भद्रकाली महाविद्यालय इटखोरी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई 1 और 2 के संयुक्त तत्वावधान में नशा उन्मूलन पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दुलार ठाकुर ने की, जिसका संचालन NSS इकाई 1 के कार्यक्रम प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य, प्रोफेसर जानकी प्रसाद दांगी, प्रोफेसर सकेंद्र मिस्त्री, प्रोफेसर ललित मोहन चौधरी, प्रोफेसर महेंद्र ठाकुर सहित मंच पर उपस्थित अन्य शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रोफेसर जानकी प्रसाद दांगी ने नशे से होने वाली शारीरिक और आर्थिक हानियों पर प्रकाश डाला, जबकि प्रोफेसर महेंद्र ठाकुर ने बताया कि नशे के कारण लोग असमय ही काल के गाल में समाते जा रहे हैं। प्रोफेसर ललित मोहन चौधरी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा एक ऐसा दुर्व्यसन है जिसके दलदल में आज की युवा पीढ़ी फंसकर अपना सुनहरा भविष्य बर्बाद कर रही है; लोग इसे शान और फैशन समझते हैं, जबकि यह विनाशकारी है। प्रोफेसर सकेंद्र मिस्त्री ने नशे को समाज को खोखला करने वाला बताया, वहीं प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय ने ग्रामीण परिवेश में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि ऐसे क्षेत्रों में नशे की प्रवृत्ति अधिक होती है। अपने अध्यक्षीय भाषण में, प्राचार्य डॉ. दुलार ठाकुर ने नशे से होने वाले दुष्प्रभावों और उनसे बचने के तरीकों पर विस्तृत सलाह दी। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि छोटे बच्चे और महिलाएं भी नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारण पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान और दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे जान-माल दोनों की क्षति होती है। इस अवसर पर पल्लवी कुमारी सहित कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में प्रोफेसर मोइनुद्दीन अंसारी, प्रोफेसर लीलू रानी और अन्य छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही, और इसका समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
भद्रकाली महाविद्यालय इटखोरी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई 1 और 2 के संयुक्त तत्वावधान में नशा उन्मूलन पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दुलार ठाकुर ने की, जिसका संचालन NSS इकाई 1 के कार्यक्रम प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य, प्रोफेसर जानकी प्रसाद दांगी, प्रोफेसर सकेंद्र मिस्त्री, प्रोफेसर ललित मोहन चौधरी, प्रोफेसर महेंद्र ठाकुर सहित मंच पर उपस्थित अन्य शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रोफेसर जानकी प्रसाद दांगी ने नशे से होने वाली शारीरिक और आर्थिक हानियों पर प्रकाश डाला, जबकि प्रोफेसर महेंद्र ठाकुर ने बताया कि नशे के कारण लोग असमय ही काल के गाल में समाते जा रहे हैं। प्रोफेसर ललित मोहन चौधरी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा एक ऐसा दुर्व्यसन है जिसके दलदल में आज की युवा पीढ़ी फंसकर अपना सुनहरा भविष्य बर्बाद कर रही है; लोग इसे शान और फैशन समझते हैं, जबकि यह विनाशकारी है। प्रोफेसर सकेंद्र मिस्त्री ने नशे को समाज को खोखला करने वाला बताया, वहीं प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय ने ग्रामीण परिवेश में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि ऐसे क्षेत्रों में नशे की प्रवृत्ति अधिक होती है। अपने अध्यक्षीय भाषण में, प्राचार्य डॉ. दुलार ठाकुर ने नशे से होने वाले दुष्प्रभावों और उनसे बचने के तरीकों पर विस्तृत सलाह दी। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि छोटे बच्चे और महिलाएं भी नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारण पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान और दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे जान-माल दोनों की क्षति होती है। इस अवसर पर पल्लवी कुमारी सहित कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में प्रोफेसर मोइनुद्दीन अंसारी, प्रोफेसर लीलू रानी और अन्य छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही, और इसका समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
- रांची के हटपड़ा बाजार में एक युवती को ₹3500 की ठगी के आरोप में पकड़ा गया है। यह युवती लोगों से अपनी माँ की बीमारी का बहाना बनाकर पैसे ठगने का खेल कर रही थी, जिसके बाद वह हटपड़ा बाजार में पकड़ी गई।1
- हजारीबाग की बेटी काजल कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिसके तहत उन्हें प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर चयनित किया गया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन हुआ है। काजल की सफलता के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है, और उनके परिजनों, मित्रों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। काजल की यह सफलता उनके दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि खेल जगत में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। हजारीबाग झील में नियमित अभ्यास करके उन्होंने जिले का प्रतिनिधित्व किया और कई राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिससे उनका प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। काजल के पिता विपिन बिहारी सिंह वर्तमान में रामगढ़ जिले में पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और अपनी ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं; उन्होंने पूर्व सांसद महावीर लाल विश्वकर्मा के अंगरक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी माता पुष्पा सिंह नमन विद्या विद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षा व खेल के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। काजल की सफलता में उनके माता-पिता के संस्कारों, अनुशासन और प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। काजल कुमारी की यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए तो गर्व का विषय है ही, साथ ही पूरे हजारीबाग जिले के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। सभी लोगों ने आशा व्यक्त की है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करेंगी, और समाज के वंचित, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।1
