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डीग के बृजनगर क्षेत्र के गांव गंगवाक निवासी और रेलवे पुलिस (आरपीएफ) में तैनात हेड कांस्टेबल धूपसिंह गुर्जर का ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से निधन हो गया है। उनकी ड्यूटी उत्तर प्रदेश के आगरा जोन में थी। इस दुखद खबर के आने के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है। इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर संबंधित रेलवे पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही बृजनगर कस्बे से सीओ रामनाथ सिंह गुर्जर, इंस्पेक्टर राजेश सिंह, एएसआई प्रयाग सिंह और हेड कांस्टेबल लख्मीचंद ने पुष्प अर्पित कर और सैल्यूट देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
LAVESH MITTAL
डीग के बृजनगर क्षेत्र के गांव गंगवाक निवासी और रेलवे पुलिस (आरपीएफ) में तैनात हेड कांस्टेबल धूपसिंह गुर्जर का ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से निधन हो गया है। उनकी ड्यूटी उत्तर प्रदेश के आगरा जोन में थी। इस दुखद खबर के आने के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है। इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर संबंधित रेलवे पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही बृजनगर कस्बे से सीओ रामनाथ सिंह गुर्जर, इंस्पेक्टर राजेश सिंह, एएसआई प्रयाग सिंह और हेड कांस्टेबल लख्मीचंद ने पुष्प अर्पित कर और सैल्यूट देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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- हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में 'मेवात आज' (मेवात आज तक) सोशल मीडिया पर सबसे मजबूत खबर के रूप में सामने आ रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी खबरों को सबसे मजबूत और दमदार माना गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में राधा वैली के पास 25 लाख रुपये की लूट से हड़कंप मच गया है। इस वारदात के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा और उपद्रव होने की खबर सामने आई है। प्रदर्शनकारियों द्वारा जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस और उनके बीच तीखा टकराव हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर RPR NEWS TV और 'ब्रज की आवाज' समाचार पत्र द्वारा एक विशेष चर्चा आयोजित की गई है। इस परिचर्चा में पत्रकार चंद्रमोहन दीक्षित और हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य सुरेंद्र कौशिक शामिल हैं। चर्चा के दौरान इस बात पर मुख्य रूप से बहस छिड़ी है कि क्या प्रदर्शनकारियों ने अपनी निर्धारित सीमा और बैरिकेड्स का उल्लंघन किया था, जिसके कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी, या फिर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा अनावश्यक बल प्रयोग किया गया। इस घटनाक्रम ने लोकतंत्र में प्रदर्शन की सीमा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के बीच संतुलन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस बात पर चर्चा तेज है कि क्या जंतर-मंतर पर पुलिस की यह कार्रवाई जरूरी थी या फिर यह प्रदर्शनकारियों पर ज्यादती का मामला है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में शिक्षा विभाग की स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने ताला लगाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय के शिक्षकों को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। पीपलवास के इस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहली से बारहवीं कक्षा तक 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के बाद इस वर्ष यहां से तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का तबादला हो चुका है। इसके अलावा, एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही खाली चल रहा था। स्कूल में हिंदी, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के पद रिक्त होने से कुल सात पद खाली पड़े हैं, जिससे छात्रों का शैक्षणिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित क्षेत्र के कई अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की और स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक विद्यालय में शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है और खाली पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है।4
- मथुरा के गोवर्धन में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध राजकीय मुड़िया पूनों मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और व्यवस्थित माहौल प्रदान करना है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम गोवर्धन के राधे श्याम सेवा सदन में 20 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे से आयोजित किया जा रहा है। इस ट्रेनिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को भीड़ के साथ संयम और संवेदनशीलता बरतने, भीड़ नियंत्रण करने और मेले में भगदड़ रोकने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें श्रद्धालुओं के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने व अच्छा व्यवहार रखने की सीख दी जा रही है। आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार और सीपीआर का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, साथ ही तनाव, चिंता और गुस्से को काबू करने के लिए मनोविज्ञान के उपाय भी सिखाए जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों को ट्रेंड कर रहे हैं। इनमें समाजशास्त्री डॉ. मधु त्यागी, मनोविज्ञानी डॉ. पूनम तिवारी, प्राथमिक उपचार विशेषज्ञ डॉ. नेहा चौधरी और सीपीआर एक्सपर्ट डॉ. अमित कश्यप शामिल हैं। प्रशासन ने पिछले वर्षों की तरह इस बार भी मेले के दौरान 'जीरो एक्सीडेंट' और 'जीरो भगदड़' का लक्ष्य निर्धारित किया है।4
- मथुरा में श्री द्वारकाधीश मंदिर के गेट के बाहर लगी दान पेटी से चोरी की घटना सामने आई है। इस पूरी वारदात का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।1
- मथुरा के शहर कोतवाली इलाके के जीआईसी चौराहे पर मजदूरी के काम को लेकर दो मजदूरों के बीच बीच सड़क पर जमकर मारपीट हो गई। दरअसल, वहां लेबर लेने के लिए एक व्यक्ति आया था और दोनों ही मजदूर उसके साथ काम पर जाने के लिए तैयार हो गए थे। लेकिन उस व्यक्ति को सिर्फ एक ही मजदूर की जरूरत थी, और इसी बात को लेकर दोनों मजदूरों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों के बीच सड़क पर ही मारपीट होने लगी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।1