गढ़वा में चर्चा बटोर रहे एक वीडियो और भाषण में, डॉक्टर साहब द्वारा NEET पास एक छात्रा को कॉलेज की टाइमिंग के दौरान बेहद सरल तरीके से भारत के संस्कार और सभ्यता के बारे में समझाया गया है। इस वायरल वीडियो में डॉ. कुमार विश्वास, डॉ. विकास दिव्यकीर्ति या अन्य प्रसिद्ध शिक्षकों और अनिरुद्धाचार्य जी व डॉ. अर्चना प्रिया जी जैसे कथावाचकों के प्रेरक विचारों की सीख मिलती है, जो अक्सर छात्रों को जीवन-मूल्यों का मार्गदर्शन देते हैं। इसके तहत शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार और बड़ों के आदर को बेहद जरूरी बताया गया है। इसमें भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं का महत्व समझाते हुए माता-पिता, विशेषकर पिता की सहमति और आशीर्वाद से विवाह करने की महत्ता बताई गई है। इसके अलावा, शिक्षकों द्वारा छात्रों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे अपना कीमती समय व्यर्थ के प्रेम प्रसंगों और भटकाव में बर्बाद करने के बजाय अपना पूरा ध्यान करियर, शिक्षा और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित करें।
गढ़वा में चर्चा बटोर रहे एक वीडियो और भाषण में, डॉक्टर साहब द्वारा NEET पास एक छात्रा को कॉलेज की टाइमिंग के दौरान बेहद सरल तरीके से भारत के संस्कार और सभ्यता के बारे में समझाया गया है। इस वायरल वीडियो में डॉ. कुमार विश्वास, डॉ. विकास दिव्यकीर्ति या अन्य प्रसिद्ध शिक्षकों और अनिरुद्धाचार्य जी व डॉ. अर्चना प्रिया जी जैसे कथावाचकों के प्रेरक विचारों की सीख मिलती है, जो अक्सर छात्रों को जीवन-मूल्यों का मार्गदर्शन देते हैं। इसके तहत शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार और बड़ों के आदर को बेहद जरूरी बताया गया है। इसमें भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं का महत्व समझाते हुए माता-पिता, विशेषकर पिता की सहमति और आशीर्वाद से विवाह करने की महत्ता बताई गई है। इसके अलावा, शिक्षकों द्वारा छात्रों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे अपना कीमती समय व्यर्थ के प्रेम प्रसंगों और भटकाव में बर्बाद करने के बजाय अपना पूरा ध्यान करियर, शिक्षा और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित करें।
- ओम प्रकाश चंद्रवंशी की मृत्यु के मामले में दोषियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित युवा समाजसेवी शशांक शेखर ने कांडी थाना गेट पर धरना शुरू कर दिया है। शशांक शेखर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपनी बात रखी है।1
- लातेहार में मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से 11 जुलाई 2026 तक बी-समवाय, लातेहार में आयोजित किया गया था। इस समापन समारोह में वार्ड पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों और एसएसबी के अधिकारियों व जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इस पहल को युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी और बेहद उपयोगी बताया। इस प्रशिक्षण में लातेहार जिले के डुरुवा, धनकारा, कल्याणपुर, गुरगु और आसपास के क्षेत्रों से कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान इन प्रतिभागियों को फाइल प्रबंधन, इंटरनेट, नेटवर्किंग, डिवाइस कंट्रोल, सुरक्षा प्रणाली, एमएस वर्ड, पावर पॉइंट और एमएस एक्सेल जैसे तकनीकी विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। समारोह के दौरान 32वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत आधार है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल प्रभावित और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि तकनीक और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे गए और एसएसबी ने भविष्य में भी ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आश्वासन दिया।1
- बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरडीह में कब्रिस्तान के पास लाखों रुपए की लागत से बन रही नाली में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य की हालत इतनी खस्ता है कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह नाली पहली ही बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाएगी। नाली का ढांचा अभी से आड़ा-तिरछा दिखने लगा है और इसकी मजबूती इतनी कम है कि हाथ से मारने पर ही गिट्टी-सीमेंट उखड़ने की नौबत आ गई है। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर यहाँ न तो लागत और विवरण का कोई सूचना पटल (साइन बोर्ड) लगाया गया है और न ही निर्माण मानकों का पालन किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में भारी तकनीकी गड़बड़ियां और घटिया सामग्री का इस्तेमाल साफ देखा जा सकता है। नाली बनाने में पूरी तरह से मिट्टी युक्त बालू (रेत) का उपयोग हो रहा है और सीमेंट की मात्रा में भी भारी कटौती की जा रही है। यह नाली PMJSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) की सड़क के किनारे बनाई जा रही है, जहाँ नियमानुसार 10mm और 8mm के सरिए का सही अनुपात में इस्तेमाल होना चाहिए। लेकिन यहाँ पैसे बचाने के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ 8mm की