नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, नियमितीकरण समेत तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कटिहार नगर निगम कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार से नगर निगम के स्थायी, संविदा, दैनिक, अनुबंध, बाह्य सेवा एवं एनजीओ के कर्मचारी अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए पूरे शहर का भ्रमण भी किया,इस दौरान संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। हड़ताल पर बैठे संघ के उपाध्यक्ष अंबिका पासवान ने कहा कि नगर निगम कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी समिति की बैठक किया गया, बैठक में बताया गया कि बिहार लोकल बॉडिज इम्प्लाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर में स्थानीय निकाय कर्मी चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में कटिहार नगर निगम के कर्मचारियों ने भी 4 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सेवा का नियमितीकरण एवं सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना तथा एसीपी/एमसीपी योजना का पूर्ण क्रियान्वयन करते हुए लंबित बकाया राशि का भुगतान शामिल है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती या महासंघ द्वारा हड़ताल समाप्त करने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन के साथ किसी प्रकार के टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देंगे। नगर निगम कर्मियों की हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव, जलापूर्ति तथा अन्य नगर निगम सेवाओं पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, आम नागरिकों की नजर अब प्रशासन और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, नियमितीकरण समेत तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कटिहार नगर निगम कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार से नगर निगम के स्थायी, संविदा, दैनिक, अनुबंध, बाह्य सेवा एवं एनजीओ के कर्मचारी अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए पूरे शहर का भ्रमण भी किया,इस दौरान संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। हड़ताल पर बैठे संघ के उपाध्यक्ष अंबिका पासवान ने कहा कि नगर निगम कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी समिति की बैठक किया गया, बैठक में बताया गया कि बिहार लोकल बॉडिज इम्प्लाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर में स्थानीय निकाय कर्मी चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में कटिहार नगर
निगम के कर्मचारियों ने भी 4 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सेवा का नियमितीकरण एवं सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना तथा एसीपी/एमसीपी योजना का पूर्ण क्रियान्वयन करते हुए लंबित बकाया राशि का भुगतान शामिल है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती या महासंघ द्वारा हड़ताल समाप्त करने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन के साथ किसी प्रकार के टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देंगे। नगर निगम कर्मियों की हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव, जलापूर्ति तथा अन्य नगर निगम सेवाओं पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, आम नागरिकों की नजर अब प्रशासन और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
- पीरपैंपती प्रखंड स्थित बारा पंचायत भवन के ठीक सामने चल रहे नाला निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।....... मुन्ना पासवान मुखिया Ranjit Paswan जिला परिषद् उम्मीदवार विकास चंदन पाण्डेय1
- सावन के सोमवार को नवगछिया के इस मंदिर में हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं Sawan Special Video Naugachia Bihar #sawan #naugachia #bihar1
- ग्राम पंचायत में सड़क और स्ट्रीट लाइट योजना 🚨 BREAKING NEWS 🚨 ग्राम पंचायत में सड़क और स्ट्रीट लाइट योजना पर उठे सवाल! ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क और स्ट्रीट लाइट के नाम पर सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हुआ। कई जगह सड़क अधूरी है और स्ट्रीट लाइटें बंद या लगी ही नहीं हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।1
- रसलपुर थाना से बरामद नाबालिक लड़की फरार, सोमवार को लड़की हुई बरामद, मंगलवार को फरार! शादी की नीयत से अपहृत नाबालिग बरामदगी के बाद थाने से लापता, पुलिस तलाश में जुटी कहलगांव: रसलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 20 जुलाई को कथित तौर पर शादी की नीयत से अपहृत की गई नाबालिग लड़की सोमवार को स्वयं रसलपुर थाना पहुंची। इसके बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण अनुमंडलीय अस्पताल, कहलगांव में कराया। मंगलवार को उसका न्यायालय में बयान दर्ज कराया जाना था। इसी बीच नाबालिग लड़की थाने से लापता हो गई। घटना के बाद थाना क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में हलचल मच गई और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, लड़की की मां ने रसलपुर थाने में आवेदन देकर एक युवक सहित छह लोगों के विरुद्ध अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक नाबालिग लड़की को एक मौलाना की मौजूदगी में विवाह करते हुए दिखाया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस ने इसे मामले से संबंधित होने की पुष्टि की है। रसलपुर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि नाबालिग लड़की थाने से कहीं चली गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा।1
- अभिनव पाण्डेय ने टीवी टुडे ग्रुप छोड़ा और अरुण पुरी पत्रकारिता से अलग हो कर *"न्यूज़ माइक थामा उसी को आम दर्शक की मान्यता मिली. एक पत्रकार (सच्चा और झूठा पत्रकार कुछ नहीं होता, या तो पत्रकार होता है या फिर दलाल) के लिए इससे बड़ा तमग़ा ओर कोई नहीं है... ✍️👆🤣😀🤣.🔥🔥💯 हमारे पेज को फॉलो करें / सच को आवाज जनता के साथ 🙏मगही शेर अभिषेक रंजन🙏1
- E20 के खिलाफ़ 2 लाख 33 हज़ार से ज़्यादा लोगों की Signed Petition की Copy @ArvindKejriwal जी ने प्रधानमंत्री मोदी जी तक पहुँचा दी है। अब देश को प्रधानमंत्री मोदी जी के जवाब का इंतज़ार है।1
- 15वां वृत्त टी के फंड से आगे तरीका से पैसा निकालने की घटना सामने आई है मैहरमा में थाना क्षेत्र के परसा गांव से1
- अनंत सिंह का बड़ा दावा! 'नीतीश कुमार CM रहते तो बांकीपुर का नतीजा अलग होता1
- विपक्ष सरकार से सवाल पूछ रहा था, लेकिन जवाब सरकार से कम और स्पीकर की कुर्सी से ज़्यादा आ रहे थे। क्या यही लोकतंत्र हैं? "रसीद लेकर आ जाओ", "तुम तो पैदा भी नहीं हुए थे...", "मैं बताता हूँ कहाँ मिलेगा..." - ये किसी निष्पक्ष स्पीकर की भाषा नहीं लगती। ये तो ऐसा लग रहा था जैसे सत्ता पक्ष का कोई नेता विपक्ष से बहस कर रहा हो। लोकतंत्र में स्पीकर की कुर्सी किसी पार्टी की नहीं, पूरे सदन की होती है। उसका काम सत्ता का बचाव करना नहीं, नियमों के मुताबिक़ सदन चलाना और दोनों पक्षों को बराबरी से सुनना है। लेकिन जिस दौर में हर संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हों, वहाँ स्पीकर से भी निष्पक्षता की उम्मीद करना शायद ज़्यादा बड़ी उम्मीद हो गई है। अब उम्मीद सिर्फ़ जनता से है। वही तय करेगी कि नफ़रत फैलाने वालों, समाज को बाँटने वालों और जवाबदेही से भागने वालों को सत्ता में बनाए रखना है या लोकतंत्र को फिर से मज़बूत करना है।1