खजुराहो स्थित शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय में लाखों रुपये की पंचकर्म मशीनें पिछले 10 सालों से धूल खा रही हैं, जो देश के आयुष मंत्री और सरकार के योग-आयुर्वेद को बढ़ावा देने के दावों के विपरीत है। औषधालय की स्थिति अत्यंत बदहाल है। जब आयुष विंग और शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय का दौरा किया गया, तो वहाँ की स्थिति चिंताजनक पाई गई, जहाँ कोई मरीज मौजूद नहीं था और केवल चार कर्मचारी तैनात थे। डॉक्टर निशिका साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि ये मशीनें लगभग 2016 से बंद पड़ी हैं। लाखों रुपये खर्च कर वर्ष 2016 में लाई गई पंचकर्म मशीनें आज केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। उपचार कक्षों में खराब पंखे और जर्जर इमारत औषधालय की बदहाली को दर्शाते हैं, जहाँ मरीजों को केवल दवाइयां दी जाती हैं और बंद पड़ी मशीनें किसी संग्रहालय की तरह रखी हुई हैं। इस बदहाली का मुख्य कारण पिछले 10 सालों से विशेषज्ञ तकनीशियन और डॉक्टरों की अनुपस्थिति है, साथ ही औषधालय में पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। महिला तकनीशियन और मसाजर के पद भी खाली पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि देश के आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव खुद खजुराहो में मौजूद हैं और कल आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 25वें काउंटडाउन में शामिल भी होंगे, लेकिन इतनी अनियमितताओं के बावजूद वे इस स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करने नहीं पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे इस शोपीस बनी बिल्डिंग और बदहाली पर सीधा सवाल किया, तो मंत्री जी जवाब टालते नजर आए। उन्होंने कहा, "जो कार्यक्रम कल होना है, उस पर सवाल करिए। कुछ काम सेंट्रल गवर्नमेंट का होता है, कोई स्टेट गवर्नमेंट का, कोई जिला परिषद का होता है। पर जो आपने बताया है, उस पर हम ध्यान देंगे... और कल ही हम यहां 50 बेड के अस्पताल का भूमि पूजन करेंगे।" मंत्री जी आज 50 बेड के नए अस्पताल का भूमि पूजन तो करने जा रहे हैं, लेकिन सवाल सबसे बड़ा यह है कि जब 10 साल पहले आई मशीनें आज तक धूल खा रही हैं जहाँ स्टाफ और पानी की व्यवस्था तक नहीं है, तो क्या नया अस्पताल भी सिर्फ एक शोपीस बनकर रह जाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
खजुराहो स्थित शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय में लाखों रुपये की पंचकर्म मशीनें पिछले 10 सालों से धूल खा रही हैं, जो देश के आयुष मंत्री और सरकार के योग-आयुर्वेद को बढ़ावा देने के दावों के विपरीत है। औषधालय की स्थिति अत्यंत बदहाल है। जब आयुष विंग और शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय का दौरा किया गया, तो वहाँ की स्थिति चिंताजनक पाई गई, जहाँ कोई मरीज मौजूद नहीं था और केवल चार कर्मचारी तैनात थे। डॉक्टर निशिका साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि ये मशीनें लगभग 2016 से बंद पड़ी हैं। लाखों रुपये
खर्च कर वर्ष 2016 में लाई गई पंचकर्म मशीनें आज केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। उपचार कक्षों में खराब पंखे और जर्जर इमारत औषधालय की बदहाली को दर्शाते हैं, जहाँ मरीजों को केवल दवाइयां दी जाती हैं और बंद पड़ी मशीनें किसी संग्रहालय की तरह रखी हुई हैं। इस बदहाली का मुख्य कारण पिछले 10 सालों से विशेषज्ञ तकनीशियन और डॉक्टरों की अनुपस्थिति है, साथ ही औषधालय में पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। महिला तकनीशियन और मसाजर के पद भी खाली पड़े हैं। हैरानी की
बात यह है कि देश के आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव खुद खजुराहो में मौजूद हैं और कल आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 25वें काउंटडाउन में शामिल भी होंगे, लेकिन इतनी अनियमितताओं के बावजूद वे इस स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करने नहीं पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे इस शोपीस बनी बिल्डिंग और बदहाली पर सीधा सवाल किया, तो मंत्री जी जवाब टालते नजर आए। उन्होंने कहा, "जो कार्यक्रम कल होना है, उस पर सवाल करिए। कुछ काम सेंट्रल गवर्नमेंट का होता है, कोई स्टेट गवर्नमेंट का, कोई जिला
परिषद का होता है। पर जो आपने बताया है, उस पर हम ध्यान देंगे... और कल ही हम यहां 50 बेड के अस्पताल का भूमि पूजन करेंगे।" मंत्री जी आज 50 बेड के नए अस्पताल का भूमि पूजन तो करने जा रहे हैं, लेकिन सवाल सबसे बड़ा यह है कि जब 10 साल पहले आई मशीनें आज तक धूल खा रही हैं जहाँ स्टाफ और पानी की व्यवस्था तक नहीं है, तो क्या नया अस्पताल भी सिर्फ एक शोपीस बनकर रह जाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
