वाराणसी में UGC Act के विरोध में ऐतिहासिक मशाल यात्रा, सवर्ण आर्मी ने केंद्र सरकार को दी कड़ी चेतावनी वाराणसी। UGC Act के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज सवर्ण आर्मी के सिपाहियों द्वारा एक ऐतिहासिक मशाल यात्रा निकाली गई। यह मशाल यात्रा सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय सर्वेश पाण्डेय जी के निर्देश पर आयोजित की गई। मशाल यात्रा के माध्यम से सवर्ण समाज ने अपने बच्चों के शैक्षिक अधिकारों पर हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ सशक्त विरोध दर्ज कराया। सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर सरकार को यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यात्रा के दौरान गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा— 🔥 UGC Act वापस लो 🔥 शिक्षा पर अत्याचार बंद करो 🔥 सवर्ण समाज एकता जिंदाबाद सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मशाल यात्रा केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि सरकार के लिए स्पष्ट चेतावनी है। यदि UGC Act को वापस नहीं लिया गया तो सवर्ण आर्मी अपने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन को और तेज करेगी। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में दोहराया— “जब तक UGC Act वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक सवर्ण आर्मी का संघर्ष जारी रहेगा।” अंत में सभी ने एकजुट होकर नारा लगाया— ✊ सवर्ण आर्मी जिंदाबाद
वाराणसी में UGC Act के विरोध में ऐतिहासिक मशाल यात्रा, सवर्ण आर्मी ने केंद्र सरकार को दी कड़ी चेतावनी वाराणसी। UGC Act के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज सवर्ण आर्मी के सिपाहियों द्वारा एक ऐतिहासिक मशाल यात्रा निकाली गई। यह मशाल यात्रा सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय सर्वेश पाण्डेय जी के निर्देश पर आयोजित की गई। मशाल यात्रा के माध्यम से सवर्ण समाज ने अपने बच्चों के शैक्षिक अधिकारों पर हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ सशक्त विरोध दर्ज कराया। सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर सरकार को यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यात्रा के दौरान गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा— 🔥 UGC Act वापस लो 🔥 शिक्षा पर अत्याचार बंद करो 🔥 सवर्ण समाज एकता जिंदाबाद सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मशाल यात्रा केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि सरकार के लिए स्पष्ट चेतावनी है। यदि UGC Act को वापस नहीं लिया गया तो सवर्ण आर्मी अपने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन को और तेज करेगी। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में दोहराया— “जब तक UGC Act वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक सवर्ण आर्मी का संघर्ष जारी रहेगा।” अंत में सभी ने एकजुट होकर नारा लगाया— ✊ सवर्ण आर्मी जिंदाबाद
- #dudhi #sonbhadra1
- Post by Awaaz -e-Bharat1
- हम सरकार से मांग करते है कि ईस जगह को ध्यान पूर्वक देकर ईस जगह मरम्मत करने कि फण्ड पास करे4
- Post by The Update Abtak1
- Post by Anushka Anushka10
- कैमूर बिहार कैमूर में बैंक कर्मियों की हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। 3 दिनों की हड़ताल से जिले में 20 करोड़ से अधिक का बैंकिंग कारोबार ठप हो गया। शादी, इलाज और रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए बैंक पहुंचे लोग परेशान होकर लौटने को मजबूर हैं। क्या सरकार और बैंक प्रबंधन आम लोगों की परेशानी सुनेगा? 👇 अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें #BreakingNews #KaimurNews #BankHadtal #AamJantaPareshan #BiharNews5
- Post by Awaaz -e-Bharat1
- मंदिर में मुसलमानों के विधि-विधान से पूजा-पाठ हो रहा है! हिन्दू मंदिर के अंदर कलिमा कैसे लिख दिया!” हनुमानगढ़, राजस्थान के गोगामेड़ी में 26 जनवरी को एक महिला हिंदूवादी समर्थक गोगाजी मंदिर गईं और झूठे आरोप करके सांप्रदायिक अशांति भड़काने की कोशिश की! जब मंदिर में मौजूद हिन्दू कर्मचारी और भक्तों ने उनका विरोध किया और उन्हें जाने के लिए कहा, तो उन्होंने झूठा दावा किया कि वह एक रिपोर्टर हैं और मंदिर में काम करने वालों को परेशान करने लगीं!1
- वाराणसी की ख़ास ख़बर समय सच्चाई का उजागर कर रहा है लेकिन फर्जी तरीके से सिर्फ़ फ़साने का दौर चल रहा है नाम किसी का, काम किसी का एंटी करप्शन की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल एंटी करप्शन टीम पर दबाव में फर्जी कार्रवाई करने का आरोप लगा है। चौकी प्रभारी काशी विद्यापीठ और उनके लेखक को बिना किसी रिकवरी या बरामदगी के जबरन उठा ले जाने का मामला सामने आया है। मौजूद वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि एंटी करप्शन टीम के सदस्य बैरिक के अंदर जाकर किसी अन्य सिपाही के बिस्तर के पास रखे वाटर कूलर के बगल से पैसे निकालते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि वह बिस्तर न तो चौकी प्रभारी का है और न ही लेखक का। वीडियो के अवलोकन में यह भी स्पष्ट है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ, इसके बावजूद चौकी प्रभारी और लेखक को पकड़कर ले जाया गया। पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित, संयोजित और जबरदस्ती की कार्रवाई जैसा प्रतीत हो रहा है,जहां नाम किसी का, काम किसी का और फँसाया गया किसी और को। मामले ने एंटी करप्शन टीम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मांग उठ रही है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच हो और निर्दोषों पर कोई गलत कार्रवाई न की जाए।1