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झंझारपुर-तमुरिया रेल खंड पर एक सांप का इतनी ऊंचाई पर ओएचई (ओवर हेड इक्विपमेंट) तार तक पहुंचना सभी को हैरान कर रहा है। अक्सर जंगली जीव या सांप रेलवे ट्रैक के आसपास झाड़ियों से निकलकर आ जाते हैं, लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचना असामान्य है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बारिश और उमस के मौसम में जीव-जंतु ऊंचे और सूखे स्थानों की तलाश करते हैं। संभवतः इसी वजह से सांप खंभे के सहारे ओएचई तार तक पहुंच गया, लेकिन इस घटना में वह बच नहीं पाया। इस प्रकरण ने रेलवे के सामने एक नई और हाई वोल्टेज चुनौती खड़ी कर दी है कि कैसे इन बेजुबान जीवों को जानलेवा तारों से सुरक्षित रखा जाए।
Dharmendra Jha
झंझारपुर-तमुरिया रेल खंड पर एक सांप का इतनी ऊंचाई पर ओएचई (ओवर हेड इक्विपमेंट) तार तक पहुंचना सभी को हैरान कर रहा है। अक्सर जंगली जीव या सांप रेलवे ट्रैक के आसपास झाड़ियों से निकलकर आ जाते हैं, लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचना असामान्य है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बारिश और उमस के मौसम में जीव-जंतु ऊंचे और सूखे स्थानों की तलाश करते हैं। संभवतः इसी वजह से सांप खंभे के सहारे ओएचई तार तक पहुंच गया, लेकिन इस घटना में वह बच नहीं पाया। इस प्रकरण ने रेलवे के सामने एक नई और हाई वोल्टेज चुनौती खड़ी कर दी है कि कैसे इन बेजुबान जीवों को जानलेवा तारों से सुरक्षित रखा जाए।
More news from बिहार and nearby areas
- आज मधुबनी जिले के पुलिस प्रशासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। बिहार सरकार द्वारा लागू की गई नई पुलिस व्यवस्था के तहत, मधुबनी को पहली बार वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) मिला है। जिले के पुलिस अधीक्षक रहे योगेन्द्र कुमार अब मधुबनी के पहले SSP के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।1
- बिहार के मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड अंतर्गत शुभंकरपुर गाँव में आज एक नई सड़क का निर्माण पूरा किया गया है। यह सड़क शुभंकरपुर के वार्ड नंबर 7 में भवानीपुर स्थित महादेव मंदिर के पास बनाई गई है। इस नई सड़क के निर्माण को लेकर एक वीडियो भी अपलोड किया गया है।1
- तारडीह प्रखंड की BDO प्रीति कुमारी हाल ही में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद शिकायतकर्ता के घर के पास पहुँचीं, जहाँ उनके साथ मुखिया के पुत्र रामकरण दास और डॉ. अली हसन सहित अन्य लोग भी मौजूद थे। इस दौरान BDO ने शिकायतकर्ता से पूछा कि 'कहाँ हुआ है भ्रष्टाचार?', जिस पर शिकायतकर्ता ने उन्हें मौके पर चलकर सब कुछ फिर से दिखाने की बात कही। हालाँकि, इसके बाद BDO ने कोई और चर्चा नहीं की और वहाँ से चली गईं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित मामलों की लिखित शिकायतें पहले भी कई बार की थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्होंने न्याय पाने के लिए न्यायालय में परिवाद (Complaint Case) दायर किया है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उनके विरुद्ध भी थाना में शिकायत दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद, शिकायतकर्ता ने न्यायपालिका पर पूरा विश्वास व्यक्त किया है। उनका उद्देश्य केवल जनहित के मुद्दों को उठाना और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जाँच कराना है। वे प्रशासन से निष्पक्ष जाँच की माँग करते हैं, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।1
- मधुबनी के पांडौल बाजार में मुख्य सड़क पर एक नई सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। यह सड़क केवल आधी ही बनी है, जिसके कारण दो नालियां खराब होकर टूट गई हैं।2
- मधुबनी में कोमाकी इलेक्ट्रिक वाहनों का एक नया शोरूम खुल गया है, जिससे क्षेत्र में अब पेट्रोल की चिंता से मुक्ति मिलेगी। इस नए शोरूम में इलेक्ट्रिक स्कूटी की शुरुआती कीमत मात्र 40 हज़ार रुपए है। अधिक जानकारी के लिए 9638393622 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- मधुबनी के स्टेशन चौक पर स्थित हनुमान प्रेम मंदिर में जन्म कुंडली बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक व्यक्ति दी गई जानकारी के अनुसार 9576281913 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र की गंगद्वार पंचायत स्थित कमला तटबंध के पास बना छहर ढलान इन दिनों लगातार हादसों का केंद्र बन गया है, जहाँ सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों के अभाव में राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस खतरनाक ढलान पर हुई गाड़ियों की दुर्घटनाओं में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस पर मूकदर्शक बना हुआ है। इसी कड़ी में रविवार को इस मार्ग पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक अज्ञात ट्रैक्टर छहर ढलान पर चढ़ते समय अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस वाकये ने स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह ढलान तकनीकी रूप से बेहद खतरनाक है क्योंकि सड़क संकरी है और यहाँ का मोड़ काफी तीखा है। सुरक्षा के लिए न तो यहाँ कोई रेलिंग लगाई गई है और न ही कोई चेतावनी संकेतक बोर्ड मौजूद है। बरसात के मौसम में यह जोखिम दोगुना हो जाता है, जिससे भारी वाहनों और तेज रफ्तार गाड़ियों को नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। प्रमोद कुमार साहू उर्फ प्रमोद बिहारी, बलराम पासवान, वार्ड सदस्य कृष्ण कुमार गुप्ता और सुरेश चौपाल सहित कई ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है, चेतावनी देते हुए कि यदि जल्द ही सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।3