ख्वाजा हमीदुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह उर्फ मिट्ठे महावली सरकार शहंशाह-ए-मालवा का तीन दिवसीय उर्स बीते 17 से 19 जून तक क्षेत्र में श्रद्धा और अकीदत के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस धार्मिक आयोजन के दौरान, क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने दरगाह पर अपनी हाजिरी लगाकर देश में अमन-शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। खैराबाद खादिमान कमेटी के अनुसार, उर्स के प्रथम दिन 17 जून को मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया था। दूसरे दिन, 18 जून को असर की नमाज के बाद चादर पेशी की रस्म अदा की गई, जिसके बाद मगरिब की नमाज उपरांत मरहूम यासीन भाई ढाकिया वाले (इमरान खान) की ओर से देग का तबर्रुक वितरित किया गया। ईशा की नमाज के बाद आयोजित कव्वाली महफिल में मशहूर कव्वाल सलीम साबरी (कपासन) ने अपने सूफियाना कलामों से उपस्थित सभी अकीदतमंदों को रूहानी माहौल में सराबोर कर दिया। उर्स के अंतिम दिन, 19 जून को भी असर की नमाज के बाद चादर पेशी की रस्म निभाई गई, जिसके पश्चात मगरिब की नमाज के बाद शब्बीर कुरैशी, साजिद कुरैशी एवं अज्जू कुरैशी की ओर से देग का तबर्रुक वितरित किया गया। इसके बाद आयोजित कव्वाली महफिल में कव्वाल राजा मुराद ने अपने कलाम प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं सलीम साबरी ने भी विभिन्न सूफियाना कलाम पेश किए। उर्स का समापन रंग एवं कुल की रस्म अदा करने के साथ हुआ, जिसके साथ ही यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्वक संपन्न हो गया। पूरे उर्स के दौरान, दरगाह परिसर में दिनभर जायरीन की आवाजाही बनी रही और समूचा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा हुआ नजर आया।
ख्वाजा हमीदुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह उर्फ मिट्ठे महावली सरकार शहंशाह-ए-मालवा का तीन दिवसीय उर्स बीते 17 से 19 जून तक क्षेत्र में श्रद्धा और अकीदत के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस धार्मिक आयोजन के दौरान, क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने दरगाह पर अपनी हाजिरी लगाकर देश में अमन-शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। खैराबाद खादिमान कमेटी के अनुसार, उर्स के प्रथम दिन 17 जून को मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया था। दूसरे दिन, 18 जून को असर की नमाज के बाद चादर पेशी की रस्म अदा की गई, जिसके बाद मगरिब की नमाज उपरांत मरहूम यासीन भाई ढाकिया वाले (इमरान खान) की ओर से देग का तबर्रुक वितरित किया गया। ईशा की नमाज के बाद आयोजित कव्वाली महफिल में मशहूर कव्वाल सलीम साबरी (कपासन) ने अपने सूफियाना कलामों से उपस्थित सभी अकीदतमंदों को रूहानी माहौल में सराबोर कर दिया। उर्स के अंतिम दिन, 19 जून को भी असर की नमाज के बाद चादर पेशी की रस्म निभाई गई, जिसके पश्चात मगरिब की नमाज के बाद शब्बीर कुरैशी, साजिद कुरैशी एवं अज्जू कुरैशी की ओर से देग का तबर्रुक वितरित किया गया। इसके बाद आयोजित कव्वाली महफिल में कव्वाल राजा मुराद ने अपने कलाम प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं सलीम साबरी ने भी विभिन्न सूफियाना कलाम पेश किए। उर्स का समापन रंग एवं कुल की रस्म अदा करने के साथ हुआ, जिसके साथ ही यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्वक संपन्न हो गया। पूरे उर्स के दौरान, दरगाह परिसर में दिनभर जायरीन की आवाजाही बनी रही और समूचा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा हुआ नजर आया।
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से संबंधित एक खास खबर सामने आई है।1
- मध्य प्रदेश के शामगढ़ में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लाख रुपये मूल्य का डोडाचूरा जब्त किया है। यह मादक पदार्थ चॉकलेट के डिब्बों में छुपाकर एक कंटेनर में ले जाया जा रहा था। शामगढ़ पुलिस ने इस अभियान के तहत कुल 507 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया और मौके से आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।1
- बिहार में भरत तिवारी का दिनदहाड़े एनकाउंटर किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इस नौजवान को योजनाबद्ध तरीके से मारा गया है, और बिहार के मुख्यमंत्री की इस मामले पर चुप्पी इसी ओर इशारा करती है। इस घटना को लेकर यह भी दावा किया गया है कि भारत के अंदर जितने भी एनकाउंटर हुए हैं, चाहे वे हिंदू हों या मुस्लिम, वे सभी ब्राह्मणों के हुए हैं, और यह विशेष रूप से बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हो रहा है। इस पूरी स्थिति को देश भी देख रहा है।2
- कोटा में रविवार को तेज आंधी-तूफान का असर देखा गया, जिसके दौरान कई इलाकों में टीनशेड और लगभग 20 फीट लंबी लोहे की चादरें हवा में उड़ गईं। ये भारी चादरें तेज हवाओं के कारण सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में जा गिरीं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आंधी के चलते शहर में यातायात भी प्रभावित हुआ।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोटा में ब्रह्माकुमारीज द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सामूहिक योग का अभ्यास कराया गया और राजयोग का संदेश दिया गया।1
- रविवार को कोटा शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुँचाया। अचानक बदले मौसम के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर टिनशेड भी उड़ते नजर आए। आंधी और बारिश के चलते कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर सड़कों से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के काम में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवा और बारिश होने की संभावना जताई है।4
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने अपनी एक खास खबर और रिपोर्ट भेजी है।1
- कोटा के गोविंद नगर क्षेत्र में रविवार को चली तेज आंधी और भारी हवाओं ने जमकर तबाही मचाई। इन तेज हवाओं के कारण कई मकानों के छज्जे टूटकर गिर गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में जगह-जगह मलबा फैल जाने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाजसेवी हकीम खान ने जानकारी दी है कि प्रभावित परिवार अपने नुकसान का आकलन कर रहे हैं और उन्होंने प्रशासन से सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी बीच, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।1
- कोटा में दोपहर बाद आए तेज अंधड़ के कारण गुमानपुरा स्थित मल्टी पर्पज स्कूल रोड पर एक पेड़ गिर गया। इस घटना के चलते उक्त रोड पर यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है।1