जनपद चंदौली के थाना मुगलसराय क्षेत्र में सपा की महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती गार्गी सिंह के घर में घुसकर मारपीट और आभूषण छीनने के मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को हिरासत में लिया है। यह घटना 28.05.2026 को भूमि संबंधी पुराने विवाद और आपसी मनमुटाव के चलते हुई थी, जब अभियुक्त और उसके सहअभियुक्तों ने श्रीमती गार्गी सिंह के घर में जबरन प्रवेश कर लाठी-डंडे और रॉड से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस दौरान, अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर वादिनी के सोने के आभूषण भी छीन लिए गए थे। उक्त घटना के संबंध में श्रीमती गार्गी सिंह पत्नी सुजीत कुमार सिंह, निवासी ग्राम मढ़िया पड़ाव, थाना मुगलसराय द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर 29.05.2026 को थाना मुगलसराय पर मु0अ0सं0 260/2026 धारा 333/115(2)/351(2)/309(4) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। उच्चाधिकारीगण के निर्देशन में कार्य करते हुए, थाना मुगलसराय की पुलिस टीम ने लगातार दबिश और मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर, 29.05.2026 को रात करीब 10:30 बजे, इस घटना में शामिल शातिर अभियुक्त अमित कुमार यादव को फायर स्टेशन मुगलसराय के समीप से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान, अभियुक्त ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
जनपद चंदौली के थाना मुगलसराय क्षेत्र में सपा की महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती गार्गी सिंह के घर में घुसकर मारपीट और आभूषण छीनने के मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को हिरासत में लिया है। यह घटना 28.05.2026 को भूमि संबंधी पुराने विवाद और आपसी मनमुटाव के चलते हुई थी, जब अभियुक्त और उसके सहअभियुक्तों ने श्रीमती गार्गी सिंह के घर में जबरन प्रवेश कर लाठी-डंडे और रॉड से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस दौरान, अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर वादिनी के सोने के आभूषण भी छीन लिए गए थे। उक्त घटना के संबंध में श्रीमती गार्गी सिंह पत्नी सुजीत कुमार सिंह, निवासी ग्राम मढ़िया पड़ाव, थाना मुगलसराय द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर 29.05.2026 को थाना मुगलसराय पर मु0अ0सं0 260/2026 धारा 333/115(2)/351(2)/309(4) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। उच्चाधिकारीगण के निर्देशन में कार्य करते हुए, थाना मुगलसराय की पुलिस टीम ने लगातार दबिश और मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर, 29.05.2026 को रात करीब 10:30 बजे, इस घटना में शामिल शातिर अभियुक्त अमित कुमार यादव को फायर स्टेशन मुगलसराय के समीप से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान, अभियुक्त ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
- अमेठी के कोतवाली क्षेत्र स्थित कुशीताली गांव में घर के सामने खड़ंजा निर्माण को लेकर चाचा और भतीजे के बीच विवाद सामने आया है। एक पक्ष ने जबरन जमीन पर कब्जे और महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह कार्य केवल आवागमन की सुविधा के लिए कराया जा रहा है। गांव निवासी शिक्षक अरविंद कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह उनके घर के सामने कुछ लोग मुंह पर गमछा बांधकर पहुंचे और जबरन खड़ंजा लगाने लगे। उस समय वह जनगणना ड्यूटी पर घर से बाहर थे। जब घर पर मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह उनके घर के सामने का रास्ता है और दूसरा पक्ष कब्जे की नीयत से निर्माण करा रहा था। इस संबंध में अमेठी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, दूसरे पक्ष के प्रशांत पांडेय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता उनके सगे चाचा हैं और दोनों परिवार अगल-बगल रहते हैं। उन्होंने बताया कि जिस जगह खड़ंजा लगाया गया है, वहां लंबे समय से जलभराव की समस्या है, जिससे बरसात और अन्य दिनों में भी ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत होती है। प्रशांत पांडेय के अनुसार, इस मार्ग का निर्माण पूर्व विधायक गायत्री प्रसाद प्रजापति के कार्यकाल में विधायक निधि से आरसीसी सड़क के रूप में हुआ था, लेकिन एक हिस्से में पानी भरने लगा था। इसलिए सिर्फ जलभराव वाले हिस्से पर ही खड़ंजा लगाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण का उद्देश्य किसी की भूमि पर कब्जा करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को जलभराव से राहत दिलाना और आवागमन को सुगम बनाना है। प्रशांत पांडेय ने अपने चाचा के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मामले को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया जा रहा है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- दशाश्वमेध घाट पर आयोजित गंगा आरती में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान दशाश्वमेध पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए मुस्तैदी से काम किया, ताकि व्यवस्था बनी रहे।