logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सीतापुर जनपद के महमूदाबाद के अंतर्गत सहजनी गांव में सफाई न होने के कारण एक महामारी फैल गई है। इस स्थिति के लिए नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, और यह सवाल उठ रहा है कि इस गंभीर समस्या का जिम्मेदार कौन है।

4 days ago
user_Mahfuj reporter
Mahfuj reporter
महमूदाबाद, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
4 days ago
259a3f58-5ab9-4e21-95e3-9b01a6687074

सीतापुर जनपद के महमूदाबाद के अंतर्गत सहजनी गांव में सफाई न होने के कारण एक महामारी फैल गई है। इस स्थिति के लिए नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, और यह सवाल उठ रहा है कि इस गंभीर समस्या का जिम्मेदार कौन है।

More news from Sitapur and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ब्रेकिंग खबर सामने आई है, जहाँ एक दरोगा का रिश्वत के मामले में मोलभाव करते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो अटरिया थाना क्षेत्र से संबंधित है।
    1
    उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ब्रेकिंग खबर सामने आई है, जहाँ एक दरोगा का रिश्वत के मामले में मोलभाव करते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो अटरिया थाना क्षेत्र से संबंधित है।
    user_Sunil Verma PRESS
    Sunil Verma PRESS
    Farmer Mahmudabad, Sitapur•
    6 hrs ago
  • बाराबंकी के फतेहपुर-सूरतगंज मार्ग पर बुधवार सुबह गनेशपुरवा गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फतेहपुर से सवारियां लेकर सूरतगंज जा रहे एक सीएनजी ऑटो रिक्शा की सामने से आ रही मोटरसाइकिल से आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कुल सात लोग घायल हुए, जिनमें एक मां-बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गया, जबकि मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पीआरबी पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को 108 और 102 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया।
    1
    बाराबंकी के फतेहपुर-सूरतगंज मार्ग पर बुधवार सुबह गनेशपुरवा गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फतेहपुर से सवारियां लेकर सूरतगंज जा रहे एक सीएनजी ऑटो रिक्शा की सामने से आ रही मोटरसाइकिल से आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कुल सात लोग घायल हुए, जिनमें एक मां-बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गया, जबकि मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए।

सूचना मिलते ही पीआरबी पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को 108 और 102 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    49 min ago
  • लखनऊ के जानकीपुरम स्थित जानकी वाटिका पार्क मंदिर में मंगलवार को भक्ति और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। सातवें बड़े मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर में सुंदरकांड का भव्य पाठ आयोजित किया गया, जिसके साथ ही एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ। मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहाँ हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस आयोजन की एक खास बात यह है कि IAS, PCS, जज और IPS जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से इसमें आते हैं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पुजारी के अनुसार, सबसे खास नज़ारा तब दिखता है जब ये अधिकारी अपने पद और रुतबे को किनारे रखकर एक भिक्षुक की तरह मंदिर में सेवा करते हैं। कोई झाड़ू लगाता है, कोई प्रसाद बांटता है, तो कोई भंडारे में बर्तन साफ करने में जुट जाता है। सेवा की यह भावना मंदिर के माहौल को और भी सादगी भरा बना देती है। इस विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। जानकीपुरम के लोगों के लिए यह मंगलवार का आयोजन अब एक नियमित परंपरा बन गया है, जो भक्ति और निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।
    1
    लखनऊ के जानकीपुरम स्थित जानकी वाटिका पार्क मंदिर में मंगलवार को भक्ति और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। सातवें बड़े मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर में सुंदरकांड का भव्य पाठ आयोजित किया गया, जिसके साथ ही एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ। मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहाँ हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

