पाली के अतुल विश्वकर्मा का APS यूनिवर्सिटी रीवा में PhD के लिए चयन पाली के अतुल विश्वकर्मा का APS यूनिवर्सिटी रीवा में PhD के लिए चयन उमरिया जिले के पाली क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि यहां के होनहार छात्र अतुल विश्वकर्मा का चयन एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा में पीएचडी के लिए हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। अतुल विश्वकर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पाली से ही प्राप्त की। उन्होंने कक्षा 10वीं की पढ़ाई सेंट जीसेफ स्कूल पाली से पूरी की। इसके बाद 12वीं की परीक्षा ब्लूमिंग फ्लावर स्कूल पाली से उत्तीर्ण की। स्कूल स्तर से ही अतुल पढ़ाई में मेधावी रहे और आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने पाली के बिरासिनी कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट (BA) की डिग्री हासिल की। स्नातक के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) इंदौर से एमए जियोग्राफी की पढ़ाई पूरी की। भूगोल विषय में उनकी गहरी रुचि और लगातार मेहनत का ही परिणाम है कि अब उनका चयन अवधेश प्रताप सिंह (APS) यूनिवर्सिटी रीवा में पीएचडी के लिए हुआ है। अतुल की इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनके चयन की खबर सामने आने के बाद परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी है और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अतुल विश्वकर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया है। उन्होंने कहा कि आगे भी वे पूरी लगन के साथ शोध कार्य करेंगे और अपने क्षेत्र व समाज का नाम रोशन करने की कोशिश करेंगे।
पाली के अतुल विश्वकर्मा का APS यूनिवर्सिटी रीवा में PhD के लिए चयन पाली के अतुल विश्वकर्मा का APS यूनिवर्सिटी रीवा में PhD के लिए चयन उमरिया जिले के पाली क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि यहां के होनहार छात्र अतुल विश्वकर्मा का चयन एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा में पीएचडी के लिए हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। अतुल विश्वकर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पाली से ही प्राप्त की। उन्होंने कक्षा 10वीं की पढ़ाई सेंट जीसेफ स्कूल पाली से पूरी की। इसके बाद 12वीं की परीक्षा ब्लूमिंग फ्लावर स्कूल पाली से उत्तीर्ण की। स्कूल स्तर से ही अतुल पढ़ाई में मेधावी रहे और आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने पाली के बिरासिनी कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट (BA) की डिग्री हासिल की। स्नातक के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) इंदौर से एमए जियोग्राफी की पढ़ाई पूरी की। भूगोल विषय में उनकी गहरी रुचि और लगातार मेहनत का ही परिणाम है कि अब उनका चयन अवधेश प्रताप सिंह (APS) यूनिवर्सिटी रीवा में पीएचडी के लिए हुआ है। अतुल की इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनके चयन की खबर सामने आने के बाद परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी है और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अतुल विश्वकर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया है। उन्होंने कहा कि आगे भी वे पूरी लगन के साथ शोध कार्य करेंगे और अपने क्षेत्र व समाज का नाम रोशन करने की कोशिश करेंगे।
- Jara Sira Tola mein बड़ी-बड़ी gadi Nikalti Hai niche Khai Hai To jald se jald Mein uska Nirnay karvayen1
- *दिल्ली की घटना के विरोध में उमरिया में कैंडल मार्च, युवाओं ने तरुण खटीक को दी श्रद्धांजलि* उमरिया। *दिल्ली के उत्तम नगर में 4 मार्च को हुई युवक तरुण खटीक की हत्या की घटना को लेकर उमरिया नगर के युवाओं में आक्रोश देखा गया। घटना के विरोध में नगर के युवाओं ने एकत्रित होकर दिवंगत तरुण खटीक को श्रद्धांजलि अर्पित की। युवाओं ने जयस्तंभ चौक से कैंडल मार्च प्रारंभ किया, जो मौन जुलूस के रूप में नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी चौक पहुँचा। इस दौरान युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मौन धारण करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और गांधी चौक में श्रद्धांजलि अर्पित की।* *इस अवसर पर उपस्थित युवाओं ने दिल्ली में हुई इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार की अमानवीय घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर दंड दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रमुख रूप से धनुषधारी सिंह चंदेल, मानसिंह, सुनील खटीक, नीरज चंदानी, राजेंद्र कोल, सुजीत सिंह भदौरिया, सागर असवार, आशीष राय, बेटू, राहुल गौतम, राहुल खटीक, नितिन बजाज, बर्मन, प्रकाश बर्मन, सोनू खटीक, विनीत बजाज, कान्हा खटीक, अभय राय, आकाश राय, लाला बर्मन, लल्लू खटीक, दीपक बर्मन, राजा खट्टर, प्रेम बर्मन, यश बर्मन, राजा खटीक, प्रेम चंदवानी सहित नगर के अनेक युवा उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर दिवंगत तरुण खटीक के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए न्याय की मांग की।*4