- चतरा के हंटरगंज में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को हंटरगंज थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अंचल पुलिस इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने की, जबकि थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने इसका संचालन किया। इस दौरान दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मुहर्रम पर्व मनाने का निर्णय लिया। पुलिस प्रशासन ने पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि हंटरगंज थाना क्षेत्र के लोग हमेशा से सभी पर्व-त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाते आए हैं और इस परंपरा को आगे भी कायम रखना आवश्यक है। बैठक में पंचायत स्तर पर संचालित लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी अखाड़ों की समीक्षा की गई। अखाड़ा समितियों के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और कम से कम 10 सदस्यों के नाम तथा मोबाइल नंबर थाना में जमा करने का निर्देश दिया गया, साथ ही जिन अखाड़ों के लाइसेंस समाप्त हो चुके हैं, उन्हें शीघ्र नवीनीकरण के लिए आवेदन देने को कहा गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुहर्रम का जुलूस केवल निर्धारित रूट से ही निकाला जाएगा। जुलूस के दौरान असामाजिक और शरारती तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी, और सामाजिक एवं धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारों व गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, डीजे बजाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। बैठक में उपस्थित लोगों से यह अपील भी की गई कि किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। इस बैठक में पूर्व बीस सूत्री जिला उपाध्यक्ष प्रभु दयाल यादव, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अरुण चौरसिया, राजद कार्यकारणी प्रखंड अध्यक्ष देवलाल यादव, वकील खान, एसआई नीतीश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह, भोला साव, सुनील दुबे, रंजीत कुमार सिंह, अजय महतो, मुखिया प्रतिनिधि दिलीप दास, बृज किशोर सिंह, जिप सदस्य प्रतिनिधि बेचन पासवान, चैतू यादव, मो. मशीर आलम सहित दोनों समुदायों के काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।1
- सन् 680 ईस्वी (61 हिजरी) में इराक के कर्बला नामक स्थान पर धर्म और हक को बचाने के लिए एक भीषण जंग हुई थी। यह जंग अत्याचारी राजा यजीद की फौज और इमाम हुसैन के बीच लड़ी गई थी। इस संघर्ष के दौरान, यजीद की सेना ने इमाम हुसैन और उनके पूरे परिवार का पानी बंद कर दिया था। अंततः, मुहर्रम की 10वीं तारीख को इमाम हुसैन को बेरहमी से शहीद कर दिया गया था।1
- हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में मोहर्रम की पांचवीं का जुलूस देर रात तक पूरे जोश और अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान युवाओं के हैरतअंगेज करतब और आग की लुप्पी लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे। जामा मस्जिद रोड, लेप्पो रोड, काजी मोहल्ला, सरदार चौक, खिरगांव खान रोड, खिरगांव अंसारी रोड, नूरा, लोहसिंघना और कोलघाट्टी से निकले जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए इमामबाड़ों तक पहुंचे। जुलूस के दौरान लगातार बारिश बरसती रही, जिसमें मूसलाधार बारिश भी शामिल थी, लेकिन इसके बावजूद 'या हुसैन' की सदाओं और अकीदत का जोश जरा भी कम नहीं हुआ। इस जुनून को बारिश भी नहीं रोक पाई, क्योंकि जैसा कहा गया है, "मंज़िल वही पाते हैं जिनके इरादों में जान होती है..."1
- दैहर (चौपारण) प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर में 21 जून, रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही अनुशासित ढंग से मनाया गया। प्रातः काल से ही विद्यालय परिसर में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं में उत्साह का माहौल था। योग कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और वंदन के साथ एक संस्कारपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ योग के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति में योग के महत्व के साथ-साथ संस्कारों का ज्ञान भी दिया गया। इस आयोजन को 'संस्कार क्रांति' का एक अनूठा संगम बताया गया। कार्यक्रम के दौरान, शिक्षक उपेंद्र कुमार वर्मा ने योग के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला को मजबूत किया। विद्यालय प्रांगण में प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यालय परिधान में सुसज्जित छात्र-छात्राएं एक साथ योग की विभिन्न क्रियाएं जैसे ग्रीवा चालन, स्कंद संचालन, कटि चालन, घुटना चालन कर रहे थे। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, भद्रासन, शशकासन, पद्मासन, बलासन, हलासन जैसे योगासनों के साथ-साथ प्राणायाम की विभिन्न विधाओं का भी अभ्यास किया, जो शिक्षक और छात्रों के बीच के अनूठे समन्वय को दर्शाता था। