जसवंतनगर के बलरई थाना क्षेत्र स्थित ग्राम गोपालपुर में रविवार रात खेत में पानी लगाते समय एक 60 वर्षीय किसान बटेश्वरी दयाल बघेल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बटेश्वरी दयाल बघेल पुत्र स्व. सुखवासी रविवार शाम अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे, तभी वह अचेत अवस्था में खेत में पड़े मिले। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को दी। परिजन एंबुलेंस की सहायता से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसवंतनगर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्रों, जयवीर और रिंकू ने आशंका व्यक्त की है कि उनके पिता की मृत्यु संभवतः सांप के डसने से हुई होगी, क्योंकि जिस स्थान पर वह अचेत मिले थे, वहीं पास में एक सांप भी देखा गया था। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक उच्च रक्तचाप (बीपी) के मरीज भी थे, जिसके कारण हृदयाघात की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। सूचना मिलने पर थाना बलरई पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और आवश्यक पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल सिंह ने बताया कि किसान की मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा, और पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जसवंतनगर के बलरई थाना क्षेत्र स्थित ग्राम गोपालपुर में रविवार रात खेत में पानी लगाते समय एक 60 वर्षीय किसान बटेश्वरी दयाल बघेल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बटेश्वरी दयाल बघेल पुत्र स्व. सुखवासी रविवार शाम अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे, तभी वह अचेत अवस्था में खेत में पड़े मिले। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को दी। परिजन एंबुलेंस की सहायता से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसवंतनगर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्रों, जयवीर और रिंकू ने आशंका व्यक्त की है कि उनके पिता की मृत्यु संभवतः सांप के डसने से हुई होगी, क्योंकि जिस स्थान पर वह अचेत मिले थे, वहीं पास में एक सांप भी देखा गया था। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक उच्च रक्तचाप (बीपी) के मरीज भी थे, जिसके कारण हृदयाघात की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। सूचना मिलने पर थाना बलरई पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और आवश्यक पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल सिंह ने बताया कि किसान की मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा, और पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।
- आज इटावा सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिका शक्ति केंद्र के बूथ पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अन्नू गुप्ता जी और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में, लहार असवार थाना क्षेत्र में एक दीवानजी पर ड्यूटी के दौरान शराब पीकर ग्रामीणों से बदतमीजी करने और मकान तुड़वाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, जमीन का एक विवाद सुलझाने पहुंचे दीवानजी उमेश कुमार कथित तौर पर अत्यधिक नशे की हालत में थे और उन्होंने मर्यादा भूलकर बुजुर्गों से दुर्व्यवहार किया। पीड़ित महाराणा जादौन और अन्य ग्रामीणों ने जब दीवानजी को उनकी हरकतों के लिए घेरा, तो इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है। इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- भरथना/इटावा, उत्तर प्रदेश से मिली जानकारी के अनुसार, चंबल पुल पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से उसकी सुरक्षा को गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद भी अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा चंबल पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद थाना बढ़पुरा क्षेत्र से ऐसे वाहनों का संचालन लगातार जारी है, जिससे कानून को खुली चुनौती मिल रही है। ग्रामीणों ने अवैध ओवरलोडिंग में शामिल वाहन संचालकों और किसी भी दोषी व्यक्ति के विरुद्ध बिना किसी पक्षपात के कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों को ताक पर रखकर ओवरलोड वाहन सड़कों और पुलों पर दौड़ते रहे, तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है। इस पूरे मामले पर यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या बढ़पुरा पुलिस जिलाधिकारी के आदेशों का पालन नहीं कर रही है, और क्या प्रशासन इन कानून तोड़ने वालों पर सख्ती दिखाएगा या यह अवैध ओवरलोडिंग का खेल यूं ही चलता रहेगा?1
- स्थानीय स्तर पर, समस्या अभी भी वैसी की वैसी ही बनी हुई है, जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है।1
