राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय का पन्द्रहवां दीक्षांत समारोह-2026 हुआ आयोजित जेबा पटेल| कोटा, 11 मार्च, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय का पन्द्रहवां दीक्षांत समारोह कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर बीपी सारस्वत के मुख्य आतिथ्य एवं विशिष्ट अतिथि डॉ पीसी पंचारिया निदेशक, सीएसआईआर-केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान पिलानी की उपस्थिति में आज राज्य कृषि प्रबंन्ध संस्थान के ऑडिटोरियम कोटा में संपन्न हुआ। सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस अवसर पर कुलगुरु प्रो निमित चौधरी और अतिथियों ने उपस्थित विद्यार्थियों को पन्द्रहवें दीक्षांत समारोह में उपाधियों का वितरण किया। इसी दिन शाम को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई की अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट की उपाधियों का वितरण किया गया।समारोह में वीएमओयू कुलगुरु प्रो बीएल वर्मा, बीटीयू पूर्व कुलगुरु प्रो एचडी चारण, कुलसचिव भावना शर्मा, वित्त नियंत्रक बाबूलाल मीणा, सहित राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रबन्ध मण्डल एवं विद्या परिषद के सदस्यगण, विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों के चेयरमैन-निदेशक, प्राचार्य, विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, संकाय सदस्य, शिक्षक, विभिन्न शिक्षाविद, विद्यार्थी व उनके अभिभावक, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं आमंत्रित विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे।कुलसचिव भावना शर्मा द्वारा दीक्षांत समारोह की समाप्ति पर धन्यवाद ज्ञापन दिया गया। पन्द्रहवें दीक्षांत समारोह में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) की 7319, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) की 65, मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर (एमआर्क) की 1, मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) की 643, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की 905, मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) की 270 तथा पीएचडी की 34 सहित कुल 9237 उपाधियों का वितरण विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। इस वर्ष कुल 7022 छात्रों और 2215 छात्राओं को उपाधियां वितरित की गई। इस समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, जयपुर की एमबीए की छात्रा निकिता जैन को प्रदान किया, जबकि कुलपति स्वर्ण पदक आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, जयपुर के बीटेक के छात्र विष्णु मीणा को दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) के 17, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) का 1, मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) के 7, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में 1, मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) का 1 गोल्ड मेडल का वितरण किया गया। इन 29 विद्यार्थियों में 12 छात्र एवं 17 छात्राएँ हैं। 15 वें दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न पाठयक्रमों में अभियांत्रिकी संकाय के 24, प्रबंधन संकाय में 06 एवं कम्प्युटर एप्लीकेशन संकाय के 04 सहित कुल 34 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की गईं। जिसके अंतर्गत 22 छात्र एवं 12 छात्राएं सम्मिलित है। विशिष्ट अतिथि डॉ पीसी पंचारिया निदेशक, सीएसआईआर, केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान, पिलानी ने दीक्षांत भाषण प्रदान करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी की डिग्री केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है—यह देश के लिए ज़रूरी है। अब से, आप दुनिया में तरक्की और लीडरशिप की ओर भारत के सफ़र का हिस्सा हैं। भारत इतिहास में एक अहम मोड़ पर है। जैसे-जैसे हम 2047, अपनी आज़ादी के 100वें साल की ओर बढ़ रहे हैं, हमारा लक्ष्य एक विकसित भारत बनाना है। यह लक्ष्य ज्ञान, टेक्नोलॉजी, सबको साथ लेकर चलने और सस्टेनेबिलिटी पर आधारित है। विज़न 2047 एक नेशनल मिशन है जिसे हमारे युवाओं, इंस्टीट्यूशन और थिंकर की मदद की ज़रूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भविष्य के करियर के लिए अलग-अलग फ़ील्ड्स में लगातार सीखने और सोचने की ज़रूरत होगी है। आप ज़िंदगी भर सीखते रहें। अपनी स्किल्स को बेहतर बनाएँ। लीडरशिप और प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटीज़ डेवलप करें। