logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सिंगरौली में 29 मई 2026 को कलेक्टर श्री गौरव बेन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 'हिरण्यगर्भा अभियान' के तहत नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्यों को पूरी तरह से हासिल करने पर जोर दिया। इसके लिए, उन्होंने वार्षिक लक्ष्यों को मासिक आधार पर निर्धारित कर पशु चिकित्सा और अधीनस्थ कर्मचारियों को लक्ष्य पूर्ति के लिए निर्देशित करने को कहा। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि पशुओं में यूआईडी टैग लगाने, पशु पंजीकरण, कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण और वत्सोत्पादन की सभी प्रविष्टियाँ 'भारत पशुधन ऐप' पर अनिवार्य रूप से की जाएँ। इस हेतु, डीडीवीएस को एक सप्ताह के भीतर एआई प्रशिक्षित 'मैत्री' और गौ सेवकों के लिए ऐप संचालन प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए कहा गया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए कि निजी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं और 'मैत्री' को प्रति कृत्रिम गर्भाधान और वत्सोत्पादन पश्चात टैग किए जाने पर दिया जाने वाला मानदेय समय पर भुगतान किया जाए। 'क्षीरधारा ग्राम योजना' की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने उन्नत नस्ल और प्रचुर दुग्ध उत्पादन हेतु निर्धारित क्षीरधारा ग्रामों में टैगिंग और टीकाकरण का कार्य निर्धारित समयावधि पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से अपने कार्य क्षेत्रों का भ्रमण करने और 'सार्थक ऐप' पर प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए भी कहा गया। इस संबंध में, कलेक्टर ने डीडीवीएस को एवीएफओ सहित अन्य मैदानी कर्मचारियों के प्रतिदिन के कार्यों की समीक्षा करने के सख्त निर्देश दिए और चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित एआई प्रशिक्षित 'मैत्री' और गौ सेवकों को प्रोत्साहित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सीएसआर मद के माध्यम से पशुपालन एवं डेयरी उत्पादन से संबंधित कार्यों में सहयोग भी दिया जाएगा। इस दौरान पशुपालन विभाग के प्रभारी संभागीय अधिकारी डॉ. अनवर आलम खान, पशु विभाग के सर्जन डॉ. मनु दीक्षित, डॉ. कल्पना पटेल, डीडीवीएस डॉ. बीरेन्द्र प्रजापति, पशु चिकित्सक डॉ. अनामिका विश्वकर्मा, शिल्पा पटेल, अंकिता मिश्रा सहित एआई प्रशिक्षित मैत्री एवं गौ सेवक उपस्थित रहे।

17 hrs ago
user_Ravendra Prasad pandey
Ravendra Prasad pandey
Yoga instructor सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago
fd253ced-6f16-4bf4-b84c-b85b9ed92335

