उत्तर प्रदेश के बदायूं में बदायूं-मथुरा मार्ग पर आज दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पांच महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र के कछला के पास हुआ। ई-रिक्शा में सवार ये महिलाएं एक वैवाहिक कार्यक्रम के तहत 'भात' की रस्म निभाने जा रही थीं। उनका हंसी-खुशी और गीतों से भरा सफर चंद पलों में ही मातम में बदल गया। जैसे ही हादसे की खबर गांव और शादी वाले घर पहुंची, खुशियां मातम में तब्दील हो गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
उत्तर प्रदेश के बदायूं में बदायूं-मथुरा मार्ग पर आज दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पांच महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र के कछला के पास हुआ। ई-रिक्शा में सवार ये महिलाएं एक वैवाहिक कार्यक्रम के तहत 'भात' की रस्म निभाने जा रही थीं। उनका हंसी-खुशी और गीतों से भरा सफर चंद पलों में ही मातम में बदल गया। जैसे ही हादसे की खबर गांव और शादी वाले घर पहुंची, खुशियां मातम में तब्दील हो गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
- बदायूं में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। यह घटना बदायूं-मथुरा मार्ग पर उझानी कोतवाली क्षेत्र के कछला के पास हुई, जहाँ एक ई-रिक्शा और ट्रैक्टर की भीषण टक्कर हो गई। हादसे के शिकार हुए लोग भात मांगने की रस्म में शामिल होने जा रहे थे। बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय ने छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस बीच, घायलों का उपचार जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। जिलाधिकारी बदायूं ने इस दुखद हादसे को लेकर आधिकारिक बयान भी दिया है।1
- बिल्सी के गांव बेहटाजवी निवासी रामचंद्र वैध, जो पहले मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं का इलाज करते थे, आजकल अपने बढ़ते और गंभीर दावों के कारण चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के बाद, उनकी पहचान एक साधारण वैध से बदलकर "गुरु जी" के रूप में हो गई है। जिस काजल शाक्य नामक लड़की ने उन्हें वायरल किया था, उसी ने अब उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके दावों की सच्चाई पर "सच या छल" का सवाल उठ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहले केवल हाथ-पैर और गर्दन की मोच देखने वाले वैध जी अब दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के जरिए कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों सहित गंभीर रोगों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, पहले निःशुल्क सेवा का दावा करने वाले वैध जी के यहां अब दान पात्र रखा जाने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवा है या श्रद्धा और मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम। क्षेत्र के कई जागरूक लोगों का मानना है कि बीमारी से परेशान लोग उम्मीद में ऐसे बड़े-बड़े दावों का शिकार बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और ऐसे मामलों में चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह सवाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर दावों की जांच होगी, या आस्था के नाम पर ये दावे ऐसे ही चलते रहेंगे। रिपोर्ट इंडिया टीवी 24 न्यूज ब्यूरो चीफ बदायूं विवेक चौहान की है, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।1
- आजकल सोशल मीडिया पर चंद्रमा और मंगल के एक साथ मिलने को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस खगोलीय घटनाक्रम को भविष्य के लिए शुभ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे लोगों के जीवन में कुछ अच्छा होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- जनपद बदायूँ में गौवंशों की लगातार हो रही मौतों ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान जिलाधिकारी की गौवंशों के प्रति निष्क्रियता का खामियाजा गौशालाओं में गौवंश भुगत रहे हैं। यह मामला बदायूँ के विकास खण्ड वजीरगंज के उरैना गांव स्थित गौशाला से जुड़ा है, जहाँ गौशालाओं के नाम पर गौवंशों की भयानक दुर्दशा सामने आई है। गौशालाओं में लापरवाही चरम पर पहुँच गई है, और इसके बावजूद गौशाला संचालकों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। गौवंशों की इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में उझानी-कछला मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में पांच महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब ये सभी लोग एक भात मांगने की रस्म में शामिल होने के लिए ई-रिक्शा से जा रहे थे, जिससे शादी समारोह की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। जानकारी के अनुसार, जिस ई-रिक्शा में ये लोग सवार थे, वह तेज टक्कर का शिकार हो गया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ा हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पुलिस मौके पर पहुँचकर मामले की जांच में जुट गई है। इस हृदय विदारक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, और स्थानीय लोग इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि पीयूष भैया ने जो बात कही थी, वह कितनी सही थी।1
- उझानी (बदायूं) में बरेली-मथुरा हाईवे पर करुणा पुल के समीप आज दोपहर एक ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की भीषण भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में ई-रिक्शे में सवार छह महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की मदद से उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ गंभीर रूप से घायलों को चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया। पुलिस ने सभी मृतक महिलाओं के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। प्राप्त समाचार के अनुसार, यह घटना कछला क्षेत्र के ग्राम मुरावन नगला निवासी डाल सिंह के बेटे कुंवरपाल की आगामी 29 जून को होने वाली शादी से जुड़ी है। विवाह की महत्वपूर्ण रस्म भात को निभाने के लिए, कुंवरपाल की मां अपने परिवार की महिलाओं के साथ अपने पीहर ग्राम गठौना अपने भाई से भात मांगने जा रही थीं। ई-रिक्शे पर सवार सभी महिलाएं हंसी-खुशी अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में काल उनका इंतजार कर रहा है। करुआ पुल के समीप पहुँचते ही सामने से आ रहा एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ई-रिक्शे से टकरा गया, जिससे ई-रिक्शा पलट गया और उसमें सवार सभी महिलाएं दब गईं। मृतकों में प्रेमा पत्नी रामचंद्र, गंगा उर्फ सरला पत्नी वीरपाल, राजकुमारी पत्नी डाल सिंह, रेवती पत्नी रामचंद्र और नारायणी पत्नी जितेंद्र शामिल हैं; एक अन्य मृतक महिला का नाम अभी नहीं मिल सका है। घायलों में शनि पुत्र संजू, डाल सिंह पुत्र सुम्मेरी, कांता देवी और एक अज्ञात महिला गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आगे के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।4