प्रशासनिक मिलीभगत या 'सफेदपोश' डकैती? बस्ती में मरीजों की जान से खिलवाड़! बस्ती। जिले में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे 'मौत का सौदागर' फल-फूल रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि विभाग को सब पता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ "कागजी खानापूर्ति" की जा रही है। कुदरहा से लेकर दुबौलिया तक, अवैध अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटरों का जाल बिछा हुआ है, जहाँ डॉक्टर नहीं, बल्कि बिचौलिए और अप्रशिक्षित लोग मरीजों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। सीलिंग की जगह 'नोटिस' का खेल हैरानी होती है यह जानकर कि विभाग ने छापेमारी में आठ अवैध सेंटर पकड़े, लेकिन मशीनें सिर्फ दो की जब्त की गईं। बाकी छह को केवल 'नोटिस' देकर छोड़ दिया गया। क्या यह नोटिस कार्रवाई के लिए था या फिर अवैध संचालकों को रास्ता दिखाने के लिए? आज वही सेंटर गुपचुप तरीके से दोबारा खुल गए हैं। यह विभाग की ढिलाई है या मिलीभगत, इसका जवाब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को देना चाहिए। सरकारी डॉक्टर: ड्यूटी अस्पताल में, दिल निजी सेंटरों में सूत्रों का दावा और भी चौंकाने वाला है। जिले में कई सरकारी डॉक्टर खुद इन अवैध सेंटरों के पीछे का 'दिमाग' हैं। अस्पताल की ड्यूटी खत्म होते ही ये डॉक्टर सीधे अपने निजी ठिकानों पर पहुँच जाते हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे? खतरे में आम आदमी की जान "अक्सर इन सेंटरों से गलत रिपोर्ट जारी कर दी जाती है, जिससे मरीज की जान आफत में पड़ जाती है।" बिना पंजीकरण और बिना विशेषज्ञ के चल रहे ये सेंटर केवल पैसा छापने की मशीन बन चुके हैं। भोले-भाले ग्रामीण और गरीब मरीज इनके चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई और स्वास्थ्य, दोनों गंवा रहे हैं। जिले में लगभग 90 ऐसी पैथोलॉजी हैं जहाँ डॉक्टर के बजाय अप्रशिक्षित स्टाफ काम कर रहा है। सवाल जो जवाब मांगते हैं: जब 118 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं, तो बाकी पर बुलडोजर क्यों नहीं चलता? नोटिस देने के बाद दोबारा जांच क्यों नहीं की गई कि सेंटर बंद हुए या नहीं? बिचौलियों और स्वास्थ्य विभाग के बीच का यह 'अपवित्र गठबंधन' कब टूटेगा? निष्कर्ष: बस्ती के स्वास्थ्य विभाग को अब नींद से जागना होगा। केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। अगर जल्द ही इन 'मौत की दुकानों' पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़ी अनहोनी की जिम्मेदारी सीधे प्रशासन की होगी। अजीत मिश्रा (खोजी)
प्रशासनिक मिलीभगत या 'सफेदपोश' डकैती? बस्ती में मरीजों की जान से खिलवाड़! बस्ती। जिले में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे 'मौत का सौदागर' फल-फूल रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि विभाग को सब पता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ "कागजी खानापूर्ति" की जा रही है। कुदरहा से लेकर दुबौलिया तक, अवैध अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटरों का जाल बिछा हुआ है, जहाँ डॉक्टर नहीं, बल्कि बिचौलिए और अप्रशिक्षित लोग मरीजों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। सीलिंग की जगह 'नोटिस' का खेल हैरानी होती है यह जानकर कि विभाग ने छापेमारी में आठ अवैध सेंटर पकड़े, लेकिन मशीनें सिर्फ दो की जब्त की गईं। बाकी छह को केवल 'नोटिस' देकर छोड़ दिया गया। क्या यह नोटिस कार्रवाई के लिए था या फिर अवैध संचालकों को रास्ता दिखाने के लिए? आज वही सेंटर गुपचुप तरीके से दोबारा खुल गए हैं। यह विभाग की ढिलाई है या मिलीभगत, इसका जवाब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को देना चाहिए। सरकारी डॉक्टर: ड्यूटी अस्पताल में, दिल निजी सेंटरों में सूत्रों का दावा और भी चौंकाने वाला है। जिले में कई सरकारी डॉक्टर खुद इन अवैध सेंटरों के पीछे का 'दिमाग' हैं। अस्पताल की ड्यूटी खत्म होते ही ये डॉक्टर सीधे अपने निजी ठिकानों पर पहुँच जाते हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे? खतरे में आम आदमी की जान "अक्सर इन सेंटरों से गलत रिपोर्ट जारी कर दी जाती है, जिससे मरीज की जान आफत में पड़ जाती है।" बिना पंजीकरण और बिना विशेषज्ञ के चल रहे ये सेंटर केवल पैसा छापने की मशीन बन चुके हैं। भोले-भाले ग्रामीण और गरीब मरीज इनके चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई और स्वास्थ्य, दोनों गंवा रहे हैं। जिले में लगभग 90 ऐसी पैथोलॉजी हैं जहाँ डॉक्टर के बजाय अप्रशिक्षित स्टाफ काम कर रहा है। सवाल जो जवाब मांगते हैं: जब 118 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं, तो बाकी पर बुलडोजर क्यों नहीं चलता? नोटिस देने के बाद दोबारा जांच क्यों नहीं की गई कि सेंटर बंद हुए या नहीं? बिचौलियों और स्वास्थ्य विभाग के बीच का यह 'अपवित्र गठबंधन' कब टूटेगा? निष्कर्ष: बस्ती के स्वास्थ्य विभाग को अब नींद से जागना होगा। केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। अगर जल्द ही इन 'मौत की दुकानों' पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़ी अनहोनी की जिम्मेदारी सीधे प्रशासन की होगी। अजीत मिश्रा (खोजी)
- Post by Dinesh yadav1
- Pramod Kumar Goswami. 09/03/20261