सिंगरौली में 29 मई 2026 को कलेक्टर श्री गौरव बेन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 'हिरण्यगर्भा अभियान' के तहत नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्यों को पूरी तरह से हासिल करने पर जोर दिया। इसके लिए, उन्होंने वार्षिक लक्ष्यों को मासिक आधार पर निर्धारित कर पशु चिकित्सा और अधीनस्थ कर्मचारियों को लक्ष्य पूर्ति के लिए निर्देशित करने को कहा। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि पशुओं में यूआईडी टैग लगाने, पशु पंजीकरण, कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण और वत्सोत्पादन की सभी प्रविष्टियाँ 'भारत पशुधन ऐप' पर अनिवार्य रूप से की जाएँ। इस हेतु, डीडीवीएस को एक सप्ताह के भीतर एआई प्रशिक्षित 'मैत्री' और गौ सेवकों के लिए ऐप संचालन प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए कहा गया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए कि निजी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं और 'मैत्री' को प्रति कृत्रिम गर्भाधान और वत्सोत्पादन पश्चात टैग किए जाने पर दिया जाने वाला मानदेय समय पर भुगतान किया जाए। 'क्षीरधारा ग्राम योजना' की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने उन्नत नस्ल और प्रचुर दुग्ध उत्पादन हेतु निर्धारित क्षीरधारा ग्रामों में टैगिंग और टीकाकरण का कार्य निर्धारित समयावधि पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से अपने कार्य क्षेत्रों का भ्रमण करने और 'सार्थक ऐप' पर प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए भी कहा गया। इस संबंध में, कलेक्टर ने डीडीवीएस को एवीएफओ सहित अन्य मैदानी कर्मचारियों के प्रतिदिन के कार्यों की समीक्षा करने के सख्त निर्देश दिए और चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित एआई प्रशिक्षित 'मैत्री' और गौ सेवकों को प्रोत्साहित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सीएसआर मद के माध्यम से पशुपालन एवं डेयरी उत्पादन से संबंधित कार्यों में सहयोग भी दिया जाएगा। इस दौरान पशुपालन विभाग के प्रभारी संभागीय अधिकारी डॉ. अनवर आलम खान, पशु विभाग के सर्जन डॉ. मनु दीक्षित, डॉ. कल्पना पटेल, डीडीवीएस डॉ. बीरेन्द्र प्रजापति, पशु चिकित्सक डॉ. अनामिका विश्वकर्मा, शिल्पा पटेल, अंकिता मिश्रा सहित एआई प्रशिक्षित मैत्री एवं गौ सेवक उपस्थित रहे।

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • बुधवार को सिंगरौली जिले के आदिवासी विकास विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त की टीम ने विभाग में पदस्थ लिपिक एम.एल. वर्मा को कथित रिश्वतखोरी के मामले में कार्यालय से अपने साथ ले जाने की कार्रवाई की। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सूत्रों के अनुसार, लोकायुक्त टीम ने यह कार्रवाई पूर्व से मिली एक शिकायत के आधार पर की, जिसमें किसी काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। टीम ने विभागीय कार्यालय पहुंचकर आवश्यक पूछताछ और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित कर्मचारी को अपने साथ ले गई। हाल के वर्षों में लोकायुक्त की लगातार हो रही कार्रवाइयां यह स्पष्ट संकेत देती हैं कि भ्रष्टाचार पर जांच एजेंसियां अब अधिक सक्रिय हैं। सिंगरौली जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी है। यह घटना मात्र एक कर्मचारी तक सीमित नहीं मानी जा सकती; यदि रिश्वतखोरी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सवाल भी उठेगा कि क्या विभागीय कार्यप्रणाली में ऐसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियाँ मौजूद हैं, क्योंकि अक्सर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई तो होती है, पर भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुँचने का प्रयास कम दिखाई देता है। जनता इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहती है, ताकि यदि आरोप प्रमाणित हों तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। वहीं, अगर किसी स्तर पर गलतफहमी या तथ्यात्मक त्रुटि हो तो उसे भी स्पष्ट किया जाना चाहिए, क्योंकि कानून के मूल सिद्धांत के अनुसार जांच पूरी होने तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। फिलहाल, विभागीय गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर लोकायुक्त की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। सिंगरौली की जनता इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है और आगे की कार्यवाही पर पैनी नजर रखे हुए है।
    1
    बुधवार को सिंगरौली जिले के आदिवासी विकास विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त की टीम ने विभाग में पदस्थ लिपिक एम.एल. वर्मा को कथित रिश्वतखोरी के मामले में कार्यालय से अपने साथ ले जाने की कार्रवाई की। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

सूत्रों के अनुसार, लोकायुक्त टीम ने यह कार्रवाई पूर्व से मिली एक शिकायत के आधार पर की, जिसमें किसी काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। टीम ने विभागीय कार्यालय पहुंचकर आवश्यक पूछताछ और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित कर्मचारी को अपने साथ ले गई। हाल के वर्षों में लोकायुक्त की लगातार हो रही कार्रवाइयां यह स्पष्ट संकेत देती हैं कि भ्रष्टाचार पर जांच एजेंसियां अब अधिक सक्रिय हैं। सिंगरौली जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी है। यह घटना मात्र एक कर्मचारी तक सीमित नहीं मानी जा सकती; यदि रिश्वतखोरी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सवाल भी उठेगा कि क्या विभागीय कार्यप्रणाली में ऐसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियाँ मौजूद हैं, क्योंकि अक्सर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई तो होती है, पर भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुँचने का प्रयास कम दिखाई देता है।

