जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहयोगी संस्था पीएसआई इंडिया और केनवू के सहयोग से डगरुआ प्रखंड में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत सभी आशा, एएनएम एवं आशा फैसिलिटेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय में डायरिया की रोकथाम, समय पर पहचान तथा सही उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय पी एस आई इंडिया द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों को डायरिया के लक्षणों की पहचान, ओआरएस और जिंक के सही उपयोग, बच्चों में डिहाइड्रेशन की पहचान तथा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि डायरिया जैसी बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समय पर सही इलाज और सावधानी से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। प्रशिक्षण में कर्मियों को बताया गया कि साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल का उपयोग, हाथ धोने की आदत और बच्चों को समय पर ओआरएस एवं जिंक देना डायरिया से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। आशा एवं एएनएम को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को इन उपायों के बारे में जागरूक करें और डायरिया के मामलों में तुरंत आवश्यक उपचार उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र में “डायरिया से डर नहीं” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करेंगे और समुदाय को स्वस्थ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस प्रशिक्षण में डगरुआ प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम, एफपीसी पीएसआई इंडिया, सभी आशा फेसिलेटर, एएनएम एवं आशा कर्मियाँ उपस्थित रहे।
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहयोगी संस्था पीएसआई इंडिया और केनवू के सहयोग से डगरुआ प्रखंड में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत सभी आशा, एएनएम एवं आशा फैसिलिटेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय में डायरिया की रोकथाम, समय पर पहचान तथा सही उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय पी एस आई इंडिया द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों को डायरिया के लक्षणों की पहचान, ओआरएस और जिंक के सही उपयोग, बच्चों में डिहाइड्रेशन की पहचान तथा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि डायरिया जैसी बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समय पर सही इलाज और सावधानी से
इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। प्रशिक्षण में कर्मियों को बताया गया कि साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल का उपयोग, हाथ धोने की आदत और बच्चों को समय पर ओआरएस एवं जिंक देना डायरिया से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। आशा एवं एएनएम को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को इन उपायों के बारे में जागरूक करें और डायरिया के मामलों में तुरंत आवश्यक उपचार उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र में “डायरिया से डर नहीं” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करेंगे और समुदाय को स्वस्थ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस प्रशिक्षण में डगरुआ प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम, एफपीसी पीएसआई इंडिया, सभी आशा फेसिलेटर, एएनएम एवं आशा कर्मियाँ उपस्थित रहे।
- अभिषेक को गिरफ्तार कैसे किया गया हैं देखिए पूरा वीडियो इस युवक का नाम अभिषेक हैं सोशल मीडिया पर स्कूल की जर्जर स्थिति को दिखाना इतना महंगा पर जाना इसको भी पता नहीं था एक बात सत्य हैं इस देश मैं जिसने भी गरीब की हक की बात की हैं उसे सलाखों के पीछे डाला गया हैं हम समझ सकते हैं इस युवक का अधिकारी से बात करने का तरीका अलग था लेकिन स्कूल मैं जो भी शिक्षक और शिक्षिका का हैं उसकी भी जांच होनी चाहिए1
- या अल्लाह! आलम-ए-इस्लाम को ताक़त और इत्तेहाद अता फ़रमा: बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी1
- होली पर्व के दिन रंग व मजाक करना पड़ा भारी दो पक्षों के बीच जमकर चला लाठी डंडा 7 व्यक्ति घायल मुकदमा दर्ज जाँच शुरू।1
- Post by Rahul Kumar Singh1
- जलालगढ़ में मूंगफली की उन्नत खेती पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण का हुआ आयोजन क्षेत्रीय अनुसंधान उप-केंद्र, जलालगढ़ में नौ एवं दस मार्च दो हजार छब्बीस में मूंगफली की उन्नत खेती पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रायोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़ (गुजरात) द्वारा किया गया, जिसमें 30 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया के प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार महतो ने किया। इस दौरान केवीके जलालगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर के एम सिंह, क्षेत्रीय अनुसंधान उप-केंद्र के प्रभारी डॉक्टर विनय कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर गोविंद कुमार तथा मृदा वैज्ञानिक डॉक्टर शशि प्रकाश विश्वकर्मा ने मूंगफली की उन्नत किस्मों, बीज उपचार, उर्वरक प्रबंधन एवं कीट-रोग नियंत्रण पर किसानों को जानकारी दी। प्रशिक्षण को किसानों ने उपयोगी एवं महत्त्वपूर्ण बताया।1
- फलका बाजार में जाम की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। सड़क के किनारे ठेले, चाय-पान की दुकानें, सब्जी दुकानदारों द्वारा सड़क पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण हर 5–10 मिनट पर जाम लग जा रहा है। राहगीर, स्कूली बच्चे और वाहन चालक सभी परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। देखिए पूरी रिपोर्ट।1
- कटिहार: अवैध पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुफ्फसिल थाना पुलिस ने दो पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो तीन पहिया वाहनों में लदे कुल 10 मवेशियों को भी बरामद किया है। जानकारी के अनुसार मुफ्फसिल थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि दो तीन पहिया वाहनों में क्रूरता पूर्वक पशुओं को लादकर अवैध रूप से परिवहन करते हुए मधेपुरा गांव की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मधेपुरा गांव के पास वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान संदिग्ध तीन पहिया वाहन पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस बल ने पीछा कर दोनों वाहनों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर दोनों वाहनों से कुल 10 मवेशी क्रूरतापूर्वक लदे हुए बरामद किए गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मो. असफाक (37 वर्ष) पिता शोहरब अली तथा मो. मोकीम (28 वर्ष) पिता अनिसुर रहमान, दोनों निवासी हरिसपुर थाना रौतारा जिला कटिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मौके से दो तीन पहिया वाहन और 10 मवेशी बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने कांड दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- जलालगढ़ बाजार में घंटों लगा जाम, राहगीर और वाहन चालक परेशान जलालगढ़ मुख्यालय बाजार में मंगलवार को कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार के मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग धीरे-धीरे रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार नेताजी चौक, रेलवे गुमटी, सब्जी बाजार और आसपास के इलाकों में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कई वाहन चालक घंटों तक जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए नियमित पुलिस तैनाती की जाए और सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए, ताकि आम लोगों को रोज-रोज लगने वाले जाम से राहत मिल सके।1