- *आज अष्टम दिवश श्री शिव महापुराण के माध्यम से वाय वीय संहिता पूर्व खंड कथा वर्णन किया गया* उमरिया //जिलेकेअंतर्गत ग्राम उफरी (टिकुरी टोला) में श्री नारायण सिंह राजपूत जी के निज निवास में ग्यारह दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है।*जहां आज अष्टम दिवश में उत्तर प्रदेश से पधारे हुए श्री पंडित कथा व्यास श्री श्रवण कुमार मिश्र जी ने वाय वीय संहिता पूर्व खंड कथा का वर्णन किया है* उन्होंने शिव महापुराण पुराण के माध्यम से बतलाया कि शिव महापुराण के अंतर्गत रहता का पूर्व खंड (लगभग 4000 श्लोक)शिव ज्ञान सृष्ट रचना और ब्रह्मांडीय व्यवस्था का अद्भुत खजाना है। वासुदेव द्वारा पंडित यह संहिता बताती है कि महादेव की पृष्ठ बालक और सहायक हैं जो भक्तों की वह भक्ति कर्म योग और मुक्ति का वर्णन दिखाते हैं।। इस तरह से अन्य कथाओं के बारे में भी वर्णन किया गया है, शिव पंचाक्षर स्त्रोत (मंत्र-न म शि-वा-य ) की महिमा यह ॐ नमः शिवाय का सार है, जिससे पांच अक्षर (न म शि व य ) पांच महा -भूतों पृथ्वी ,जल ,अग्नि, वायु और आकाश-के प्रतीक है और शिव पुराण के अनुसार इस स्त्रोत का पाठ करने वाला शिवलोक प्राप्त कर शिव के साथ आनंदित होता है। जिससे सभी बाधाएं दूर होती है और समृद्धि मिलती है। जैसा की पार्वती जी की तपस्या और ऋषियों के अनुभव से सिद्ध है और शिव पुराण में वर्णित है कि जो भी व्यक्ति प्रतिदिन 108 बार इस मंत्र का जाप करता है तो उसे आरोग्य की प्राप्ति होती है। शिव पुराण के अनुसार कथा व्यास जी ने बताया कि शमी पत्र (पत्ती) और बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जो सुख शांति धन और मोक्ष प्रदान करते हैं, शमी पत्र चढ़ाने से शनि दोष और 84 लाख योनियों के कष्ट दूर होते हैं, जबकि बेलपत्र की शीतलता शिव को प्रसन्न करती है, और त्रिगुणा ( ब्रह्मा विष्णु शिव)का प्रतीक है, जिसे अर्पण करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। खासकर सावन में और प्रदोष में इनका महत्व और भी बढ़ जाता है। *आज की कथा में आए हुए श्रद्धालुओं ने ठाकुर देव जी का दर्शन कर पूजा अर्चना किए एवं कथा व्यास जी श्रीफल पुष्प अर्पित कर स्वागत किये ,और और आशीर्वाद प्राप्त किये, एवं वहीं कथा में सम्मिलित हुए और कथा श्रवण कर रसास्वादन किया, एवं सैकड़ो की संख्या में आए हुए श्रद्धालुओं ने श्रवण कर गद गद होकर भाव विभोर हुए एवं झूम उठे*।। *कथा के अंत में कथा व्यास जी ने सभी श्रद्धालुओं से बतलाया कि शिव पुराण का अंतिम श्लोक के एक चरण अनु शरण करे तो हमें मोक्ष की प्राप्ति होगी 12 मार्च दिन गुरुवार को चढ़ोत्तरी एवं हवन यज्ञ, एवं 13 मार्च दिन शुक्रवार को विशाल भंडारा , विदाई कथा विश्राम होगा,14 मार्च को जवारा विसजर्न किया जाएगा*1
- जिला चिकित्सालय के चिकित्सको की तत्परता से टप्पू बाई को मिली नई जिंदगी शहडोल । केंद्र एवं राज्य सरकार जरूरतमंद मरीजो को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है। जिला चिकित्सालय शहडोल निरंतर अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए उम्मीद, समर्पण और सफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। सिविल सर्जन डाॅ. शिल्फी सराफ ने बताया कि उमरिया जिले के ग्राम अमलिहा पाली की रहने वाली टप्पू बाई यादव को जिला चिकित्सालय शहडोल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सको द्वारा विभिन्न जांचे कराई गई जिसमें पाया गया कि वह हार्ट रोग से ग्रसित है और स्वास्थ्य काफी खराब है। स्वास्थ्य के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया, जिन्हें डाॅक्टरो की उपस्थिति में 120 जूल का इलेक्ट्रिक शाॅक दिया गया एवं सभी आपातकालीन दवाईयाे के साथ चिकित्सको द्वारा निगरानी रखी गई और टप्पू बाई यादव का दिल अब पुनः धड़कने लगा। टप्पू बाई को अब चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती कर निरंतर उपचार किया जा रहा है।1
- अनूपपुर रोड सिद्ध बाबा मंदिर के पास पहाड़ में लगी आग,,,वन विभाग को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता,,,,1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- -- शहडोल 11 मार्च 2026- केंद्र एवं राज्य सरकार जरूरतमंद मरीजो को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है। जिला चिकित्सालय शहडोल निरंतर अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए उम्मीद, समर्पण और सफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। सिविल सर्जन डाॅ. शिल्फी सराफ ने बताया कि उमरिया जिले के ग्राम अमलिहा पाली की रहने वाली टप्पू बाई यादव को जिला चिकित्सालय शहडोल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सको द्वारा विभिन्न जांचे कराई गई जिसमें पाया गया कि वह हार्ट रोग से ग्रसित है और स्वास्थ्य काफी खराब है। स्वास्थ्य के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया, जिन्हें डाॅक्टरो की उपस्थिति में 120 जूल का इलेक्ट्रिक शाॅक दिया गया एवं सभी आपातकालीन दवाईयांे के साथ चिकित्सको द्वारा निगरानी रखी गई और टप्पू बाई यादव का दिल अब पुनः धड़कने लगा। टप्पू बाई को अब चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती कर निरंतर उपचार किया जा रहा है।1
- ismein railing lagwaya Jaaye 50 lakh ki gadi Nikalti Hai risk wala kam hai please madad Karen1