इस आयोजन की एक खास बात यह है कि IAS, PCS, जज और IPS जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से इसमें आते हैं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पुजारी के अनुसार, सबसे खास नज़ारा तब दिखता है जब ये अधिकारी अपने पद और रुतबे को किनारे रखकर एक भिक्षुक की तरह मंदिर में सेवा करते हैं। कोई झाड़ू लगाता है, कोई प्रसाद बांटता है, तो कोई भंडारे में बर्तन साफ करने में जुट जाता है। सेवा की यह भावना मंदिर के माहौल को और भी सादगी भरा बना देती है।

इस विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। जानकीपुरम के लोगों के लिए यह मंगलवार का आयोजन अब एक नियमित परंपरा बन गया है, जो भक्ति और निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।
    user_Raghvendra singh
    Raghvendra singh
    Voice of people Fatehpur, Barabanki•
    4 hrs ago
  • बाराबंकी के फतेहपुर तहसील अंतर्गत सैदापुर मजरा बुढ़ाना के निवासी अनुसूचित जाति के श्रीपाल की पुश्तैनी भूमि पर सपा माफिया कल्लू के पुत्र काशीराम यादव द्वारा अवैध कब्जा करने का आरोप है। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस विवाद को लेकर 04.09.2025 को उन पर जानलेवा हमला किया गया और जातिसूचक गालियाँ दी गईं, लेकिन पुलिस इस मामले में अब तक मौन है। इस अन्याय के खिलाफ, बड्डूपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर ग्राम निवासी पीड़ित श्रीपाल पुत्र परसन ने मजबूर होकर बाराबंकी के गन्ना दफ्तर में धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह धरना जारी रहेगा। उनकी मुख्य माँगें हैं कि अवैध कब्जा हटाया जाए, फर्जी अभिलेखों को निरस्त किया जाए और अपराधियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। पीड़ित परिवार अब यह देखने के लिए इंतज़ार कर रहा है कि उन्हें कब और कैसे न्याय मिल पाएगा।
    1
    बाराबंकी के फतेहपुर तहसील अंतर्गत सैदापुर मजरा बुढ़ाना के निवासी अनुसूचित जाति के श्रीपाल की पुश्तैनी भूमि पर सपा माफिया कल्लू के पुत्र काशीराम यादव द्वारा अवैध कब्जा करने का आरोप है। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस विवाद को लेकर 04.09.2025 को उन पर जानलेवा हमला किया गया और जातिसूचक गालियाँ दी गईं, लेकिन पुलिस इस मामले में अब तक मौन है।

इस अन्याय के खिलाफ, बड्डूपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर ग्राम निवासी पीड़ित श्रीपाल पुत्र परसन ने मजबूर होकर बाराबंकी के गन्ना दफ्तर में धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह धरना जारी रहेगा। उनकी मुख्य माँगें हैं कि अवैध कब्जा हटाया जाए, फर्जी अभिलेखों को निरस्त किया जाए और अपराधियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।

