गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन बना रंगों की पहचान, कला और संस्कृति का जीवंत संगम गाजीपुर। अब गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन केवल ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान का केंद्र नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और रचनात्मकता का जीवंत प्रतीक बन चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किए गए व्यापक सौंदर्यीकरण कार्यों के बाद स्टेशन की दीवारें अब साधारण कंक्रीट संरचना न रहकर भव्य आर्ट गैलरी का रूप ले चुकी हैं। बनारस के युवा और प्रतिभाशाली कलाकार वरुण प्रजापति एवं उनकी टीम ने लोक परंपराओं, आधुनिक कला और 3D म्यूरल के अद्भुत संयोजन से स्टेशन को एक नई पहचान प्रदान की है। रंगों में ढली स्टेशन की नई तस्वीर इन दिनों जो भी यात्री गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंच रहा है, उसकी नजरें स्वतः ही चारों ओर फैली कलाकृतियों पर ठहर जा रही हैं। दीवारों पर उकेरे गए चित्रों में ग्रामीण जीवन, भारतीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और सामाजिक संदेशों की सुंदर झलक देखने को मिलती है। कहीं बनारस की गलियों की अनुभूति है तो कहीं लोक जीवन की सहजता, वहीं 3D म्यूरल आधुनिक सोच और कल्पनाशीलता को दर्शाते हैं। यह कलात्मक परिवर्तन स्टेशन के माहौल को न केवल आकर्षक बना रहा है, बल्कि यात्रियों को सकारात्मक ऊर्जा का भी अनुभव करा रहा है। कला के प्रति समर्पण की कहानी इस संपूर्ण परियोजना के केंद्र में कलाकार वरुण प्रजापति की वर्षों की मेहनत और लगन छिपी हुई है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से ललित कला में स्नातक वरुण बताते हैं कि पेंटिंग उनके लिए सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मिक साधना है। बचपन से ही रंगों और रेखाओं से जुड़ाव रखने वाले वरुण ने कक्षा दो से ही ब्रश पकड़ लिया था। समय के साथ यह शौक जुनून में बदल गया और आज उनकी कला सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को प्रेरित कर रही है। चुनौतियों से भरा रहा सफर रेलवे स्टेशन जैसी अत्यंत व्यस्त जगह पर इस स्तर का कलात्मक कार्य करना आसान नहीं था। सीमित समय, यात्रियों की निरंतर आवाजाही और सुरक्षा मानकों के बीच काम करना बड़ी चुनौती रही। हर डिजाइन को रेलवे अधिकारियों की स्वीकृति दिलाना और तय मापदंडों के अनुसार उसे दीवारों पर उतारना लंबी और धैर्यपूर्ण प्रक्रिया रही। इसके बावजूद वरुण और उनकी टीम ने निरंतर मेहनत कर तय समय में इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया। यात्रियों में दिखा उत्साह, बना आकर्षण का केंद्र स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्री इन भित्ति चित्रों को देखकर खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं। कई लोग इन कलाकृतियों के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं तो कुछ देर ठहरकर इन्हें निहारते दिखाई देते हैं। यात्रियों का कहना है कि अब स्टेशन पर समय बिताना पहले से कहीं ज्यादा सुखद और यादगार हो गया है। गाजीपुर को मिली नई सांस्कृतिक पहचान अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुआ यह सौंदर्यीकरण कार्य गाजीपुर के लिए एक नई पहचान बनकर उभरा है। यह पहल न केवल स्टेशन की सुंदरता बढ़ा रही है, बल्कि जिले की सांस्कृतिक छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान कर रही है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन बना रंगों की पहचान, कला और संस्कृति का जीवंत संगम गाजीपुर। अब गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन केवल ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान का केंद्र नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और रचनात्मकता का जीवंत प्रतीक बन चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किए गए व्यापक सौंदर्यीकरण कार्यों के बाद स्टेशन की दीवारें अब साधारण कंक्रीट संरचना न रहकर भव्य आर्ट गैलरी का रूप ले चुकी हैं। बनारस के युवा और प्रतिभाशाली कलाकार वरुण प्रजापति एवं उनकी टीम ने लोक परंपराओं, आधुनिक कला और 3D म्यूरल के अद्भुत संयोजन से स्टेशन को एक नई पहचान प्रदान की है। रंगों में ढली स्टेशन की नई तस्वीर इन दिनों जो भी यात्री गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंच रहा है, उसकी नजरें स्वतः ही चारों ओर फैली कलाकृतियों पर ठहर जा रही हैं। दीवारों पर उकेरे गए चित्रों में ग्रामीण जीवन, भारतीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और सामाजिक संदेशों की सुंदर झलक देखने को मिलती है। कहीं बनारस की गलियों की अनुभूति है तो कहीं लोक जीवन की सहजता, वहीं 3D म्यूरल आधुनिक सोच और कल्पनाशीलता को दर्शाते हैं। यह कलात्मक परिवर्तन स्टेशन के माहौल को न केवल आकर्षक बना रहा है, बल्कि यात्रियों को सकारात्मक ऊर्जा का भी अनुभव करा रहा है। कला के प्रति समर्पण की कहानी इस संपूर्ण परियोजना के केंद्र में कलाकार वरुण प्रजापति की वर्षों की मेहनत और लगन छिपी हुई है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से ललित कला में स्नातक वरुण बताते हैं कि पेंटिंग उनके