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लखनऊ- मानसून सत्र के दूसरे दिन यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा, अयोध्या में कथित चंदा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की, सदन के भीतर भी प्लेकार्ड लहराते हुए वेल में पहुंचे सपा विधायक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताई नाराजगी, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित लखनऊ- मानसून सत्र के दूसरे दिन यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा, अयोध्या में कथित चंदा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की, सदन के भीतर भी प्लेकार्ड लहराते हुए वेल में पहुंचे सपा विधायक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताई नाराजगी, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित

20 hrs ago
user_Mulayam Singh Yadav
Mulayam Singh Yadav
Newspaper publisher शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago

लखनऊ- मानसून सत्र के दूसरे दिन यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा, अयोध्या में कथित चंदा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की, सदन के भीतर भी प्लेकार्ड लहराते हुए वेल में पहुंचे सपा विधायक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताई नाराजगी, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित लखनऊ- मानसून सत्र के दूसरे दिन यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा, अयोध्या में कथित चंदा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की, सदन के भीतर भी प्लेकार्ड लहराते हुए वेल में पहुंचे सपा विधायक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताई नाराजगी, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित

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    user_Mulayam Singh Yadav
    Mulayam Singh Yadav
    Newspaper publisher शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रत्येक बुधवार को लगेगा पशुओं का बाजार मेंहदावल, संतकबीरनगर। बुधवार को बघौली ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हावपुर भड़ारी में नव सृजित पशु बाजार का भव्य उद्घाटन विधिवत पूजन-अर्चन व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान श्रवण कुमार मौर्य ने पूजन अर्चन करवाकर बाजार की कार्यप्रणाली का शुभारंभ हुआ किया। इस अवसर पर किसान, पशुपालन से जुड़े लोग व व्यापारियों में काफी उत्साह देखने को मिला। यह पशु बाजार प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से लगता रहेगा। जिससे जनपद ही नही प्रदेश के अन्य जिलों से के साथ ही गैर जनपद के पशु व्यापारी भी खरीद फरोख्त कर सकते है। यह बाजार मुख्य मार्ग पर होने से एक व्यवस्थित पशु बाजार होगा। नव सृजित पशु बाजार को मेंहदावल ब्लॉक के ग्राम पंचायत नरायनपुर के ग्राम प्रधान श्रवण कुमार मौर्य के प्रबंधन में संचालित होगा। ग्राम प्रधान श्रवण कुमार मौर्य ने कहा कि इस पशु बाजार के खुलने से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि दूर-दूर से आने वाले व्यापारियों के आगमन से क्षेत्र का विकास भी होगा। उन्होंने बताया कि यह बाजार पशुपालकों और व्यापारियों के लिए एक बेहतर मंच साबित होगा, जहां उन्हें अपने पशुओं की बिक्री और खरीदारी में आसानी होगी। मेरे द्वारा पूर्व में अपने ग्राम पंचायत में पशु बाजार संचालन की प्रक्रिया आरम्भ की थी लेकिन तकनीकी कारणों व कानूनी प्रक्रिया के वजह से पशु बाजार व्यवस्थित नही हो पाया। जिसके बाद से हावपुर भडारी में उपयुक्त स्थान का चयन किया गया और सुविधाओं को बढ़ाकर विधिवत रूप से आज बुधवार को पशु बाजार की कार्यप्रणाली का शुभारंभ किया गया। पशु बाजार के सहयोगी प्रदीप चौधरी ने जानकारी दी कि यह बाजार आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। व्यापारियों