हमारे मनीगाछी घूमती पे जनता को पंद्रह पंद्रह मिनट तक इंतजार करना पड़ता है, गाड़ी क्रॉसिंग के बाद भी जो है, तो यहाँ का फाटक पे जो जिनका ड्यूटी लगा हुआ है, और बात करने पे कहता है जो स्टेशन मास्टर तातक चाबी हमको नहीं देगा, तातक हमें पब्लिक के लिए हम ये फाटक नहीं खोलेंगे. तो क्या यहाँ का आरसीटीसी, मनीगाछी का रेलवे स्टाफ, स्टेशन मास्टर बता सकते हैं कि इतना देर तक पंद्रह पंद्रह मिनट तक पब्लिक को भीड़ लगाने की फाटक पे क्या आवश्यकता पड़ता है? हमारे मनीगाछी घूमती पे जनता को पंद्रह पंद्रह मिनट तक इंतजार करना पड़ता है, गाड़ी क्रॉसिंग के बाद भी जो है, तो यहाँ का फाटक पे जो जिनका ड्यूटी लगा हुआ है, और बात करने पे कहता है जो स्टेशन मास्टर तातक चाबी हमको नहीं देगा, तातक हमें पब्लिक के लिए हम ये फाटक नहीं खोलेंगे. तो क्या यहाँ का आरसीटीसी, मनीगाछी का रेलवे स्टाफ, स्टेशन मास्टर बता सकते हैं कि इतना देर तक पंद्रह पंद्रह मिनट तक पब्लिक को भीड़ लगाने की फाटक पे क्या आवश्यकता पड़ता है?
हमारे मनीगाछी घूमती पे जनता को पंद्रह पंद्रह मिनट तक इंतजार करना पड़ता है, गाड़ी क्रॉसिंग के बाद भी जो है, तो यहाँ का फाटक पे जो जिनका ड्यूटी लगा हुआ है, और बात करने पे कहता है जो स्टेशन मास्टर तातक चाबी हमको नहीं देगा, तातक हमें पब्लिक के लिए हम ये फाटक नहीं खोलेंगे. तो क्या यहाँ का आरसीटीसी, मनीगाछी का रेलवे स्टाफ, स्टेशन मास्टर बता सकते हैं कि इतना देर तक पंद्रह पंद्रह मिनट तक पब्लिक को भीड़ लगाने की फाटक पे क्या आवश्यकता पड़ता है? हमारे मनीगाछी घूमती पे जनता को पंद्रह पंद्रह मिनट तक इंतजार करना पड़ता है, गाड़ी क्रॉसिंग के बाद भी जो है, तो यहाँ का फाटक पे जो जिनका ड्यूटी लगा हुआ है, और बात करने पे कहता है जो स्टेशन मास्टर तातक चाबी हमको नहीं देगा, तातक हमें पब्लिक के लिए हम ये फाटक नहीं खोलेंगे. तो क्या यहाँ का आरसीटीसी, मनीगाछी का रेलवे स्टाफ, स्टेशन मास्टर बता सकते हैं कि इतना देर तक पंद्रह पंद्रह मिनट तक पब्लिक को भीड़ लगाने की फाटक पे क्या आवश्यकता पड़ता है?
