नवनिर्मित गेट विवाद को लेकर बैरिया और लखौवां में फिर बवाल, मारपीट में कई लोगों के घायल होने की सूचना!! नवनिर्मित गेट विवाद को लेकर बैरिया और लखौवां में फिर बवाल, मारपीट में कई लोगों के घायल होने की सूचना!! गया जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत सहिया पंचायत में नवनिर्मित प्रवेश द्वार को लेकर चल रहा विवाद आज एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आया। गया-राजगीर मुख्य मार्ग NH-82 पर बैरिया गांव के प्रवेश द्वार पर बनाए गए गेट के नाम को लेकर पहले से जारी विवाद के बीच शनिवार को बैरिया और लखौवां गांव के ग्रामीणों के बीच हंगामा और मारपीट की सूचना सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, बैरिया गांव के कई लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए वजीरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे जाने की सूचना है। हालांकि, घायलों की संख्या और घटना के पूरे विवरण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।मामला सहिया पंचायत अंतर्गत बैरिया गांव के प्रवेश द्वार पर बनाए गए एक नवनिर्मित गेट से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, सहिया पंचायत के वर्तमान मुखिया मुरारी प्रसाद यादव, जो लखौवां गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, उनके द्वारा गया-राजगीर NH-82 के समीप गेट का निर्माण कराया गया था।गेट के मुख्य द्वार पर स्वर्ण अक्षरों में "मुरारी यादव प्रवेश द्वार, आदर्श ग्राम लखौवां" लिखा गया था। गेट पर लखौवां गांव का नाम अंकित किए जाने को लेकर बैरिया गांव के ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना था कि गेट बैरिया गांव के प्रवेश क्षेत्र में स्थित है, इसलिए उस पर बैरिया गांव का नाम भी अंकित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने गेट निर्माण से संबंधित पूरे लेखा-जोखा और निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की मांग की थी।गेट पर लिखे नाम को लेकर दोनों गांवों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए वजीरगंज प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया। बताया जा रहा है कि वजीरगंज अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की मौजूदगी में देर शाम विवादित गेट पर लिखे नाम और गांव के नाम को हटवा दिया गया था।प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और स्थिति को शांत बनाए रखना बताया जा रहा है। कार्रवाई के बाद देर रात तक मामला शांत रहा। लेकिन अगले दिन सुबह ही विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया।स्थानीय जानकारी के अनुसार, सुबह लखौवां गांव के कुछ ग्रामीण गेट पर दोबारा अपने गांव का नाम लिखने के लिए पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने के बाद बैरिया गांव के ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गेट पर नाम लिखने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और मौके पर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को देखते हुए बैरिया गांव के ग्रामीणों ने आपातकालीन सेवा डायल 112 को पर फोन कर पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। बैरिया पक्ष के ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस टीम के सामने ही कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट की स्थिति मे उत्पन्न हो गई और लखौवां गांव के कुछ लोग मारपीट पर उतारू हो गए।हालांकि, यह आरोप बैरिया गांव के ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस पूरे विवाद से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि वीडियो में प्रशासन की मौजूदगी के दौरान कुछ लोगों के बीच मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की सत्यता, रिकॉर्डिंग का समय और उसमें दिखाई देने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति या पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।घटना के बाद बैरिया गांव के कई ग्रामीणों के घायल होने की सूचना मिल रही है। बताया जा रहा है कि घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए वजीरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। हालांकि, अभी तक घायलों की सटीक संख्या, उनकी चोटों की गंभीरता और दोनों पक्षों की ओर से हुई क्षति के संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राप्त पुष्टि के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।घटना के बाद वजीरगंज पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर मौजूद है। पुलिस की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल स्थिति प्रशासन के नियंत्रण में बताई जा रही है। दो गांवों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति व्यवस्था बनाए रखना और विवाद को दोबारा हिंसक रूप लेने से रोकना है। वहीं, ग्रामीणों की ओर से पूरे मामले का निष्पक्ष समाधान निकालने की मांग की जा रही है।गेट पर लिखे नाम से शुरू हुआ विवाद अब बैरिया और लखौवां गांव के बीच तनाव और मारपीट की स्थिति तक पहुंच गया है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस विवाद का स्थायी समाधान कब निकलेगा? ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन गेट निर्माण, उस पर लिखे नाम और निर्माण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही, दोनों गांवों के लोगों के बीच शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।अब देखना होगा कि वजीरगंज प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और दोनों गांवों के बीच बढ़ते विवाद को समाप्त करने के लिए किस प्रकार का स्थायी समाधान निकाला जाता है।