जनता इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहती है, ताकि यदि आरोप प्रमाणित हों तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। वहीं, अगर किसी स्तर पर गलतफहमी या तथ्यात्मक त्रुटि हो तो उसे भी स्पष्ट किया जाना चाहिए, क्योंकि कानून के मूल सिद्धांत के अनुसार जांच पूरी होने तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। फिलहाल, विभागीय गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर लोकायुक्त की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। सिंगरौली की जनता इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है और आगे की कार्यवाही पर पैनी नजर रखे हुए है।
    user_Arvind Kumar Mishra
    Arvind Kumar Mishra
    Singrauli, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के बालू टोला के ग्रामीण पिछले 17 दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। 13 मई को आई आंधी के कारण ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे गिरने के बाद से बालू टोला के दर्जनों परिवार अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं, क्योंकि नया ट्रांसफार्मर पहुंच जाने के बावजूद उसकी स्थापना नहीं की गई है और न ही क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को बदला गया है। इस गंभीर मुद्दे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
    1
    सोनभद्र जिले के बालू टोला के ग्रामीण पिछले 17 दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। 13 मई को आई आंधी के कारण ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे गिरने के बाद से बालू टोला के दर्जनों परिवार अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।

ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं, क्योंकि नया ट्रांसफार्मर पहुंच जाने के बावजूद उसकी स्थापना नहीं की गई है और न ही क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को बदला गया है। इस गंभीर मुद्दे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    23 min ago
  • सोनभद्र के रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब शीतला माता मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में मिली। अराजक तत्वों ने प्रतिमा को तोड़कर नाले में फेंक दिया और मंदिर के शिखर, घंटे तथा धार्मिक ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। जानकारी के अनुसार, गांव के समीप स्थित दुर्गा माता मंदिर में चल रहे यज्ञ कार्यक्रम के बाद शनिवार सुबह जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में पूजा के लिए पहुँचे तो मंदिर की बदहाली देखकर स्तब्ध रह गए। हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में थी, जबकि मंदिर के घंटे और झंडे पास के खेत में पड़े मिले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तत्काल मंदिर परिसर में जमा हो गए। पुलिस प्रशासन भी तुरंत मौके पर पहुँचा और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी प्रारंभ कर दी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अराजक तत्वों ने देर रात करीब 12 बजे के बाद लाठी-डंडों का प्रयोग कर हनुमान प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया और मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँचे। विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा कार्यकर्ता धर्मेंद्र पाण्डेय ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं से घटना की जाँच कर रही है, और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
    4
    सोनभद्र के रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब शीतला माता मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में मिली। अराजक तत्वों ने प्रतिमा को तोड़कर नाले में फेंक दिया और मंदिर के शिखर, घंटे तथा धार्मिक ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, गांव के समीप स्थित दुर्गा माता मंदिर में चल रहे यज्ञ कार्यक्रम के बाद शनिवार सुबह जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में पूजा के लिए पहुँचे तो मंदिर की बदहाली देखकर स्तब्ध रह गए। हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में थी, जबकि मंदिर के घंटे और झंडे पास के खेत में पड़े मिले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तत्काल मंदिर परिसर में जमा हो गए। पुलिस प्रशासन भी तुरंत मौके पर पहुँचा और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी प्रारंभ कर दी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अराजक तत्वों ने देर रात करीब 12 बजे के बाद लाठी-डंडों का प्रयोग कर हनुमान प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया और मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँचे। विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा कार्यकर्ता धर्मेंद्र पाण्डेय ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं से घटना की जाँच कर रही है, और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सोनभद्र के कोन क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान एक आशा बहू की मौत के बाद शनिवार को भारी जनाक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और संचालक समेत संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंगा-बागेसोती निवासी लगभग 38 वर्षीय सीमा देवी, जो एक आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं, को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन की सलाह दी गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सीमा देवी की तबीयत बिगड़ गई और समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई, हालांकि नवजात शिशु सुरक्षित है। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए, जिससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसी अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता, लौकवाखाड़ी बागेसोती निवासी 35 वर्षीय कुसुमरी देवी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में किसी भी अपंजीकृत अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मौजूदगी में ही अस्पताल को सील किया गया। एसीएमओ गुलाब शंकर यादव ने बताया कि इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल संचालक नसीम अंसारी और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, एसीएमओ डॉक्टर गुलाब शंकर यादव, डॉक्टर कृति आजाद बिंद, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, विजय शंकर यादव, भाजपा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, भाजपा नेता अलख नारायण शुक्ला और जोखन यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, और ग्रामीण अवैध अस्पतालों के संचालन तथा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
    4
    सोनभद्र के कोन क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान एक आशा बहू की मौत के बाद शनिवार को भारी जनाक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और संचालक समेत संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सिंगा-बागेसोती निवासी लगभग 38 वर्षीय सीमा देवी, जो एक आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं, को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन की सलाह दी गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सीमा देवी की तबीयत बिगड़ गई और समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई, हालांकि नवजात शिशु सुरक्षित है। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए, जिससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

