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हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन एक पुल का स्लैब विगत दिनों शुक्रवार रात करीब 2 बजे आए भीषण आंधी-तूफान के कारण गिर गया, जिससे आधा दर्जन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। राज्य सेतु निगम ने भी स्लैब गिरने की मुख्य वजह आंधी-तूफान को बताया है। हालांकि, इस घटना के लिए ठेका लेने वाली कानपुर की कंपनी 'द शेल्टर कंस्ट्रक्शन' के इंजीनियर्स और सेतु निगम के अफसरों की लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। घटना के बाद, सेतु निगम के एमडी धर्मवीर सिंह ने एक सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया है और डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
लोटन प्रसाद आर्य
हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन एक पुल का स्लैब विगत दिनों शुक्रवार रात करीब 2 बजे आए भीषण आंधी-तूफान के कारण गिर गया, जिससे आधा दर्जन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। राज्य सेतु निगम ने भी स्लैब गिरने की मुख्य वजह आंधी-तूफान को बताया है। हालांकि, इस घटना के लिए ठेका लेने वाली कानपुर की कंपनी 'द शेल्टर कंस्ट्रक्शन' के इंजीनियर्स और सेतु निगम के अफसरों की लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। घटना के बाद, सेतु निगम के एमडी धर्मवीर सिंह ने एक सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया है और डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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- हमीरपुर के जिलाधिकारी को जनता दल यूनाइटेड के जिलाध्यक्ष अत्री कुमार यादव ने विनोद पाल की गिरफ्तारी के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि टिकरौली गांव निवासी स्वर्गीय रज्जू के पुत्र रामबाबू पर 16 मई 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे उनके घर पर जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले की योजना मनोज पाल, सुनीता (जो भारत की पत्नी हैं), सावित्री (जो मनोज की पत्नी हैं), और विनोद पाल की पत्नी ज्ञानेंद्रिय ने मिलकर बनाई थी। इन लोगों ने लोहे की रॉड, लाठी-डंडे लेकर रामबाबू को जान से मारने की कोशिश की और उनके गले में रस्सी का फंदा डालकर भी जान लेने का प्रयास किया। इस घटना में रामबाबू और गीता दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित परिवार रामबाबू को विपक्षी लोग, जिनमें मनोज पाल, सुनीता, सावित्री, विनोद और ज्ञानेंद्रिय शामिल हैं, लगातार गांव में न रहने देने की धमकी दे रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई है कि विनोद पाल को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार रामबाबू को न्याय और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, तथा सभी विपक्षी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने बेतवा नदी पर बन रहे पुल हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएँ देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें मृतकों के परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में से एक यह है कि हादसे में मृत प्रत्येक मजदूर के परिजनों को ₹50-50 लाख का मुआवजा दिया जाए। इसके अतिरिक्त, परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आवास की सुविधा और मृतकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है। सपा के जिलाध्यक्ष इदरीस खान ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुल की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाया है, क्योंकि निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल के गिरे हुए हिस्से में सरिया की मात्रा मानकों के अनुरूप नहीं थी, और चेताया कि यदि यह पुल पूरी तरह बनकर यातायात के लिए खुल जाता, तो भविष्य में एक बड़ा हादसा हो सकता था। खान ने पुल निर्माण में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल समुचित मुआवजा और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख शुभकरन सिंह परिहार, रामप्रकाश प्रजापति, ओमप्रकाश सोनकर, मानसिंह यादव, रिजवान खान, मैयादीन श्रीवास, सुनील यादव, अभय प्रताप सिंह, जगमोहन यादव, मुसाहिद बेग, हरनरायन निषाद सहित अनेक सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी राष्ट्रव्यापी 'गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत कानपुर के घाटमपुर कस्बे पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग करना है। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय सनातन धर्मप्रेमियों और गौभक्तों ने महाराज जी के भव्य स्वागत के लिए विशेष पंडाल और स्वागत द्वार तैयार किए। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने इन पंडालों में उपस्थित होकर महाराज के दर्शन, आरती और आशीर्वाद प्राप्त किए। शंकराचार्य जी इस पूरी यात्रा के दौरान अन्न का पूर्ण त्याग कर केवल फलाहार ग्रहण कर रहे हैं। वे किसी भी होटल, धर्मशाला या निजी भवन में नहीं ठहरते हैं, बल्कि अपनी विशेष वैनिटी वैन में ही विश्राम कर रहे हैं। पुखरायां और घाटमपुर से होते हुए, शंकराचार्य जी का काफिला अब कानपुर नगर के किदवई नगर और सीसामऊ क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहां उनकी एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कस्बा चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। इस मौके पर जन्मेजय गोस्वामी सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।4