- आकाशवाणी, 10 3 20.26 ई0 आज मंगलवार है । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी को समर्पित माना जाता है । आइये! भगवान हनुमान जी कै श्री चरणों में प्रणाम करते हुए, भगवान श्री गणपति जी का ध्यान करते हुए, अपने कुल देवताओं को नमस्कार करते ह हुए,आशीर्वाद प्राप्त करते हुए ,अपने बुजुर्ग लोगों का, पूर्वजों का स्मरण करते हुए, मित्रों !आज के दिन का प्रारंभ करते हैं। *को नहीं जानत है जग में, कपि संकट मोचन नाम तिहारो ।। 🙏🚩🕉🌺🙏🚩🕉🌺🙏🚩🕉🌺1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशानुसार क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा द्वारा थाना महुली पर थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय एवं समस्त विवेचकों/अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित विवेचनाओं, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई । इस दौरान थाना परिसर का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों, रजिस्टरों एवं पुलिस कार्यप्रणाली की जांच की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । *बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई एवं आवश्यक आदेश/निर्देश दिए गए—* *लंबित विवेचनाओं की समीक्षा –* सभी विवेचकों को निर्देशित किया गया कि विवेचनाओं का निस्तारण निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। *अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था –* क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। *मिशन शक्ति अभियान –* महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, स्कूल-कॉलेज एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिला हेल्पलाइन की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। *साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध –* साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आमजन को जागरूक करने, साइबर हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार तथा साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। *सीसीटीवी कैमरा अभियान –* बाजार, चौराहों, सार्वजनिक स्थानों एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए व्यापारियों एवं आमजन को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधों की रोकथाम में सहायता मिल सके। *गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा –* गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। *SID एवं अन्य अभिलेखों का निरीक्षण –* थाने पर रखे गए SID, अपराध रजिस्टर, जनसुनवाई रजिस्टर, बीट रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का अवलोकन कर उन्हें अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। *जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण –* थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका तत्काल एवं निष्पक्ष निस्तारण करने तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए। *बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करना –* बीट आरक्षियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर ग्राम प्रधान, चौकीदार एवं सम्मानित व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र की सूचनाओं को नियमित रूप से थाने को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। *स्वच्छता एवं अनुशासन –* थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों की सुव्यवस्था तथा पुलिस कर्मियों को अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया। अंत में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जनता का विश्वास पुलिस पर बना रहे, इसके लिए पारदर्शिता,संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखें।4
- Post by आज की आवाज1
- थाना महुली में क्षेत्राधिकारी ने की समीक्षा बैठक, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर सोमवार को क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा ने थाना महुली में समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं और विभिन्न अभियानों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय सहित सभी विवेचक व पुलिसकर्मी मौजूद रहे। बैठक के दौरान क्षेत्राधिकारी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी मामलों का निस्तारण निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए। अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिला हेल्पलाइन की जानकारी आमजन तक पहुंचाने को कहा। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए क्षेत्राधिकारी ने साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने और साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए व्यापारियों और नागरिकों को प्रेरित करने की बात कही। बैठक के दौरान गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई कर लापता व्यक्तियों की बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा थाने में रखे गए एसआईडी, अपराध रजिस्टर, जनसुनवाई रजिस्टर और बीट रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का निरीक्षण कर उन्हें अद्यतन और व्यवस्थित रखने को कहा गया। क्षेत्राधिकारी ने जनसुनवाई पर विशेष ध्यान देते हुए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण करने तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने की हिदायत दी। साथ ही बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा थाना परिसर की साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश भी दिए। अंत में उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।1
- जगत जननी मां काली की दिव्य प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा रथ यात्रा समारोह बस्ती जनपद के कुदरहा विकासखंड अंतर्गत ग्राम चकिया पोस्ट डिहुकपुरा में महाकाली की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हेतु पूजन मूर्ति स्नान के बाद नगर भ्रमण यात्रा निकाली गई यज्ञाचार्य ने मुख्य यजमान संतराम यादव पत्नी निर्मला देवी से वैदिक मंत्रोचार के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । कार्यक्रम आयोजक दिव्या यादव, संतराम यादव, दिनेश यादव, मुलायम यादव राजेश प्रधान विजय यादव सत्यम यादव राम लोट मीरा यादव गुड़िया यादव सीमा यादव प्रमिला यादव भोला निषाद रुदल कथावाचक पंडित विंध्याचल द्विवेदी सहित समस्त भक्तगण के साथ ग्राम चकिया काली मंदिर से नगर भ्रमण यात्रा निकाली गई जिसमें गांव के सैकड़ो लोगों ने प्रतिभाग लिया। यह नगर भ्रमण यात्रा चकिया से होते हुए राम जानकी मार्ग पर स्थित छिबरा मां दुर्गा के मंदिर तक गई जहां पर यजमान के द्वारा मां दुर्गा का विधिवत पूजन अर्चन किया गया। फिर यह नगर भ्रमण यात्रा राम जानकी मार्ग होते हुए काली मंदिर चकिया गांधी आश्रम पर विधिवत पुजनोंप्रांत राम जानकी मार्ग होते हुए पुनः चकिया काली मंदिर पर वापस आई।2
- Aakashvani, 9/3/2026 , THE ENTHUSIASM FOR THE YATRA REFLECTS THE PEOPLE DETERMINATION FOR A BETTER FUTURE.1