केएफ रूस्तमजी पुरस्कार : सम्मानित हुए 101 पुलिसकर्मी।पुलिस भर्ती जारी: वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी : सीएम डॉ मोहन यादव Editor:MP15NEWSMPCG 07582888100 07879797484 केएफ रूस्तमजी पुरस्कार : सम्मानित हुए 101 पुलिसकर्मी।पुलिस भर्ती जारी: वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी : सीएम डॉ मोहन यादव Editor:MP15NEWSMPCG 07582888100 07879797484 भोपाल। 'नए दौर में अपराध और अपराधियों के तरीके बदल गए हैं। मध्यप्रदेश पुलिस डिजिटल और साइबर क्राइम के मामलों से भी पूरी दक्षता के साथ निपट रही है। मध्यप्रदेश पुलिस अपने साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छा शक्ति के लिए पहचान रखती है। पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए अपने काम से अलग ही पहचान बनाई है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। सीएम डॉ. यादव 11 मई को राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। इस दौरान अश्वरोही दल ने भी उनका अनोखे अंदाज में स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। समारोह में प्रदेश के मुखिया ने केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वर्ष 2019-20 और 2021-22 के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी, अति विशिष्ट श्रेणी और विशिष्ट श्रेणी में पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने अपनी हिम्मत और दक्षता के बल पर आज पुरस्कार प्राप्त किए हैं। मैं पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रदेश के सभी जांबाज पुलिसकर्मियों को बधाई देता हूं। केएफ रूस्तमजी पुरस्कार हर वर्ष दिए जाएंगे। पद्म विभूषण रूस्तम जी ने अपने उत्कृष्ट प्रयासों से प्रदेश पुलिस को गौरवान्वित किया। पुलिस विभाग के पुरस्कारों का सिलसिला जारी रहे। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार शांति और सुरक्षा के लिए युवाओं को संदेश देगा। चुनौतियों के साथ ड्यूटी करती है पुलिस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रूस्तम जी ने जिस प्रकार प्रदेश की धरती से दस्यु समस्या को खत्म करने की मुहिम चलाई थी। उसी पर आगे बढ़ते हुए पिछले साल मध्यप्रदेश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है। संगठित अपराधों से निपटने के लिए भी सुनियोजित ढंग से योजनाएं बनाई जा रही हैं। रूस्तम जी ने नागपुर के दंगों में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 101 पुलिसकर्मियों को केएफ रूस्तमजी पुरस्कार दिया गया है। राज्य सरकार पुलिस विभाग में नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कारों को प्रोत्साहन दे रही है। पुलिसकर्मी अनेक चुनौतियों के साथ ड्यूटी करते हैं। लाल सलाम को आखिरी सलाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश बदल रहा है। देश में 35 साल से नक्सलवाद लाइलाज बीमारी की तरह था। मध्यप्रदेश सबसे पहले इस समस्या से मुक्त हुआ। आज भारत के सभी राज्य लाल सलाम को आखिरी सलाम करते हुए नक्सलवाद से मुक्त हुए हैं। इसके लिए देश केंद्रीय नेतृत्व का ऋणी है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से लड़ाई में हमारी विजय हुई। हथियार और आतंकवाद के बल पर लोगों को डराया जाता था। मध्यप्रदेश के एक तत्कालीन मंत्री की हत्या तक कर दी गई थी। पुलिसकर्मियों की चिंता हमारा दायित्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में भर्तियां जारी हैं। वर्ष 2023 और 2024 की भर्तियां पूर्ण हो गई हैं। अब वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती शुरू की जाएगी। राज्य सरकार ने 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य रखा था। अगले वर्ष इसे पूरा करने के लिए फिर भर्ती करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस बैंड तक के लिए भर्ती निकाली गई है। पुलिस विभाग हमारे परिवार का हिस्सा है। पुलिसकर्मियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। उनकी सुख-सुविधाओं की चिंता करना भी हमारा दायित्व है। पुलिस विभाग को मिल रहा सीएम डॉ. यादव का सहयोग कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज परम विशिष्ट श्रेणी के 7, अति विशिष्ट श्रेणी के 8 और विशिष्ट श्रेणी के 86 पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना भी शामिल है। डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन, पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है। कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश पुलिस बल में 10 हजार पदों पर भर्ती की स्वीकृति शीघ्र ही मिलने की संभावना है। सिंहस्थ 2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है। इसके लिए तैयारियां जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से पुलिस विभाग को पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं।
