ति चारों ओर से समस्याओं से घिरा होता है, तब ऐसे पवित्र स्थल श्रद्धा, विश्वास और धैर्य का मार्ग दिखाते हैं। डिंडोरी माता का दरबार इसी विश्वास का जीवंत उदाहरण है। जय मां नर्मदा। जय डिंडोरी माता।4
- विधायक देवेंद्र पटेल बने मदद की मिसाल | वनांचल के प्रतापगढ़ शालाबर्रू दौरे के दौरान बघवाड़ा और खमरिया के बीच दो बाइकों की टक्कर में घायल व्यक्ति को बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया | समय पर मदद से टली बड़ी अनहोनी | लोकेशन: सिलवानी, रायसेन1
- विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी से CMHO डॉ. दिनेश खत्री ने की शिष्टाचार भेंट1
- *इंदिरा कॉलोनी मुख्य मार्ग का कचरे का ढेर को समाप्त कर स्वच्छता संदेश दिया* नगर पालिका परिषद ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत एक सराहनीय पहल करते हुए दशकों पुराने कचरे के ढेर को पूर्णतः हटाकर क्षेत्र को कचरा मुक्त किया। यह अभियान नगर पालिका अध्यक्ष हेम कुंवर रायसिंह मेवाड़ा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में, वार्ड पार्षद तेजसिंह राठौर एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक विनोद सांगते की निगरानी में संपन्न हुआ। वार्ड दरोगा जितेंद्र सिंगन के नेतृत्व में नगर पालिका की सहयोगी संस्था यूनिक वेस्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, उज्जैन ने सफाई मित्रों के सहयोग से वार्ड क्रमांक 15 इंदिरा कॉलोनी तथा शहर से लगे ग्राम बमुलिया भाटी, चनखल आदि ग्रामों के मुख्य मार्ग पर वर्षों से जमा कचरे के ढेर को जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से हटाया। अभियान के दौरान वार्ड पार्षद श्री तेजसिंह राठौर ने डोर-टू-डोर जाकर नागरिकों से संवाद कर अपील की घर से निकलने वाले कचरे को गीला एवं सूखा अलग-अलग रखकर कचरा वाहन में ही डालें तथा इस स्थान को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। इस अवसर पर सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि राजकुमार अकेला एवं विनय सिंह उपस्थित रहे। सफाई उपरांत क्षेत्रवासियों एवं वार्ड निवासियों में विशेष उत्साह देखा। जहां पूर्व में कचरे का अंबार था, वहां स्वच्छता स्लोगन लिखे गए, “स्वच्छ आष्टा – स्वस्थ आष्टा” का संदेश दिया । गांधीजी के चश्मे का प्रतीक चिन्ह बनाकर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो प्रदर्शित किया। कचरा फैलाने पर ₹500 जुर्माने के प्रावधान की जानकारी भी अंकित की गई। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र के नागरिकों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने सामूहिक रूप से स्वच्छता बनाए रखने की शपथ ली। नगर पालिका द्वारा की गई इस पहल को क्षेत्र में स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया ।1
- Post by Pankaj sahu1
- 🔴 नर्मदा परिक्रमा मार्ग बदला, श्रद्धालु परेशान विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी पर सवाल, प्रशासन पूरी तरह फेल नेमावर / खातेगांव। नर्मदा परिक्रमा और पंचकोशी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ बड़ा अन्याय सामने आया है। नेमावर से कुडगांव, तुर्नाल, दैत, चीचली, करोंद होते हुए जाने वाला परंपरागत नर्मदा परिक्रमा मार्ग अचानक बदल दिया गया, जिससे यात्रियों को अब नेमावर से दुलवाफाटा होकर करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस मनमाने रूट परिवर्तन से क्षेत्र के नर्मदा सेवक और ग्रामवासी भारी नाराज़गी जता रहे हैं। वर्षों से सेवा में लगे ग्रामीण अब परिक्रमा यात्रियों को जल, भोजन और विश्राम जैसी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं, जिससे धार्मिक परंपराएं भी प्रभावित हो रही हैं। ❗ प्रशासन पूरी तरह फेल ग्रामीणों का आरोप है कि चीचली से दैत (2.5 किमी) और चीचली से करोंद (2.5 किमी) का मार्ग बेहद जर्जर हालत में है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं। रास्ता सुधारने के बजाय यात्रियों को घुमा दिया गया, जो प्रशासन की नाकामी और संवेदनहीनता को दर्शाता है। ❓ विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि खातेगांव विधायक आशीष शर्मा जी अब तक इस गंभीर मामले पर खामोश क्यों हैं? धार्मिक आस्था से जुड़ी नर्मदा परिक्रमा में आ रही इन समस्याओं पर विधायक का हस्तक्षेप न होना क्षेत्र की जनता और नर्मदा सेवकों को खटक रहा है। 