के लिए बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही, इस बाजार से पशुपालकों को अपने पशुओं का सही मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। यह बाजार भविष्य में मुख्य व्यापारिक केंद्र होगा जहां पर पशुओ को बेहतर ढंग से खरीद फरोख्त होगी। जो पशुपालक व व्यापारी के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीनानाथ चौधरी, विनोद शर्मा कुमार मौर्य, चन्द्रशेखर चौधरी,अनिरुद्ध मौर्य, आयुष चौधरी, आदित्य मौर्य, चन्द्रशेखर चौधरी, ग्राम प्रधान कृष्णा राव समेत सैकड़ों की संख्या के लोग उपस्थित रहे।
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    प्रत्येक बुधवार को लगेगा पशुओं का बाजार
मेंहदावल, संतकबीरनगर।
बुधवार को बघौली ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हावपुर भड़ारी में नव सृजित पशु बाजार का भव्य उद्घाटन विधिवत पूजन-अर्चन व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान श्रवण कुमार मौर्य ने पूजन अर्चन करवाकर बाजार की कार्यप्रणाली का शुभारंभ हुआ किया। इस अवसर पर किसान, पशुपालन से जुड़े लोग व व्यापारियों में काफी उत्साह देखने को मिला। यह पशु बाजार प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से लगता रहेगा। जिससे जनपद ही नही प्रदेश के अन्य जिलों से के साथ ही गैर जनपद के पशु व्यापारी भी खरीद फरोख्त कर सकते है। यह बाजार मुख्य मार्ग पर होने से एक व्यवस्थित पशु बाजार होगा। नव सृजित पशु बाजार को मेंहदावल ब्लॉक के ग्राम पंचायत नरायनपुर के ग्राम प्रधान श्रवण कुमार मौर्य के प्रबंधन में संचालित होगा। ग्राम प्रधान श्रवण कुमार मौर्य ने कहा कि इस पशु बाजार के खुलने से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि दूर-दूर से आने वाले व्यापारियों के आगमन से क्षेत्र का विकास भी होगा। उन्होंने बताया कि यह बाजार पशुपालकों और व्यापारियों के लिए एक बेहतर मंच साबित होगा, जहां उन्हें अपने पशुओं की बिक्री और खरीदारी में आसानी होगी। मेरे द्वारा पूर्व में अपने ग्राम पंचायत में पशु बाजार संचालन की प्रक्रिया आरम्भ की थी लेकिन तकनीकी कारणों व कानूनी प्रक्रिया के वजह से पशु बाजार व्यवस्थित नही हो पाया। जिसके बाद से हावपुर भडारी में उपयुक्त स्थान का चयन किया गया और सुविधाओं को बढ़ाकर विधिवत रूप से आज बुधवार को पशु बाजार की कार्यप्रणाली का शुभारंभ किया गया।
पशु बाजार के सहयोगी प्रदीप चौधरी ने जानकारी दी कि यह बाजार आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। व्यापारियों के लिए बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही, इस बाजार से पशुपालकों को अपने पशुओं का सही मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। यह बाजार भविष्य में मुख्य व्यापारिक केंद्र होगा जहां पर पशुओ को बेहतर ढंग से खरीद फरोख्त होगी। जो पशुपालक व व्यापारी के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीनानाथ चौधरी, विनोद शर्मा कुमार मौर्य, चन्द्रशेखर चौधरी,अनिरुद्ध मौर्य, आयुष चौधरी, आदित्य मौर्य, चन्द्रशेखर चौधरी, ग्राम प्रधान कृष्णा राव समेत सैकड़ों की संख्या के लोग उपस्थित रहे।
    user_आलोक कुमार बर्नवाल
    आलोक कुमार बर्नवाल
    मेहदावल, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • समरधीरा में पीडब्ल्यूडी की सड़क बनी जानलेवा, जलभराव से राहगीर परेशान महराजगंज, 4 अगस्त 2026 (मंगलवार): जनपद महराजगंज के समरधीरा क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित सड़क हल्की बारिश में ही जलमग्न हो जाती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार मामूली वर्षा होते ही सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है और चारों ओर गंदगी का अंबार लग जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण हाल ही में कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था