अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, पश्चिम चम्पारण के बेतिया स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय से बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस वाहन को श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री विभेश कुमार सिंह, श्री लोकेश कुमार झा, श्री भीम कुमार, श्री प्रदीप कुमार सिंह, श्री कामेश्वर कुमार, श्री श्याम कुमार और श्रीमती स्तुति कुमारी ने संयुक्त रूप से रवाना किया। इस अवसर पर सभी कार्यालय कर्मी, साथ ही प्रथम संस्था, प्रयास संस्था, फकीराना सोसायटी, सवेरा स्वयंसेवी संगठन तथा अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। इस मौके पर, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री विभेश कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधा डालता है। उन्होंने जोर दिया कि हर बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन का अधिकार है, और आम जनता से बाल श्रम की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी बच्चे को श्रम में लिप्त पाए जाने पर संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचित करने का आग्रह किया। एक अन्य श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, श्री लोकेश कुमार झा ने बताया कि बाल श्रम के खिलाफ इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देना आवश्यक है, क्योंकि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। यह जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में भ्रमण करेगा, जहाँ यह बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के बारे में आम लोगों को जागरूक करेगा। वाहन के माध्यम से प्रचार सामग्री, ऑडियो संदेश और सूचना पत्रक भी वितरित किए जाएँगे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मिलकर एक बाल श्रम मुक्त बेतिया, पश्चिम चम्पारण बनाने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा तथा सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का सामूहिक संकल्प लिया। पश्चिम चम्पारण का श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग बाल श्रम उन्मूलन और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ एवं शिक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, पश्चिम चम्पारण के बेतिया स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय से बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस वाहन को श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री विभेश कुमार सिंह, श्री लोकेश कुमार झा, श्री भीम कुमार, श्री प्रदीप कुमार सिंह, श्री कामेश्वर कुमार, श्री श्याम कुमार और श्रीमती स्तुति कुमारी ने संयुक्त रूप से रवाना किया। इस अवसर पर सभी कार्यालय कर्मी, साथ ही प्रथम संस्था, प्रयास संस्था, फकीराना सोसायटी, सवेरा स्वयंसेवी संगठन तथा अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। इस मौके पर, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री विभेश कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधा डालता है। उन्होंने जोर दिया कि हर बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन का अधिकार है, और आम जनता से बाल श्रम की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी बच्चे को श्रम में लिप्त पाए जाने
पर संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचित करने का आग्रह किया। एक अन्य श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, श्री लोकेश कुमार झा ने बताया कि बाल श्रम के खिलाफ इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देना आवश्यक है, क्योंकि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। यह जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में भ्रमण करेगा, जहाँ यह बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के बारे में आम लोगों को जागरूक करेगा। वाहन के माध्यम से प्रचार सामग्री, ऑडियो संदेश और सूचना पत्रक भी वितरित किए जाएँगे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मिलकर एक बाल श्रम मुक्त बेतिया, पश्चिम चम्पारण बनाने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा तथा सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का सामूहिक संकल्प लिया। पश्चिम चम्पारण का श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग बाल श्रम उन्मूलन और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ एवं शिक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- पश्चिम चम्पारण के बेतिया नगर थाना क्षेत्र से अपहृत एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में अपहरण के आरोपी जॉनी जार्ज को क्रिश्चियन क्वार्टर, बेतिया से गिरफ्तार किया गया है। बेतिया सदर एसडीपीओ अजीत कुमार ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि नाबालिग के अपहरण की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने त्वरित कार्रवाई की। गठित टीम ने तेजी से छापेमारी करते हुए नाबालिग को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी के दौरान घटनास्थल से एक बेडशीट सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली, जिसे साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बरामद नाबालिग को चिकित्सीय जांच के लिए जीएमसीएच, बेतिया भेजा गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- कई वर्षों से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी सेब की पहचान अब बदल रही है, क्योंकि बिहार की धरती पर भी लाल सेबों की बंपर पैदावार हो रही है। पश्चिम चम्पारण के किसान इस बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहे हैं, जिससे बिहार अब सेब उत्पादन की दिशा में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। पश्चिम चम्पारण के साथ-साथ गया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जैसे कई जिलों में किसान अब व्यावसायिक स्तर पर सेब की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। पश्चिम चम्पारण के नौतन प्रखंड स्थित बैकुंठवा गांव के किसान शिशिर दूबे ने दो साल पहले करीब 70 सेब के पौधे लगाए थे, जो अब फलों से लदे हुए हैं। प्रत्येक पेड़ से 8 से 10 किलो तक सेब का उत्पादन हो रहा है, जिनकी गुणवत्ता, मिठास, रंग और आकार किसी भी पहाड़ी प्रदेश में उगने वाले सेब से कम नहीं है। शिशिर दूबे के अनुसार, शुरुआत में बिहार की गर्म जलवायु में सेब की खेती की सफलता पर लोगों को विश्वास नहीं था, लेकिन अब दूर-दूर से लोग उनके बगीचे को देखने