🚨 आस्था के साथ खिलवाड़ रूट बदलने से यात्रियों को 10 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे परेशान हैं नर्मदा सेवकों को सेवा से वंचित किया जा रहा है ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ➡️ पुराना परंपरागत मार्ग बहाल नहीं किया गया ➡️ खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत नहीं हुई ➡️ यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता नहीं दी गई तो क्षेत्र में जनआंदोलन भी खड़ा हो सकता है। अब देखना यह है कि विधायक आशीष शर्मा जी और जिला प्रशासन कब जागता है, या फिर नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की पीड़ा यूँ ही अनसुनी होती रहेगी।3
- आष्टा नगर पालिका में समय पर नहीं बैठते अधिकारी कर्मचारी और परेशानी उठाते हैं नागरिक डेढ़ महीने से नगर पालिका के अकाउंटेंट छुट्टी पर बताया कि नगर पालिका में कोई देखने वाला सुनने वाला नहीं है आखिर शिकायत किसको करें सीएमओ साहब समय पर रोजाना चेंबर में नहीं बैठते हैं आज भी मिलने आया था लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी अकाउंटेंट भी छुट्टी पर है ऐसे कैसे नगर पालिका चलेगी हमें भी जनता को जवाब देना है शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। आष्टा। सीहोर जिले की सबसे बड़ी आष्टा नगर पालिका की हालत किसी से छुपी नहीं है ताजा मामला नगर पालिका कार्यालय में बैठने वाले अधिकारी, कर्मचारियों का है किसी भी अधिकारी कर्मचारी का कोई समय नहीं है। शुक्रवार को 3 बजे तक अधिकांश अधिकारियों, कर्मचारियों के चेंबर सुने थे कुर्सियां खाली थी पूछो तो बस यही बताते हैं कि पता नहीं सर फील्ड में होगे। बता दे की आष्टा नगर पालिका में कुल 18 वार्ड है और 18 वार्डों के नागरिक अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर जब नगर पालिका परिषद आष्टा के कार्यालय पहुंचते हैं तो सीढ़ियां चढ़ चढ़कर थक जाते हैं ऊपर पहुंचने पर चेंबर में कई चैंबरों में ताले लगे हैं तो किसी में दरवाजा तो खुले हैं लेकिन कुर्सियों पर कोई नहीं बैठा। यहां तक की आष्टा नगर पालिका परिषद का महत्वपूर्ण पद अकाउंटेंट खाली है अकाउंटेंट लगभग डेढ़ महीने से मेडिकल अवकाश पर है जब पूछे तो कहते हैं कि जल्द ही आ जाएंगे लेकिन डेढ़ महीने हो गए हैं यहां पर अकाउंटेंट अपने कक्ष में नहीं बैठ रहे हैं। इधर रोजाना के काम भी प्रभावित हो रहे है यह जरूर है कि ठेकेदारों और बड़े कामों का भुगतान हो रहा है सीहोर नगर पालिका के अकाउंटेंट को आष्टा नगर पालिका का चार्ज दिया गया है वह हफ्ते में एक बार यहां आते हैं पर कब साइन करके चले जाते हैं या किसी को नहीं मालूम। सीएमओ हफ्ते में 3 दिन यही तक ठीक नहीं नगर पालिका के सीएमओ खुद हफ्ते में तीन दिन कार्यालय में बैठते हैं बाकी लोग परेशान होते हैं कुल मिलाकर नगर पालिका कार्यालय में जब अधिकारी ठीक से नहीं बैठेंगे तो कर्मचारी कहां पीछे रहते हैं अधिकांश चेंबर में कर्मचारी भी फील्ड का कहकर बहाना बनाते हैं और चैंबर से नदारत रहते हैं मतलब कोई भी देखने वाला नहीं। वार्ड के काम हो रहे प्रभावित वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शेख रईस ने सोमवार से आ जाएंगे अकाउंटेंट इस संबंध में जब सीएमओ विनोद प्रजापति से जानकारी चाहि तो उन्होंने कहा कि मैं अभी फील्ड में हूं जहां तक अकाउंटेंट का सवाल है तो वह मेडिकल छुट्टी पर थे संभवत सोमवार से ज्वाइन करेंगे इधर नगर पालिका अध्यक्ष हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है फिर भी सोमवार से अकाउंटेंट आ जाएंगे।1