का समुचित ध्यान नहीं रखा गया। परिणामस्वरूप बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे कई दोपहिया वाहन चालक गंदे पानी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत करने पर उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि सड़क पुरानी है, इसलिए यह समस्या हो रही है और नए निर्माण के बाद स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि हाल में हुए निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी मार्ग के समीप एक ग्रामीण अस्पताल भी स्थित है। जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और एंबुलेंस के आवागमन में भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से सड़क पर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
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    समरधीरा में पीडब्ल्यूडी की सड़क बनी जानलेवा, जलभराव से राहगीर परेशान
महराजगंज, 4 अगस्त 2026 (मंगलवार): जनपद महराजगंज के समरधीरा क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित सड़क हल्की बारिश में ही जलमग्न हो जाती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार मामूली वर्षा होते ही सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है और चारों ओर गंदगी का अंबार लग जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण हाल ही में कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था का समुचित ध्यान नहीं रखा गया। परिणामस्वरूप बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे कई दोपहिया वाहन चालक गंदे पानी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत करने पर उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि सड़क पुरानी है, इसलिए यह समस्या हो रही है और नए निर्माण के बाद स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि हाल में हुए निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
इसी मार्ग के समीप एक ग्रामीण अस्पताल भी स्थित है। जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और एंबुलेंस के आवागमन में भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से सड़क पर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_DD INDIA NEWS
    DD INDIA NEWS
    Voice of people फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गंजम के दो दिन के दौरे पर / संखेमुंडी, 5/8 (समीज़): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गंजम के अपने दो दिन के दौरे के मौके पर जिले के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए थे, और मंत्रियों और नेताओं की भीड़ देखी गई। नई पहचान पाने की उम्मीद में तप्तपानी गंजम का टूरिस्ट डेस्टिनेशन, तप्तपानी, इस साल नेशनल टूरिज़्म मैप पर अपनी खास पहचान बना रहा है। सल्फर वाले गर्म झरनों का लगातार बहना, कंधुनी देवी का पुराना शक्ति पीठ, पास में महादेव का मंदिर और कंधा आदिवासी समुदाय की जीती-जागती परंपरा ने तप्तपानी को सिर्फ़ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही नहीं, बल्कि आस्था, सेहत और आध्यात्मिक चेतना का एक अनोखा सबक भी बना दिया है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस पवित्र धरती पर आना गंजम के इतिहास में एक शानदार अध्याय लिख गया है। देश की पहली नागरिक पहली बार इस आदिवासी केंद्र में पहुंचीं और मां बंधुना देवी के दर्शन किए और पास के महादेव मंदिर के दर्शन और अनुष्ठानों में भाग लिया। एक आदिवासी लड़की के रूप में, माननीय राष्ट्रपति की इस आध्यात्मिक यात्रा ने स्थानीय आदिवासी समुदाय के मन में गर्व, जुनून और खुशी की एक नई भावना पैदा की है। यह यात्रा उनकी परंपरा, विश्वास और संस्कृति के लिए राष्ट्रीय सम्मान का एक अनूठा प्रतिबिंब माना जाता है। राज्य सरकार लगभग 100,000 रुपये की लागत से इस