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एल्युमनाई के तौर पर, आप जहाँ भी जाएँगे, आप अपनी यूनिवर्सिटी को रिप्रेजेंट करेंगे। एक्सीलेंस, ईमानदारी और प्रोफेशनलिज़्म से इसकी रेप्युटेशन को हमेशा बनाए रखें। मुख्य अतिथि कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर बीपी सारस्वत ने कहा कि उपाधि प्राप्त करना विद्यार्थी के जीवन का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर है। डिग्री विद्यार्थी के लंबे शैक्षणिक सफर का उत्सव है जिसमें विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम अनुशासन समर्पण के साथ अपने सपनों को साकार किया है। सभी ने अपनी प्रतिभा मेहनत और लगन से यह सिद्ध किया है कि निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। डिग्री प्राप्त करने साथ ही अपने ज्ञान, कौशल और संस्कारों के बल पर समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी स्वीकार करने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति को नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और नवाचार की भावना से परिपूर्ण बनाना है। विश्वविद्यालयों से निकलने वाले विद्यार्थी देश के भविष्य के निर्माता होते हैं और उनकी प्रतिभा से ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीक, अनुसंधान और नवाचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसलिए विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने, नई चुनौतियों को स्वीकार करने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करने का संकल्प लेना चाहिए। आज भारत विश्व में डिजिटल तकनीक स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है ऐसे समय में आप जैसे युवा इंजीनियर और प्रबंधक देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं मुझे यह कहते हुए गर्व है कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में पिछले वर्षों में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कुलगुरु प्रोफेसर निमित चौधरी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय राष्ट्र के तकनीकी भविष्य का सशक्त केंद्र बन चुका है। संबद्ध महाविद्यालयों के माध्यम से इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे विविध क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर निरंतर लाभान्वित हो रहे हैं। आज हमें गर्व है कि इस संस्थान के पूर्व विद्यार्थी देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों तथा सार्वजनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। आरटीयू द्वारा अकादमिक क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु रिसर्च गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली का डिजिटलीकरण,समयबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर, उद्योग एवं शैक्षणिक सहभागिता के माध्यम से इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट अवसरों में वृद्धि, कौशल विकास कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, पाठ्यक्रमों में स्किल-आधारित क्रेडिट, प्रोजेक्ट लर्निंग, इंडस्ट्री एक्सपोजर तथा वैल्यू एजुकेशन को प्राथमिकता देने के साथ प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के मजबूत आधार स्तंभ के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय का पन्द्रहवां दीक्षांत समारोह-2026 हुआ आयोजित जेबा पटेल| कोटा, 11 मार्च, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय का पन्द्रहवां दीक्षांत समारोह कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर बीपी सारस्वत के मुख्य आतिथ्य एवं विशिष्ट अतिथि डॉ पीसी पंचारिया निदेशक, सीएसआईआर-केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान पिलानी की उपस्थिति में आज राज्य कृषि प्रबंन्ध संस्थान के ऑडिटोरियम कोटा में संपन्न हुआ। सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस अवसर पर कुलगुरु प्रो निमित चौधरी और अतिथियों ने उपस्थित विद्यार्थियों को पन्द्रहवें दीक्षांत समारोह में उपाधियों का वितरण किया। इसी दिन शाम को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई की अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट की उपाधियों का वितरण किया गया।समारोह में वीएमओयू कुलगुरु प्रो बीएल वर्मा, बीटीयू पूर्व कुलगुरु प्रो एचडी चारण, कुलसचिव भावना शर्मा, वित्त नियंत्रक बाबूलाल मीणा, सहित राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रबन्ध मण्डल एवं विद्या परिषद के सदस्यगण, विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों के चेयरमैन-निदेशक, प्राचार्य, विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, संकाय सदस्य, शिक्षक, विभिन्न शिक्षाविद, विद्यार्थी व उनके अभिभावक, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं आमंत्रित विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे।कुलसचिव भावना शर्मा द्वारा दीक्षांत समारोह की समाप्ति पर धन्यवाद ज्ञापन दिया गया। पन्द्रहवें दीक्षांत समारोह में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) की 7319, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) की 65, मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर (एमआर्क) की 1, मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) की 643, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की 905, मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) की 270 तथा पीएचडी की 34 सहित कुल 9237 उपाधियों का वितरण विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। इस वर्ष कुल 7022 छात्रों और 2215 छात्राओं को उपाधियां वितरित की गई। इस समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, जयपुर की एमबीए की छात्रा निकिता जैन को प्रदान किया, जबकि कुलपति स्वर्ण पदक आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, जयपुर के बीटेक के छात्र विष्णु मीणा को दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) के 17, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) का 1, मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी
(एमटेक) के 7, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में 1, मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) का 1 गोल्ड मेडल का वितरण किया गया। इन 29 विद्यार्थियों में 12 छात्र एवं 17 छात्राएँ हैं। 15 वें दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न पाठयक्रमों में अभियांत्रिकी संकाय के 24, प्रबंधन संकाय में 06 एवं कम्प्युटर एप्लीकेशन संकाय के 04 सहित कुल 34 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की गईं। जिसके अंतर्गत 22 छात्र एवं 12 छात्राएं सम्मिलित है। विशिष्ट अतिथि डॉ पीसी पंचारिया निदेशक, सीएसआईआर, केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान, पिलानी ने दीक्षांत भाषण प्रदान करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी की डिग्री केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है—यह देश के लिए ज़रूरी है। अब से, आप दुनिया में तरक्की और लीडरशिप की ओर भारत के सफ़र का हिस्सा हैं। भारत इतिहास में एक अहम मोड़ पर है। जैसे-जैसे हम 2047, अपनी आज़ादी के 100वें साल की ओर बढ़ रहे हैं, हमारा लक्ष्य एक विकसित भारत बनाना है। यह लक्ष्य ज्ञान, टेक्नोलॉजी, सबको साथ लेकर चलने और सस्टेनेबिलिटी पर आधारित है। विज़न 2047 एक नेशनल मिशन है जिसे हमारे युवाओं, इंस्टीट्यूशन और थिंकर की मदद की ज़रूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भविष्य के करियर के लिए अलग-अलग फ़ील्ड्स में लगातार सीखने और सोचने की ज़रूरत होगी है। आप ज़िंदगी भर सीखते रहें। अपनी स्किल्स को बेहतर बनाएँ। लीडरशिप और प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटीज़ डेवलप करें। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एल्युमनाई के तौर पर, आप जहाँ भी जाएँगे, आप अपनी यूनिवर्सिटी को रिप्रेजेंट करेंगे। एक्सीलेंस, ईमानदारी और प्रोफेशनलिज़्म से इसकी रेप्युटेशन को हमेशा बनाए रखें। मुख्य अतिथि कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर बीपी सारस्वत ने कहा कि उपाधि प्राप्त करना विद्यार्थी के जीवन का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर है। डिग्री विद्यार्थी के लंबे शैक्षणिक सफर का उत्सव है जिसमें विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम अनुशासन समर्पण के साथ अपने सपनों को साकार किया है। सभी ने अपनी प्रतिभा मेहनत और लगन से यह सिद्ध किया है कि निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। डिग्री प्राप्त करने साथ ही अपने ज्ञान, कौशल और संस्कारों के बल पर समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने
की जिम्मेदारी स्वीकार करने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति को नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और नवाचार की भावना से परिपूर्ण बनाना है। विश्वविद्यालयों से निकलने वाले विद्यार्थी देश के भविष्य के निर्माता होते हैं और उनकी प्रतिभा से ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीक, अनुसंधान और नवाचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसलिए विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने, नई चुनौतियों को स्वीकार करने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करने का संकल्प लेना चाहिए। आज भारत विश्व में डिजिटल तकनीक स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है ऐसे समय में आप जैसे युवा इंजीनियर और प्रबंधक देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं मुझे यह कहते हुए गर्व है कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में पिछले वर्षों में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कुलगुरु प्रोफेसर निमित चौधरी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय राष्ट्र के तकनीकी भविष्य का सशक्त केंद्र बन चुका है। संबद्ध महाविद्यालयों के माध्यम से इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे विविध क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर निरंतर लाभान्वित हो रहे हैं। आज हमें गर्व है कि इस संस्थान के पूर्व विद्यार्थी देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों तथा सार्वजनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। आरटीयू द्वारा अकादमिक क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु रिसर्च गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली का डिजिटलीकरण,समयबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर, उद्योग एवं शैक्षणिक सहभागिता के माध्यम से इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट अवसरों में वृद्धि, कौशल विकास कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, पाठ्यक्रमों में स्किल-आधारित क्रेडिट, प्रोजेक्ट लर्निंग, इंडस्ट्री एक्सपोजर तथा वैल्यू एजुकेशन को प्राथमिकता देने के साथ प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के मजबूत आधार स्तंभ के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है।
- जंग का आज 12 वां दिन: ईरान ने इजराइल के तेल अवीव एयरपोर्ट पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमला किया है: वीडियो 2 घंटे पहले जारी: फुटेज साफ दिख रहा है कि टारगेट पर सीधा हमला हुआ है...1
- जेबा पटेल/कोटा। उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर कार्य कर रही संस्था Consumer Confederation of India (CCI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Anant Kumar ने कहा कि आज के समय में उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। सूचना इंडिया के लिए ब्यूरो जेबा पटेल द्वारा लिए गए विशेष साक्षात्कार में अनंत कुमार ने उपभोक्ता अधिकारों, शिकायत निवारण व्यवस्था और संगठन की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। उपभोक्ता जागरूकता पर विशेष जोर साक्षात्कार के दौरान अनंत कुमार ने बताया कि Consumer Confederation of India (CCI) देशभर में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर पाते, इसलिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।1
- मोड़क क्षेत्र के दरा अभ्यारण क्षेत्र में अबली मणी के सामने बुधवार को सड़क पर एक कंटेनर ख़राब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दूसरी तरफ से वाहनों निकालने में लगे हैं जिससे हाईवे पर जाम कि स्थिति ना बने दरा नाल में बढ़ता जा रहा वाहनों का दबाव।1
- Post by VKH NEWS1
- खान सर ने बताया पूरा प्लान ईरान का ईरान का अगला प्लान क्या हो सकता है यदि वह मरकरी पानी में मिला देता है उसे एक रोग होता है जिससे मिनीमाता रोग करते हैं अगर यह हुआ तो यह मानकर चलिए की वहां के लोग हैं उनमें लकवा की शिकायत हो जाएगी और भी बहुत सारी बीमारियां होने की संभावना है1
- Post by Sadbhavna sandesh news1
- बूंदी जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला #bundi #kota #rajasthan #news1
- जेबा पटेल/कोटा। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में प्राचीन समय से उपयोग की जाने वाली लीच थेरेपी (जोंक चिकित्सा) आज भी कई रोगों के उपचार में प्रभावी मानी जाती है। इसी विषय को लेकर आयोजित एक विशेष चिकित्सा शिविर में सूचना इंडिया की ब्यूरो जेबा पटेल ने विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सकों से खास बातचीत की और इस उपचार पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। साक्षात्कार में आयुर्वेद चिकित्सकों ने बताया कि लीच थेरेपी आयुर्वेद की “रक्तमोक्षण” चिकित्सा पद्धति का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसमें विशेष प्रकार की जोंक (लीच) का उपयोग कर शरीर के दूषित रक्त को बाहर निकाला जाता है, जिससे कई प्रकार के रोगों में राहत मिलती है। कैसे किया जाता है लीच थेरेपी उपचार विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रक्रिया में पहले प्रभावित स्थान को अच्छी तरह साफ किया जाता है, फिर प्रशिक्षित चिकित्सक जोंक को उस स्थान पर लगाते हैं। जोंक धीरे-धीरे दूषित रक्त को चूसती है, जिससे सूजन और दर्द में कमी आती है। कुछ समय बाद जोंक को सावधानीपूर्वक हटाकर घाव की सफाई की जाती है और आवश्यक औषधियां लगाई जाती हैं। पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित आयुर्वेद विशेषज्ञ की देखरेख में ही की जाती है।1