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लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक महिला की मौत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि महिला के साथ मारपीट की सूचना पहले ही पुलिस को दी गई थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह दुखद घटना हुई। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक महिला की मौत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि महिला के साथ मारपीट की सूचना पहले ही पुलिस को दी गई थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह दुखद घटना हुई। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र से रिश्वतखोरी का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी, एक कथित बिचौलिए और एक पक्षकार के बीच बातचीत होती दिख रही है, जिसमें कथित तौर पर किसी मामले के निस्तारण के बदले बड़ी रकम की मांग की जा रही है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। जांच के दौरान वीडियो की प्रामाणिकता, बातचीत के हालात और इसमें शामिल सभी पक्षों की भूमिका की गहन पड़ताल की जाएगी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी, क्योंकि अभी तक वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की जिला अदालत ने डेढ़ साल के मासूम आरव की नृशंस हत्या के मामले में दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना 30 मई 2026 की है, जब आरोपी ने बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ बुलाया था। जांच में सामने आया कि आरोपी बच्चे की मां से शादी करने की जिद कर रहा था और शादी से इंकार किए जाने के कारण उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने मासूम को जमीन पर आठ बार पटक-पटक कर मार डाला था, जिसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए मृत्युदंड का निर्णय सुनाया है।1
- उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विकास की नई रफ्तार देखने को मिली है, जहाँ ₹432 करोड़ से अधिक की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्व. मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को चेक और स्वीकृति पत्रों का वितरण कर विकास के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान की गई। इस आयोजन और रामनगरी की तस्वीर बदलने वाली इन परियोजनाओं के विस्तृत विवरण के लिए 'ट्रायंगल न्यूज़ लखनऊ' की विशेष रिपोर्ट देखी जा सकती है।1
- लखनऊ के पुराने लखनऊ इलाके में स्थित अकबरी गेट के पास मुबीन होटल के समीप बिजली के एक खंभे में भीषण आग लग गई। यह घटना सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच हुई, जिससे आग और पानी के बीच एक अजीब स्थिति पैदा हो गई। शॉर्ट सर्किट के कारण खंभे में लगी आग से वहां का नज़ारा किसी आतिशबाज़ी की तरह दिख रहा था। आग की लपटों को देखते हुए मुबीन होटल के कर्मचारी ने तुरंत फायर सिलेंडर की मदद से इसे बुझाने का प्रयास किया। बिजली विभाग की भारी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि खंभे पर बेतरतीब तरीके से लगे तारों के झुंड में लगा एक डिब्बा जलकर सड़क पर आ गिरा। जलता हुआ यह डिब्बा पास में खड़ी एक साइकिल पर जा गिरा, जिससे वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। स्थानीय लोग इस घटना को बिजली विभाग की घोर लापरवाही के जीवंत उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं।1