- आगरा के पिनाहट कस्बे के मौजा पिनाहट में दो खेतों के बीच मेड़ और बाउंड्री को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। पीड़ित आकाश पुत्र मिश्रीलाल ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी पक्ष के लोगों ने उनकी खेत की बाउंड्री तोड़ दी है। आकाश के अनुसार, मौजा पिनाहट स्थित उनके खेत (गाटा संख्या 1530) की मेड़ को करीब 25 दिन पहले पड़ोसी दिनेश चंद, नरेश चंद और राजेश कुमार पुत्रगण मनोहर लाल (खेत नंबर 1529) ने ट्रैक्टर चलाकर तोड़ दिया था। अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए आकाश ने वहाँ सीमेंट की रेडीमेड बाउंड्री लगवाई थी, जिसे शनिवार रात उन्हीं विपक्षियों ने कुछ लोगों को बुलाकर कथित तौर पर फिर तुड़वा दिया। पीड़ित का दावा है कि राजस्व विभाग के सरकारी कागजों में दोनों पक्षों के खेत अलग-अलग गाटा संख्या के साथ दर्ज हैं। इसके बावजूद, विपक्षी दिनेश चंद, नरेश चंद और राजेश कुमार उनकी पूरी जमीन पर अपना हक जता रहे हैं और उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना तब हुई जब 'थाना दिवस' पर राजस्व टीम (कानूनगो व लेखपाल) ने शनिवार को ही सोमवार को मौके पर आकर जमीन की विधिवत सरकारी पैमाइश करने का आदेश दिया था। बाउंड्री तोड़ने की यह कार्रवाई सरकारी नापतोल से ठीक पहले शनिवार रात को की गई। इस संबंध में पीड़ित आकाश ने स्थानीय थाने में शिकायत पत्र देकर पुलिस प्रशासन से मामले की गहन जांच करने और न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। उन्होंने सरकारी पैमाइश के माध्यम से इस पूरे विवाद का तत्काल निस्तारण कराने की भी मांग की है।4
- आज मुख्यमंत्री योगी आगरा का दौरा करेंगे। वे जिले में लगभग तीन घंटे तक मौजूद रहेंगे, जहाँ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में लोक निर्माण विभाग की विभिन्न योजनाओं, ज़िले में चल रहे विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की जाएगी।1
- जसवंतनगर थाना पुलिस ने ग्राम परसौआ में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। रविवार को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मिट्टी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया। हालांकि, मौके का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक, जेसीबी चालक और खनन कार्य में शामिल अन्य लोग पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। थाना के उपनिरीक्षक शुभम वर्मा ने बताया कि अवैध खनन की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत ग्राम परसौआ पहुंची। घटनास्थल पर जेसीबी मशीन और कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा था। पुलिस को देखते ही खनन में लगे सभी व्यक्ति अपने वाहन लेकर मौके से भागने लगे। इसी दौरान पुलिस ने मिट्टी से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को बरामद कर लिया, लेकिन उसका चालक भी फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने ला दिया है। इस मामले की सूचना संबंधित विभाग को दे दी गई है और पुलिस अवैध खनन में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के साथ-साथ उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- अजय राय ने बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में कथित पुलिस एनकाउंटर में जान गंवाने वाले भरत भूषण तिवारी जी के शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दुखद घड़ी में, उन्होंने परिवार को बताया कि पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए, अजय राय ने जोर दिया कि सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना भी की।1
- आगरा जिले के पिनाहट कस्बे के मौजा पिनाहट में दो खेतों के बीच मेड़ और बाउंड्री को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। पीड़ित आकाश पुत्र मिश्रीलाल ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सरकारी पैमाइश की मांग की है। उनका आरोप है कि पड़ोसी पक्ष के दिनेश चंद, नरेश चंद और राजेश कुमार पुत्रगण मनोहर लाल (खेत नंबर 1529) ने लगभग 25 दिन पहले उनके खेत (गाटा संख्या 1530) की मेड़ को ट्रैक्टर चलाकर तोड़ दिया था। इसके बाद अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए आकाश ने वहाँ सीमेंट की रेडीमेड बाउंड्री लगवाई थी, जिसे शनिवार की रात उक्त विपक्षी पक्ष ने कुछ लोगों को बुलाकर कथित तौर पर तुड़वा दिया। पीड़ित का कहना है कि राजस्व विभाग के सरकारी कागजों में दोनों पक्षों के खेत नंबर पूरी तरह से अलग-अलग हैं, इसके बावजूद विपक्षी दिनेश चंद, नरेश चंद और राजेश कुमार उनकी पूरी जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं और उस पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। यह घटना तब हुई जब 'थाना दिवस' में राजस्व टीम (कानूनगो व लेखपाल) ने शनिवार को ही सोमवार के लिए मौके पर जमीन की विधिवत सरकारी नापतोल (पैमाइश) का आदेश दिया था। इस आदेश से पहले ही शनिवार रात बाउंड्री तोड़ दी गई। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई करने और सरकारी पैमाइश के माध्यम से ही विवाद का स्थायी निस्तारण कराने की पुरजोर मांग की है।4