स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। भविष्य में, तप्तपानी न केवल गंजम या ओडिशा में, बल्कि पूरे देश में प्रमुख आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में अपनी अनूठी पहचान स्थापित करेगा, गंजम के जिला मजिस्ट्रेट कौन रसन को उम्मीद और विश्वास है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गंजम यात्रा के अवसर पर आज पवित्र चौपानी में रंगों, गीतों, नृत्यों और परंपराओं का एक अनूठा समागम देखा गया। जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने अपने पारंपरिक कपड़े, पुराने ज़माने के संगीत वाद्ययंत्र और माने मुगल लोक नृत्य करते हुए गर्व के साथ देश के पहले नागरिकों के सामने गंजम की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को पेश किया। शिंगा, दुर्गा, झांझ, तंगू, मृदंगम और दूसरे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मिली-जुली आवाज़ों से पूरा तप्तपानी झूम उठा। राष्ट्रपति ने मां कंधुनी देवी का आशीर्वाद लिया। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पवित्र मां कंधुनी देवा पहुंचीं और दिव्य दर्शन और पूजा की। उन्होंने इस पवित्र आदिवासी धार्मिक केंद्र का दौरा करने वाली बेश की पहली कार्यकारी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। मंदिर परिसर शंखनाद, मंत्रोच्चार, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय माहौल से भर गया था। पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के भक्तों और स्थानीय आदिवासी समुदाय ने पूरी श्रद्धा, भक्ति और ईमानदारी के साथ भगवान से प्रार्थना की। पवित्र रीति-रिवाजों और नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति ने देवी कंधुनी की पूजा की और देश की शांति, समृद्धि, एकता और कल्याण के लिए प्रार्थना की। बाद में, उन्होंने पास के महादेव मंदिर का भी दौरा किया और दिव्य पूजा में भाग लिया। इस यादगार मौके पर मुख्य पुजारी प्रशांत कुमार जानी बहुत खुश हुए और कहा, *यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम अपनी पुरानी परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति का स्वागत कर रहे हैं। मां कंधुनी के पवित्र मंदिर के इतिहास में यह एक खास मौका है। देश के पहले नागरिक की इस पवित्र यात्रा ने हमारे पूरे आदिवासी समुदाय को गर्व और आत्मविश्वास से भर दिया है। राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक यात्रा से पूरा तप्तपानी इलाका जश्न के मूड में था। राष्ट्रपति की इस पवित्र यात्रा ने न केवल मां कंधुनी देवी मंदिर के इतिहास को नया गौरव दिया है, बल्कि गंजामाई आदिवासियों की परंपरा, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक खास पहचान दी है। कुंभमपति और मुख्यमंत्री मौलाना करण माझी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे। राष्ट्रपति ने छात्रों को चॉकलेट बांटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संजम के दौरे पर पहुंची हैं। पहले दिन, वह बदर की सुरक्षा में बरहमपुर रेलवे स्टेशन से चप्तपानी के लिए रवाना हुईं। इस बीच, मिक्त मीनाक्षी नगर, अंबा बधार में महामाई कॉलेज के छात्र हाथों में तिरंगा लेकर उनके स्वागत के लिए इंतज़ार कर रहे थे। यह देखकर राष्ट्रपति मुर्मू ने गाड़ी रुकवाई और गाड़ी से उतरकर उन्हें चॉकलेट बांटीं। छात्रों की पढ़ाई के बारे में पूछने के बाद, वह सीधे तपतापानी की ओर चल पड़ीं। इसी तरह, राष्ट्रपति की गाड़ी एक निजी शि शू मंदिर के पास रुकी और छात्रों को चॉकलेट बांटीं। नई पहचान पाने की उम्मीद में तप्तपानी गंजम का टूरिस्ट डेस्टिनेशन, तप्तपानी, इस साल नेशनल टूरिज़्म मैप पर अपनी खास पहचान बना रहा है। सल्फर वाले गर्म झरनों का लगातार बहना, कंधुनी देवी का पुराना शक्ति पीठ, पास में महादेव का मंदिर और कंधा आदिवासी समुदाय की जीती-जागती परंपरा ने तप्तपानी को सिर्फ़ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही नहीं, बल्कि आस्था, सेहत और आध्यात्मिक चेतना का एक अनोखा सबक भी बना दिया है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस पवित्र धरती पर आना गंजम के इतिहास में एक शानदार अध्याय लिख गया है। देश की पहली नागरिक पहली बार इस आदिवासी केंद्र में पहुंचीं और मां बंधुना देवी के दर्शन किए और पास के महादेव मंदिर के दर्शन और अनुष्ठानों में भाग लिया। एक आदिवासी लड़की के रूप में, माननीय राष्ट्रपति की इस आध्यात्मिक यात्रा ने स्थानीय आदिवासी समुदाय के मन में गर्व, जुनून और खुशी की एक नई भावना पैदा की है। यह यात्रा उनकी परंपरा, विश्वास और संस्कृति के लिए राष्ट्रीय सम्मान का एक अनूठा प्रतिबिंब माना जाता है। राज्य सरकार लगभग 100,000 रुपये की लागत से इस स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। भविष्य में, तप्तपानी न केवल गंजम या ओडिशा में, बल्कि पूरे देश में प्रमुख आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में अपनी अनूठी पहचान स्थापित करेगा, गंजम के जिला मजिस्ट्रेट कौन रसन को उम्मीद और विश्वास है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गंजम यात्रा के अवसर पर आज पवित्र चौपानी में रंगों, गीतों, नृत्यों और परंपराओं का एक अनूठा समागम देखा गया। जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने अपने पारंपरिक कपड़े, पुराने ज़माने के संगीत वाद्ययंत्र और माने मुगल लोक नृत्य करते हुए गर्व के साथ देश के पहले नागरिकों के सामने गंजम की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को पेश किया। शिंगा, दुर्गा, झांझ, तंगू, मृदंगम और दूसरे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मिली-जुली आवाज़ों से पूरा तप्तपानी झूम उठा। राष्ट्रपति ने मां कंधुनी देवी का आशीर्वाद लिया। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पवित्र मां कंधुनी देवा पहुंचीं और दिव्य दर्शन और पूजा की। उन्होंने इस पवित्र आदिवासी धार्मिक केंद्र का दौरा करने वाली बेश की पहली कार्यकारी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। मंदिर परिसर शंखनाद, मंत्रोच्चार, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय माहौल से भर गया था। पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के भक्तों और स्थानीय आदिवासी समुदाय ने पूरी श्रद्धा, भक्ति और ईमानदारी के साथ भगवान से प्रार्थना की। पवित्र रीति-रिवाजों और नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति ने देवी कंधुनी की पूजा की और देश की शांति, समृद्धि, एकता और कल्याण के लिए प्रार्थना की। बाद में, उन्होंने पास के महादेव मंदिर का भी दौरा किया और दिव्य पूजा में भाग लिया। इस यादगार मौके पर मुख्य पुजारी प्रशांत कुमार जानी बहुत खुश हुए और कहा, *यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम अपनी पुरानी परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति का स्वागत कर रहे हैं। मां कंधुनी के पवित्र मंदिर के इतिहास में यह एक खास मौका है। देश के पहले नागरिक की इस पवित्र यात्रा ने हमारे पूरे आदिवासी समुदाय को गर्व और आत्मविश्वास से भर दिया है। राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक यात्रा से पूरा तप्तपानी इलाका जश्न के मूड में था। राष्ट्रपति की इस पवित्र यात्रा ने न केवल मां कंधुनी देवी मंदिर के इतिहास को नया गौरव दिया है, बल्कि गंजामाई आदिवासियों की परंपरा, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक खास पहचान दी है। कुंभमपति और मुख्यमंत्री मौलाना करण माझी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे। राष्ट्रपति ने छात्रों को चॉकलेट बांटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संजम के दौरे पर पहुंची हैं। पहले दिन, वह बदर की सुरक्षा में बरहमपुर रेलवे स्टेशन से चप्तपानी के लिए रवाना हुईं। इस बीच, मिक्त मीनाक्षी नगर, अंबा बधार में महामाई कॉलेज के छात्र हाथों में तिरंगा लेकर उनके स्वागत के लिए इंतज़ार कर रहे थे। यह देखकर राष्ट्रपति मुर्मू ने गाड़ी रुकवाई और गाड़ी से उतरकर उन्हें चॉकलेट बांटीं। छात्रों की पढ़ाई के बारे में पूछने के बाद, वह सीधे तपतापानी की ओर चल पड़ीं। इसी तरह, राष्ट्रपति की गाड़ी एक निजी शि शू मंदिर के पास रुकी और छात्रों को चॉकलेट बांटीं।