और खेती की तकनीक जानने आ रहे हैं। इस अभियान में बेतिया शहर के व्यवसायी मेराजुल हक भी शामिल हुए हैं, जिन्होंने पर्यावरण प्रेम के चलते अपने आवास और परिसर में सेब के कई पौधे लगाए, जो अब फल दे रहे हैं। उनका मानना है कि फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। पश्चिम चम्पारण में मझौलिया के रविकांत पांडे और रामनगर के विजय गिरी जैसे अन्य किसान भी सेब की खेती में सफलता हासिल कर रहे हैं, जिनके बागानों में दर्जनों पौधे लगातार फल दे रहे हैं। बिहार में उगाए जा रहे सेब की सबसे बड़ी खासियत इसकी समय से पहले उपलब्धता है। जहां हिमाचल और कश्मीर में सेब की कटाई सितंबर और अक्टूबर में होती है, वहीं बिहार में जून और जुलाई तक इसकी तुड़ाई पूरी हो जाती है। इससे किसानों को सीधा फायदा मिलता है क्योंकि उनका उत्पाद बाजार में दो महीने पहले पहुंच जाता है और उन्हें बेहतर कीमतें मिलती हैं। वर्तमान में पश्चिम चम्पारण में ये सेब ₹200 प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि कई जगहों पर इसकी कीमत ₹250 प्रति किलो तक पहुंच रही है। यह सेब बेहद मीठा, रसीला और आकर्षक लाल रंग का होता है, जो पकने पर पूरी तरह लाल हो जाता है। किसानों द्वारा उगाई जा रही सेब की यह विशेष किस्म HRMN-99 (हरमन-99) है, जिसे विशेष रूप से गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किस्म 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में भी आसानी से विकसित होती है और पौधारोपण के एक से दो वर्ष के भीतर ही फल देना शुरू कर देती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह किस्म बिहार के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन सकती है, क्योंकि यह पारंपरिक खेती के मुकाबले बेहतर लाभ देने की क्षमता रखती है। यदि सरकारी स्तर पर तकनीकी सहायता और बाजार की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो, तो बिहार भविष्य में सेब उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है। पश्चिम चम्पारण में सेब के पौधे खेती में नवाचार और नई सोच से असंभव को संभव बनाने का प्रमाण हैं, जो बिहार में सेब उत्पादन की एक नई कहानी लिख रहे हैं। कभी पहाड़ों की पहचान माना जाने वाला सेब अब बिहार की मिट्टी में भी सफलता की नई फसल बन चुका है और यह बिहार का लाल सेब अब देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।1
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक हस्तियों, जिन्हें लोग अपना आदर्श, प्रेरणा और हीरो मानते हैं, पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, जिन लोगों ने अपनी पढ़ाई और ज़रूरी काम छोड़कर इन हस्तियों के शो देखे और उन्हें 'भिखारी से राजा' बनाया, उनकी समस्याओं और मुद्दों पर आवाज़ उठाने की बजाय, ये हस्तियाँ सरकार के साथ मिलकर जनता को लूटने और देश को बर्बाद करने में शामिल हैं। पोस्ट में 100% यकीन के साथ यह दावा किया गया है कि ये 'हीरो' सरकार से मिलीभगत कर रहे हैं। लोगों को अपना आदर्श मानने वाले और जिनकी तरह बनने की इच्छा रखने वाले ये लोग, सरकार से यह सवाल तक नहीं पूछ पा रहे हैं कि जनता की माँगें पूरी क्यों नहीं हो रही हैं।1
- पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड अंतर्गत मंगलपुर गुदरिया पंचायत के वार्ड नंबर 2 से भगवानपुर जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। यह सड़क महादलित बस्ती की मुख्य सड़क है, जहाँ बरसात का पानी जमा हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी आने से समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। स्थानीय जनता का आरोप है कि विधायक जी ने विकास के नाम पर चुनाव जीता, लेकिन क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। इस उपेक्षा के चलते जनता रो रही है और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयाँ झेल रही है।1
- सुगौली के एक युवा नेता मनप्रीत को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में एक महत्वपूर्ण पद दिया गया है। उन्हें युवा लोजपा रामविलास का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी मिलने के बाद, मनप्रीत ने यह प्रतिबद्धता जताई है कि वे पार्टी को मजबूत करने और उसके विस्तार के लिए कार्य करेंगे।1
- पश्चिम चंपारण जिले के योगपट्टी ब्लॉक के तहत ढढवा ग्राम पंचायत के दूधियवा गांव में सड़क की हालत बेहद खराब है। गांव के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से भावुक अपील की है कि कृपया इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें खराब सड़क के कारण हो रही परेशानियों से निजात मिल सके। यह गांव नवलपुर थाना क्षेत्र में आता है।1
- बिहार के स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। इस आरोप के साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या राज्य के मरीजों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ भी ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।1
- बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर नए तरीकों से अवैध कारोबार चला रहे हैं। इसी क्रम में नरकटियागंज रेल पुलिस ने दिल्ली से आ रही डाउन सप्तक्रांति एक्सप्रेस की पैंट्री कार में छापेमारी कर एक बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पैंट्री कार से विभिन्न ब्रांड की 60 बोतल विदेशी शराब बरामद की और पैंट्री मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। रेल पुलिस द्वारा ट्रेनों में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत सप्तक्रांति एक्सप्रेस की पैंट्री कार की गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रॉली बैग और अन्य सामान में छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की खेप मिली। इसके बाद पूरे कोच और संबंधित सामान की विस्तृत जांच की गई, जिससे शराब तस्करी के कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ट्रेन की पैंट्री कार की आड़ में यह शराब तस्करी लंबे समय से चल रही थी, और पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। नरकटियागंज रेल थाना प्रभारी दिनेश साहू ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपितों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद शराब को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेल पुलिस की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग और तस्करी से जुड़े गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने शराबबंदी वाले बिहार में ट्रेन के जरिए शराब पहुंचाने की इस कोशिश को विफल कर तस्करों के मंसूबों पर करारा प्रहार किया है।1