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आगरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भीम आर्मी के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर सभी साथियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं। इस अवसर पर समता, न्याय और भाईचारे के संकल्प को दोहराया गया है और 'जय भीम, जय संविधान' के नारे के साथ सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण बनाए रखने की बात कही गई है। शुभकामना संदेशों के माध्यम से शिक्षा, संगठन और संघर्ष के संदेश को हमेशा आगे बढ़ाने और संविधान व समानता के मूल्यों के प्रति सराहनीय योगदान देने का आह्वान किया गया है। भीम आर्मी का यह 11वां स्थापना दिवस सभी साथियों के लिए प्रेरणा, एकता और सामाजिक न्याय के संकल्प का दिन बन रहा है।
Rishikesh Singh
आगरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भीम आर्मी के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर सभी साथियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं। इस अवसर पर समता, न्याय और भाईचारे के संकल्प को दोहराया गया है और 'जय भीम, जय संविधान' के नारे के साथ सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण बनाए रखने की बात कही गई है। शुभकामना संदेशों के माध्यम से शिक्षा, संगठन और संघर्ष के संदेश को हमेशा आगे बढ़ाने और संविधान व समानता के मूल्यों के प्रति सराहनीय योगदान देने का आह्वान किया गया है। भीम आर्मी का यह 11वां स्थापना दिवस सभी साथियों के लिए प्रेरणा, एकता और सामाजिक न्याय के संकल्प का दिन बन रहा है।
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- उत्तर प्रदेश के आगरा में युवाओं को बिगाड़ने की साजिश के तहत नशीली चीजों का अवैध व्यापार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। यहां 'अदवानी पिया' के पुल के बीच में 'पंछी बेटा' (पंछी बेटे) के नाम से एक दुकान मौजूद है, जहां सरेआम इन नशीली चीजों को बेचा जा रहा है। युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाले इस काले कारोबार को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में किसानों की मांगों को लेकर बमरौली कटरा से कलेक्ट्री की तरफ कूच कर रहे भारतीय किसान यूनियन टिकैत के नेताओं को पुलिस ने रोक लिया है। रामाडा होटल के पास पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान आक्रोशित किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। इस धक्का-मुक्की के बाद किसानों ने सड़क पर ही बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों की मांग है कि जिलाधिकारी खुद मौके पर आएं। फिलहाल मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात है और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस मामले पर किसान यूनियन आगरा के राजवीर लवानिया ने भी बयान जारी किया है।2
- नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में उन्होंने संसद परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे अपना शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया है। 'अब नहीं रोक पाओगे आवाज़' के बुलंद हौसले के साथ वे बारिश के बीच भी पूरी रात धरने पर डटे रहे। यह कदम तब उठाया गया जब जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष लगातार जारी रहेगा। संसद परिसर से अपना संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जहाँ उन्होंने संविधान की शपथ ली थी, आज वह वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठे हैं और मासूमों पर हुए अत्याचार के खिलाफ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।1
- आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में फर्रुखाबाद के एक दंपति ने मारपीट, छेड़छाड़, मजदूरी का भुगतान न करने और मोबाइल छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला का आरोप है कि उनके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई, साथ ही मजदूरी का पैसा न देकर उनका मोबाइल भी छीन लिया गया, जिसे लेकर उन्होंने लूट का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब गंभीरता से मामले की जांच कर रही है।1
- जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज की घटना को लेकर अभिजीत डिपके का भारी गुस्सा देखने को मिला है। इस कार्रवाई के विरोध में उन्होंने अपना तीखा आक्रोश व्यक्त किया है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कूच कर रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। रमाडा होटल के पास पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी किसान जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान मौके पर सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे।1