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    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गंजम के दो दिन के दौरे पर

/ संखेमुंडी, 5/8 (समीज़):

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गंजम के अपने दो दिन के दौरे के मौके पर जिले के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए थे, और मंत्रियों और नेताओं की भीड़ देखी गई।

नई पहचान पाने की उम्मीद में तप्तपानी

गंजम का टूरिस्ट डेस्टिनेशन, तप्तपानी, इस साल नेशनल टूरिज़्म मैप पर अपनी खास पहचान बना रहा है। सल्फर वाले गर्म झरनों का लगातार बहना, कंधुनी देवी का पुराना शक्ति पीठ, पास में महादेव का मंदिर और कंधा आदिवासी समुदाय की जीती-जागती परंपरा ने तप्तपानी को सिर्फ़ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही नहीं, बल्कि आस्था, सेहत और आध्यात्मिक चेतना का एक अनोखा सबक भी बना दिया है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस पवित्र धरती पर आना गंजम के इतिहास में एक शानदार अध्याय लिख गया है। देश की पहली नागरिक पहली बार इस आदिवासी केंद्र में पहुंचीं और मां बंधुना देवी के दर्शन किए और पास के महादेव मंदिर के दर्शन और अनुष्ठानों में भाग लिया। एक आदिवासी लड़की के रूप में, माननीय राष्ट्रपति की इस आध्यात्मिक यात्रा ने स्थानीय आदिवासी समुदाय के मन में गर्व, जुनून और खुशी की एक नई भावना पैदा की है। यह यात्रा उनकी परंपरा, विश्वास और संस्कृति के लिए राष्ट्रीय सम्मान का एक अनूठा प्रतिबिंब माना जाता है। राज्य सरकार लगभग 100,000 रुपये की लागत से इस स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। भविष्य में, तप्तपानी न केवल गंजम या ओडिशा में, बल्कि पूरे देश में प्रमुख आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में अपनी अनूठी पहचान स्थापित करेगा, गंजम के जिला मजिस्ट्रेट कौन रसन को उम्मीद और विश्वास है।

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गंजम यात्रा के अवसर पर आज पवित्र चौपानी में रंगों, गीतों, नृत्यों और परंपराओं का एक अनूठा समागम देखा गया। जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने अपने पारंपरिक कपड़े, पुराने ज़माने के संगीत वाद्ययंत्र और माने मुगल लोक नृत्य करते हुए गर्व के साथ देश के पहले नागरिकों के सामने गंजम की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को पेश किया। शिंगा, दुर्गा, झांझ, तंगू, मृदंगम और दूसरे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मिली-जुली आवाज़ों से पूरा तप्तपानी झूम उठा। राष्ट्रपति ने मां कंधुनी देवी का आशीर्वाद लिया। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पवित्र मां कंधुनी देवा पहुंचीं और दिव्य दर्शन और पूजा की। उन्होंने इस पवित्र आदिवासी धार्मिक केंद्र का दौरा करने वाली बेश की पहली कार्यकारी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। मंदिर परिसर शंखनाद, मंत्रोच्चार, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय माहौल से भर गया था। पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के भक्तों और स्थानीय आदिवासी समुदाय ने पूरी श्रद्धा, भक्ति और ईमानदारी के साथ भगवान से प्रार्थना की। पवित्र रीति-रिवाजों और नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति ने देवी कंधुनी की पूजा की और देश की शांति, समृद्धि, एकता और कल्याण के लिए प्रार्थना की। बाद में, उन्होंने पास के महादेव मंदिर का भी