हाथों में बांध जंजीरें, अनुच्छेद 19 की अस्थि कलश लेकर छात्र नेताओं ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन* रिपोर्टर शुभम साहू कानपुर के रामा यूनिवर्सिटी में छात्रों की जायज मांगों को उठाने पर हुई दमनकारी कार्रवाई और फर्जी एफआईआर के खिलाफ आज 'छात्रसंघ बहाली मोर्चा' के बैनर तले छात्र नेताओं ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर में 'अनुच्छेद 19 की अस्थि कलश यात्रा' निकाली, जो शासन-प्रशासन द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी के दमन का प्रतीक बनी। विरोध का एक बेहद प्रभावशाली दृश्य तब देखने को मिला जब छात्र नेता अभिजीत राय ने अपने हाथों में जंजीरें डालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जंजीरों में बंधकर यह संदेश दिया कि आज के दौर में छात्र राजनीति और लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रशासन द्वारा बेड़ियों में जकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान जब छात्र इस अस्थि कलश को पुलिस प्रशासन को सौंपने पहुंचे, तो पुलिस ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया, जिससे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। इस अवसर पर हाल ही में मुकदमे का सामना कर रहे छात्र नेता अनस साहू और अभिजीत राय ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान परिस्थितियां शहीद-ए-आजम भगत सिंह के दौर की याद दिलाती हैं। अनस साहू ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस तरह पूंजीपति और दमनकारी शक्तियां भगत सिंह के समय में सक्रिय थीं, आज भी वही स्थिति है। उन्होंने कहा कि देश को अभी वह वास्तविक आजादी नहीं मिली है जिसका सपना क्रांतिकारियों ने देखा था; आज भी छात्र हितों को पूंजीपतियों के इशारों पर कुचला जा रहा है और पुलिस प्रशासन केवल उनके मोहरे के रूप में कार्य कर रहा है। रामा विश्वविद्यालय प्रशासन के लोग स्वयं बुलाते हैं जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग है और उसके एक दिन पाद छात्रों पर फर्जी मुकदमा कर दिया जाता है कार्यक्रम में मौजूद अमन यादव और अनुज त्रिपाठी ने भी पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना मौलिक अधिकार है, लेकिन रामा यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस की साठगांठ से छात्रों को अपराधी बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन फर्जी मुकदमों से छात्र डरने वाले नहीं हैं और यह लड़ाई अब और तेज होगी। मोर्चा ने मांग रखी की फर्जी मुकदमा करने वालों पर सख्त कार्यवाही और फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए नहीं तो पुलिस हमारे छात्र प्रतिनिधि जो छात्रों का नेतृत्व करते हैं उनको गुंडा जिलाबदर और हिस्ट्रीशीटर बनाना चाहता है इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन और यात्रा में मुख्य रूप से शिव श्याम पाल, शुभम , आर्यन ठाकुर, वीर मिश्रा, आकर्षण यादव, कुशाग्र द्विवेदी, प्रिंस ठाकुर, अमन बाजपेई, ललक ठाकुर, अखिल सिंह, अनुज तिवारी,रुद्र,रोमन खान, शिव श्याम पाल और गजेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि यदि फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए और छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
हाथों में बांध जंजीरें, अनुच्छेद 19 की अस्थि कलश लेकर छात्र नेताओं ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन* रिपोर्टर शुभम साहू कानपुर के रामा यूनिवर्सिटी में छात्रों की जायज मांगों को उठाने पर हुई दमनकारी कार्रवाई और फर्जी एफआईआर के खिलाफ आज 'छात्रसंघ बहाली मोर्चा' के बैनर तले छात्र नेताओं ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर में 'अनुच्छेद 19 की अस्थि कलश यात्रा' निकाली, जो शासन-प्रशासन द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी के दमन का प्रतीक बनी। विरोध का एक बेहद प्रभावशाली दृश्य तब देखने को मिला जब छात्र नेता अभिजीत राय ने अपने हाथों में जंजीरें डालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जंजीरों में बंधकर यह संदेश दिया कि आज के दौर में छात्र राजनीति और लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रशासन द्वारा बेड़ियों में जकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान जब छात्र इस अस्थि कलश को पुलिस प्रशासन को सौंपने पहुंचे, तो पुलिस ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया, जिससे छात्रों का
