मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 22 जून को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित अतिपिछड़ा वर्ग अभिनन्दन सह आभार समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि भाजपा ने अति पिछड़ों को हमेशा सम्मानित किया है और आगे भी करती रहेगी, साथ ही खुद को 36% अति पिछड़ों का अंगरक्षक बताया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष देश में विश्वास और विकास के वर्ष रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना विकसित भारत का निर्माण करना है, जो तभी संभव होगा जब विकास की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने गांवों में रहनेवाले श्रमिकों और परंपरागत रोजगार से जुड़े लोगों को सशक्त किया है, तथा गरीब, पिछड़े, अतिपिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई हैं, जिनका लाभ सभी वर्गों तक पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार सरकार किसी भी अपराधी के सामने नहीं झुकेगी और जो भी अपराध करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अपराधियों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चला रही है और यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले लोगों को नहीं छोड़ा गया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जिससे सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता उजागर होती है। चौधरी ने देश के मुगल शासन, अंग्रेजी हुकूमत और लंबे कांग्रेस शासन के दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़े और अतिपिछड़े समाज को सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने श्री लालू प्रसाद यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और आवास के लिए चिंतित हैं, जिनकी सुरक्षा में 150 पुलिसकर्मी लगे हैं, और सवाल उठाया कि यदि सारी सुरक्षा उन्हें मिल जाएगी तो अति पिछड़ों की सुरक्षा कैसे होगी। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सामाजिक न्याय और आरक्षण का पक्षधर बताया, और उस समय कई नेताओं द्वारा इसके विरोध का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के बिहार में पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिलाने के संघर्ष को याद किया, जिसमें कैलाशपति मिश्रा उनके समर्थन में खड़े थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष तौर पर आभार व्यक्त किया कि उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिलवाया। चौधरी ने कहा कि आज सभी पात्र वर्गों को संवैधानिक व्यवस्था के तहत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी प्रावधान हैं, जबकि निर्धारित आय सीमा से अधिक आय वालों को इसका लाभ नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि बिहार की लगभग 60 प्रतिशत आबादी पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग से संबंधित है, और वे इन वर्गों की भागीदारी और बिहार की समृद्धि के लिए पूरी मुस्तैदी से खड़े हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकसित भारत के सपने को पूरा किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को सम्मानित किया गया और अतिपिछड़ा समाज के विकास एवं सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण निषाद, सांसद श्री राधामोहन सिंह, सांसद श्री शंभूशरण पटेल, सांसद श्रीमती धर्मशीला गुप्ता, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती रमा निषाद, पटना नगर निगम की मेयर श्रीमती सीता साहू, विधान पार्षद श्रीमती शीला प्रजापति, विधान पार्षद श्री अनिल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में अतिपिछड़ा समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 22 जून को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित अतिपिछड़ा वर्ग अभिनन्दन सह आभार समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि भाजपा ने अति पिछड़ों को हमेशा सम्मानित किया है और आगे भी करती रहेगी, साथ ही खुद को 36% अति पिछड़ों का अंगरक्षक बताया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष देश में विश्वास और विकास के वर्ष रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना विकसित भारत का निर्माण करना है, जो तभी संभव होगा जब विकास की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने गांवों में रहनेवाले श्रमिकों और परंपरागत रोजगार से जुड़े लोगों को सशक्त किया है, तथा गरीब, पिछड़े, अतिपिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई हैं, जिनका लाभ सभी वर्गों तक पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार सरकार किसी भी अपराधी के सामने नहीं झुकेगी और जो भी अपराध करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अपराधियों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चला रही है और यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले लोगों को नहीं छोड़ा गया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जिससे सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता उजागर होती है। चौधरी ने देश के मुगल शासन, अंग्रेजी हुकूमत और लंबे कांग्रेस शासन के दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़े और अतिपिछड़े समाज को सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने श्री लालू प्रसाद यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और आवास के लिए चिंतित हैं, जिनकी सुरक्षा में 150 पुलिसकर्मी लगे हैं, और सवाल उठाया कि यदि सारी सुरक्षा उन्हें मिल जाएगी तो अति पिछड़ों की सुरक्षा कैसे होगी। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सामाजिक न्याय और आरक्षण का पक्षधर बताया, और उस समय कई नेताओं द्वारा इसके विरोध का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के बिहार में पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिलाने के संघर्ष को याद किया, जिसमें कैलाशपति मिश्रा उनके समर्थन में खड़े थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष तौर पर आभार व्यक्त किया कि उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिलवाया। चौधरी ने कहा कि आज सभी पात्र वर्गों को संवैधानिक व्यवस्था के तहत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी प्रावधान हैं, जबकि निर्धारित आय सीमा से अधिक आय वालों को इसका लाभ नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि बिहार की लगभग 60 प्रतिशत आबादी पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग से संबंधित है, और वे इन वर्गों की भागीदारी और बिहार की समृद्धि के लिए पूरी मुस्तैदी से खड़े हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकसित भारत के सपने को पूरा किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को सम्मानित किया गया और अतिपिछड़ा समाज के विकास एवं सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण निषाद, सांसद श्री राधामोहन सिंह, सांसद श्री शंभूशरण पटेल, सांसद श्रीमती धर्मशीला गुप्ता, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती रमा निषाद, पटना नगर निगम की मेयर श्रीमती सीता साहू, विधान पार्षद श्रीमती शीला प्रजापति, विधान पार्षद श्री अनिल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में अतिपिछड़ा समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, खेल की दुनिया में देश का नाम गर्व से ऊंचा करने वाली विश्व चैंपियन अंशु कुमारी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान बिहार भाजपा के क्रीड़ा प्रकोष्ठ के संयोजक सतीश राजू और क्षेत्रीय वार्ड पार्षद पिंकी यादव द्वारा प्रदान किया गया। अंशु कुमारी ने अपनी इस उपलब्धि से देश का नाम रोशन कर सभी को गौरवान्वित किया है।1