दौरा किया और दिव्य पूजा में भाग लिया। इस यादगार मौके पर मुख्य पुजारी प्रशांत कुमार जानी बहुत खुश हुए और कहा, *यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम अपनी पुरानी परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति का स्वागत कर रहे हैं। मां कंधुनी के पवित्र मंदिर के इतिहास में यह एक खास मौका है। देश के पहले नागरिक की इस पवित्र यात्रा ने हमारे पूरे आदिवासी समुदाय को गर्व और आत्मविश्वास से भर दिया है। राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक यात्रा से पूरा तप्तपानी इलाका जश्न के मूड में था। राष्ट्रपति की इस पवित्र यात्रा ने न केवल मां कंधुनी देवी मंदिर के इतिहास को नया गौरव दिया है, बल्कि गंजामाई आदिवासियों की परंपरा, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक खास पहचान दी है। कुंभमपति और मुख्यमंत्री मौलाना करण माझी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने छात्रों को चॉकलेट बांटी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संजम के दौरे पर पहुंची हैं। पहले दिन, वह बदर की सुरक्षा में बरहमपुर रेलवे स्टेशन से चप्तपानी के लिए रवाना हुईं। इस बीच, मिक्त मीनाक्षी नगर, अंबा बधार में महामाई कॉलेज के छात्र हाथों में तिरंगा लेकर उनके स्वागत के लिए इंतज़ार कर रहे थे। यह देखकर राष्ट्रपति मुर्मू ने गाड़ी रुकवाई और गाड़ी से उतरकर उन्हें चॉकलेट बांटीं। छात्रों की पढ़ाई के बारे में पूछने के बाद, वह सीधे तपतापानी की ओर चल पड़ीं। इसी तरह, राष्ट्रपति की गाड़ी एक निजी शि शू मंदिर के पास रुकी और छात्रों को चॉकलेट बांटीं।
नई पहचान पाने की उम्मीद में तप्तपानी
गंजम का टूरिस्ट डेस्टिनेशन, तप्तपानी, इस साल नेशनल टूरिज़्म मैप पर अपनी खास पहचान बना रहा है। सल्फर वाले गर्म झरनों का लगातार बहना, कंधुनी देवी का पुराना शक्ति पीठ, पास में महादेव का मंदिर और कंधा आदिवासी समुदाय की जीती-जागती परंपरा ने तप्तपानी को सिर्फ़ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही नहीं, बल्कि आस्था, सेहत और आध्यात्मिक चेतना का एक अनोखा सबक भी बना दिया है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस पवित्र धरती पर आना गंजम के इतिहास में एक शानदार अध्याय लिख गया है। देश की पहली नागरिक पहली बार इस आदिवासी केंद्र में पहुंचीं और मां बंधुना देवी के दर्शन किए और पास के महादेव मंदिर के दर्शन और अनुष्ठानों में भाग लिया। एक आदिवासी लड़की के रूप में, माननीय राष्ट्रपति की इस आध्यात्मिक यात्रा ने स्थानीय आदिवासी समुदाय के मन में गर्व, जुनून और खुशी की एक नई भावना पैदा की है। यह यात्रा उनकी परंपरा, विश्वास और संस्कृति के लिए राष्ट्रीय सम्मान का एक अनूठा प्रतिबिंब माना जाता है। राज्य सरकार लगभग 100,000 रुपये की लागत से इस स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। भविष्य में, तप्तपानी न केवल गंजम या ओडिशा में, बल्कि पूरे देश में प्रमुख आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में अपनी अनूठी पहचान स्थापित करेगा, गंजम के जिला मजिस्ट्रेट कौन रसन को उम्मीद और विश्वास है।
माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गंजम यात्रा के अवसर पर आज पवित्र चौपानी में रंगों, गीतों, नृत्यों और परंपराओं का एक अनूठा समागम देखा गया। जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने अपने पारंपरिक कपड़े, पुराने ज़माने के संगीत वाद्ययंत्र और माने मुगल लोक नृत्य करते हुए गर्व के साथ देश के पहले नागरिकों के सामने गंजम की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को पेश किया। शिंगा, दुर्गा, झांझ, तंगू, मृदंगम और दूसरे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मिली-जुली आवाज़ों से पूरा तप्तपानी झूम उठा। राष्ट्रपति ने मां कंधुनी देवी का आशीर्वाद लिया। