बारां जिले के शाहाबाद उपखंड अंतर्गत फरेदुआ ऊपरेटी गांव में बिजली का तार टूटने से पूरी बस्ती में अचानक करंट फैल गया। इस अचानक हुए हादसे से बस्तीवासियों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करंट की चपेट में आने के कारण एक गाय समेत अन्य कई जीव-जंतुओं की जान चली गई। गनीमत यह रही कि जिस स्थान पर विद्युत तार टूटा, वहां उस समय कोई ग्रामीण मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था और जनहानि भी हो सकती थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लाइन का शटडाउन लेकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद टूटे हुए तारों को हटाकर उन्हें आपस में दोबारा जोड़ा गया और मरम्मत का कार्य पूरा कर विद्युत व्यवस्था सुचारू की गई, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना के बाद बस्ती के लोगों ने विद्युत विभाग को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर बिजली लाइनों का सही तरीके से रखरखाव नहीं किया जाता है।
बारां जिले के शाहाबाद उपखंड अंतर्गत फरेदुआ ऊपरेटी गांव में बिजली का तार टूटने से पूरी बस्ती में अचानक करंट फैल गया। इस अचानक हुए हादसे से बस्तीवासियों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करंट की चपेट में आने के कारण एक गाय समेत
अन्य कई जीव-जंतुओं की जान चली गई। गनीमत यह रही कि जिस स्थान पर विद्युत तार टूटा, वहां उस समय कोई ग्रामीण मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था और जनहानि भी हो सकती थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को
इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लाइन का शटडाउन लेकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद टूटे हुए तारों को हटाकर उन्हें आपस में दोबारा जोड़ा गया और मरम्मत का कार्य पूरा कर विद्युत व्यवस्था सुचारू की गई,
तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना के बाद बस्ती के लोगों ने विद्युत विभाग को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर बिजली लाइनों का सही तरीके से रखरखाव नहीं किया जाता है।
- संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। परिसर के भीतर माहौल तब गर्मा गया जब एक तरफ सत्तापक्ष के लोग चर्चा की मांग वाली तख्तियां लेकर पहुंचे, तो दूसरी तरफ विपक्ष पूरी तरह से इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने से स्थिति में गतिरोध बना हुआ है।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग किसान के बैंक खाते में 759 करोड़ रुपये जमा होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में एक बैंक पासबुक और किसान की तस्वीर भी दिखाई गई है, जिसे लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यह स्पष्ट नहीं है कि खाते में दिखाई गई राशि वास्तविक है, किसी तकनीकी त्रुटि का परिणाम है या फिर यह वीडियो केवल मनोरंजन अथवा भ्रामक जानकारी के उद्देश्य से बनाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे दावों की आधिकारिक पुष्टि होने तक उन पर विश्वास नहीं करना चाहिए। यदि किसी बैंक खाते में असामान्य राशि दिखाई देती है, तो उसकी पुष्टि केवल संबंधित बैंक और सक्षम अधिकारियों द्वारा ही की जा सकती है। इस समाचार की भी कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है और यह पूरी तरह वायरल दावे पर आधारित है।1
- "करो योग रहो निरोग" का संदेश देते हुए रोजाना योग और प्राणायाम करने का आह्वान किया गया है। शरीर में शारीरिक लचीलापन लाने के लिए योग और आसन आवश्यक हैं, जबकि मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए प्राणायाम और ध्यान बेहद जरूरी हैं। ध्यान के माध्यम से शरीर और मन का आपस में गहरा जुड़ाव बनता है। योग और प्राणायाम के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं, जिनसे पढ़ाई, स्वास्थ्य, एकाग्रता और व्यवहार में बेहतर संबंध बनाने में मदद मिलती है। शारीरिक लचीलेपन के लिए आसन तथा मानसिक शांति के लिए रोजाना प्राणायाम और ध्यान करने पर बल दिया गया है।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड कार्यालय पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी छीपाबड़ौद के अध्यक्ष मूलचंद शर्मा के नेतृत्व में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया और पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। यह विरोध दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए जा रहे व्यवहार व कार्रवाई के खिलाफ किया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मूलचंद शर्मा, हरनावदाशाहजी मंडल अध्यक्ष देवेंद्र पचोली, मंडल अध्यक्ष डॉ. नफीस अहमद, छीपाबड़ौद मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र मालव, बंजारी मंडल अध्यक्ष सिद्धांत बना, सारथल सरपंच लोकेंद्र सिंह, युवा कांग्रेस संभाग प्रभारी गिराज नागर, जिला सचिव हीरालाल वर्मा, दीपक त्यागी, युवा नेता नंदकिशोर वर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रफिखा खान, नगर अध्यक्ष पंकज ननवाना, मनोज जारवाल, आसिफ खान एडवोकेट, अशोक यादव, जितेंद्र कुमावत, मुकेश शुक्ला, मुकेश वर्मा, तोलाराम मेघवाल, नावेद खान, हिम्मत सिंह सोनगरा, मांगीलाल भील, कुलदीप चंदेल, विजयशंकर नागर, बद्रीलाल सुमन, चौथमल नागर, रामप्रसाद भील, बाबूलाल मीणा, जुबेद खान, अजय गालव और रिजवान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र प्रसाद के हाथों जूस पीकर अपना अनशन तोड़ दिया है। अस्पताल के बिस्तर पर दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें सफेद और भगवा पट्टा पहनाकर उनका अभिनंदन भी किया, जिस दौरान सोनम वांगचुक लगातार उनका धन्यवाद करते रहे। अनशन की शुरुआत से ही इसकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे थे। उन्हें 'दूसरा अन्ना' बनाने की कोशिशों के बीच यह साफ राय जताई गई है कि सोनम वांगचुक को सिर्फ और सिर्फ राहुल गांधी तथा एनएसयूआई के आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से लाया गया था। एनएसए के तहत जोधपुर जेल में बंद व्यक्ति का अदालत के बजाय सरकार के आदेश पर रिहा होकर अचानक जंतर-मंतर पर अनशन शुरू कर देना कई संदेहास्पद सवाल खड़े करता है। इसके साथ ही लद्दाख के एलजी द्वारा मजबूर किए जाने का बयान भी खुद सोनम वांगचुक की तरफ से ही सामने आया है।1
- कोटा में नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के निर्देश और 181 हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के आधार पर नगर निगम की टीम ने शहर के गुमानपुरा और डीसीएम क्षेत्र में अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों से अवैध कब्जों को हटाकर शहर की व्यवस्था दुरुस्त करना रहा। अभियान के तहत गुमानपुरा क्षेत्र में कनिष्ठ अभियंता राहुल मीणा के नेतृत्व में टीम ने सड़क व सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी अतिक्रमणों को हटवाया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को भविष्य में दोबारा कब्जे न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई। वहीं, डीसीएम क्षेत्र में अतिक्रमण प्रभारी नवीन आनंद की अगुवाई में कार्रवाई की गई, जहाँ अस्थायी अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ₹12,900 के चालान बनाए गए। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने, आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसके साथ ही प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण न करें और किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर 181 हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना दें।1
- जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शन को बीजेपी के कार्यकर्ता भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।1