लखनऊ में 29 जून 2026 को पुरुष आयोग की स्थापना की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण आंदोलन का आगाज़ होने जा रहा है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पुरुषों पर होने वाले अत्याचार, उत्पीड़न और झूठे मामलों जैसी गंभीर समस्याओं पर व्यवस्था का ध्यान आकर्षित करना है। आयोजकों ने सभी भाइयों, बहनों और माताओं से अपील की है कि वे इस मुहिम में अधिक से अधिक संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सोशल मीडिया पर समर्थन देने से बदलाव संभव नहीं है, बल्कि वास्तविक परिवर्तन के लिए ज़मीनी स्तर पर एकजुटता दिखाना अनिवार्य है। इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए एक व्यक्ति स्वयं चित्तौड़गढ़ से लखनऊ जा रहा है। उन्होंने न्याय, समानता और पुरुषों के अधिकारों की आवाज़ को सशक्त करने की इच्छा रखने वाले सभी लोगों से इसमें अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि "जब तक पीड़ित की आवाज़ सड़कों पर नहीं गूंजती, तब तक व्यवस्था उसे सुनने को मजबूर नहीं होती," और इसी विश्वास के साथ यह आंदोलन पुरुषों के लिए न्याय की लड़ाई को सड़कों पर उतारने की तैयारी में है।
लखनऊ में 29 जून 2026 को पुरुष आयोग की स्थापना की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण आंदोलन का आगाज़ होने जा रहा है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पुरुषों पर होने वाले अत्याचार, उत्पीड़न और झूठे मामलों जैसी गंभीर समस्याओं पर व्यवस्था का ध्यान आकर्षित करना है। आयोजकों ने सभी भाइयों, बहनों और माताओं से अपील की है कि वे इस मुहिम में अधिक से अधिक संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सोशल मीडिया पर समर्थन देने से बदलाव संभव नहीं है, बल्कि वास्तविक परिवर्तन के लिए ज़मीनी स्तर पर एकजुटता दिखाना अनिवार्य है। इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए एक व्यक्ति स्वयं चित्तौड़गढ़ से लखनऊ जा रहा है। उन्होंने न्याय, समानता और पुरुषों के अधिकारों की आवाज़ को सशक्त करने की इच्छा रखने वाले सभी लोगों से इसमें अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि "जब तक पीड़ित की आवाज़ सड़कों पर नहीं गूंजती, तब तक व्यवस्था उसे सुनने को मजबूर नहीं होती," और इसी विश्वास के साथ यह आंदोलन पुरुषों के लिए न्याय की लड़ाई को सड़कों पर उतारने की तैयारी में है।
- चित्तौड़गढ़ जिले के घोसुण्डा में महेश नवमी महोत्सव के अवसर पर माहेश्वरी समाज का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान पूरा घोसुण्डा भगवान महेश के जयकारों से गूंज उठा, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया।1
- नॉर्वे के फैंस का वाइकिंग रो सेलिब्रेशन कैसा लगा आपको बताइए अपने दोस्तों परिवार के साथ भी शेयर करें और जाने रोज इसी प्रकार की स्पोर्ट्स न्यूज़ हमारे साथ और सदस्य बने हमारे इस परिवार का1
- एक सामाजिक कार्यकर्ता के एनकाउंटर की वैधता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह मुद्दा उठाया गया है कि ऐसे व्यक्ति का एनकाउंटर कितना उचित है, जो अपने स्वयं के लिए किसी लड़ाई में शामिल नहीं था।1
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र के वार्ड संख्या 43 में की जा रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि दुर्ग क्षेत्र में कई परिवार पीढ़ियों से अपने पुश्तैनी मकानों और निजी भूमि पर रह रहे हैं, और उन्होंने संरक्षित स्मारकों या ऐतिहासिक धरोहरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। इसके बावजूद उनकी निजी संपत्तियों पर बने निर्माणों को हटाना अनुचित है। पूर्व राज्यमंत्री जाड़ावत ने जोर देकर कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि एक जीवंत मानवीय बस्ती है, जहां हजारों परिवार छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प, प्रसाद सामग्री, पर्यटन सेवाओं, भोजन और आवास जैसी गतिविधियों से अपनी आजीविका चला रहे हैं। उन्होंने जैसलमेर दुर्ग का उदाहरण देते हुए बताया कि विश्व धरोहर स्थलों पर भी स्थानीय आबादी निवास करती है और पर्यटन से जुड़ी होती है। जाड़ावत ने चेतावनी दी कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों के घरों और रोजगार पर कार्रवाई करना अमानवीय है, और उन्होंने स्पष्ट किया कि "दुर्ग क्षेत्र में बुलडोजर संस्कृति स्वीकार नहीं की जाएगी"। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस गरीबों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और करती रहेगी। जाड़ावत ने इस मुद्दे पर स्थानीय भाजपा सांसद और निर्दलीय विधायक की चुप्पी पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि दुर्ग क्षेत्र के मतदाता लगातार भाजपा के पक्ष में मतदान करते आए हैं, लेकिन अब जब उनके घरों और रोजगार पर संकट आया है, तो प्रतिनिधियों का मौन चिंताजनक है। कांग्रेस प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और एएसआई से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने, ध्वस्तीकरण रोकने और क्षेत्रवासियों को विश्वास में लेकर स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई समाधान नहीं निकला, तो कांग्रेस आमजन के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित एक थाई स्पा पर पुलिस ने छापा मारा है। इस कार्रवाई के दौरान स्पा से चार विदेशी महिलाओं को पाया गया है। इसके साथ ही, इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।1
- नीमच कलेक्टर द्वारा आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 145 लोगों की समस्याओं को सुना गया। इस दौरान कलेक्टर ने मौके पर ही इन समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए।1
- रोजगार मेले में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।1
- आज श्री सांवरिया सेठ के मंगला आरती दर्शन हुए। इन दर्शनों के साथ ही एक गहरा विचार साझा किया गया, जिसमें कहा गया है कि मौजूदा माता-पिता अपने विषैले रिश्तेदारों का सम्मान करने वाली आखिरी पीढ़ी हैं। इस संकल्प के साथ ही यह घोषणा की गई है कि यह चक्र अब तोड़ा जा रहा है, जिसके लिए सांवरा सेठ से क्षमा याचना भी की गई है।1