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी युवक भरत तिवारी के निधन के बाद, भोजपुरी गायक सह अभिनेता खेसारी लाल यादव उनके परिजनों से मिलने गांव पहुँचे। भरत तिवारी की मौत को लेकर परिजन समेत ग्रामीण पुलिस एनकाउंटर पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। खेसारी लाल यादव अचानक अपने लोगों के साथ भरत तिवारी के घर पहुँचे और उनकी माँ, पिता व अन्य परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। बातचीत में खेसारी ने बताया कि बिहार के सीएम सम्राट चौधरी हैं और उन्होंने न्यायिक जांच कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार से पटना चलने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि यह लड़ाई सबकी है और इसे मिलकर लड़ना होगा क्योंकि केवल घर बैठे रहने से काम नहीं चलेगा। खेसारी ने जोर देकर कहा कि अगर एनकाउंटर हुआ है तो इसकी जांच अवश्य होनी चाहिए और वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और आगे भी रहेंगे। खेसारी लाल यादव के गाँव पहुँचते ही उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, देखते ही देखते वहाँ हजारों लोग जमा हो गए। परिवार के सदस्यों से काफी देर तक बातचीत करने के बाद खेसारी लाल यादव पटना के लिए रवाना हो गए। भरत तिवारी की मौत के बाद से ही उनके परिजनों से मिलने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है, और सभी पुलिस एनकाउंटर पर लगातार गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।1
- पटना जंक्शन से सामने आए एक वायरल वीडियो में इंक्वायरी काउंटर पर तैनात एक रेलवे कर्मचारी अपनी कुर्सी पर आराम करता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि कई यात्री जानकारी प्राप्त करने के लिए उसके सामने खड़े नजर आ रहे थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों की जवाबदेही के संबंध में एक नई बहस छेड़ दी है।1
- सोनहर स्थित शाक्य मुनि बुद्ध बिहार में BLCP ITS टीम का आगमन हुआ। इस दौरान टीम के सदस्य ITS अशोक सम्राट के साथ वहाँ मौजूद थे।1
- री-NEET 2026 परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े कथित सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने के लिए ₹30 लाख से ₹40 लाख तक की मोटी रकम की डील करता था। इस मामले में अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 5 मेडिकल छात्र भी शामिल हैं। इन गिरफ्तार मेडिकल छात्रों में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) का एक छात्र भी बताया जा रहा है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पटना जिले के दनियावां स्थित भाजपा मंडल कार्यालय में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष रवि प्रकाश की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन किए और नियमित रूप से योग का अभ्यास करने का संकल्प लिया। इस दौरान, समाजसेवी दिलीप कुमार ने योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। दिलीप कुमार ने उपस्थित लोगों से एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की अपील की। कार्यक्रम में भाजपा महामंत्री श्योराम शर्मा, दिनेश कुमार, संजय कुमार, रणधीर कुमार, मनोज कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया।4
- मुखियाजी रिपोर्टर ने मीडिया टीवी नाइन भारतवर्ष के एक वीडियो न्यूज की सराहना करते हुए उसे 'अच्छा' बताया है, और Shuru App के पाठकों को इसे देखने की सलाह दी है। इस वीडियो न्यूज के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि धरती पर संभावित संकट कहां आ सकता है, और NASA इस आफत को टालने के लिए क्या करेगा।1
- पटना के नौबतपुर में दो सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें एक तिलक समारोह में डांस कार्यक्रम के बहाने गांव बुलाया गया था, जहां आरोपियों ने उनके साथ रात भर दुष्कर्म किया। घटना के बाद, नौबतपुर थाने में मुन्ना कुमार, सूरज कुमार और भानु कुमार सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें तीन नामजद हैं, और पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पीड़िताएं झारखंड के लातेहार जिले की रहने वाली हैं और वर्तमान में पटना के मीठापुर इलाके में किराए के मकान में रहती थीं। पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, यह घटना 18 जून की है। कार्यक्रम की बुकिंग भेलुरा रामपुर निवासी मुन्ना कुमार ने 8 हजार रुपए में की थी। आरोप है कि मुन्ना कुमार दोनों बहनों को मीठापुर से स्कूटी पर बैठाकर अपने गांव ले गया। कार्यक्रम स्थल पर ले जाने के बजाय, उसने अपने चचेरे भाई सूरज, भानु कुमार और अन्य युवकों के साथ मिलकर उन्हें जबरन एक सुनसान जगह पर ले जाकर बंधक बना लिया। पीड़िताओं का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बारी-बारी से पूरी रात दुष्कर्म किया। जब उन्होंने भागने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। अगली सुबह, 19 जून को, आरोपी दोनों बहनों को एक गाड़ी से वापस छोड़ने ले जा रहे थे। जब वाहन फुलवारीशरीफ इलाके में पहुंचा, तो युवतियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसे सुनकर स्थानीय लोग जुट गए और डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। डायल-112 की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवतियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उन्हें फुलवारीशरीफ थाने ले गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए नौबतपुर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद नौबतपुर थाना की टीम पीड़िताओं को अपने साथ लेकर नौबतपुर थाने चली गई। फुलवारीशरीफ के एसडीपीओ-2 दीपक कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया, और एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने बताया कि कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।1