पीड़ित परिवार अब यह देखने के लिए इंतज़ार कर रहा है कि उन्हें कब और कैसे न्याय मिल पाएगा।
    user_User5037 Ranjeet Kumar Rawat
    User5037 Ranjeet Kumar Rawat
    पत्रकार फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • यह दावा किया गया है कि सोने और चांदी से निर्मित 1250 श्रीराम शिलाएं गायब हो गई हैं। इनमें अत्यंत महत्वपूर्ण और मूल्यवान शिलाएं शामिल थीं, जैसे कि मॉरीशस से लाई गई सबसे महंगी शिला। इसके अतिरिक्त, एक मुंबई के व्यापारी द्वारा दान की गई हीरे जड़ी शिला भी गायब हुई है।
    1
    यह दावा किया गया है कि सोने और चांदी से निर्मित 1250 श्रीराम शिलाएं गायब हो गई हैं। इनमें अत्यंत महत्वपूर्ण और मूल्यवान शिलाएं शामिल थीं, जैसे कि मॉरीशस से लाई गई सबसे महंगी शिला। इसके अतिरिक्त, एक मुंबई के व्यापारी द्वारा दान की गई हीरे जड़ी शिला भी गायब हुई है।
    user_Anoop singh
    Anoop singh
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सीतापुर जनपद के सिधौली विकासखंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध श्री बालेश्वर महादेव धाम इन दिनों एक गंभीर समस्या को लेकर चर्चा में है, जहाँ लाखों रुपये के सौंदर्यीकरण कार्यों के बावजूद धाम परिसर में बना सुलभ शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। गोमती नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन धार्मिक और पर्यटक स्थल पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित इस शौचालय के मुख्य द्वार पर अधिकतर समय ताला लगा रहता है और न तो कोई केयरटेकर है और न ही इसकी नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था है। प्रत्येक सोमवार, अमावस्या और बड़े मंगल जैसे विशेष अवसरों पर यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं, जिनमें रात में रुकने वाले और दूर-दराज से आने वाले साधु-संत व कल्पवासी भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि शौचालय बंद होने से सबसे अधिक परेशानी महिला श्रद्धालुओं और साध्वियों को हो रही है, जिन्हें शौच के लिए जंगलों और झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। यह स्थिति उनकी सुरक्षा और सम्मान को प्रभावित करती है, जिस पर ग्रामीणों ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के दावों के बीच चिंता व्यक्त की है। शौचालय की सुविधा न मिलने के कारण लोग खुले में शौच करने पर विवश हैं, और कई बार श्रद्धालु गोमती नदी के किनारों पर भी शौच करते देखे जाते हैं, जिससे नदी की स्वच्छता और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों पर सवाल उठा रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और साधु-संतों ने प्रशासन तथा ग्राम पंचायत से तत्काल सुलभ शौचालय को संचालित करने, नियमित केयरटेकर नियुक्त करने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि 'विकास तभी सार्थक होगा, जब श्रद्धालुओं को सम्मानजनक और स्वच्छ सुविधाएं भी उपलब्ध हों,' और लाखों के सौंदर्यीकरण के बीच मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
    1
    सीतापुर जनपद के सिधौली विकासखंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध श्री बालेश्वर महादेव धाम इन दिनों एक गंभीर समस्या को लेकर चर्चा में है, जहाँ लाखों रुपये के सौंदर्यीकरण कार्यों के बावजूद धाम परिसर में बना सुलभ शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। गोमती नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन धार्मिक और पर्यटक स्थल पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित इस शौचालय के मुख्य द्वार पर अधिकतर समय ताला लगा रहता है और न तो कोई केयरटेकर है और न ही इसकी नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था है। प्रत्येक सोमवार, अमावस्या और बड़े मंगल जैसे विशेष अवसरों पर यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं, जिनमें रात में रुकने वाले और दूर-दराज से आने वाले साधु-संत व कल्पवासी भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि शौचालय बंद होने से सबसे अधिक परेशानी महिला श्रद्धालुओं और साध्वियों को हो रही है, जिन्हें शौच के लिए जंगलों और झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। यह स्थिति उनकी सुरक्षा और सम्मान को प्रभावित करती है, जिस पर ग्रामीणों ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के दावों के बीच चिंता व्यक्त की है।