लिए सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मिक साधना है। बचपन से ही रंगों और रेखाओं से जुड़ाव रखने वाले वरुण ने कक्षा दो से ही ब्रश पकड़ लिया था। समय के साथ यह शौक जुनून में बदल गया और आज उनकी कला सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को प्रेरित कर रही है। चुनौतियों से भरा रहा सफर रेलवे स्टेशन जैसी अत्यंत व्यस्त जगह पर इस स्तर का कलात्मक कार्य करना आसान नहीं था। सीमित समय, यात्रियों की निरंतर आवाजाही और सुरक्षा मानकों के बीच काम करना बड़ी चुनौती रही। हर डिजाइन को रेलवे अधिकारियों की स्वीकृति दिलाना और तय मापदंडों के अनुसार उसे दीवारों पर उतारना लंबी और धैर्यपूर्ण प्रक्रिया रही। इसके बावजूद वरुण और उनकी टीम ने निरंतर मेहनत कर तय समय में इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया। यात्रियों में दिखा उत्साह, बना आकर्षण का केंद्र स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्री इन भित्ति चित्रों को देखकर खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं। कई लोग इन कलाकृतियों के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं तो कुछ देर ठहरकर इन्हें निहारते दिखाई देते हैं। यात्रियों का कहना है कि अब स्टेशन पर समय बिताना पहले से कहीं ज्यादा सुखद और यादगार हो गया है। गाजीपुर को मिली नई सांस्कृतिक पहचान अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुआ यह सौंदर्यीकरण कार्य गाजीपुर के लिए एक नई पहचान बनकर उभरा है। यह पहल न केवल स्टेशन की सुंदरता बढ़ा रही है, बल्कि जिले की सांस्कृतिक छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान कर रही है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
- Sachin Pali gaon sign bhupat mein Bhagwan ka Pran pratishtha sthapna hua dinank 18 2026 Rath hatyara1
- Post by Dawan विजय टाइम्स पेपर न्यूज1
- मऊ - नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की हुई जबरदस्त टक्कर...! ट्रेलर की टक्कर से कोयला से लदा ट्रक में लगी आग ट्रक ड्राइवर की मौत...! दो थानों की पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मृतक ड्राइवर संदीप कुमार राणा झारखंड हजारीबाग रांची का रहने वाला था। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बशारतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे की घटना...! #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #maumahadev #facebookreels #reelschallenge #NayeBharatKaNayaUP #fbreels #reelsviralシ1
- गाज़ीपुर: पैरामेडिकल कॉलेज के बी-फार्मा छात्र विपुल यादव की संदिग्ध हालात में मौत मां सरस्वती पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र विपुल यादव की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु महेंगवा मरदह स्थित नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र की अचानक मौत से हड़कंप बी-फार्मा छात्र विपुल यादव की संदिग्ध मौत, परिवार और साथियों में शोक कॉलेज परिसर में छात्र की मौत, कारणों की जांच में जुटी पुलिस1
- पुलिस विभाग को गाली-गलौज करते हुए लड़का का दुख बोल रहा है।1
- *मऊ में भीषण सड़क हादसा: कोयला लदे ट्रेलर में आग, चालक जिंदा जला* जनादेश टुडे घोसी, मऊ। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बशारतपुर के पास वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लादकर गोरखपुर के सहजनवा जा रहा एक ट्रेलर आगे चल रहे बालू लदे दूसरे ट्रेलर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लदे ट्रेलर में तुरंत भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से ट्रेलर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। चालक जिंदा जलकर राख हो गया जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, दोहरीघाट थाना पुलिस और घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस के अनुसार मृतक चालक की पहचान संदीप कुमार राणा निवासी हजारीबाग झारखंड के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लेकर गोरखपुर के सहजनवा के लिए रवाना हुआ था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर पीछे से टक्कर को हादसे का कारण माना जा रहा है हालांकि वास्तविक वजहों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।3
- Post by Bala Ji1
- गाजीपुर। मां सरस्वती पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज, महेंगवा–मरदह में पढ़ने वाले डी-फार्मा के छात्र विपुल यादव की मंगलवार दोपहर रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार विपुल यादव, पुत्र जयप्रकाश यादव, निवासी नसीरपुर डाढ़ी, थाना मरदह, कॉलेज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। घटना की जानकारी होते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। कॉलेज कर्मचारियों ने तुरंत उसे एम्बुलेंस से इलाज के लिए मऊ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कॉलेज के चेयरमैन विजय यादव ने बताया कि वे इस समय लखनऊ में थे। उन्हें जानकारी मिली कि विपुल चौथी मंजिल की छत पर मोबाइल पर बातचीत कर रहा था और बातचीत के दौरान वह नीचे गिर गया।2