नवनिर्मित गेट विवाद को लेकर बैरिया और लखौवां में फिर बवाल, मारपीट में कई लोगों के घायल होने की सूचना!! नवनिर्मित गेट विवाद को लेकर बैरिया और लखौवां में फिर बवाल, मारपीट में कई लोगों के घायल होने की सूचना!! गया जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत सहिया पंचायत में नवनिर्मित प्रवेश द्वार को लेकर चल रहा विवाद आज एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आया। गया-राजगीर मुख्य मार्ग NH-82 पर बैरिया गांव के प्रवेश द्वार पर बनाए गए गेट के नाम को लेकर पहले से जारी विवाद के बीच शनिवार को बैरिया और लखौवां गांव के ग्रामीणों के बीच हंगामा और मारपीट की सूचना सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, बैरिया गांव के कई लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए वजीरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे जाने की सूचना है। हालांकि, घायलों की संख्या और घटना के पूरे विवरण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।मामला सहिया पंचायत अंतर्गत बैरिया गांव के प्रवेश द्वार पर बनाए गए एक नवनिर्मित गेट से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, सहिया पंचायत के वर्तमान मुखिया मुरारी प्रसाद यादव, जो लखौवां गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, उनके द्वारा गया-राजगीर NH-82 के समीप गेट का निर्माण कराया गया था।गेट के मुख्य द्वार पर स्वर्ण अक्षरों में "मुरारी यादव प्रवेश द्वार, आदर्श ग्राम लखौवां" लिखा गया था। गेट पर लखौवां गांव का नाम अंकित किए जाने को लेकर बैरिया गांव के ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना था कि गेट बैरिया गांव के प्रवेश क्षेत्र में स्थित है, इसलिए उस पर बैरिया गांव का नाम भी अंकित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने गेट निर्माण से संबंधित पूरे लेखा-जोखा और निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की मांग की थी।गेट पर लिखे नाम को लेकर दोनों गांवों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए वजीरगंज प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया। बताया जा रहा है कि वजीरगंज अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की मौजूदगी में देर शाम विवादित गेट पर लिखे नाम और गांव के नाम को हटवा दिया गया था।प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और स्थिति को शांत बनाए रखना बताया जा रहा है। कार्रवाई के बाद देर रात तक मामला शांत रहा। लेकिन अगले दिन सुबह ही विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया।स्थानीय जानकारी के अनुसार, सुबह लखौवां गांव के कुछ ग्रामीण गेट पर दोबारा अपने गांव का नाम लिखने के लिए पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने के बाद बैरिया गांव के ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गेट पर नाम लिखने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और मौके पर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को देखते हुए बैरिया गांव के ग्रामीणों ने आपातकालीन सेवा डायल 112 को पर फोन कर पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। बैरिया पक्ष के ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस टीम के सामने ही कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट की स्थिति मे उत्पन्न हो गई और लखौवां गांव के कुछ लोग मारपीट पर उतारू हो गए।हालांकि, यह आरोप बैरिया गांव के ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस पूरे विवाद से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि वीडियो में प्रशासन की मौजूदगी के दौरान कुछ लोगों के बीच मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की सत्यता, रिकॉर्डिंग का समय और उसमें दिखाई देने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति या पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।घटना के बाद बैरिया गांव के कई ग्रामीणों के घायल होने की सूचना मिल रही है। बताया जा रहा है कि घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए वजीरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। हालांकि, अभी तक घायलों की सटीक संख्या, उनकी चोटों की गंभीरता और दोनों पक्षों की ओर से हुई क्षति के संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राप्त पुष्टि के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।