अम्बेडकरनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी शादी के नाम पर गरीब परिवारों की लड़कियों की तस्करी करता था। इस मामले में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं, जो दूल्हे के रिश्तेदार बनकर पूरे घटनाक्रम को वास्तविक शादी का रूप देती थीं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को अपना निशाना बनाता था। लोगों को शक न हो, इसके लिए बाकायदा फर्जी शादी समारोह आयोजित किए जाते थे। शादी के बाद इन युवतियों को राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में ले जाकर बेच दिया जाता था। गिरोह के सभी सदस्य आपस में रिश्तेदार बनकर रहते थे और शिकार मिलने पर योजनाबद्ध तरीके से शादी का नाटक रचते थे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद अम्बेडकरनगर पुलिस सक्रिय हुई और कार्रवाई करते हुए इस मानव तस्करी में शामिल गैंग के कई सदस्यों को धर दबोचा।
अम्बेडकरनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी शादी के नाम पर गरीब परिवारों की लड़कियों की तस्करी करता था। इस मामले में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं, जो दूल्हे के रिश्तेदार बनकर पूरे घटनाक्रम को वास्तविक शादी का रूप देती थीं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को अपना निशाना बनाता था। लोगों को
शक न हो, इसके लिए बाकायदा फर्जी शादी समारोह आयोजित किए जाते थे। शादी के बाद इन युवतियों को राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में ले जाकर बेच दिया जाता था। गिरोह के सभी सदस्य आपस में रिश्तेदार बनकर रहते थे और शिकार मिलने पर योजनाबद्ध तरीके से शादी का नाटक रचते थे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद अम्बेडकरनगर पुलिस सक्रिय हुई और कार्रवाई करते हुए इस मानव तस्करी में शामिल गैंग के कई सदस्यों को धर दबोचा।
- अमेठी के स्थानीय बस स्टॉप पर भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से, जिला पंचायत अध्यक्ष ने लाखों रुपये की लागत से महत्वपूर्ण यात्री सुविधाओं की व्यवस्था की है। बस स्टेशन पर लंबे समय से लाइट सहित अन्य सुविधाओं की कमी थी, जहाँ कूलर, पंखे और बेंच पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं थे, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यात्रियों की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने बस स्टॉप पर चार बड़े कूलर, पंखे और बैठने के लिए बेंच लगवाने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, रात में रोशनी की कमी को दूर करने के लिए 10 बड़ी लाइटें भी लगवाई जा रही हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि उनके संस्थान के माध्यम से बस स्टेशन में इन यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है। उन्होंने इस पहल को बस स्टेशन में यात्री सुविधाओं का दान बताया, जिससे गर्मी में इंतजार कर रहे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और रात के समय भी पर्याप्त उजाला रहेगा।2
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ न्यायालय की सुरक्षा में तैनात एक दारोगा को एक ट्रक ड्राइवर ने ₹20 हजार की चोरी के आरोप में 13 किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा। सोमवार को हुई इस घटना ने पुलिस विभाग को शर्मसार कर दिया है, क्योंकि ड्राइवर ने दारोगा को बीच सड़क पर रोककर उसकी पिटाई की और चोरी किए गए पैसे बरामद कर लिए। राहगीरों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब दारोगा गिरीश चंद्र मिश्रा, जो न्यायालय की सुरक्षा में तैनात थे, सड़क पर साधन का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने लखनऊ से कबरई जा रहे एक ट्रक से घाटमपुर से लिफ्ट ली। ड्राइवर ने वर्दी का सम्मान करते हुए उन्हें अपनी केबिन में बैठा लिया। टोल प्लाजा के पास ट्रक रुकने पर दारोगा उतरकर सामने खड़ी एक वैन में जाकर बैठ गए। टोल प्लाजा का बैरियर खुलने के बाद वैन आगे बढ़ गई। इसी दौरान ट्रक ड्राइवर महेश बंजारा ने देखा कि उसके पर्स में रखे ₹20 हजार