सहरसा में ओलावृष्टि ने तोड़ी किसानों की कमर, मक्का की फसल बर्बाद; घरों के चदरा उड़े और पेड़ उखड़े सोनबरसा प्रखंड क्षेत्र में बीते मंगलवार की रात आई तेज आंधी, बारिश और भारी ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। एक ओर जहां कई स्थानों पर लोगों के घरों के चदरा उड़ गया और बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गया। वहीं दूसरी ओर किसानों की मेहनत पर मौसम की मार पड़ गया। सोनबरसा प्रखंड क्षेत्र की मुख्य फसल मक्का सबसे अधिक प्रभावित हुई है। खेतों में लगी मक्का की फसल पूरी तरह धराशायी हो गया है। तेज हवा और ओलावृष्टि के कारण मक्का के पौधे आधे हिस्से से टूटकर खेत में गिर गया है, जबकि पत्तियां भी फटकर खराब हो गया हैं। कई किसानों ने बताया कि अब फसल बचने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है। 🔶ओलावृष्टि से खेतों में महीनों की मेहनत पर कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गया है। किसानों का कहना है कि फसल नष्ट होने से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गया है। अब उनके लिये ये बड़ी चुनौती बन गई है। 🔷पीड़ित किसानों ने सरकार से जल्द सर्वे कराकर फसल क्षति का पूरा मुआवजा देने की मांग की है। ताकि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से हुई भारी नुकसान से राहत मिल सके, इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। 🔶कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, ऐसे में फसल बर्बाद होने से उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है। वहीं स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों जल्द ही सर्वे कराने का गुजारिश किया है और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने मांग की है । फिलहाल किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं, ताकि उन्हें इस मुश्किल समय में राहत मिल सके।
सहरसा में ओलावृष्टि ने तोड़ी किसानों की कमर, मक्का की फसल बर्बाद; घरों के चदरा उड़े और पेड़ उखड़े सोनबरसा प्रखंड क्षेत्र में बीते मंगलवार की रात आई तेज आंधी, बारिश और भारी ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। एक ओर जहां कई स्थानों पर लोगों के घरों के चदरा उड़ गया और बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गया। वहीं दूसरी ओर किसानों की मेहनत पर मौसम की मार पड़ गया। सोनबरसा प्रखंड क्षेत्र की मुख्य फसल मक्का सबसे अधिक प्रभावित हुई है। खेतों में लगी मक्का की फसल पूरी तरह धराशायी हो गया है। तेज हवा
और ओलावृष्टि के कारण मक्का के पौधे आधे हिस्से से टूटकर खेत में गिर गया है, जबकि पत्तियां भी फटकर खराब हो गया हैं। कई किसानों ने बताया कि अब फसल बचने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है। 🔶ओलावृष्टि से खेतों में महीनों की मेहनत पर कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गया है। किसानों का कहना है कि फसल नष्ट होने से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गया है। अब उनके लिये ये बड़ी चुनौती बन गई है। 🔷पीड़ित किसानों ने सरकार से जल्द सर्वे कराकर फसल क्षति का पूरा मुआवजा देने
की मांग की है। ताकि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से हुई भारी नुकसान से राहत मिल सके, इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। 🔶कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, ऐसे में फसल बर्बाद होने से उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है। वहीं स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों जल्द ही सर्वे कराने का गुजारिश किया है और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने मांग की है । फिलहाल किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं, ताकि उन्हें इस मुश्किल समय में राहत मिल सके।
- तेज़ आंधी के साथ बारिशऔर बृजपात के कारण काशनगर समेत आसपास के कई गांवों में भारी नुकसान हुआ। कई कच्चे घर गिर गए और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं से पेड़ भी गिर पड़े, जिससे कुछ जगहों पर रास्ते बाधित हो गए। खेतों में लगी फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद और राहत की मांग की है।7
- Post by मिथिलेश कुमार1
- तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री नहीं मानने वाले। सम्राट चौधरी को क्यों मान रहे हैं सिर्फ जात पात के नाम पे ट चाहिए नहीं क्योंकि फिर भी जात पात के नाम पे चिराग पासवान दलित है चिराग पासवान BJP में है सिर्फ पासवान समाज का वोट बैंक के लिए। NDA का सरकार बिहार में ठीक है लेकिन सत्ता को बिहार के लिए चलाइए चुकी बिहार को आगे बढ़ाने के लिए बिहारी चला सकते हैं। इसलिए बिहार गरिबी स्तर से NO 01 पे है। बिहार के लिए सभी बिहार वासियों को सोचना चाहिए जात पात से, धर्म से बिहार पिछे जा रहा है आगे नहीं महोदय1
- मधेपुरा से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना गुस्सा जाहिर किया। दरअसल गुरुवार को मधेपुरा के बीपी मंडल चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सौरभ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकजुट हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। हाथों में झंडे और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने महंगाई, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और बिजली के बढ़ते दामों को लेकर सरकार को घेरा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। बाइट --संतोष कुमार सौरभ,जिला अध्यक्ष “सरकार महंगाई पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है। अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।” प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर महंगाई पर लगाम नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में यह विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।4
- सहरसा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां महिषी प्रखंड में जन वितरण प्रणाली से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक राशन डीलर पर अभद्र व्यवहार, मारपीट की धमकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगा है। मामला महिषी प्रखंड के निवासी संतोष कुमार चुन्नू से जुड़ा है, जिन्होंने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि 31 मार्च 2026 की शाम करीब 5 बजे जब उनके परिवार को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया गया, तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। लेकिन आरोप है कि राशन डीलर अरुण दास ने उनकी बात सुनने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी और बार-बार जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट करने के साथ गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। पीड़ित का कहना है कि इस पूरी घटना का वीडियो भी मौजूद है, जिसमें आरोपी साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार डरा और सहमा हुआ है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आरोपी डीलर का लाइसेंस रद्द किया जाए और SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।1
- उसरी में भूस्कार से भूसा निकालने के दौरान जहरीले सर्प ने डंसा, गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के बाद रेफर गोगरी थाना क्षेत्र के उसरी में बुधवार की दोपहर भूस्कार से भूसा निकालने के दौरान एक जहरीले सर्प ने किसान को डंस लिया। जिसके बाद किसान के परिजनों द्वारा आनन फानन में इलाज के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों द्वारा इलाज के बाद बुधवार की दोपहर दो बजे गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल से रेफर कर दिया गया है। किसान की पहचान उसरी निवासी विष्णुदेव यादव के रूप में हुई है। इधर गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि किसान की हालत काफी गंभीर है। उसे 18 वाइल इंजेक्शन दिया गया। इसके बाद भी किसान की हालत चिंताजनक है। जिस कारण रेफर करना पड़ा है।1
- Post by किरण देव यादव1
- बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला मधेपुरा से सामने आया है, जहां एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। मधेपुरा में मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वाहन जांच के दौरान मुरलीगंज थाना क्षेत्र में मीरगंज और जोरगामा के बीच एक संदिग्ध टाटा नेक्सन कार को रोका गया। जब टीम ने गाड़ी की तलाशी ली तो अंदर छिपाकर रखी गई अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब की 148 बोतलें और टेट्रा पैक बरामद हुए। कुल मिलाकर करीब 52 लीटर शराब जब्त की गई है। कार में सवार एक व्यक्ति, जिसकी पहचान भर्राही थाना क्षेत्र के राजपुर निवासी अनुराजा के रूप में हुई है, उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। प्राथमिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़े तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। बाइट --बबलू कुमार, मद्य निषेध निरीक्षक, मधेपुरा पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और शराब तस्करों में डर का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।4