घटना के बाद वजीरगंज पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर मौजूद है। पुलिस की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल स्थिति प्रशासन के नियंत्रण में बताई जा रही है। दो गांवों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति व्यवस्था बनाए रखना और विवाद को दोबारा हिंसक रूप लेने से रोकना है। वहीं, ग्रामीणों की ओर से पूरे मामले का निष्पक्ष समाधान निकालने की मांग की जा रही है।गेट पर लिखे नाम से शुरू हुआ विवाद अब बैरिया और लखौवां गांव के बीच तनाव और मारपीट की स्थिति तक पहुंच गया है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस विवाद का स्थायी समाधान कब निकलेगा? ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन गेट निर्माण, उस पर लिखे नाम और निर्माण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही, दोनों गांवों के लोगों के बीच शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।अब देखना होगा कि वजीरगंज प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और दोनों गांवों के बीच बढ़ते विवाद को समाप्त करने के लिए किस प्रकार का स्थायी समाधान निकाला जाता है।
- पितृपक्ष मेला को देखते हुए गया नगर निगम गयाजी द्वारा अक्षयवट स्थित आम्रसीचन वेदी में पथ एवं नाली का निर्माण कार्य जारी। निर्माण कार्य होने से पिंडदानियों को आवागमन में नहीं होगा परेशानी।1
- टेटुआ बाजार में नए अंदाज में शुरू हुआ वंशिका फैमिली गार्डन रेस्टोरेंट गया के टेटुआ बाजार में वंशिका फैमिली गार्डन रेस्टोरेंट का विधिवत उद्घाटन किया गया। टेटुआ बाजार में नए अंदाज में शुरू हुआ वंशिका फैमिली गार्डन रेस्टोरेंट गया के टेटुआ बाजार में वंशिका फैमिली गार्डन रेस्टोरेंट का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के मौके पर स्थानीय लोग और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। रेस्टोरेंट में परिवार के साथ भोजन के लिए बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई। 📍 स्थान: टेटुआ बाजार, अतरी/मोहड़ा, गया #Atri #TetuaBazaar #Mohra #FamilyRestaurant #GayaNews #Gaya #BiharNews #RestaurantOpening #TetuaBazaarNews #GayaNewsToday #BreakingNews #LocalNews1
- वजीरगंज में प्रवेश द्वार पर लिखा मुरारी यादव,फिर पुलिस के सामने होने लगी जमकर मारपीट,कई घायल।1
- मारपीट कर युवक को खेत में फेंकने का आरोप, हिसुआ थाना में शिकायत हिसुआ (नवादा)। हिसुआ थाना क्षेत्र के अरियन गांव में मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक युवक के साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और मरा हुआ समझकर खेत में फेंक दिया। घटना को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से हिसुआ थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। अरियन गांव निवासी राजेश मांझी, पिता राम बज्जू मांझी, ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि शनिवार को उनका पुत्र नितीश कुमार अपनी पत्नी सुगी देवी के साथ खेत से जलावन की लकड़ी लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान कोरियन गांव निवासी टुन्नू सिंह उर्फ अरविंद सिंह, पिता नवल सिंह, गोपाल कुमार और अंकित कुमार ने कथित रूप से पहले से घात लगाकर नितीश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके बाद मारपीट करने लगे। आवेदन के अनुसार, मारपीट में नितीश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि हमलावर उसे खेत में फेंककर वहां से चले गए। बाद में पुलिस की मदद से घायल नितीश को हिसुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में हिसुआ थाना में कांड संख्या 511/24 दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इस संबंध में हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने बताया कि मारपीट को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। मारपीट कर युवक को खेत में फेंकने का आरोप, हिसुआ थाना में शिकायत हिसुआ (नवादा)। हिसुआ थाना क्षेत्र के अरियन गांव में मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक युवक के साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और मरा हुआ समझकर खेत में फेंक दिया। घटना को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से हिसुआ थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। अरियन गांव निवासी राजेश मांझी, पिता राम बज्जू मांझी, ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि शनिवार को उनका पुत्र नितीश कुमार अपनी पत्नी सुगी देवी के साथ खेत से जलावन की लकड़ी लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान कोरियन गांव निवासी टुन्नू सिंह उर्फ अरविंद सिंह, पिता नवल सिंह, गोपाल कुमार और अंकित कुमार ने कथित रूप से पहले से घात लगाकर नितीश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके बाद मारपीट करने लगे। आवेदन के अनुसार, मारपीट में नितीश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि हमलावर उसे खेत में फेंककर वहां से चले गए। बाद में पुलिस की मदद से घायल नितीश को हिसुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में हिसुआ थाना में कांड संख्या 511/24 दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इस संबंध में हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने बताया कि मारपीट को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है।1
