कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने आष्टा स्थित सात्विक एग्रो आटा प्लांट तथा रेलिश फ़ूड दलिया एवं सॉर्टेक्स प्लांट का निरीक्षण कर वहां की उत्पादन प्रक्रियाओं, गुणवत्ता मानकों और आधुनिक तकनीकों का अवलोकन किया। उन्होंने प्लांट में उपयोग की जा रही मशीनरी, उत्पादन क्षमता तथा गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में गुणवत्ता और स्वच्छता बनी रहनी चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद मिल सकें और जिले की औद्योगिक पहचान मजबूत हो। कलेक्टर ने इकाई संचालकों को सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को समय-समय पर आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों से अधिक से अधिक कृषि उत्पाद खरीदकर उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही उन्होंने प्लांट परिसर में स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने आधुनिक उद्योगों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर विस्तार करने और स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट के संचालकों ने कलेक्टर को उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक मशीनरी तथा किसानों एवं स्थानीय रोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री अनुराग वर्मा, श्री मनोज जैन, श्री विकास जैन, श्री संजय जैन, श्री विजय जैन तथा श्री अभिनव जैन उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने आष्टा स्थित सात्विक एग्रो आटा प्लांट तथा रेलिश फ़ूड दलिया एवं सॉर्टेक्स प्लांट का निरीक्षण कर वहां की उत्पादन प्रक्रियाओं, गुणवत्ता मानकों और आधुनिक तकनीकों का अवलोकन किया। उन्होंने प्लांट में उपयोग की जा रही मशीनरी, उत्पादन क्षमता तथा गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में गुणवत्ता और स्वच्छता बनी रहनी चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद मिल सकें और जिले की औद्योगिक पहचान मजबूत हो। कलेक्टर ने इकाई संचालकों को सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को समय-समय पर आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों से अधिक से अधिक कृषि उत्पाद खरीदकर उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही उन्होंने प्लांट परिसर में स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने आधुनिक उद्योगों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर विस्तार करने और स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट के संचालकों ने कलेक्टर को उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक मशीनरी तथा किसानों एवं स्थानीय रोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री अनुराग वर्मा, श्री मनोज जैन, श्री विकास जैन, श्री संजय जैन, श्री विजय जैन तथा श्री अभिनव जैन उपस्थित रहे।
- भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा के 22वें वर्ष और संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण के पावन अवसर पर आष्टा में कथा व्यास पं. श्री कन्हैयालाल जी शर्मा का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। यह स्वागत कार्यक्रम पं. श्री भवानी सिंह शर्मा के निवास स्थान पर आयोजित हुआ। यह समारोह नगर अध्यक्ष श्री मनोहर बैरागी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें महंत कन्हैया दास बैरागी, राजेश बैरागी, इंद्रा कॉलोनी से दीपक बैरागी और नगर उपाध्यक्ष अंकित बैरागी सहित समाज के कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने कथा व्यास का पुष्पमालाओं से अभिनंदन किया और भगवान श्री जगन्नाथ से समाज व क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा मंगल की कामना की। इस आयोजन के निवेदक अखिल भारतीय वैष्णव समाज एवं आष्टा बैरागी वैष्णव समाज हैं।1
- सीहोर जिले के इछावर अंतर्गत कालापीपल जागीर के सरकारी स्कूल में छत से पानी टपकने की समस्या सामने आने पर शिक्षकों ने एक मिसाल पेश की है। जहाँ प्रशासनिक व्यवस्था रुक गई, वहाँ स्कूल के शिक्षकों ने खुद आगे आकर पूरी जिम्मेदारी निभाई। शिक्षकों ने स्थानीय जनसहयोग जुटाकर टपकती छत की मरम्मत कराई और शिक्षा के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया। शिक्षकों द्वारा किए गए इस कार्य को बेहद सराहनीय माना जा रहा है।1
- देवास जिले के शिप्रा क्षेत्र में नाले का मल-मिश्रित और दूषित पानी सीधे शिप्रा नदी में मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के नाले की गंदगी बिना किसी रोक-टोक के सीधे नदी में बह रही है। चिंताजनक बात यह है कि इसी नदी के पानी को वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से शुद्ध करके देवास शहरवासियों को पेयजल के रूप में सप्लाई किया जाता है। यदि यह तथ्य सही है, तो यह सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है और पर्यावरण संरक्षण के दावों पर सवाल खड़े करता है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत नदियों और जल स्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने की बात कही जाती है, लेकिन नदी में लगातार गंदा पानी मिलने से इस अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। ऐसी स्थिति में संबंधित विभागों को तत्काल मामले की जांच करके वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दूषित पानी को नदी में मिलने से रोकने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने चाहिए।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने किसानों की फसलों को वन्यजीवों से हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। विधायक के इस सवाल पर सरकार ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, शाजापुर और उज्जैन के प्रभावित क्षेत्रों में सितंबर–अक्टूबर 2026 के दौरान वन्यजीव रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही, मानव–वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने के लिए फेंसिंग कराने समेत अन्य जरूरी कार्य भी किए जाएंगे।1
- देवास में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आम जनता की समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान आम लोगों द्वारा प्रस्तुत की गई समस्याओं और शिकायतों का तुरंत निराकरण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।1
- सीहोर और आसपास के पूरे क्षेत्र में 25 दिनों के लंबे अंतराल के बाद लौटे मानसून ने पूरे इलाके को बारिश से तर-बतर कर दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण क्षेत्र के नदी-नाले पूरी तरह उफान पर आ गए हैं। इस बारिश से खेतों में मुरझा रही सोयाबीन की फसल को एक बार फिर से नई जिंदगी मिल गई है। लंबे समय बाद हुई इस राहत की बारिश से क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।2
- दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में देवास के हाटपिपल्या स्थित देवगढ़ चौराहे पर NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है, और छात्रों की आवाज़ को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र के मूल्यों पर आघात है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं से पुतला छीनने की कोशिश की, जिसके बाद भीड़ को खदेड़ने के लिए फायरब्रिगेड से पानी की बौछारें की गईं। पुलिस ने मौके से कार्रवाई करते हुए युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष किशोर चौहान और एनएसयूआई अध्यक्ष अरुण बराया माली सहित 10 लोगों को पुलिस गाड़ी में बैठाकर हिरासत में लिया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। एनएसयूआई ने साफ कहा है कि वह देशभर के प्रत्येक छात्र के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकार, सम्मान व न्याय की लड़ाई हर मंच पर लड़ी जाएगी। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक पटेल कप्तान, पार्षद अजीत राजावत, पार्षद पिंटू जामोदिया, पार्षद राजेश तंवर, दीपेंद्र सिंह पटेल, मनोहर भाटिया, सोनू भरवे, राजेश गोलियां, कुलदीप गुर्जर, राहुल चौहान, अंकुर भंडारी, विशाल माली, आशीष मेसरा, रविन्द्र पटेल, मुकेश और पप्पू सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- जन जागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' के संदर्भ में पूज्य पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी ने समाज के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को कमजोर बनाता है। उन्होंने एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी से आगे आने और योगदान देने का आग्रह किया है। पूज्य पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी ने सभी लोगों से यह संकल्प लेने का आह्वान किया है कि वे स्वयं नशे से पूरी तरह दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने आम जनता से 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' जन अभियान का हिस्सा बनने और इस मुहिम को सफल बनाने की अपील की है।1