- छतरपुर जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के बर्न वार्ड, लेबर रूम सहित कई अन्य वार्डों में एयर कंडीशनर (एसी) खराब पड़े हैं, जिससे मरीज बेहाल हैं। इसके साथ ही, अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है, और बाथरूमों में पानी की आपूर्ति बंद होने से मरीजों और उनके साथ आए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इन खराब व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। मरीजों के परिजनों ने आज 27 मई को रात करीब 8:00 बजे जिला अस्पताल को इस स्थिति से अवगत कराया।1
- छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के तलवापुरवा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सामने आया है।1
- छतरपुर के देरी में यातायात पुलिस ने स्कूटी से शराब की तस्करी कर रहे एक युवक को पकड़ा है। यातायात पुलिस द्वारा इस युवक को स्कूटी से शराब की तस्करी करते हुए पकड़ा गया।1
- छतरपुर के लवकुश नगर थाना पुलिस ने अक्टोहा तिराहा में हुई हत्या और हत्या के प्रयास की सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में ₹8000 के इनामी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू, लाठी और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है, वहीं मामले के सात अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। यह वारदात 23 मई की रात अक्टोहा तिराहा में एक विवाद के बाद हुई थी, जिसमें कृष्णकांत गुप्ता की मौत हो गई थी, जबकि सत्येंद्र राजपूत गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचकर घायल को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने कृष्णकांत गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। घायल सत्येंद्र राजपूत की रिपोर्ट के आधार पर लवकुश नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹8000 का इनाम घोषित किया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और एसडीओपी लवकुश नगर नवीन दुबे के मार्गदर्शन में पुलिस की कई टीमें गठित की गईं, जिन्होंने एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड की सहायता से साक्ष्य जुटाए और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विक्की उर्फ विवेक विश्वकर्मा, बड्डन उर्फ महेश विश्वकर्मा, भारत द्विवेदी और एक विधि विरुद्ध किशोर शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह झगड़ा उधारी के पैसों के विवाद को लेकर हुआ था, जिसके बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी भारत द्विवेदी चोरी, लूट, अवैध हथियार और मारपीट जैसे लगभग 25 अपराधों में पहले से ही लिप्त रहा है, जबकि आरोपी विक्की विश्वकर्मा के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय अंबे, उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह जाटव, उप निरीक्षक राजकुमार यादव, उप निरीक्षक अजय शाक्य, उप निरीक्षक ज्ञान सिंह, साइबर प्रभारी नेहा गुर्जर, चौकी प्रभारी सोहन सैयाम सहित पुलिस, साइबर, एफएसएल और डॉग स्क्वाड टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।4
- Post by Mukesh Gautam1
- छतरपुर में भैंस चोरी की एक घटना को लेकर भारी बवाल हो गया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और ग्रामीणों की गुस्से वाली भीड़ से एक आरोपी को बचाना पड़ा।1
- छतरपुर में आज, 27 मई को दोपहर करीब 12:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण डीएलसीसी बैठक आयोजित की गई। छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न योजनाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी बैंक मैनेजरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी योजना का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए और स्वीकृत आवेदनों का वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर नौगांव और महाराजपुर के सीएमओ को एक दिन का अवैतनिक करने के आदेश दिए गए। इसी कड़ी में, हरपालपुर के सीएमओ की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उन पर भी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, स्वसहायता समूहों को सीसीएल वितरण में खराब प्रगति को देखते हुए, नौगांव शाखा प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक पांच बच्चों का पिता बताया जा रहा है। इस जघन्य वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1