Shuru
Apke Nagar Ki App…
Rajendra Kumar Doveriya
More news from राजस्थान and nearby areas
- उत्तरप्रदेश के हमीरपुर में श्री ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने एक तीखा बयान देते हुए कहा कि 'गाय 14 साल तक मां रहेगी और फिर सब्जी-भाजी हो जायेगी।' उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने 'इनके हिन्दुत्व की कलई खोल दी है'। स्वामी जी ने यह भी बताया कि असम के मुख्यमंत्री ने भी इसी तरह का बयान दिया था। शंकराचार्य ने गौमाता की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गौमाता पर 'एक-एक दिन भारी पड़ रही है'।1
- पंद्रह वर्षों से बिछड़ी एक माँ को कोटा स्थित अपना घर आश्रम के अथक प्रयासों से आखिरकार अपने बच्चों और परिवार से मिला दिया गया। अपनी याददाश्त खो देने के कारण वह इतने लंबे समय तक परिवार से दूर रही थी। आश्रम में उसका इलाज किया गया, जिसके बाद उसकी याददाश्त वापस लौटी। स्मृति पुनः प्राप्त होने पर, उसने अपने परिवार के बारे में आवश्यक जानकारी दी। संस्था के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, इस माँ का परिवार से भावनात्मक मिलन संभव हो पाया, जहाँ उसका बेटा भाव-विभोर होकर उसके चरणों में गिर पड़ा।1
- राजस्थान कांग्रेस की प्रदेश महासचिव वंदना शर्मा ने सहकारिता मंत्री गौतम कुमार डक के कथित वायरल ऑडियो को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले जब उन्होंने मंत्री के इस कथित ऑडियो को सुना तो उसमें प्रयुक्त अमर्यादित और अभद्र भाषा सुनकर वे हैरान रह गईं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मंत्री द्वारा एक पुलिसकर्मी के लिए मां-बहन की गालियों का प्रयोग करना न केवल बेहद शर्मनाक है, बल्कि यह किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की बजाय सत्ता के अहंकार में डूबे व्यक्ति के आचरण को दर्शाता है। उन्होंने इस घटना को संवैधानिक पद की गरिमा पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताया, जिसकी शपथ जनता की सेवा और संविधान के सम्मान के लिए ली जाती है। वंदना शर्मा ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश देते हैं, वहीं दूसरी ओर यदि कोई मंत्री महिलाओं के लिए ऐसी अपमानजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, तो यह महिलाओं के सम्मान के प्रति घोर असंवेदनशीलता को उजागर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत राय नहीं है, बल्कि कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं और महिलाओं की सामूहिक भावना है। इस गंभीर मामले पर, वंदना शर्मा ने मांग की है कि यदि कथित वायरल ऑडियो की सत्यता प्रमाणित होती है, तो सहकारिता मंत्री गौतम कुमार डक को तत्काल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए और सार्वजनिक रूप से महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज और राजनीति में महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए तथा सार्वजनिक जीवन में रहने वाले सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा और आचरण में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। यह कार्रवाई मतदाता सूची में पाई गई अनियमितताओं के विरोध में की गई।1
- सोमवार सुबह शाहाबाद उपखंड के मूंडियर कस्बे में मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। अचानक आसमान में घनघोर घटा छा गई, तेज हवा चली और इसके साथ ही भारी बरसात व ओले गिरने लगे। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह बादल घिरते ही चारों ओर अंधेरा छा गया और कुछ ही देर में चने के आकार के ओले गिरने लगे, जिसके बाद तेज बरसात शुरू हो गई। बरसात इतनी तेज़ थी कि दूर-दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसी बीच, समरानिया कस्बे से भी बरसात के साथ छोटे-छोटे ओले गिरने की खबर मिली है। यह तेज़ बरसात लगभग 15 से 20 मिनट तक जारी रही, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 और गलियारों में पानी भर गया। इस बरसात और ओलावृष्टि से इलाके का मौसम सुहाना हो गया है।2
- कोटा और इटावा क्षेत्र में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को भीषण गर्मी से राहत प्रदान की है, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है। इस बारिश के बाद किसान अब खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। जहाँ एक ओर उनमें फसल बुवाई को लेकर उत्साह है, वहीं दूसरी ओर बीते वर्षों की घटनाओं, विशेषकर 2022 जैसे हालात दोबारा पैदा होने के डर से उनके मन में चिंता भी है। किसानों ने इस खरीफ सीजन के लिए सोयाबीन का बीज 9 से 11 हजार रुपए प्रति क्विंटल और उड़द का बीज 10 से 12 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भारी भरकम दामों पर खरीदा है। सीटू महामंत्री इटावा मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सामान्य बारिश होने पर खरीफ फसल अच्छी हो सकती है, जिससे किसान कुछ हद तक कर्ज के बोझ से बचे रहेंगे। हालांकि, किसानों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। सरकार द्वारा डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी और 200 लीटर तक डीजल देने की सीमा तय करने से खेतों की जुताई में बाधा आ रही है, जिससे ट्रैक्टर से खेती करने वाले किसान खासा नाराज हैं। डीजल की कमी के साथ-साथ खाद की अनुपलब्धता और बढ़ती महंगाई भी किसानों की परेशानी का एक बड़ा कारण है। मुरारीलाल बैरवा ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल और खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय पर अपनी खेती-किसानी कर सकें और संभावित फसल बर्बादी से बचे रहें।2
- बाड़ी क्षेत्र में इन दिनों आवारा पशुओं और बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इस बढ़ते आतंक के कारण स्थानीय महिलाएँ काफी परेशान और मुश्किलों का सामना कर रही हैं।1
- शाहाबाद में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' और खरीफ पूर्व तैयारियों के तहत एक कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करना था। गोष्ठी में मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी सुनील कुमार ने किसानों से कृषि एवं जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उपनिदेशक पशुपालन डॉ. सतीश चंद ने पशुपालन को कृषि के साथ जोड़कर आय बढ़ाने के विभिन्न उपाय सुझाए, जबकि कृषि अधिकारी श्री सी.पी. गुर्जर ने खरीफ फसलों की उन्नत खेती और संबंधित विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। राजीविका से सुनील शर्मा, सिकोइडिकॉन से बद्री जाट, और सहायक कृषि अधिकारी शाहाबाद नीरज कुमार शर्मा ने प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, और किसानों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान, उपस्थित प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कृषि पर्यवेक्षक प्रदीप मेहता, पूजा चौधरी, पुरुषोत्तम, रामभजन माली, अल्का पंकज सहित बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया और कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अंत में, सभी किसानों से जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।3
- नई दिल्ली के आईटीओ क्षेत्र में स्थित शिक्षा मंत्रालय के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) कार्यालय में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। विकास मार्ग पर स्थित इस इमारत की दूसरी मंजिल से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती देखी गईं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। इस घटना को लेकर कई लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह आग जानबूझकर लगाई गई है, ताकि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को मिटाया जा सके।1