जालौन के उरई में पर्स स्नैचिंग के एक मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उरई कोतवाली पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस घटना का खुलासा करते हुए सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि उरई में एक व्यक्ति द्वारा पर्स छीने जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस संबंध में कोतवाली उरई में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 379/2026 धारा 304 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देश पर, घटना के खुलासे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गुरुवार को उरई कोतवाली क्षेत्र में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस और स्वाट /सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल छह आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी भी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष मिश्रा उर्फ हीरो (पुत्र गुड्डू, निवासी बावली थाना कुठौंद, हाल पता मोहल्ला मुरली मनोहर, जालौन), रजनीश उर्फ अंशू चौधरी (पुत्र रमेश चंद्र चौधरी, निवासी मोहल्ला दलालन), शिवम बाथम (पुत्र दिलीप, निवासी मोहल्ला हिरदेशाह), मोहित सोनी (पुत्र स्व. हरी सोनी, निवासी मोहल्ला मुरली मनोहर), अमित विश्वकर्मा (पुत्र महेश विश्वकर्मा, निवासी मोहल्ला मुरली मनोहर) और मुन्ना मंसूर (पुत्र पप्पू पल्लेदार, निवासी मोहल्ला बजरिया, कोतवाली जालौन) के रूप में हुई है। इन सभी आरोपियों की उम्र लगभग 19 से 20 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 16,600 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की है, जिसे सीज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जालौन के उरई में पर्स स्नैचिंग के एक मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उरई कोतवाली पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस घटना का खुलासा करते हुए सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि उरई में एक व्यक्ति द्वारा पर्स छीने जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस संबंध में कोतवाली उरई में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 379/2026 धारा 304 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देश पर, घटना के खुलासे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गुरुवार को उरई कोतवाली क्षेत्र में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस और स्वाट /सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल छह आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी भी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष मिश्रा उर्फ हीरो (पुत्र गुड्डू, निवासी बावली थाना कुठौंद, हाल पता मोहल्ला मुरली मनोहर, जालौन), रजनीश उर्फ अंशू चौधरी (पुत्र रमेश चंद्र चौधरी, निवासी मोहल्ला दलालन), शिवम बाथम (पुत्र दिलीप, निवासी मोहल्ला हिरदेशाह), मोहित सोनी (पुत्र स्व. हरी सोनी, निवासी मोहल्ला मुरली मनोहर), अमित विश्वकर्मा (पुत्र महेश विश्वकर्मा, निवासी मोहल्ला मुरली मनोहर) और मुन्ना मंसूर (पुत्र पप्पू पल्लेदार, निवासी मोहल्ला बजरिया, कोतवाली जालौन) के रूप में हुई है। इन सभी आरोपियों की उम्र लगभग 19 से 20 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 16,600 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की है, जिसे सीज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- जालौन के कोंच नगर में शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में एक टेम्पू चालक घायल हो गया। यह घटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोंच के पास मलंगा पुल पर हुई, जहाँ एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने टेम्पू को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, ग्राम शिवनी बुजुर्ग निवासी शिवम नाई शुक्रवार रात सवारियों को कोंच छोड़ने के बाद अपने टेम्पू से उरई लौट रहे थे। रात करीब 11 बजे जब वे मलंगा पुल पर पहुंचे, तभी पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उनके टेम्पू में बगल से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेम्पू बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक शिवम नाई घायल हो गए। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया।1
- जालौन में शनिवार को सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने पूर्व उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मेला ग्राउंड से तहसील तक पैदल मार्च निकाला और अपनी मांग के समर्थन में ज़ोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में जालौन नगर के साथ-साथ आसपास के कई गाँवों से भी बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में ज़िलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की, लेकिन पुलिस अधिकारियों और कोतवाल हरिश्चंद्र द्वारा समझाने के बाद वे उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपने पर सहमत हो गए। ज्ञापन में कहा गया है कि रिंकू सिंह राही ने अपने कार्यकाल के दौरान जनहित के कई कार्य किए थे, जिससे आम जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए रिंकू सिंह राही को दोबारा जालौन में उपजिलाधिकारी पद पर तैनात किया जाए। प्रदर्शन के मद्देनज़र प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे। जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थानों की पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मौके पर तैनात रहे। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही।1
- जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन द्वारा एसडीएम के नेतृत्व में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि इस अभियान के दौरान छोटे व्यापारियों के साथ जबरदस्ती की गई, जबकि बड़े दुकानदारों के प्रति रहमदिली दिखाई गई।1
