शिवपुरी जिले के नरवर में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन (म.प्र.) के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज करेंगी। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2018 से लंबित मानदेय वृद्धि का लाभ उन्हें अब तक नहीं मिल सका है और आईसीडीएस की 50वीं वर्षगांठ पर की गई घोषणाएं भी धरातल पर नहीं उतरी हैं। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ग्रेच्युटी का लाभ, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, ईपीएफ, चिकित्सा सुविधा, नियमित अवकाश और समय पर मानदेय भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, रिक्त पदों पर विभागीय भर्ती, सहायिकाओं की पदोन्नति, पोषण ट्रैकर ऐप की तकनीकी दिक्कतों को दूर करने और ऑनलाइन कार्यों के अतिरिक्त बोझ को कम करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। भीमपुर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज रावत और महादेवी शर्मा ने कहा कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कर्मचारी जैसी सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय से वंचित रखा जा रहा है। सरकार द्वारा किए गए अधिकांश वादे अब तक अधूरे हैं। कार्यकर्ताओं ने दोटूक कहा है कि उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, और यदि अब भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो होने वाले व्यापक आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
शिवपुरी जिले के नरवर में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन (म.प्र.) के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी
मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज करेंगी। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2018 से लंबित मानदेय वृद्धि का लाभ उन्हें अब तक नहीं मिल सका है और आईसीडीएस की 50वीं वर्षगांठ पर की गई घोषणाएं भी धरातल पर नहीं उतरी हैं। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ग्रेच्युटी का लाभ, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, ईपीएफ,
चिकित्सा सुविधा, नियमित अवकाश और समय पर मानदेय भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, रिक्त पदों पर विभागीय भर्ती, सहायिकाओं की पदोन्नति, पोषण ट्रैकर ऐप की तकनीकी दिक्कतों को दूर करने और ऑनलाइन कार्यों के अतिरिक्त बोझ को कम करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। भीमपुर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज रावत और महादेवी शर्मा ने कहा कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं में निरंतर
महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कर्मचारी जैसी सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय से वंचित रखा जा रहा है। सरकार द्वारा किए गए अधिकांश वादे अब तक अधूरे हैं। कार्यकर्ताओं ने दोटूक कहा है कि उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, और यदि अब भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो होने वाले व्यापक आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- देश में लगातार बढ़ती हत्या, बलात्कार और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से अराजकता का माहौल बन रहा है। इसी बीच राजस्थान के गंगानगर में एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 30 असामाजिक तत्वों ने मिलकर एक 13 वर्षीय बच्ची के साथ बेहद ही घिनौना कृत्य किया। अपहरण और बलात्कार जैसे इस घिनौने आपराधिक कृत्य से देश की छात्राएं व बच्चियाँ अत्यधिक सहमी हुई हैं, मातृशक्ति मर्माहत है तथा जागरूक नागरिक भी गहरी चिंता में हैं। इस घटना से बुरी तरह व्यथित होकर शिवपुरी में सर्व समाज के लोगों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया है। सर्व समाज ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस जघन्य अपराध के आरोपियों को फाँसी की सजा दिए जाने की पुरजोर माँग की है। लोगों का कहना है कि अपराधियों को फाँसी की सजा दी जाए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए और भविष्य में कोई भी अन्य व्यक्ति ऐसा घिनौना कृत्य करने का दुस्साहस न कर सके।3
- शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय मितलोनी क्रमांक 3 में अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि विद्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है और यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं की जाती है, जिसके कारण बच्चों को गंदगी के बीच बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर होना पड़ रहा है। विद्यालय में शौचालयों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय बनी हुई है, जहां साफ-सफाई और उपयोग की उचित व्यवस्था का अभाव है। सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि विद्यालय में सफाईकर्मी की नियुक्ति न होने की आड़ में पढ़ने वाले छोटे बच्चों से ही झाड़ू लगवाई जा रही है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के समक्ष इस मामले को उठाते हुए सख्त आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है ताकि विद्यालय में सफाई व्यवस्था और शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल किया जा सके।2
- मध्य प्रदेश में टिकट कटने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहली बार मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने इस घटनाक्रम के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने दतिया के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जो लोग माता-बहनों का सम्मान करना नहीं जानते, वे जनता का भला कैसे करेंगे। नरोत्तम मिश्र ने इन लोगों से सावधान रहने की अपील की है।1
- शिवपुरी सब्जी मंडी में काम करने वाले एक मुनीम के घर से चोरी की घटना सामने आई है। आरोप है कि मुनीम के ही घर से चाबी चुराकर कर्मचारी ने वहीखाते (लेखा-जोखा की किताबें) और नकदी पार कर दी। इस मामले में पीड़ित व्यापारी ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।1
- शिवपुरी जिले की मगरौनी कृषि उपज मंडी में धान की बंपर आवक के बीच शनिवार को अच्छी गुणवत्ता वाले धान का अधिकतम भाव 3,850 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। मंडी में किसानों द्वारा बड़ी मात्रा में धान की बिक्री की जा रही है और धान के इस बेहतर दाम से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। व्यापारियों के अनुसार, बाजार में बेहतर गुणवत्ता वाले धान की मजबूत मांग बनी हुई है, जिसके चलते इसके भाव में मजबूती देखने को मिल रही है। मंडी में सुबह से ही किसानों की आवाजाही लगी रही और धान की नीलामी का काम सुचारू रूप से चलता रहा। इस बीच, कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी उपज को साफ करके और अच्छी गुणवत्ता में ही मंडी लेकर आएं ताकि उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके, क्योंकि धान के भाव में गुणवत्ता के आधार पर अंतर आ सकता है।1
- शिवपुरी जिले की सिरसौद पंचायत में लाडली बहन योजना का लाभ प्राप्त कर रही महिलाओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के सेक्रेटरी और सरपंच द्वारा योजना के तहत लाभार्थियों का नाम काटा गया है, जिसके कारण इन महिलाओं को मिलने वाले लाभ का परित्याग हो गया है।1
- शिवपुरी जिले की करैरा पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन 315 बोर के देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल पुत्र रामजीलाल यादव, रोहित पुत्र जसवंत सिंह यादव और रोशन पुत्र झुक्कू सिंह यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1