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भरत तिवारी के भाई ने अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पर उन्हें अलग बुलाकर गंभीर रूप से धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SP साहब ने उन्हें एक तरफ ले जाकर खूब डराया-धमकाया है, जिससे उन्हें काफी मानसिक कष्ट हुआ है। इस दुखद घटनाक्रम में उन्हें विशेष रूप से इस बात की भी शिकायत है कि 'सम्राट चौधरी' (जिनका उल्लेख 'स्मार्ट चौधरी' के नाम से भी किया गया है) इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और उनकी ओर से पूरी तरह चुप्पी छाई हुई है।
Vlogger news reporter
भरत तिवारी के भाई ने अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पर उन्हें अलग बुलाकर गंभीर रूप से धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SP साहब ने उन्हें एक तरफ ले जाकर खूब डराया-धमकाया है, जिससे उन्हें काफी मानसिक कष्ट हुआ है। इस दुखद घटनाक्रम में उन्हें विशेष रूप से इस बात की भी शिकायत है कि 'सम्राट चौधरी' (जिनका उल्लेख 'स्मार्ट चौधरी' के नाम से भी किया गया है) इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और उनकी ओर से पूरी तरह चुप्पी छाई हुई है।
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- एक मां अपने मृत बेटे की तस्वीर से लिपटकर बिलखती रही और 'मेरे लाल' कहकर रोती रही। जिस मां के लिए उसका बेटा ही उसकी दुनिया था, आज वही मां यह आरोप लगा रही है कि पुलिस ने उसके बेटे की जान ले ली है, जिसके कारण उसकी दुनिया उजड़ गई है।1
- आज, 30 जून 2026 को अरवल स्थित डॉ. बी. आर. अंबेडकर वाचनालय में बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे संघर्ष समिति की एक समीक्षात्मक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य संयोजक मनोज सिंह यादव ने की। बैठक में बिहार सरकार और रेलवे अधिकारियों पर बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेल लाइन के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया, जिसके बाद समिति ने आंदोलन को फिर से तेज करने का निर्णय लिया है। समिति के अनुसार, बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक 1250, दिनांक 29.7.2025 के आलोक में रेलवे विभाग द्वारा, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 30 जून 2026 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही थी। हालाँकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा अभी तक रेलवे लाइन का सीमांकन तक नहीं किया गया है, जो इस परियोजना के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। इस बैठक में आंदोलनकारियों ने यह तय किया है कि जिस प्रकार अरवल जिले को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए उन्हें लाठी और जेल खाने का काम करना पड़ा था, उसी प्रकार इस बार भी जेल भरो अभियान चलाया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही, रेलवे संघर्ष समिति ने हस्ताक्षर अभियान और पोस्टकार्ड अभियान को तेज करके रेल मंत्रालय को भेजने का भी निर्णय लिया है। बैठक को रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव, धनंजय कुमार सिंह, रजनीश कुमार, भैरव कुमार, मंटू कुमार, ओम प्रकाश कुमार, गजेंद्र कुमार, उपेंद्र कुमार, कामेश्वर राजवंशी, कामेश्वर यादव और दर्जनों अन्य लोगों ने संबोधित किया। समिति ने जन आंदोलन को तेज करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।1
- रेलवे संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की जा रही है, जिसमें रेल आंदोलन को तेज करने के लिए नई रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। इस बैठक की अध्यक्षता रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव कर रहे हैं। समिति का मुख्य उद्देश्य जन आंदोलन को और अधिक धार देना है, जिसके लिए आज के मंथन में रेल संघर्ष की अगली रणनीति तय की जाएगी। बैठक के बाद रेलवे संघर्ष समिति द्वारा जल्द ही एक बड़ा ऐलान किए जाने की तैयारी है।1
- नौगांव पुलिस द्वारा युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया है।1
- प्रशांत किशोर ने बिहार की बदहाली का असली कारण बताया है।1
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक फोर व्हीलर वाहन ने बहुत सारे बाइक को रौंद दिया है।1
- औरंगाबाद जिले के एक गांव में ग्रामीणों द्वारा एक भवन के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन विशेष रूप से गरीब लोगों के लिए शादी-विवाह और अन्य शुभ कार्यों में सहायक सिद्ध होगा। इस मांग के पीछे मुख्य उद्देश्य गांव की समग्र व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है।1
- एक घटना सामने आई है जहां पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर एक मां को गाली दी, जिसके जवाब में उनके बेटे ने भी पलटवार किया। इस पूरे मामले को लेकर सम्राट चौधरी जी पर सीधा सवाल उठाया गया है कि वे मुख्यमंत्री क्यों बने हैं, साथ ही 'मैदान में आओ' की चुनौती भी दी गई है। यह घटना पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1