केएफ रूस्तमजी पुरस्कार : सम्मानित हुए 101 पुलिसकर्मी।पुलिस भर्ती जारी: वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी : सीएम डॉ मोहन यादव Editor:MP15NEWSMPCG 07582888100 07879797484 केएफ रूस्तमजी पुरस्कार : सम्मानित हुए 101 पुलिसकर्मी।पुलिस भर्ती जारी: वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी : सीएम डॉ मोहन यादव Editor:MP15NEWSMPCG 07582888100 07879797484 भोपाल। 'नए दौर में अपराध और अपराधियों के तरीके बदल गए हैं। मध्यप्रदेश पुलिस डिजिटल और साइबर क्राइम के मामलों से भी पूरी दक्षता के साथ निपट रही है। मध्यप्रदेश पुलिस अपने साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छा शक्ति के लिए पहचान रखती है। पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए अपने काम से अलग ही पहचान बनाई है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। सीएम डॉ. यादव 11 मई को राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। इस दौरान अश्वरोही दल ने भी उनका अनोखे अंदाज में स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। समारोह में प्रदेश के मुखिया ने केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वर्ष 2019-20 और 2021-22 के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी, अति विशिष्ट श्रेणी और विशिष्ट श्रेणी में पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने अपनी हिम्मत और दक्षता के बल पर आज पुरस्कार प्राप्त किए हैं। मैं पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रदेश के सभी जांबाज पुलिसकर्मियों को बधाई देता हूं। केएफ रूस्तमजी पुरस्कार हर वर्ष दिए जाएंगे। पद्म विभूषण रूस्तम जी ने अपने उत्कृष्ट प्रयासों से प्रदेश पुलिस को गौरवान्वित किया। पुलिस
विभाग के पुरस्कारों का सिलसिला जारी रहे। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार शांति और सुरक्षा के लिए युवाओं को संदेश देगा। चुनौतियों के साथ ड्यूटी करती है पुलिस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रूस्तम जी ने जिस प्रकार प्रदेश की धरती से दस्यु समस्या को खत्म करने की मुहिम चलाई थी। उसी पर आगे बढ़ते हुए पिछले साल मध्यप्रदेश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है। संगठित अपराधों से निपटने के लिए भी सुनियोजित ढंग से योजनाएं बनाई जा रही हैं। रूस्तम जी ने नागपुर के दंगों में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 101 पुलिसकर्मियों को केएफ रूस्तमजी पुरस्कार दिया गया है। राज्य सरकार पुलिस विभाग में नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कारों को प्रोत्साहन दे रही है। पुलिसकर्मी अनेक चुनौतियों के साथ ड्यूटी करते हैं। लाल सलाम को आखिरी सलाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश बदल रहा है। देश में 35 साल से नक्सलवाद लाइलाज बीमारी की तरह था। मध्यप्रदेश सबसे पहले इस समस्या से मुक्त हुआ। आज भारत के सभी राज्य लाल सलाम को आखिरी सलाम करते हुए नक्सलवाद से मुक्त हुए हैं। इसके लिए देश केंद्रीय नेतृत्व का ऋणी है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से लड़ाई में हमारी विजय हुई। हथियार और आतंकवाद के बल पर लोगों को डराया जाता था। मध्यप्रदेश के एक तत्कालीन मंत्री की हत्या तक कर दी गई थी। पुलिसकर्मियों की चिंता हमारा दायित्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में भर्तियां जारी हैं। वर्ष 2023 और 2024 की भर्तियां
पूर्ण हो गई हैं। अब वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती शुरू की जाएगी। राज्य सरकार ने 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य रखा था। अगले वर्ष इसे पूरा करने के लिए फिर भर्ती करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस बैंड तक के लिए भर्ती निकाली गई है। पुलिस विभाग हमारे परिवार का हिस्सा है। पुलिसकर्मियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। उनकी सुख-सुविधाओं की चिंता करना भी हमारा दायित्व है। पुलिस विभाग को मिल रहा सीएम डॉ. यादव का सहयोग कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज परम विशिष्ट श्रेणी के 7, अति विशिष्ट श्रेणी के 8 और विशिष्ट श्रेणी के 86 पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना भी शामिल है। डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन, पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है। कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश पुलिस बल में 10 हजार पदों पर भर्ती की स्वीकृति शीघ्र ही मिलने की संभावना है। सिंहस्थ 2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है। इसके लिए तैयारियां जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से पुलिस विभाग को पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं।