शौचालय की सुविधा न मिलने के कारण लोग खुले में शौच करने पर विवश हैं, और कई बार श्रद्धालु गोमती नदी के किनारों पर भी शौच करते देखे जाते हैं, जिससे नदी की स्वच्छता और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों पर सवाल उठा रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और साधु-संतों ने प्रशासन तथा ग्राम पंचायत से तत्काल सुलभ शौचालय को संचालित करने, नियमित केयरटेकर नियुक्त करने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि 'विकास तभी सार्थक होगा, जब श्रद्धालुओं को सम्मानजनक और स्वच्छ सुविधाएं भी उपलब्ध हों,' और लाखों के सौंदर्यीकरण के बीच मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • राष्ट्र असम वायु सेना दुर्घटना में देश की सेवा में अपना जीवन बलिदान करने वाले एक बहादुर सैनिक के लिए शोक मना रहा है। उनके निधन की खबर से उनके परिवार, दोस्तों और पूरे समुदाय के दिलों में गहरा दुख और दर्द छा गया है। आज, लोग शहीद (शुभम) को अंतिम सम्मान देने के लिए एकत्र हुए हैं, जिनकी घर वापसी वैसी नहीं है जैसी उम्मीद की गई थी, फिर भी उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उनके ताबूत के हर कदम के साथ, लोग नुकसान का दर्द महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनके साहस और समर्पण पर गर्व भी है। उनके ताबूत को ढँकने वाला झंडा उस स्वतंत्रता और सुरक्षा का प्रतीक है जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी, और आसमान में गूँजने वाली सलामी गोलियां एक नायक को अंतिम श्रद्धांजलि हैं। बहने वाले आँसू उनके प्रति प्यार और सम्मान का प्रमाण हैं। (शुभम) सिर्फ एक सैनिक से बढ़कर थे; वह एक बेटा, एक भाई और एक दोस्त भी थे। उनकी स्मृति उन कहानियों में जीवित रहेगी जो उनके बारे में बताई जाती हैं, उन मूल्यों में जो उन्होंने अपने जीवन में धारण किए थे, और उस विरासत में जो उन्होंने छोड़ी है। राष्ट्र उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है और उन्हें हमेशा अपने दिलों में रखेगा।
    1
    राष्ट्र असम वायु सेना दुर्घटना में देश की सेवा में अपना जीवन बलिदान करने वाले एक बहादुर सैनिक के लिए शोक मना रहा है। उनके निधन की खबर से उनके परिवार, दोस्तों और पूरे समुदाय के दिलों में गहरा दुख और दर्द छा गया है। आज, लोग शहीद (शुभम) को अंतिम सम्मान देने के लिए एकत्र हुए हैं, जिनकी घर वापसी वैसी नहीं है जैसी उम्मीद की गई थी, फिर भी उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

उनके ताबूत के हर कदम के साथ, लोग नुकसान का दर्द महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनके साहस और समर्पण पर गर्व भी है। उनके ताबूत को ढँकने वाला झंडा उस स्वतंत्रता और सुरक्षा का प्रतीक है जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी, और आसमान में गूँजने वाली सलामी गोलियां एक नायक को अंतिम श्रद्धांजलि हैं। बहने वाले आँसू उनके प्रति प्यार और सम्मान का प्रमाण हैं।

(शुभम) सिर्फ एक सैनिक से बढ़कर थे; वह एक बेटा, एक भाई और एक दोस्त भी थे। उनकी स्मृति उन कहानियों में जीवित रहेगी जो उनके बारे में बताई जाती हैं, उन मूल्यों में जो उन्होंने अपने जीवन में धारण किए थे, और उस विरासत में जो उन्होंने छोड़ी है। राष्ट्र उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है और उन्हें हमेशा अपने दिलों में रखेगा।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    48 min ago
  • बाराबंकी के दरियाबाद क्षेत्र के अकबरपुर गांव में मेंथा प्रसंस्करण के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक टंकी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। यह हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और टंकी फटने की आवाज दूर तक सुनाई देने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इस विस्फोट की चपेट में आने से वहां काम कर रहे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा टंकी में अत्यधिक दबाव बनने या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ होगा। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है, साथ ही सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जा रही है। इस हादसे के बाद, क्षेत्र के अन्य मेंथा प्रसंस्करण केंद्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।
    1
    बाराबंकी के दरियाबाद क्षेत्र के अकबरपुर गांव में मेंथा प्रसंस्करण के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक टंकी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। यह हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और टंकी फटने की आवाज दूर तक सुनाई देने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इस विस्फोट की चपेट में आने से वहां काम कर रहे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा टंकी में अत्यधिक दबाव बनने या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ होगा। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है, साथ ही सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जा रही है।

इस हादसे के बाद, क्षेत्र के अन्य मेंथा प्रसंस्करण केंद्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.