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पवित्र मां कंधुनी देवा पहुंचीं और दिव्य दर्शन और पूजा की। उन्होंने इस पवित्र आदिवासी धार्मिक केंद्र का दौरा करने वाली बेश की पहली कार्यकारी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। मंदिर परिसर शंखनाद, मंत्रोच्चार, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय माहौल से भर गया था। पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के भक्तों और स्थानीय आदिवासी समुदाय ने पूरी श्रद्धा, भक्ति और ईमानदारी के साथ भगवान से प्रार्थना की। पवित्र रीति-रिवाजों और नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति ने देवी कंधुनी की पूजा की और देश की शांति, समृद्धि, एकता और कल्याण के लिए प्रार्थना की। बाद में, उन्होंने पास के महादेव मंदिर का भी दौरा किया और दिव्य पूजा में भाग लिया। इस यादगार मौके पर मुख्य पुजारी प्रशांत कुमार जानी बहुत खुश हुए और कहा, *यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम अपनी पुरानी परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति का स्वागत कर रहे हैं। मां कंधुनी के पवित्र मंदिर के इतिहास में यह एक खास मौका है। देश के पहले नागरिक की इस पवित्र यात्रा ने हमारे पूरे आदिवासी समुदाय को गर्व और आत्मविश्वास से भर दिया है। राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक यात्रा से पूरा तप्तपानी इलाका जश्न के मूड में था। राष्ट्रपति की इस पवित्र यात्रा ने न केवल मां कंधुनी देवी मंदिर के इतिहास को नया गौरव दिया है, बल्कि गंजामाई आदिवासियों की परंपरा, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक खास पहचान दी है। कुंभमपति और मुख्यमंत्री मौलाना करण माझी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे।
राष्ट्रपति ने छात्रों को चॉकलेट बांटी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संजम के दौरे पर पहुंची हैं। पहले दिन, वह बदर की सुरक्षा में बरहमपुर रेलवे स्टेशन से चप्तपानी के लिए रवाना हुईं। इस बीच, मिक्त मीनाक्षी नगर, अंबा बधार में महामाई कॉलेज के छात्र हाथों में तिरंगा लेकर उनके स्वागत के लिए इंतज़ार कर रहे थे। यह देखकर राष्ट्रपति मुर्मू ने गाड़ी रुकवाई और गाड़ी से उतरकर उन्हें चॉकलेट बांटीं। छात्रों की पढ़ाई के बारे में पूछने के बाद, वह सीधे तपतापानी की ओर चल पड़ीं। इसी तरह, राष्ट्रपति की गाड़ी एक निजी शि शू मंदिर के पास रुकी और छात्रों को चॉकलेट बांटीं।
    user_Mulayam Singh Yadav
    Mulayam Singh Yadav
    Newspaper publisher शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • महराजगंज: फरेंदा में संपत्ति विवाद पर बड़ी कार्रवाई | SDM ने विवादित मकान, दुकान और जमीन की कुर्की का दिया आदेश महराजगंज के फरेंदा तहसील क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद और लगातार शांति भंग की घटनाओं के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। SDM फरेंदा ने BNSS 2023 की धारा 165(1) के तहत विवादित मकान, दुकान और भूखंडों की कुर्की का आदेश दिया है। जानिए पूरा मामला और प्रशासन का बड़ा फैसला।
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    महराजगंज: फरेंदा में संपत्ति विवाद पर बड़ी कार्रवाई | SDM ने विवादित मकान, दुकान और जमीन की कुर्की का दिया आदेश
महराजगंज के फरेंदा तहसील क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद और लगातार शांति भंग की घटनाओं के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 
SDM फरेंदा ने BNSS 2023 की धारा 165(1) के तहत विवादित मकान, दुकान और भूखंडों की कुर्की का आदेश दिया है। 
जानिए पूरा मामला और प्रशासन का बड़ा फैसला।
    user_Aapan Maharajganj
    Aapan Maharajganj
    Newspaper publisher नौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    46 min ago
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