- नालंदा के बिहारशरीफ में भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी के कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते हालात ऐसे बने कि कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। नालंदा के बिहारशरीफ में भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी के कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते हालात ऐसे बने कि कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।1
- बीयर लदा स्कूटी रजौली चेकपोस्ट पर हुआ जब्त, दो धंधेबाज गिरफ्तार रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन बिहार-झारखंड अंतरराज्यीय सीमा स्थित समेकित जांच चौकी रजौली पर उत्पाद विभाग की टीम ने बीयर लदा एक स्कूटी को चेक पोस्ट के पास जब्त कर लिया। साथ ही दो शराब धंधेबाज को गिरफ्तार कर लिया। उत्पाद निरीक्षक अमृत कुमार गुप्ता ने बताया कि वाहन जांच के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने झारखंड की तरफ से आ रहे एक स्कूटी को जांच के लिए रोका गया। जांच के क्रम में स्कूटी पर बैठे व्यक्ति के पास से एक बैग में और सीट के नीचे से 78 केन बीयर बरामद की गई। बीयर के साथ स्कूटी को जब्त करते हुए दोनों शराब धंधेबाजों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार शराब धंधेबाज की पहचान वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र निवासी स्व रणवीर सिंह के बेटे अमर ज्योति कुमार एवं अजय सिंह के बेटे अमरेश कुमार के रूप में की गई है। गिरफ्तार दोनों शराब धंधेबाजों पर उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद दोनों को अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में स्वास्थ्य जांच कराने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।1
- “रामदेव के प्रोडक्ट दुनिया के कई देशों में बंद हो चुके हैं, अब चड्ढी बची है, बाक़ी सब बंद हो गए!” “रामदेव नकली खाद्य पदार्थों के सम्राट हैं, बाकी राजा हैं। रामदेव ने गाय कहां पाली हैं? जो गाय का घी बेच रहे”:- - बृजभूषण शरण सिंह का बाबा रामदेव पर हमला “रामदेव के प्रोडक्ट दुनिया के कई देशों में बंद हो चुके हैं, अब चड्ढी बची है, बाक़ी सब बंद हो गए!” “रामदेव नकली खाद्य पदार्थों के सम्राट हैं, बाकी राजा हैं। रामदेव ने गाय कहां पाली हैं? जो गाय का घी बेच रहे”:- - बृजभूषण शरण सिंह का बाबा रामदेव पर हमला1
- अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्थाओं पर मरीजों ने उठाए सवाल बार बार लाइट कट से परेशान रहे मरीज, गप लड़ाते दिखी नर्स रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन 75 शैय्या अनुमंडलीय अस्पताल रजौली की व्यवस्थाओं पर मरीजों ने सवाल उठाए हैं। शनिवार को आए मरीजों ने अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस अस्पताल में चिकित्सक तो है लेकिन कर्मी लोग इधर-उधर गायब हैं। जिसके वजह से मरीजों को काफी दिक्कतें हुई। इलाज कराने विभिन्न तरह के पहुंचे मरीज को लाइट की समस्या से भी इस गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मरीज ने बताया कि बार-बार लाइट कट जाने से गर्मी में भर्ती मरीज को काफी परेशानी हुई। अस्पताल में चिकित्सा कर्मी ड्यूटी पर गप लड़ाते दिखाई दिए। वहीं सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के साथ आए रिश्तेदार महसई निवासी मो इरशाद, मरीज फूलवंती देवी समेत कई मरीजों ने बताया कि एक घंटा से मरीज को इधर से इधर सिर्फ दौड़ाया जा रहा है। सही ढंग से चिकित्सक के द्वारा इलाज नहीं किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्ची कटाने के बाद एक घंटा लाइन में खड़ा रहने की बात गार्ड बोलता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को इलाज के लिए एक घंटा लाइन में खड़ा रहना पड़ेगा। मरीजों के द्वारा शिकायत मिलने के बाद कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष कुंदन दीप और निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष रामरतन गिरी ने अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कई मरीज से उनका हाल-चाल लेकर अनुमंडलीय अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस अस्पताल में चिकित्सक और कर्मी की लापरवाही दर्शाती है कि व्यवस्था चरमराया हुआ है। दवा काउंटर पर पर्ची काटने वाला कर्मी भी 10 मिनट तक नहीं रहने के कारण मरीजों को दवाई लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं जहां पर मरीजों की खून जांच होती है। वहां पर नर्स लोग गप लड़ाते हुए दिखाई दी और एक्स-रे रूम में कर्मी अपने-अपने मोबाइल चलाने में व्यस्त दिखाई दिए। इस संदर्भ में अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक सह चिकित्सक डॉ दिलीप कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए कर्मी कुछ काम के लिए चले गए थे। फिर अपने काम पर वापस आ गए थे। उन्होंने कर्मियों को डांट फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि मरीजों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए वह संबंधित चिकित्सक और कर्मियों से अच्छे से अपना कार्य करने की बात कही है।1
- Post by Manish kumarTiwary1