इसी अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता, लौकवाखाड़ी बागेसोती निवासी 35 वर्षीय कुसुमरी देवी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में किसी भी अपंजीकृत अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मौजूदगी में ही अस्पताल को सील किया गया।

एसीएमओ गुलाब शंकर यादव ने बताया कि इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल संचालक नसीम अंसारी और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, एसीएमओ डॉक्टर गुलाब शंकर यादव, डॉक्टर कृति आजाद बिंद, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, विजय शंकर यादव, भाजपा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, भाजपा नेता अलख नारायण शुक्ला और जोखन यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, और ग्रामीण अवैध अस्पतालों के संचालन तथा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में, योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई किसी गरीब को हटाने का प्रयास करता है, तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
    1
    उत्तर प्रदेश में, योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई किसी गरीब को हटाने का प्रयास करता है, तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
    user_Chandrma kumar Kumar
    Chandrma kumar Kumar
    Farmer Robertsganj, Sonbhadra•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ थाना रामपुर बर्कोनिया के धर्मदासपुर गांव में अराजकतत्वों ने एक मंदिर पर हमला किया है। इस हमले में उपद्रवियों ने हनुमानजी की मूर्ति को तोड़कर नाली में फेंक दिया। हमलावरों ने मंदिर को भी काफी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने मंदिर के शिखर को क्षत-विक्षत कर दिया और मंदिर में लगे घंटे तथा झंडे को निकालकर खेत में फेंक दिया। यह हनुमानजी की मूर्ति शीतला मंदिर के प्रांगण में रखी गई थी। यह भी बताया गया है कि पूर्व में भी सोनभद्र के कई अलग-अलग इलाकों में मंदिरों पर हमले हो चुके हैं।
    4
    उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ थाना रामपुर बर्कोनिया के धर्मदासपुर गांव में अराजकतत्वों ने एक मंदिर पर हमला किया है। इस हमले में उपद्रवियों ने हनुमानजी की मूर्ति को तोड़कर नाली में फेंक दिया।