गायब हैं, जिसे उसने गियर के पास रखा था। दारोगा पर शक होने पर ड्राइवर ने वैन का पीछा किया और करीब 13 किलोमीटर तक दौड़कर सदर कोतवाली क्षेत्र के यमुना पुल के पास वैन को रुकवा लिया। दारोगा को वैन से उतारकर महेश ने तलाशी लेनी शुरू की, और जब दारोगा ने विरोध किया तो ड्राइवर ने उसके साथ मारपीट भी की। अंततः ड्राइवर ने दारोगा की वर्दी से अपने चोरी हुए पैसे बरामद कर लिए। घटना के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पूरी वारदात का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह वीडियो अधिकारियों तक पहुँचते ही एसपी हमीरपुर ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया और तत्काल प्रभाव से दारोगा गिरीश चंद्र मिश्रा को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। ट्रक ड्राइवर महेश बंजारा की शिकायत पर दारोगा गिरीश चंद्र मिश्रा के विरुद्ध सदर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।1
- अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी ने एक बयान में कहा है कि चोरी की घटना को ड्राइवर और कर्मचारी ने अंजाम दिया, लेकिन इसके चलते 'कलयुग के हनुमान' चंपत राय का नाम बेवजह बदनाम हो गया है।1
- अमेठी जिले के रामगंज थाना क्षेत्र में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार तड़के एक कार के भीतर एक युवक का अर्धनग्न शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान प्रतापगढ़ जनपद के माधोपुर चिलबिला निवासी प्रतीक दुबे (27) के रूप में की गई है। परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए आरोप लगाया है कि साक्ष्यों को छिपाने के लिए घटना को सड़क हादसे का रूप दिया गया है, जबकि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, प्रतीक दुबे सोमवार रात लगभग 11:15 बजे अपने सुल्तानपुर स्थित ननिहाल सौरमऊ से एक दोस्त के बुलाने पर अपनी कार से निकला था। रात करीब एक बजे रामगंज क्षेत्र के कुरंग गांव के पास उसकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे आरा मशीन पर रखी लकड़ी की लाट से टकराकर पलट गई। इस हादसे के बाद प्रतीक कार के अंदर अर्धनग्न अवस्था में मिला, जबकि उसके साथ मौजूद अनुराग पाल सुरक्षित था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर ले गई, जहाँ चिकित्सकों ने प्रतीक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इस घटना पर संदेह व्यक्त किया है, उनका कहना है कि हादसे के समय प्रतीक के शरीर पर केवल अंडरवियर था, जो घटना को संदिग्ध बनाता है। वे स्पष्ट आरोप लगा रहे हैं कि पहले प्रतीक की हत्या की गई और फिर इसे दुर्घटना का रूप देकर सबूतों को मिटाने का प्रयास किया गया। रामगंज थाना प्रभारी रामराम कुशवाहा ने बताया कि मृतक के दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन परिजनों ने मौखिक रूप से हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला सड़क दुर्घटना जैसा लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखे सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने ये सवाल उठाते हुए अपनी बात कही, जिसे सीधे उनकी जुबानी सुनने की बात कही गई है।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित आम्रपाली ग्लोब कैफे के सामने मंगलवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब नगर निगम की पेड़ों की टहनियों से लदी एक गाड़ी सड़क पर विवाद में घिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विवाद गाड़ी के बीच सड़क पर खड़ी होने और तेज रफ्तार में चलने को लेकर शुरू हुआ। बताया गया कि गाड़ी में लदी पेड़ की एक टहनी एक कार से टकरा गई, जिससे कार पर खरोंच आ गई। इस घटना के बाद कार सवार और नगर निगम के कर्मचारियों के बीच तुरंत कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। लोगों ने नगर निगम के ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार वाहन चलाने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस घटना के कारण मौके पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।1