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी राष्ट्रव्यापी 'गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत घाटमपुर कस्बे में पहुंचे। इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग करना है। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय सनातन धर्मप्रेमियों और गौभक्तों ने महाराज जी के भव्य स्वागत के लिए विशेष पंडाल और स्वागत द्वार स्थापित किए थे। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने पंडालों में उपस्थित होकर महाराज जी के दर्शन, आरती और आशीर्वाद प्राप्त किए। शंकराचार्य जी इस पूरी यात्रा के दौरान अन्न का पूर्ण त्याग कर रहे हैं और केवल फलाहार ग्रहण करते हैं; वे किसी भी होटल, धर्मशाला या निजी भवन में न ठहरकर अपनी विशेष वैनिटी वैन में ही विश्राम कर रहे हैं। पुखरायां और घाटमपुर से आगे बढ़ते हुए, शंकराचार्य जी का काफिला अब कानपुर नगर के किदवई नगर और सीसामऊ क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहाँ उनकी एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए, कस्बा चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने इस अवसर पर दोहराया कि जब तक गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तब तक उनका यह संघर्ष अविराम जारी रहेगा।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर में पिछले तीन दिनों से लगातार बाधित बिजली आपूर्ति से नाराज़ ग्रामीणों ने सोमवार को सुमेरपुर पावर हाउस पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। उमस भरी गर्मी में बिजली न मिलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पावर हाउस का घेराव भी किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और क्षेत्र पंचायत सदस्य की बिजली विभाग के जेई से तीखी बहस भी हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी योगेश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि आंधी-तूफान के कारण कई स्थानों पर फाल्ट आने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि फाल्ट को दुरुस्त करने का काम जारी है और जल्द ही बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।1
- हमीरपुर जिले की मौदहा तहसील में बीते 28-29 मई की रात आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस दैवीय आपदा के कारण ग्राम मांचा, सिलौली और कम्हरिया सहित कई गांवों में करीब 45 से 50 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे पिछले दो दिनों से इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मांचा निवासी ग्रामीण जीशान अली के अनुसार, गांवों के भीतर और बाहर कई बिजली खंभे टूटकर गिर गए हैं, जिससे पूरे ग्रामीण फीडर की आपूर्ति बाधित हो गई है। भीषण गर्मी के बीच बिजली की अनुपलब्धता ने पेयजल संकट को गहरा दिया है और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस विकट स्थिति के मद्देनजर, शनिवार को ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार महेन्द्र गुप्ता को एक शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को बदलवाने और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर मांग की। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लंबे समय से बिजली न मिलने के कारण घरेलू कार्यों के साथ-साथ पशुपालकों और किसानों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान जीशान अली, इमरान, आरिफ अली, नाजिम अली, कमर उद्दीन और मुजझीर अली सहित अन्य ग्रामीणों ने शीघ्र प्रशासनिक कार्रवाई कर राहत प्रदान करने का आग्रह किया।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में पिछले 48 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। भीषण गर्मी से परेशान स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। इस विरोध प्रदर्शन के तहत, दर्जनों की संख्या में महिलाएं सुमेरपुर के पावर हाउस पहुंच गईं और वहाँ जमकर हंगामा किया। लोगों के तीव्र आक्रोश से बचने के लिए, पावर हाउस के कर्मचारी खुद को कमरों में बंद करने को मजबूर हो गए। महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर पावर हाउस में ही धरना देकर विरोध दर्ज कराया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।4