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का थाना गाजीपुर क्षेत्र स्थित इंदिरा नगर नशे की गिरफ्त में है, जहाँ इंदिरा नगर के बी ब्लॉक चौराहे पर धड़ल्ले से गांजा बेचा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राशिद सिद्दीकी नामक एक युवक खुलेआम चौराहे पर स्मैक और गांजा बिकवा रहा है। सौ रुपए में गांजे की पुड़िया बेचकर युवा पीढ़ी को नशे की आगोश में धकेला जा रहा है। यह ताजा मामला थाना गाजीपुर के बी ब्लॉक चौराहा, साईं मंदिर के सामने बस स्टॉप पर का है। इस गंभीर स्थिति पर गाजीपुर पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि कई बार वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। इतना ही नहीं, ट्विटर हैंडल के माध्यम से शिकायत किए जाने पर गाजीपुर पुलिस पुराने वीडियो का हवाला देकर मामले को रफा-दफा कर देती है, जिससे नशे का यह कारोबार बेरोकटोक जारी है।1
- पूरे विश्व में आज तंबाकू निषेध दिवस मनाया जा रहा है, जिसे 31 मई 2026 को तंबाकू दिवस के रूप में भी जाना जाता है। इस अवसर पर रायबरेली में आम जनता ने तंबाकू उत्पादों से होने वाली कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर चिंता व्यक्त की, खासकर युवा पीढ़ी में बढ़ रहे फ्लेवर्ड सिगरेट और गुटखा के सेवन को लेकर। लोगों ने सरकार से अपील की है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाए और तंबाकू उत्पादन करने वाली बड़ी फैक्ट्रियों को बंद कराया जाए। आम जनता का मानना है कि जब बड़ी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई होगी, तो छोटे व्यापारी इन उत्पादों की खरीद नहीं कर पाएंगे, जिससे आने वाली युवा पीढ़ी पूरी तरह स्वस्थ रहेगी। वहीं, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शशांक चौधरी ने भी विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि धूम्रपान युवाओं के लिए जहर समान है, विशेषकर 13 से 14 वर्ष की आयु के किशोरों में यह एक गंभीर बीमारी का रूप लेता जा रहा है, जिससे युवाओं में नशे की लत बढ़ती दिख रही है। उन्होंने भी सरकार से इस मुद्दे पर गंभीर होने और बड़ी कंपनियों पर रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही, फिल्म इंडस्ट्री के माध्यम से टीवी चैनलों पर किए जाने वाले तंबाकू विज्ञापनों पर भी तत्काल प्रतिबंध लगाने पर जोर दिया गया है।2
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने हाल ही में कहा है कि वर्तमान समय में महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी कार्यालयों और विभिन्न उद्योगों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने इस स्थिति को राज्य में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का एक सशक्त उदाहरण बताया है।1
- अमेठी के शुक्ल बाजार थाने के ठीक सामने जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर बवाल हुआ। इस विवाद के दौरान हुई फायरिंग से पूरे कस्बे में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए। थाने के अंदर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्थिति पर काबू पाया। थाने के ठीक सामने गोली चलने की खबर से पुलिस महकमे में भी अफरा-तफरी मच गई और बीच बाजार सड़क पर शुरू हुए इस विवाद व फायरिंग की सूचना के बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही एक पक्ष दबंगई के बल पर दीवार तोड़कर दरवाजा लगाने का प्रयास कर रहा था। विवाद बढ़ने पर गोली चली, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। हालात संभालने के लिए पुलिस ने आनन-फानन में कस्बे की खुली दुकानों को बंद कराया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। पुलिस ने फायरिंग के आरोपी युवक समेत कुल नौ लोगों को हिरासत में लिया है। अब तहरीर के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर रही है।1