गुस्सा और बढ़ गया। इस अवसर पर हाल ही में मुकदमे का सामना कर रहे छात्र नेता अनस साहू और अभिजीत राय ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान परिस्थितियां शहीद-ए-आजम भगत सिंह के दौर की याद दिलाती हैं। अनस साहू ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस तरह पूंजीपति और दमनकारी शक्तियां भगत सिंह के समय में सक्रिय थीं, आज भी वही स्थिति है। उन्होंने कहा कि देश को अभी वह वास्तविक आजादी नहीं मिली है जिसका सपना क्रांतिकारियों ने देखा था; आज भी छात्र हितों को पूंजीपतियों के इशारों पर कुचला जा रहा है और पुलिस प्रशासन केवल उनके मोहरे के रूप में कार्य कर रहा है। रामा विश्वविद्यालय प्रशासन के लोग स्वयं बुलाते हैं जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग है और उसके एक दिन पाद छात्रों पर फर्जी मुकदमा कर दिया जाता है कार्यक्रम में मौजूद अमन यादव और अनुज त्रिपाठी ने भी पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात
रखना मौलिक अधिकार है, लेकिन रामा यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस की साठगांठ से छात्रों को अपराधी बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन फर्जी मुकदमों से छात्र डरने वाले नहीं हैं और यह लड़ाई अब और तेज होगी। मोर्चा ने मांग रखी की फर्जी मुकदमा करने वालों पर सख्त कार्यवाही और फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए नहीं तो पुलिस हमारे छात्र प्रतिनिधि जो छात्रों का नेतृत्व करते हैं उनको गुंडा जिलाबदर और हिस्ट्रीशीटर बनाना चाहता है इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन और यात्रा में मुख्य रूप से शिव श्याम पाल, शुभम , आर्यन ठाकुर, वीर मिश्रा, आकर्षण यादव, कुशाग्र द्विवेदी, प्रिंस ठाकुर, अमन बाजपेई, ललक ठाकुर, अखिल सिंह, अनुज तिवारी,रुद्र,रोमन खान, शिव श्याम पाल और गजेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि यदि फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए और छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
- हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने मध्य काल के महान सूरमा छत्रसाल बुन्देला की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि महाराज छत्रसाल की देश के प्रति भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है। ये सही मायने में बुन्देलखण्ड केसरी थे। ये बुन्देलखण्ड के संस्थापक भी थे। इनका जन्म 4 मई 1649 को टीकमगढ़ के मोर पहाड़ी में चम्पतराय और लालकुंवरि के घर हुआ था। 12 वर्ष में इनके ऊपर से माता पिता की छाया हट गयी थी। इन्होंने अपने जीवन काल में 52 युद्ध जीते। इन्होंने मुगल शासक औरंगजेब को हराया था। इनकी राजधानी पन्ना थी। इनके राज्य का विस्तार काफ़ी था। कालांतर में इनका 20 दिसंबर 1731 को निधन हो गया था। इस कार्यक्रम में सिद्धा, महावीर प्रजापति, रिचा, दयाराम सोनकर, पंकज सिंह, भोलू सिंह, बाबूलाल, प्रेम, सागर, सतेन्द्र, अजय गुप्ता आदि शामिल रहे।1
- बीजेपी ने सिलिगुड़ी में टीएमसी कार्यालय को आग लगाकर सभी सीमाएं पार कर दी हैं। वे विनाश की प्यास में डूबे हुए हैं। अब गुलाम मीडिया चुप क्यों है? ऐसी विनाशकारी रणनीतियां उनकी सच्ची तानाशाही प्रकृति को उजागर करती हैं।1
- Carvaan mathmatics class -5th ( chapter -7 ) Decimals exercise - 7(b)1
- जिला रिपोर्टर अनूप कुमार निषाद कानपुर में 1600 करोड़ रुपये के अवैध ट्रांजैक्शन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महफूज आलम के साले और उसके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों के फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनके जरिए करोड़ों की रकम का लेनदेन कर हेराफेरी करते थे1
- Post by KPTV BHARAT NEWS1
- हादसे के बाद लगा लंबा जाम सूचना और पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा1
- फायर ब्रिगेड कर्मियों की बहादुरी का हुआ सम्मान कानपुर घाटमपुर अग्निकांड के दौरान फायर ब्रिगेड के दो जवानों ने अदम्य साहस और बहादुरी का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी वीरता की चर्चा पूरे घाटमपुर क्षेत्र में हो रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल, घाटमपुर के पदाधिकारियों ने जिला मंत्री ललित सोनी के साथ सभी फायर ब्रिगेड कर्मियों को सम्मानित कर उनकी बहादुरी और सेवा भावना के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अमरनाथ गुप्ता, घाटमपुर अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, विपिन ओमर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।4
- पश्चिम बंगाल में अब तक जितने भी गुंडे, बदमाश, आतंकवादी और बलात्कारी 'ममता बनर्जी' के ख़ौफ़ से बिल में दुबक कर बैठे थे... वो सभी बिल से बाहर निकल आए हैं... क्योंकि उन के सरबराह की सरकार बन गई है !1
- बजरिया थाना क्षेत्र के वासीरगंज में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक अधेड़ मुस्लिम व्यक्ति पर दो सगी नाबालिग हिंदू बहनों के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगा। छेड़खानी की कोशिश देख स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने आरोपी को पकड़ने के लिए दौड़ाया, जिसके बाद उसने भागकर अपने घर में छिपकर जान बचाई। घटना से आक्रोशित पीड़ित बच्चियों के परिजनों ने बजरिया थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया और सख्त कार्रवाई की मांग की है।1