टनकपुर शहर के चंद कॉलोनी वार्ड नंबर-3 स्थित एक लकड़ी टॉल पर वन विभाग ने 05 जून को कथित अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी के दौरान, विभागीय टीम ने परिसर की गहन तलाशी ली और जमीन के नीचे बने हिस्सों तथा बंद कमरों से भारी मात्रा में संदिग्ध एवं कीमती लकड़ी बरामद की। इस कार्रवाई की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूत्रों के अनुसार, वन विभाग को लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध लकड़ी के भंडारण और कारोबार के संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एक टीम का गठन किया गया, जिसने अचानक दबिश देकर पूरे परिसर की बारीकी से जांच की। विभाग अब बरामद लकड़ी के स्रोत, उसके परिवहन और भंडारण से संबंधित दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रहा है। साथ ही, यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह लकड़ी वैध तरीके से संग्रहित की गई थी या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क का हाथ है। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इस कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए इसे वन संपदा से जुड़े अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल, वन विभाग की टीम मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है और एक विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
टनकपुर शहर के चंद कॉलोनी वार्ड नंबर-3 स्थित एक लकड़ी टॉल पर वन विभाग ने 05 जून को कथित अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी के दौरान, विभागीय टीम ने परिसर की गहन तलाशी ली और जमीन के नीचे बने हिस्सों तथा बंद कमरों से भारी मात्रा में संदिग्ध एवं कीमती लकड़ी बरामद की। इस कार्रवाई की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूत्रों के अनुसार, वन विभाग को लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध लकड़ी के भंडारण और कारोबार के संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एक टीम का गठन किया गया, जिसने अचानक दबिश देकर पूरे परिसर की बारीकी से जांच की। विभाग अब बरामद लकड़ी के स्रोत, उसके परिवहन और भंडारण से संबंधित दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रहा है। साथ ही, यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह लकड़ी वैध तरीके से संग्रहित की गई थी या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क का हाथ है। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इस कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए इसे वन संपदा से जुड़े अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल, वन विभाग की टीम मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है और एक विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
- उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एम्स एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार एम्स के एक सुरक्षा गार्ड पर एक होमगार्ड और उसकी बहन के साथ मारपीट करने तथा गाली गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। इस शर्मनाक घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है।1
- कौसानी पुलिस द्वारा एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत, पुलिस ने ग्रामीणों को नए कानूनों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।1
- उत्तराखंड के नैनीताल में ऐतिहासिक '100वें ऑल इंडिया ट्रेड्स कप हॉकी टूर्नामेंट' का शानदार शुभारंभ हो गया है। सरोवर नगरी के डीएसए मैदान में 4 जून से शुरू हुए इस शताब्दी वर्ष के आयोजन में देश भर से कुल 49 दिग्गज टीमें हिस्सा ले रही हैं। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उद्घाटन मैच में रुद्रपुर की टीम ने आगरा को हराकर जीत के साथ अपनी शुरुआत की। टूर्नामेंट के शुभारंभ से पहले माल रोड पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें छोलिया नृत्य और बैंड की धुनें मुख्य आकर्षण रहीं। इस अवसर पर ओलंपियन राजेंद्र रावत सहित कई खेल विभूतियों को सम्मानित भी किया गया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 24 जून को खेला जाएगा, और स्थानीय खेल प्रेमियों में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।3
- उत्तराखंड के रुद्रपुर में 'खूनी डंपरों' से वसूली और अपहरण के एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में पूर्व भाजपा नेता विकास सागर समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद, पूर्व भाजपा नेता कैमरे से अपना मुंह छुपाते नजर आए। पुलिस ने घटना में उपयोग की गई कार को भी बरामद किया है। हालांकि, इस मामले में एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।1
- माधोटांडा, पीलीभीत में माधोटांडा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली के चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह संगठित गिरोह करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करता था, जिसके लिए वे आम लोगों को प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल जैसे जरूरी दस्तावेज हासिल करते थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपी लोगों के नाम पर फर्जी फर्में पंजीकृत कराते थे, जिससे सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान होता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, नौ सिम कार्ड और पंद्रह जीमेल आईडी सहित कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।3
- पीलीभीत जिले के अमरिया क्षेत्र में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्यवाही के तहत, खलिहान की भूमि को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करा दिया गया है।1
- चंपावत में, फायर स्टेशन लोहाघाट की तत्परता के कारण बाधित मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से चलने लगा।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'स्वच्छता की पाठशाला' द्वारा पीलीभीत के सुनगढ़ी चौकी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण बैंक के सामने औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। इस पहल के तहत तुलसी, आंवला और सहजन के पौधे राहगीरों को दिए गए। कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चला, जिसमें कुल 500 पौधों का वितरण किया गया। चलते राहगीरों ने इस कार्यक्रम में गहरी रुचि दिखाई और आंवला, तुलसी व सहजन के औषधीय गुणों के बारे में जानने की उत्सुकता व्यक्त की। 'स्वच्छता की पाठशाला' के संसाधित व्यक्ति सतीश चंद्र गंगवार, मधु कुमार और छवि मैनी ने जन सामान्य को इन पौधों के गुणों की जानकारी देकर उनकी जिज्ञासा शांत की। विशेष रूप से, तुलसी के पौधे के साथ धार्मिक भावनाएं जुड़ी होने के कारण लोगों ने इसे लेने में अधिक उत्साह दिखाया। विज्ञान संचारक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि औषधीय पौधों का उपयोग आज लोगों की आवश्यकता बनता जा रहा है क्योंकि ये गुणों से भरपूर, निरापद और सस्ते होते हैं। 'स्वच्छता की पाठशाला' की प्रबंध निदेशिका शशि मैनी ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं और आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से औषधीय पौधों के उपयोग को बढ़ावा देने के 'स्वच्छता की पाठशाला' के प्रयासों को गति मिली।1
- उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित गांधीनगर इलाके में खुलेआम सट्टा और नशा परोसे जाने का एक वीडियो सामने आया है। इस घटना को लेकर हैरानी व्यक्त की जा रही है, क्योंकि स्थानीय पुलिस चौकी और थाने को इसकी कोई खबर तक नहीं है। सवाल उठाया गया है कि क्या पुलिस की आंखें सोई हुई हैं या वे जानबूझकर इस स्थिति को देखना नहीं चाहते। युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए नैनीताल पुलिस कप्तान मंजूनाथ टीसी जी से इस मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।1