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया। इस अवसर पर, समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया, क्योंकि इससे मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं और सकारात्मक विचार आते हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर के प्रधानाध्यापक अभिमन्यु गौतम ने कहा कि वे चाहते हैं कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनें, बल्कि अच्छे इंसान बनें, जिसके लिए उन्हें शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत होना होगा। उन्होंने योग को इसमें काफी लाभकारी बताया और बच्चों को इसे समय निकालकर करने की सलाह दी, क्योंकि योग शरीर को स्फूर्तिपूर्ण और मन को एकाग्र व मजबूत बनाता है। उन्होंने बच्चों को राष्ट्र की धरोहर बताते हुए कहा कि उनके सकारात्मक विचारों और कार्यों से ही नए भारत की नींव तैयार होगी। कार्यक्रम का समापन 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः॥' मंत्र के साथ हुआ। संकुल संसाधन केंद्र के प्रभाकर कुमार ने इस अवसर पर शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के बीच अद्भुत समन्वय और शिक्षकों के प्रति आदर व सम्मान के भाव की सराहना की। उन्होंने समर्पित शिक्षकों को 'सजग राष्ट्र निर्माता' बताया, जो बच्चों के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं और उनमें शिक्षा, ज्ञान तथा संस्कार का अद्भुत समन्वय स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से योग को जीवन का आधार मानकर प्रतिदिन की दिनचर्या में अपनाने का आग्रह किया, क्योंकि जिसने इसे अपनाया वह हमेशा स्वस्थ रहा। इस मौके पर प्रधानाध्यापक अभिमन्यु गौतम, शिक्षक उपेंद्र कुमार वर्मा, हरे राम राय, अमर कुमार, प्रतिभा कुमारी, विभा कुमारी, रजनी रंजन, रेशमन के साथ-साथ वरिष्ठ समाजसेवी नागेंद्र कुमार, वार्ड सदस्य केदार राम दांगी, वरीय अधिवक्ता इंदूभूषण पांडेय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, सामाजिक संस्था हजारीबाग यूथ विंग ने मालवीय मार्ग स्थित अग्रसेन भवन सभागार में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया। योग, अध्यात्म और समाजसेवा के इस संगम में शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद मनीष जायसवाल उपस्थित रहे, जिन्होंने योग के माध्यम से स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्व शांति, स्वस्थ समाज और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रंग-बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर की गई। इसके बाद, सांसद मनीष जायसवाल, संस्था के पदाधिकारियों और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। हजारीबाग यूथ विंग ने सांसद मनीष जायसवाल को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। शिविर में शहर के 100 से अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया, जिनमें महिलाएं, युवा, छात्र-छात्राएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। अनुभवी योग शिक्षिका वर्षा डे ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। सामूहिक रूप से किए गए योगाभ्यास, 'ॐ' के उच्चारण और मंत्रोच्चार से पूरा सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। डेढ़ घंटे तक चले इस योग सत्र में प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग और अनुशासन के साथ भाग लिया, बच्चों की सहभागिता ने यह दर्शाया कि योग आज की नई पीढ़ी की भी आवश्यकता बन चुका है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास तिवारी, विकास केशरी और मोहम्मद ताजुद्दीन ने संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर सांसद मनीष जायसवाल ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है। उन्होंने जोर दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण जीवनशैली है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए, क्योंकि 'करो योग, रहो निरोग' का संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है। जायसवाल ने हजारीबाग यूथ विंग की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लगातार सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम के दौरान, सांसद मनीष जायसवाल ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, वहीं संस्था ने भी सांसद मनीष जायसवाल को योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता और प्रेरणादायी योगदान के लिए सामूहिक रूप से प्रशस्ति पत्र भेंट किया। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग जीवन का अमूल्य अंग है और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, साथ ही समाज के सहयोग और विश्वास से ही संस्था जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आज की व्यस्त जीवनशैली में योग को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी हजारीबाग यूथ विंग समाजहित में ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, संजय कुमार, विकास केशरी, रोहित बजाज, मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रणीत जैन, विवेक तिवारी, सत्यनारायण सिंह, सेजल सिंह, प्रवेक जैन और उदित तिवारी सहित कई सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।4
- हजारीबाग में लॉटरी का अवैध कारोबार लगातार जारी है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि इस पर अंकुश कब लगेगा। हाल ही में यह खेल आनंदा चौक पर देखा गया था, और अब यह पंच मंदिर चौक पर खुलेआम चल रहा है। शहर के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर लॉटरी की गतिविधियाँ बेरोकटोक जारी रहने से लोग चिंतित हैं और व्यवस्था से यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर हजारीबाग में लॉटरी का यह खेल कब समाप्त होगा।1