हमलावरों ने मंदिर को भी काफी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने मंदिर के शिखर को क्षत-विक्षत कर दिया और मंदिर में लगे घंटे तथा झंडे को निकालकर खेत में फेंक दिया। यह हनुमानजी की मूर्ति शीतला मंदिर के प्रांगण में रखी गई थी। यह भी बताया गया है कि पूर्व में भी सोनभद्र के कई अलग-अलग इलाकों में मंदिरों पर हमले हो चुके हैं।
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    पत्रकार Robertsganj, Sonbhadra•
    12 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में एक युवक-युवती के आपसी विवाद और युवक द्वारा असलहा प्रदर्शन के मामले पर क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा ने बयान दिया है। यह बयान इस पूरी घटना के संबंध में जारी किया गया है।
    1
    सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में एक युवक-युवती के आपसी विवाद और युवक द्वारा असलहा प्रदर्शन के मामले पर क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा ने बयान दिया है। यह बयान इस पूरी घटना के संबंध में जारी किया गया है।
    user_पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)
    Local News Reporter रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सिंगरौली जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन और बिना अनुमति खनिज परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में, कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशों और खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने बिना वैध अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन कर रहे एक डंपर को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 मई 2026 को खनिज विभाग की जांच के दौरान डंपर क्रमांक MP66ZD0758 गिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन चालक वैध अभिवहन पास प्रस्तुत करने में विफल रहा, जिसके बाद विभागीय अधिकारी अशोक मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डंपर को जब्त कर पुलिस थाना चितरंगी में सुरक्षित खड़ा कराया। यह कार्रवाई केवल एक वाहन की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो शासन के नियमों को ताक पर रखकर खनिज संसाधनों के अवैध परिवहन में संलिप्त हैं। खनिजों का अवैध परिवहन न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाता है, बल्कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और वैधानिक व्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। हाल के दिनों में सिंगरौली जिले में खनिज विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है, जो यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों को लेकर बेहद गंभीर है और नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त वाहन के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रावधानों के अनुसार जुर्माना अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सिंगरौली जैसे खनिज समृद्ध जिले में प्रशासन की ऐसी कार्रवाइयाँ न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करती हैं, बल्कि ईमानदारी से कार्य कर रहे वैध परिवहनकर्ताओं और खनन व्यवसायियों के हितों की भी रक्षा करती हैं। यह आवश्यक है कि ऐसी कार्रवाई अभियान के रूप में निरंतर जारी रहे, ताकि अवैध परिवहन के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोका जा सके। खनिज विभाग की यह कार्रवाई एक सकारात्मक संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी सजगता के साथ मैदान में मौजूद है।
    1
    सिंगरौली जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन और बिना अनुमति खनिज परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में, कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशों और खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने बिना वैध अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन कर रहे एक डंपर को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 मई 2026 को खनिज विभाग की जांच के दौरान डंपर क्रमांक MP66ZD0758 गिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन चालक वैध अभिवहन पास प्रस्तुत करने में विफल रहा, जिसके बाद विभागीय अधिकारी अशोक मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डंपर को जब्त कर पुलिस थाना चितरंगी में सुरक्षित खड़ा कराया।

यह कार्रवाई केवल एक वाहन की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो शासन के नियमों को ताक पर रखकर खनिज संसाधनों के अवैध परिवहन में संलिप्त हैं। खनिजों का अवैध परिवहन न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाता है, बल्कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और वैधानिक व्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। हाल के दिनों में सिंगरौली जिले में खनिज विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है, जो यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों को लेकर बेहद गंभीर है और नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त वाहन के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रावधानों के अनुसार जुर्माना अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सिंगरौली जैसे खनिज समृद्ध जिले में प्रशासन की ऐसी कार्रवाइयाँ न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करती हैं, बल्कि ईमानदारी से कार्य कर रहे वैध परिवहनकर्ताओं और खनन व्यवसायियों के हितों की भी रक्षा करती हैं। यह आवश्यक है कि ऐसी कार्रवाई अभियान के रूप में निरंतर जारी रहे, ताकि अवैध परिवहन के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोका जा सके। खनिज विभाग की यह कार्रवाई एक सकारात्मक संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी सजगता के साथ मैदान में मौजूद है।
    user_Arvind Kumar Mishra
    Arvind Kumar Mishra
    Singrauli, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.