कमजोर सरिया से काम चलाया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों का भी गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। जब इस भ्रष्टाचार को लेकर जनपद सीईओ संजय दुबे से बात की गई, तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस कार्य की जानकारी नहीं है और इसकी लागत क्या है, यह देखना पड़ेगा। वहीं, गाँव के सरपंच ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह कार्य उनके द्वारा नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सब-इंजीनियर कभी मौके पर मुआयना करने नहीं आते और ग्राम पंचायत के सचिव भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। बिना किसी डर के चल रहे इस बंदरबांट से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने शासन के पैसों के इस दुरुपयोग के खिलाफ जांच की मांग की है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के भेलवाडीह स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विद्यालय परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया।1
- बलरामपुर के रामानुजगंज स्थित काका लरंग सायं कम्युनिटी हॉल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव और डीएमसी चंद्रभूषण गुप्ता मंच पर प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के चरण स्पर्श करते हुए नजर आ रहे हैं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे, उसी दौरान यह घटना कैमरे में कैद हुई। वीडियो के सामने आने के बाद इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, हालांकि अभी तक संबंधित अधिकारियों या कृषि मंत्री की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- लातेहार जिले के मनिका प्रखंड स्थित शिंजो पंचायत से हज यात्रियों का एक जत्था मक्का-मदीना के लिए रवाना हुआ। बाड़ी इस्लाम नगर के जसीमुद्दीन मियां और सरफुद्दीन मियां के साथ बाड़ी प्रधान मोहल्ला के इस्माइल मियां ने हज यात्रा की शुरुआत की। इस मौके पर गुरुवार सुबह 11 बजे गांव में मिलादुन्नबी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नात शरीफ की गूंज से पूरा इलाका इबादत में सराबोर नजर आया और इमाम साहब ने उपस्थित लोगों को हज के फर्ज और इसकी अहमियत के बारे में जानकारी दी। हाजियों को विदाई देने के लिए गांव के बच्चे, युवा और बड़ी संख्या में रिश्तेदार व शुभचिंतक जुटे, जहाँ "लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक, लब्बैक या रसूलल्लाह" की सदाएं गूंजती रहीं। इस अवसर पर शिंजो पंचायत के पूर्व मुखिया सह कांग्रेस नेता संजय सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने सभी हाजियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनकी सलामती की दुआ की। हाजियों की विदाई के दौरान पूरे गांव में खुशी और इबादत का माहौल बना रहा।3
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित नदरई (हजारा) पुल इंजीनियरिंग का एक अद्भुत और ऐतिहासिक नमूना है। कासगंज शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर नदरई गांव में स्थित यह पुल 1885 से 1889 के बीच निर्मित किया गया था। इस पुल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रि-स्तरीय संरचना है, जिसके सबसे नीचे काली नदी बहती है, उसके ऊपर हजारा नहर प्रवाहित होती है और सबसे ऊपरी सतह पर सड़क बनी है, जिस पर भारी वाहनों का आवागमन भी होता है। इस पुल को आयरलैंड के इंजीनियरों द्वारा डिज़ाइन किया गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसमें एक गुप्त गुफा भी बनी हुई है, जिसे अंग्रेजों ने आपातकालीन स्थितियों में छिपने के लिए बनवाया था। आज यह स्थान ब्रिटिश-कालीन वास्तुकला और भारतीय इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।1
- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को शहीद चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके। पुतला दहन के समय वहां मौजूद पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। इस विरोध प्रदर्शन में समीर सिंह देव, रिपुजित सिंह देव, प्रशांत विश्वास, सुनील गुप्ता, रामदेव जगते, लालसाय मिंज, जयप्रकाश जायसवाल, अमित यादव, देवनारायण मरावी, बुद्धदेव पोया, जितेंद्र गुप्ता, शिवशंकर यादव, मधु गुप्ता, अशोक जायसवाल, रूपवती जायसवाल, संस्कृति, जयश्री पुषाम, राजा चौबे, कृपाशंकर, ब्यासमुनि यादव, चंद्रशेखर यादव, अजय यादव, इश्फाक खान, आशीष यादव, महमूद अंसारी, करमदयाल राम, सुनील तिर्की, राहुल, इंतखाब, नीरज गुप्ता, उमा गुप्ता, संतन भगत और कीर्तन सिंह सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस और सेवा दल के अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।1
- झारखंड के पलामू जिले के विश्रामपुर में पूर्व मंत्री चंद्रशेखर उर्फ ददई दुबे की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और समर्थक एकत्रित हुए और उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। इस दौरान प्रभात (बडू) दुबे ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि बाबा ने अपना पूरा जीवन गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में समर्पित कर दिया था।1