सुरक्षा मानकों से सम्बंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर एक और फैक्ट्री को किया गया सील,चार पर किए नोटिस चस्पा: एसडीएम पुलकित मल्होत्रा सफीदों, 11 मार्च। अवैध रूप से चल रही औद्योगिक इकाइयों की जांच करने के लिए उपमंडल प्रशासन द्वारा गठित कमेटी ने बुधवार को निरीक्षण के दौरान एक फैक्टरी को और सील किया गया है, जबकि चार फैक्ट्रियों के बाहर नोटिस चस्पा किये गए। अब तक कुल 6 फैक्ट्रियों को सील किया जा चुका है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि उपमंडल क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित औद्योगिक इकाइयों की लगातार जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा गत दिनों आगजनी की घटना को गंभीरता लिया जा रहा है । इसको लेकर प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया है, इस टीम का नोडल अधिकारी तहसीलदार राजेश गर्ग को बनाया गया है। यह टीम सफीदों कस्बे के अलावा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जाकर फैक्ट्रियों की जांच कर रही है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि जिन फैक्ट्रियों के पास आवश्यक अनुमति, लाइसेंस या सुरक्षा मानकों से संबंधित दस्तावेज नहीं पाए जाते, उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। प्रयास रहेगा कि कोई भी औद्योगिक इकाई, फैक्टरी या कारखाना बिना सुरक्षा मानकों के न चलें। उन्होने बताया कि अवैध रूप से संचालित फैक्ट्रियां न केवल कानून का उल्लंघन करती हैं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और उपमंडल क्षेत्र में जहां कहीं भी अवैध फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिलेगी, वहां तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फैक्ट्री संचालकों से अपील की गई है कि वे सभी नियमों और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए ही अपने प्रतिष्ठान संचालित करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी
सुरक्षा मानकों से सम्बंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर एक और फैक्ट्री को किया गया सील,चार पर किए नोटिस चस्पा: एसडीएम पुलकित मल्होत्रा सफीदों, 11 मार्च। अवैध रूप से चल रही औद्योगिक इकाइयों की जांच करने के लिए उपमंडल प्रशासन द्वारा गठित कमेटी ने बुधवार को निरीक्षण के दौरान एक फैक्टरी को और सील किया गया है, जबकि चार फैक्ट्रियों के बाहर नोटिस चस्पा किये गए। अब तक कुल 6 फैक्ट्रियों को सील किया जा चुका है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि उपमंडल क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित औद्योगिक इकाइयों की लगातार जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा
गत दिनों आगजनी की घटना को गंभीरता लिया जा रहा है । इसको लेकर प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया है, इस टीम का नोडल अधिकारी तहसीलदार राजेश गर्ग को बनाया गया है। यह टीम सफीदों कस्बे के अलावा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जाकर फैक्ट्रियों की जांच कर रही है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि जिन फैक्ट्रियों के पास आवश्यक अनुमति, लाइसेंस या सुरक्षा मानकों से संबंधित दस्तावेज नहीं पाए जाते, उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। प्रयास रहेगा कि कोई भी औद्योगिक इकाई, फैक्टरी या कारखाना बिना सुरक्षा मानकों के न चलें। उन्होने बताया
कि अवैध रूप से संचालित फैक्ट्रियां न केवल कानून का उल्लंघन करती हैं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और उपमंडल क्षेत्र में जहां कहीं भी अवैध फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिलेगी, वहां तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फैक्ट्री संचालकों से अपील की गई है कि वे सभी नियमों और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए ही अपने प्रतिष्ठान संचालित करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी
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- is ki haryana kar di1
- बाबा खाटू श्याम सेवा मंडल कलानौर द्वारा श्री बाबा खाटू श्याम जी धाम कलानौर में सभी संत महापुरुषों एवं भक्तों के सहयोग से बड़े हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष श्री श्याम संकीर्तन व बालाजी महाराज के जागरण का आयोजन करवाया गया । जिसमें दूर दराज से पहुंचे कलाकारों द्वारा प्रभु कीर्तन गुणगान किया गया । कार्यक्रम में विभिन्न गुरु गद्दीयों से संत महापुरुष भी उपस्थित रहे । जिन्होंने श्री श्याम व हनुमान जी के श्री चरणों में मत्था टेक बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया । इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया । जिसमें साध संगत ने प्रभु कीर्तन रसपान करते हुए प्रसाद भी ग्रहण किया । इस अवसर पर महंत बाबा हरपाल दास जी महाराज,महंत ईश्वर शाह जी महाराज सहित संत महात्मा एवं श्रद्धालु गण उपस्थित रहे1
- Post by Bhajan Lal1
- नेल कटर एक ऐसी चीज़ है जिसे हम लगभग हर हफ्ते इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके डिजाइन में छिपे छोटे-छोटे फीचर्स पर हमारा ध्यान कम ही जाता है। आपने जिस छोटे छेद (hole) की बात की है, उसके पीछे कोई रॉकेट साइंस नहीं बल्कि बहुत ही व्यावहारिक और स्मार्ट कारण हैं: 1. की-चेन (Key-chain) अटैचमेंट के लिए इसका सबसे आम और प्राथमिक कारण इसे पोर्टेबल बनाना है। उस छेद के जरिए आप नेल कटर को अपनी चाबियों के गुच्छे (key-ring) में डाल सकते हैं। चूंकि नेल कटर छोटा होता है और अक्सर दराजों में खो जाता है, इसलिए की-चेन में लगाकर रखने से यह आसानी से मिल जाता है और यात्रा के दौरान ले जाने में भी सुविधा होती है। 2. मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली जब नेल कटर कारखाने में बनते हैं, तो मशीनों में इन्हें एक साथ पकड़ने या लटकाने के लिए इस छेद का इस्तेमाल किया जाता है। पॉलिशिंग या कोटिंग की प्रक्रिया के दौरान, इन छेदों के सहारे इन्हें हुक पर टांग कर केमिकल या पेंट में डुबोया जाता है, जिससे हर तरफ समान फिनिशिंग आती है। 3. दीवार पर टांगने के लिए पुराने समय में या कई घरों में आज भी, लोग इसे कील या हुक पर टांगने के लिए उस छेद का उपयोग करते हैं ताकि यह बच्चों की पहुँच से दूर रहे और सही जगह पर सुरक्षित रहे। क्या आप जानते हैं? (एक और छिपा हुआ फीचर) नेल कटर के लीवर के पीछे जो छोटा सा गोल गड्ढा होता है, वह सिर्फ डिजाइन नहीं है। वह ग्रिप बनाने के लिए होता है ताकि काटते समय आपका अंगूठा फिसले नहीं। साथ ही, कुछ नेल कटर में एक छोटा 'नेल फाइलर' भी होता है जिसे उसी छेद के पास लगे रिवेट (Rivet) के जरिए घुमाया जाता है। क्या आप नेल कटर के साथ आने वाले उस छोटे चाकू जैसे 'नेल क्लीनर' के अन्य इस्तेमाल के बारे में जानना चाहेंगे?1
- Post by Saleem Khan gujjar1
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