- जनपद जालौन के उरई स्थित कोतवाली पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए सेंधमारी की एक वारदात का सफल खुलासा किया है। इस अभियान में सेंधमारी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से चोरी की घटना से संबंधित 16,600 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और एक चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस इस कार्यवाही को हाल के दिनों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। पुलिस के अनुसार, कोतवाली उरई क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुई सेंधमारी की घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान शुक्रवार को, संयुक्त पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी, जब मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर उन्होंने घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने सेंधमारी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की रकम, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष मिश्रा उर्फ हीरो, राजेश उर्फ अंश चौबे, शिवम यादव, मोहित सोनी, अंकित विश्वकर्मा और मनु यादव के रूप में हुई है, जो सभी कोतवाली उरई क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए मुकदमे में धारा 317(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की बढ़ोतरी की गई है। सभी आरोपियों को विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका किसी संगठित गिरोह से संबंध है या नहीं, और क्या उन्होंने जिले या आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य चोरी, सेंधमारी अथवा संपत्ति संबंधी अपराधों को भी अंजाम दिया है। पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस सफल कार्यवाही को लेकर पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी प्रभावी कार्यवाही भविष्य में भी की जाएगी।3
- जालौन में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी गुस्सा फूट पड़ा है। इस पूरे मामले पर अब जालौन की जनता की बेबाक राय भी सामने आ रही है।1
- जालौन नगर में शुक्रवार को नवनियुक्त उपजिलाधिकारी राकेश सोनी के नेतृत्व में एक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह अभियान पानी वाली टंकी से शुरू होकर सब्जी मंडी, प्रेस वाली गली, झंडा चौराहा और चूड़ी वाली गली तक संचालित किया गया, जिसमें सड़क तथा सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई ठेला-फेरी संचालकों और दुकानदारों के चालान भी किए गए। साथ ही, अनेक दुकानों के बाहर लगे त्रिपाल और अन्य अस्थायी अतिक्रमणों को भी हटाया गया। अभियान में उपजिलाधिकारी राकेश सोनी के साथ क्षेत्राधिकारी अजय कुमार सिंह, नगर पालिका परिषद जालौन के अधिशासी अधिकारी सुशील दोहरे, आरआई अनूप कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर विनय मौर्य, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी, नगर पालिका की टीम और पुलिस बल मौजूद रहे। हालांकि, इस अभियान पर कुछ दुकानदारों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में उनकी दुकानें छोटी हैं और बाहर लगे त्रिपाल हटने से वर्षा का पानी दुकान में घुसकर सामान को नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ व्यापारियों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व तत्कालीन उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही के कार्यकाल में केवल नालियों की सफाई कराई गई थी और दुकानदारों से केवल नालियों के भीतर अतिक्रमण न करने के लिए कहा गया था, जबकि उस समय त्रिपाल हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इसके विपरीत, प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। प्रशासन ने दुकानदारों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने और नियमों का पालन करने की अपील की है।1
- जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया है। यह घटना उस समय हुई जब थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरव पटेल और रिंकू यादव, अजमेरन नामक एक महिला द्वारा अपने पति, सास, देवर और एक रिश्तेदार के खिलाफ दर्ज कराए गए अभियोग की जांच के लिए गए थे। जांच के दौरान, वादिनी अजमेरन के पति मजीद खां, शफीक, सास अकबरी और भांजे सलमान ने इन पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी जालौन द्वारा जानकारी दी गई है।1
- जालौन में एक महिला हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात को करीब 15 साल पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया था। आरोप है कि सो रही महिला पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला कर उसकी हत्या की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने लला उर्फ सहदेव समेत दो लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक जालौन ने अपर पुलिस अधीक्षक जालौन और सीओ माधौगढ़ के नेतृत्व में दो विशेष टीमों का गठन किया था। रामपुरा थाना पुलिस ने शनिवार को चेकिंग के दौरान दोनों वांछित आरोपियों लल्ला उर्फ सहदेव और राज सिंह उर्फ बसंत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में, आरोपी रन सिंह उर्फ बसन्तू ने बताया कि करीब 15 साल पहले मृतका मीना देवी का उसके पिता जन्ट सिंह से विवाद हुआ था। उस दौरान मीना देवी ने उसके पिता को चप्पलों से मारा था, जिससे वह अपमानित महसूस करता था और तभी से रंजिश पाले हुए था। दूसरे आरोपी लला उर्फ सहदेव ने बताया कि उसकी बेटी और मृतका की बेटी के ससुराल पक्ष के बीच पारिवारिक संबंध थे। मृतका की बेटी के ससुराल वालों से एक पुराने वैवाहिक विवाद को लेकर मुकदमा चल रहा था, जिस कारण मृतका उससे भी रंजिश मानती थी। दोनों आरोपियों ने इसी पुरानी दुश्मनी के चलते मीना देवी की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि 1 और 2 जुलाई की मध्यरात्रि में उन्होंने सो रही मीना देवी पर हमला किया। लला उर्फ सहदेव ने बांस के डंडे से और रन सिंह उर्फ बसन्तू ने कुल्हाड़ी के मूंदे हिस्से से उनके सिर पर जोरदार वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद, दोनों आरोपी हत्या में प्रयुक्त डंडा और कुल्हाड़ी को नदी किनारे झाड़ियों में फेंक आए। उन्होंने घटना के समय पहने गए कपड़े भी वहीं फेंक दिए और नहाकर वापस लौट गए। गिरफ्तार किए गए आरोपी लला उर्फ सहदेव और रन सिंह उर्फ बसन्तू ग्राम जायघा, थाना रामपुरा, जनपद जालौन के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बांस का डंडा और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जैसा कि एएसपी जालौन डॉ. ईशान सोनी ने भी बताया है।1