- हमें आपसे मोहब्बत हो गई है, दिल का चैन और रातों की नींद खो गई है… #Ishq #DardEishq #LoveFeeling1
- पुलिस गस्त में लापरवाही से बढ़ती है चोरी और गली गली में घूमते हुए पाए जाते हैं नशेड़ी। बहादुरपुर देकुली पंचायत के वार्ड 3 में कचरा में लगाई जा रही आग । सफाई कर्मी पैसा नही मिला है का रोना रहता है।1
- Bihar :-सरकारी आदेश अब पेपर लेश रजिस्ट्री के बिरोध मे सरको पर उतरे कातिब सुनिए अधिकारी ने क्या कहा हाजीपुर बैशाली का मामला1
- सेवा में, नगर आयुक्त महोदय, दरभंगा नगर निगम, दरभंगा। विषय: वार्ड संख्या 48, पंडासराय में जलजमाव, नाला जाम एवं कचरा नहीं उठाए जाने के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं वार्ड संख्या 48, पंडासराय, दरभंगा का निवासी हूँ। हमारे वार्ड में बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा हो गया है। नालियाँ जाम होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो रही है और जलजमाव लगातार बना हुआ है। कई दिनों से कचरा भी नहीं उठाया जा रहा है, जिससे गंदगी, बदबू, मच्छर और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों को आने-जाने में भी काफी कठिनाई हो रही है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि हमारे वार्ड में जाम नालियों की तुरंत सफाई कराई जाए, जलजमाव हटाया जाए तथा नियमित कचरा उठाने और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दिनांक: __________ नाम: ____________________ हस्ताक्षर: ________________3
- कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार पर साधा निशाना लाठीचार्ज और गिरफ्तारी पर कन्हैया ने सरकार घेरा कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार पर साधा निशाना लाठीचार्ज और गिरफ्तारी पर कन्हैया ने सरकार घेरा1
- Caption: हार मान लेना आसान है, लेकिन जीत उसी की होती है जो आखिरी पल तक कोशिश करता है। मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी हों, हिम्मत और मेहनत के आगे एक दिन रास्ता जरूर बनता है। 💪✨ #Motivation #NeverGiveUp #KeepGoing #SuccessMindset #PositiveThoughts #HardWork #BelieveYourself #LifeMotivation #Inspiration #HindiQuotes #AajKaVichar1
- संकल्प एवं सार्वजनिक बयान मैं, प्रभोध सिंह, अपने पूर्ण होशो-हवास में यह संकल्प और निर्णय लेता हूँ कि मैं अपने वैवाहिक जीवन में लगातार मानसिक, आर्थिक तथा शारीरिक उत्पीड़न का सामना करने के कारण अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और पारिवारिक विवादों से अलग होकर अपना समय समाज सेवा और सोशल सर्विस के कार्यों में समर्पित करना चाहता हूँ। मेरा कहना है कि मुझे आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक परेशान किया गया है। इसलिए मैं अपनी बात प्रशासन, मीडिया तथा आम जनता के समक्ष शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखना चाहता हूँ। मेरा उद्देश्य किसी के प्रति हिंसा या अवैध कार्य करना नहीं है, बल्कि कानून का सम्मान करते हुए न्याय की अपेक्षा करना और समाज सेवा के माध्यम से लोगों की सेवा करना है। यह निर्णय मैं अपनी स्वतंत्र इच्छा और पूर्ण होशो-हवास में ले रहा हूँ। संकल्प एवं सार्वजनिक बयान मैं, प्रभोध सिंह, अपने पूर्ण होशो-हवास में यह संकल्प और निर्णय लेता हूँ कि मैं अपने वैवाहिक जीवन में लगातार मानसिक, आर्थिक तथा शारीरिक उत्पीड़न का सामना करने के कारण अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और पारिवारिक विवादों से अलग होकर अपना समय समाज सेवा और सोशल सर्विस के कार्यों में समर्पित करना चाहता हूँ। मेरा कहना है कि मुझे आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक परेशान किया गया है। इसलिए मैं अपनी बात प्रशासन, मीडिया तथा आम जनता के समक्ष शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखना चाहता हूँ। मेरा उद्देश्य किसी के प्रति हिंसा या अवैध कार्य करना नहीं है, बल्कि कानून का सम्मान करते हुए न्याय की अपेक्षा करना और समाज सेवा के माध्यम से लोगों की सेवा करना है। यह निर्णय मैं अपनी स्वतंत्र इच्छा और पूर्ण होशो-हवास में ले रहा हूँ।1