रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने जबलपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। RPF की कार्रवाई में कई ऐसे युवक पकड़े गए जो असल में किन्नर नहीं थे, बल्कि किन्नर का वेश धारण कर यात्रियों से पैसे ऐंठ रहे थे। यह भंडाफोड़ RPF द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान हुआ। अभियान में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि ये युवक साड़ी पहनकर, मेकअप करके और किन्नरों के हाव-भाव अपनाकर ट्रेनों में यात्रियों से पैसे मांगते थे। नकदी न होने की स्थिति में वे QR कोड के ज़रिए ऑनलाइन भुगतान भी लेते थे। पकड़े गए युवकों ने बताया कि नौकरी न मिलने और आसानी से कमाई करने के लिए उन्होंने यह रास्ता चुना। उनकी रोज़ाना की कमाई लगभग ₹1500 से ₹2000 तक होती थी, जिससे वे महीने में ₹60,000 तक कमा लेते थे। RPF अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क जबलपुर के साथ-साथ कटनी, नरसिंहपुर और इटारसी तक फैला हुआ था। इस मामले में जाँच अभी भी जारी है और RPF ने आगे भी इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने जबलपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। RPF की कार्रवाई में कई ऐसे युवक पकड़े गए जो असल में किन्नर नहीं थे, बल्कि किन्नर का वेश धारण कर यात्रियों से पैसे ऐंठ रहे थे। यह भंडाफोड़ RPF द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान हुआ। अभियान में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि ये युवक साड़ी पहनकर, मेकअप करके और किन्नरों के हाव-भाव अपनाकर ट्रेनों में यात्रियों से पैसे मांगते थे। नकदी न होने की स्थिति में वे QR कोड के ज़रिए ऑनलाइन भुगतान भी लेते थे। पकड़े गए युवकों ने बताया कि नौकरी न मिलने और आसानी से कमाई करने के लिए उन्होंने यह रास्ता चुना। उनकी रोज़ाना की कमाई लगभग ₹1500 से ₹2000 तक होती थी, जिससे वे महीने में ₹60,000 तक कमा लेते थे। RPF अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क जबलपुर के साथ-साथ कटनी, नरसिंहपुर और इटारसी तक फैला हुआ था। इस मामले में जाँच अभी भी जारी है और RPF ने आगे भी इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
- आवाज़ न्यूज़ के अनुसार, जबलपुर के ड्रीम रिसॉर्ट में बदइंतजामी और लापरवाही का एक 'ड्रीम' उजागर किया गया है। यह खबर 06 जून 2026 को जबलपुर से संबंधित अन्य छोटी-बड़ी खबरों के साथ प्रसारित की जाएगी, जिसमें रिसॉर्ट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं।1
- दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जहाँ फुटेरा और बकायन मार्ग के बीच 21 पेटी देशी शराब से भरी एक कार पकड़ी गई। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने कार क्रमांक एम पी 20 जेड बी 2224 का पीछा किया, जिसके दौरान कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई। इस मौके का फायदा उठाकर वाहन में सवार आरोपी अंधेरे में फरार हो गए। पुलिस ने तलाशी में कार से 21 पेटी लाल मसाला देशी शराब बरामद की, जिसमें लगभग 1050 पाव शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है; दुर्घटना के कारण कुछ पाव क्षतिग्रस्त भी पाए गए। यह कार्रवाई भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों द्वारा अवैध शराब परिवहन की सूचना दिए जाने के बाद की गई। थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, और संगठन से सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रियता दोहराते हुए कहा कि वे नशा मुक्ति अभियान के तहत समाज को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार सक्रिय हैं, तथा अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे हैं। पुलिस ने जब्त शराब और वाहन को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रजनी शुक्ला, फुटेरा चौकी प्रभारी आनंद कुमार, प्रधान आरक्षक विपेश चौबे, आरक्षक संदीप और आरक्षक सोनू कुर्मी की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब वाहन के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है, और मामले की आगे की जांच जारी है।1
- सिवनी जिले के घंसौर स्थित एनटीपीसी झाबुआ पावर प्लांट परिसर में 5 जून 2026, गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक बड़े वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान प्लांट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से पौधारोपण किया और इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। प्लांट प्रबंधन ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस से की गई है। सभी कर्मचारियों ने इस अवसर पर पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। प्रबंधन ने जोर देकर कहा कि एक हरित भविष्य और पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है, और यही कारण है कि इस अभियान को प्रत्येक वर्ष प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाता है।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम छतरपुर में गुरुवार को विद्युत मेंटेनेंस कार्य के दौरान करंट लगने से एक किसान की दुखद मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित होकर मृतक किसान के परिजन और ग्रामीण ग्राम डोभी में स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने के बाद तेंदूखेड़ा पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान, परिजनों ने सीधे तौर पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एक किसान से बिजली लाइन पर मेंटेनेंस का कार्य कराया, जिसके परिणामस्वरूप उसे करंट लगा और उसकी जान चली गई। ग्रामीणों ने इस पूरी घटना के बाद विभागीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।3
- मंडला जिले के सारस डोली के पोषक ग्राम मोहगांव में जल जीवन मिशन जमीनी हकीकत में पूरी तरह से फेल साबित हुआ है। यहां के ग्रामीण पीने के पानी के लिए नाले पर निर्भर होने को मजबूर हैं, क्योंकि महीनों से बंद पड़े हैंडपंपों के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- विकासखंड मवई के ग्राम दाडी में आयोजित 'रात्रि चौपाल और रात्रि विश्राम' कार्यक्रम के दौरान एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली। इस पहल के तहत, कलेक्टर, एसपी, सीईओ जिला पंचायत और पूरा प्रशासनिक दल ग्रामीणों के साथ ज़मीन पर बैठा और उनके साथ भोजन किया। इस दौरान, प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को बेहद करीब से समझा, जिससे क्षेत्र में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम छतरपुर में गुरुवार को विद्युत मेंटेनेंस कार्य के दौरान करंट लगने से एक किसान की मौत हो गई। घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने एक किसान से बिजली लाइन पर मेंटेनेंस का कार्य करवाया, जिसके चलते करंट लगने से उसकी जान चली गई। किसान की मौत के बाद, परिजन और ग्राम डोभी में स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर तेंदूखेड़ा पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने भी विभागीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।3
- विकासखंड मवई के ग्राम दाडी में 'रात्रि चौपाल' और 'विश्राम कार्यक्रम' का आयोजन किया गया, जहाँ कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने ग्राम वासियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा बताई गई विभिन्न समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए।1
- दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में एक युवक पर रोडरेज के चलते चाकू से जानलेवा हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया है। पीड़ित युवक की पहचान सानू शेख (पिता- शेख खालिक कल्लू) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पाटन, जबलपुर निवासी राजू प्रजापति है। जानकारी के अनुसार, सानू शेख का सड़क पर किसी बात को लेकर राजू प्रजापति से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि जैसे ही सानू शेख ने अपनी गाड़ी खड़ी की, राजू प्रजापति ने अचानक धारदार चाकू से उसके पेट में हमला कर दिया। खून से लथपथ सानू शेख को तेंदूखेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ ड्यूटी डॉक्टर अशोक बरौनियां ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर बरौनियां ने बताया कि युवक के पेट में गहरा घाव है और उसकी हालत नाजुक है, जिसके चलते उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत जबलपुर भेजा गया है। तेंदूखेड़ा थाना पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है और घायल के भाई व प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोपी राजू प्रजापति की तलाश कर रही है। क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल है, जबकि दमोह जिले में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश न लग पाने की बात भी कही जा रही है।1