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेलेईश्वर को पाने के लिए कठिन तपस्या नहीं, सच्चे मन का भाव और समर्पण आवश्यक है,जया किशोरी लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश ईश्वर को पाने के लिए कठिन तपस्या नहीं, सच्चे मन का भाव और समर्पण आवश्यक है,जया किशोरी बीना में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हजारों भक्तों ने किया धर्मलाभ राजेश बबेले बीना। बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार बीना की पावन धरती इन दिनों भक्ति,श्रद्धा और सनातन संस्कृति के दिव्य प्रकाश से आलोकित हो रही है। विधायक निर्मला सप्रे के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान महोत्सव के तृतीय दिवस श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” एवं भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि से भक्तिमय हो उठा।भव्य एवं विशाल कथा पंडाल में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ से प्रवाहित हो रही कथा गंगा का श्रवण कर आत्मिक शांति एवं धर्मलाभ प्राप्त किया। कथा स्थल पर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों की भारी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि बीना की धरती पर सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी और अटूट है। *अतिथियों ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया* तृतीय दिवस के अवसर पर सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, शहडोल संभाग प्रभारी गौरव सिरोठिया एवं युवा नेता अविराज सिंह विशेष रूप से कथा स्थल पहुंचे। सभी अतिथियों ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा कथा श्रवण कर धर्मलाभ लिया। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। *भगवान समय नहीं देखते, वे भाव देखते हैं* अपने ओजस्वी, मधुर एवं भावपूर्ण वचनों से श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध करते हुए सुश्री जया किशोरी ने कहा कि “मनुष्य चाहे कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए, यदि उसके जीवन में भगवान का स्मरण नहीं है तो उसका जीवन अधूरा है। ईश्वर को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं होती, बल्कि सच्चे मन से किया गया स्मरण, प्रेम और समर्पण ही भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है। भगवान समय नहीं देखते, वे भाव देखते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य भौतिक सुखों की दौड़ में इतना व्यस्त हो गया है कि वह अपने भीतर की शांति खोता जा रहा है। यदि व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय भक्ति, सत्संग और सेवा के लिए निकाल ले, तो उसके जीवन की अनेक परेशानियां स्वतः समाप्त होने लगती हैं। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति भगवान के प्रेम एवं धर्म के महत्व का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। कथा श्रवण करते समय अनेक श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि “जहां प्रेम होता है, वहां भगवान स्वयं निवास करते हैं। मन में द्वेष, अहंकार और ईर्ष्या रखकर कोई भी व्यक्ति सच्ची भक्ति नहीं कर सकता। भगवान को पाने का सबसे सरल मार्ग सेवा, करुणा और विनम्रता है। कथा के दौरान भजनों एवं संकीर्तन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में पूरी तरह रंग दिया। जैसे ही भक्ति गीतों की स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा पंडाल तालियों और जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धालु घंटों तक कथा स्थल पर बैठकर भक्ति रस का आनंद लेते रहे।4
- ओबीसी एससी एसटी पर हमला करने वाले मनुवादि पत्रकारों को जूता मारो सालों को,,,,हो जाओ तैयार साथियों........महेंद्र लोधी के फांसी लगाने के बाद 11 फरवरी2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर परिसर में आंदोलन किया था फिर आंदोलनकारियों पर St SC ACT में FIR की गई थी #ओबीसी_महासभा ने आंदोलन की चेतावनी दी थी कि 28 फरवरी को आंदोलन करेंगे जिसके दवाब में SIT बनाई गई थी 15 दिन का समय दिया गया था लेकिन 48 दिन को गए अभी तक जांच नहीं आई Collector Office Damoh महोदय जी जो भी जांच हो उसको सार्वजनिक किया जाए। और उन दोषियों पर कार्यवाही की जाए जो कुछ पत्रकार और उपद्रवी बनकर आंदोलन को विफल करने का षड्यंत्र रचे थे जिसके वीडियो फोटो हे सबूत हे रिकॉर्डिंग हे सच तो आयेगा सामने, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम इस केस का पूरे देश में प्रचार करेंगे कि कैसे फर्जी ST SC ACT लगवाकर OBC समाज के क्रांतिकारियों पर लगाकर पिछड़ा वर्ग को ST SC ACT के खिलाफ खड़ा किया जा रहा हे,यह केस मावूली नहीं हे ये हम जानते हे कि प्रशासन और नेताओं ने कितनी बड़ी भूल की हे अब अति हो रही हे ओबीसी महासभा को मजबूर किया जा रहा हे Damoh Police महोदय जी बहुत लंबा समय हो गया अब जांच रिपोर्ट प्रदर्शित की जाए 15 दिन की जगह 48 दिन हो गए। इससे प्रशासन का लचक रवैया प्रदर्शित होता हे 28 फरवरी को जो आंदोलन होने जा रहा था उससे 10 गुना बड़ा आंदोलन होगा और 2दिन बाद हम इसकी date तय कर देगे उम्मीद हे कि दो दिन में रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी जाएगी जय संविधान जय भारत जोहार इंकलाब जिंदाबाद1
