मा0 राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग श्री संजय सिंह गंगवार की अध्यक्षता में 09 जून 2026 को गांधी सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों की एक बैठक सम्पन्न हुई। यह बैठक पीलीभीत में बाढ़ और बिजली से संबंधित समस्याओं के निस्तारण की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी भुवन चन्द्र पंत, नगर मजिस्टेªट विजय वर्धन तोमर, जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता बाढ़ खण्ड/सिंचाई, उप कृषि निदेशक, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी सहित समस्त सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान, संबंधित अधिकारी द्वारा जनपद में चल रही बाढ़ परियोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया। मा0 राज्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकायों के अधिकारियों को जलभराव की समस्या रोकने के लिए नाला निर्माण कार्यों में गति लाने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने तथा कूड़ाघरों और अस्थायी डलाव स्थलों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए उन्हें समाप्त करने की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए, मा0 राज्यमंत्री ने विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर तारों, झुके हुए विद्युत पोलों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थलों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। मा0 राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्युत दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विद्युत लाइन लॉस को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए। अंत में, मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
मा0 राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग श्री संजय सिंह गंगवार की अध्यक्षता में 09 जून 2026 को गांधी सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों की एक बैठक सम्पन्न हुई। यह बैठक पीलीभीत में बाढ़ और बिजली से संबंधित समस्याओं के निस्तारण की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी भुवन चन्द्र पंत, नगर मजिस्टेªट
विजय वर्धन तोमर, जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता बाढ़ खण्ड/सिंचाई, उप कृषि निदेशक, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी सहित समस्त सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान, संबंधित अधिकारी द्वारा जनपद में चल रही बाढ़ परियोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया। मा0 राज्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकायों के अधिकारियों को जलभराव की समस्या रोकने के लिए नाला निर्माण कार्यों में गति लाने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त,
उन्होंने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने तथा कूड़ाघरों और अस्थायी डलाव स्थलों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए उन्हें समाप्त करने की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए, मा0 राज्यमंत्री ने विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर तारों, झुके हुए विद्युत पोलों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थलों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। मा0 राज्यमंत्री ने स्पष्ट
किया कि विद्युत दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विद्युत लाइन लॉस को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए। अंत में, मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
- मकनपुर रोशन सिंह चौराहे पर रस्तोगी परिवार द्वारा एक जबरदस्त जागरण का आयोजन किया गया। इस भावपूर्ण आयोजन में क्षेत्र के निवासियों ने भाग लेकर इसका पूरा आनंद लिया।2
- पीलीभीत जिले के बरखेड़ा कस्बे में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने रेलवे क्रॉसिंग नहर के पास स्थित एक खेत में एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा देखा। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस मृतक की शिनाख्त करने के प्रयासों में जुटी हुई है। मृतक की जेब से एक बंद मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसके आधार पर उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है। घटनास्थल पर, शव से लगभग 15 मीटर की दूरी पर, एक काले रंग का बैग, एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल और एक कीटनाशक की बोतल भी मिली है। प्रारंभिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। बताया गया है कि शव करीब दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। पुलिस का कहना है कि युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी साक्ष्यों को एकत्र कर मामले की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र को विधायक बाबूराम पासवान के प्रयासों से एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना की सौगात मिली है। क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही माँग को पूरा करते हुए, शेरपुर बायपास और माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) के निर्माण के लिए ₹13.46 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के लिए सेतु निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर सर्वे का काम भी पूरा कर लिया है, जिससे निर्माण कार्य की तैयारियाँ अब तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। इस पहल से पूरनपुर को भयंकर जाम की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिलने की उम्मीद है, साथ ही नेपाल, उत्तराखंड और लखीमपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी सफर बेहद सुगम हो जाएगा।1
- एक टिप्पणी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुसार चलने वाला कोई भी प्राणी देशद्रोही और 'महा गद्दार' है। यह बयान भारतीय संविधान के सिद्धांतों का पालन करने वालों पर सीधा और अत्यंत गंभीर आरोप लगाता है, उन्हें राष्ट्र के प्रति विश्वासघाती घोषित करता है।1
- अज्ञात कारणों से आग लगने की एक घटना सामने आई है। इस आग में भूसे का एक बड़ा गूंगा और कंडों का बठिया पूरी तरह से जलकर राख हो गया।4
- पिलभीत जिले के बिलसंडा कस्बे में पुरानी बैंक ऑफ बड़ौदा के पास स्थित शेखर जूता शोरूम के ऊपर बने एक आवास में भीषण आग लगने से लाखों रुपये की गृहस्थी जलकर राख हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि घर का अधिकांश सामान नहीं बचाया जा सका। आग की चपेट में आने से सोफा, बेड, एसी, अलमारी, कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जल गया। परिवार के अनुसार, उनके दैनिक उपयोग का लगभग पूरा सामान नष्ट हो गया, यहाँ तक कि खाने-पीने का सामान भी सुरक्षित नहीं बचा और घर में एक दाना तक शेष नहीं रहा। आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घर में मौजूद चारपाइयाँ भी जलकर नष्ट हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में, दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक गृहस्थी का अधिकांश सामान जल चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता और नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने की अपील की है। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।2