- हेडलाइन: ग्राम सुनहरा में सीसी रोड जर्जर, ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष हेडलाइन: ग्राम सुनहरा में सीसी रोड जर्जर, ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष** **सुनहरा:** ग्राम सुनहरा की मुख्य सीसी रोड पिछले काफी समय से पूरी तरह **जर्जर** हो चुकी है। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से नुकीली गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, जिससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क गाँव की **'जीवनरेखा'** है, लेकिन बदहाली के कारण अब यहां से पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। जलभराव और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का भी डर बना हुआ है। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग की **उदासीनता** बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए सड़क का **नवनिर्माण** जल्द से जल्द कराया जाए, अन्यथा ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। **सोशल मीडिया (फेसबुक/व्हाट्सएप) के लिए छोटा संदेश:** 📢 **ग्राम सुनहरा की बदहाल सड़क की सुध ले प्रशासन!** ग्राम सुनहरा की मुख्य सीसी रोड पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क पर सिर्फ गड्ढे और पत्थर बचे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में **भारी आक्रोश** है। हमारी मांग है कि इस समस्या का तुरंत समाधान हो।1
- बिन ब्याही नाबालिग बनी माँ, साथ महीने में ही बच्ची को दिया जन्म, परिजन बोलने से कतरा रहे | बिन ब्याही नाबालिग बनी माँ, साथ महीने में ही बच्ची को दिया जन्म, परिजन बोलने से कतरा रहे |1
- सेल्समैन से कट्टे की नोक पर लूट! राशन बांटकर लौट रहे कर्मचारी को तीन बदमाशों ने घेरा1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के सुपुत्र एवं पुत्रवधू को दिया आशीर्वाद लोकेशन - सागर मध्य प्रदेश रिपोर्ट - संजय कुमार सेन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के सुपुत्र श्री केसरी नंदन और पुत्रवधू प्रेरणा के परिणय सूत्र में बंधने पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं और नव दम्पत्ति को उनके सुखद दाम्पत्य जीवन और उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने सागर के निजी होटल में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर नव-दंपति को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और उनके परिवार से भेंट कर खुशियां साझा कीं। उन्होंने नव-विवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हुए कहा कि विवाह दो आत्माओं का पवित्र मिलन है। ईश्वर आपके जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर दे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित अन्य गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भी आत्मीय चर्चा की। इस शुभ अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राकेश शुक्ला, विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव, विधायक श्री शैलेंद्र जैन, विधायक श्री प्रदीप लारिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, श्रीमती संध्या भार्गव, डॉ. निवेदिता रत्नाकर, डॉ. अखिलेश रत्नाकर, श्री राजेंद्र सिंह, श्री विक्की खस, श्रीमती सविता दिनेश साहू, श्री अनिरुद्ध पिंपलापुरे, श्री मुदित सेजवाल, श्रीमती शालिनी तिवारी, श्री रोहित बुंदेला, पंडित कपिल शास्त्री, श्री अभय दरे, श्री जगन्नाथ गुरिया, डॉ. वीरेंद्र पाठक ,प्रभारी संभाग कमिश्नर एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथिलेश शुक्ला, पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री सचिंद्रनाथ चौहान, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, पुलिस अधीक्षक इंटेलिजेंट श्री दीपक कौशल अपर कमिश्नर श्री पवन जैन, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि अधिकारी एवं परिजन मौजूद थे।4
- इंदौर तीन इमली इलाके में बड़ी घटना खड़ी बसों में अज्ञात कारणों से लगी आग इंदौर में दोपहर में बड़ी घटना सामने आई तीन इमली इलाके में खड़ी बसों में अज्ञात कारणों से लगी आग ने बसों को पूरी तरह जला दिया मौके पर पुलिस और दमकल आग बुझाने में जुटे1
- बरसाना में सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता का अपहरण कर उन्हें बंधक बनाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद अधिवक्ता को पूर्व चेयरमैन के आवास से छुड़ाया। यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, पुलिस ने 30 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।4