रामजी दीक्षित पत्रकार की रिपोर्ट लोकेशन बाराबंकी *बाराबंकी अधिवक्ता शोएब उर्फ बॉबी किदवई हत्याकांड को लेकर वकीलों का डीएम कार्यालय घेराव इंसाफ की मांग तेज* बाराबंकी में अधिवक्ता शोएब उर्फ बॉबी किदवई हत्याकांड को लेकर एक बार फिर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। हत्या का अब तक खुलासा न होने से नाराज वकीलों ने जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का कहना है कि 13 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर शोएब उर्फ बॉबी किदवई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने कई जांच टीमें गठित कीं, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारों का कोई सुराग नहीं लग सका है। इससे अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। घेराव के दौरान वकीलों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता रितेश मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, मृतक अधिवक्ता के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और उनके परिवार को विधवा पेंशन प्रदान की जाए। वहीं अधिवक्ता राहुल मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम (Advocate Protection Act) लागू किया जाए। साथ ही अधिवक्ताओं को आत्मरक्षा के लिए रिवॉल्वर लाइसेंस जारी करने और टोल प्लाजा पर छूट देने की भी मांग की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता रामलाल द्विवेदी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की जानकारी रखती है। परिवार के लोगों से भी बयान लिए जा चुके हैं, इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन चाहे तो जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दो घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा करा सकते हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की कार्यशैली अच्छी है, लेकिन पुलिस प्रशासन को भी अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को अधिवक्ताओं की बात समझते हुए इस मामले का जल्द से जल्द निस्तारण करना चाहिए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही शोएब उर्फ बॉबी किदवई हत्याकांड का खुलासा नहीं हुआ और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो अधिवक्ता आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो वे खुद अपनी सुरक्षा करने को मजबूर होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और प्रशासन से न्याय की मांग करते रहे। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रितेश मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता रामलाल द्विवेदी, अधिवक्ता राहुल मिश्रा, अधिवक्ता पवन मिश्रा, अधिवक्ता रमेश चंद वर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग शुक्ला, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश सिंह, अधिवक्ता शांति ओम रावत, कार्यकारिणी सदस्य हिमालय जायसवाल, अधिवक्ता मोहम्मद उमर समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
रामजी दीक्षित पत्रकार की रिपोर्ट लोकेशन बाराबंकी *बाराबंकी अधिवक्ता शोएब उर्फ बॉबी किदवई हत्याकांड को लेकर वकीलों का डीएम कार्यालय घेराव इंसाफ की मांग तेज* बाराबंकी में अधिवक्ता शोएब उर्फ बॉबी किदवई हत्याकांड को लेकर एक बार फिर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। हत्या का अब तक खुलासा न होने से नाराज वकीलों ने जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का कहना है कि 13 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर शोएब उर्फ बॉबी किदवई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने कई जांच टीमें गठित कीं, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारों का कोई सुराग नहीं लग सका है। इससे अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। घेराव के दौरान वकीलों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता रितेश मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, मृतक अधिवक्ता के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और उनके परिवार को विधवा पेंशन प्रदान की जाए। वहीं अधिवक्ता राहुल मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम (Advocate Protection Act) लागू किया जाए। साथ ही अधिवक्ताओं को आत्मरक्षा के लिए रिवॉल्वर लाइसेंस जारी करने और टोल प्लाजा पर छूट देने की भी मांग की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता रामलाल द्विवेदी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की जानकारी रखती है। परिवार के लोगों से भी बयान लिए जा चुके हैं, इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन चाहे तो जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दो घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा करा सकते हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की कार्यशैली अच्छी है, लेकिन पुलिस प्रशासन को भी अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को अधिवक्ताओं की बात समझते हुए इस मामले का जल्द से जल्द निस्तारण करना चाहिए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही शोएब उर्फ बॉबी किदवई हत्याकांड का खुलासा नहीं हुआ और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो अधिवक्ता आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो वे खुद अपनी सुरक्षा करने को मजबूर होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और प्रशासन से न्याय की मांग करते रहे। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रितेश मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता रामलाल द्विवेदी, अधिवक्ता राहुल मिश्रा, अधिवक्ता पवन मिश्रा, अधिवक्ता रमेश चंद वर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग शुक्ला, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश सिंह, अधिवक्ता शांति ओम रावत, कार्यकारिणी सदस्य हिमालय जायसवाल, अधिवक्ता मोहम्मद उमर समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1
- बाराबंकी।महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हेतु चलाये जा रहे “मिशन शक्ति फेज- 05” के दृष्टिगत जनपद बाराबंकी पुलिस द्वारा जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन कर किया गया जागरूक। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन हेतु चलाये जा रहे “मिशन शक्ति फेज- 05” के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में बाराबंकी पुलिस के समस्त थानों में संचालित मिशन शक्ति केन्द्र की महिला अधिकारी/कर्मचारीगण द्वारा अपने- अपने क्षेत्रों में महिला सुरक्षा के संबंध में जागरूक कर उ0प्र0 शासन व उ0प्र0 पुलिस के स्तर से संचालित समस्त योजनाओं एवं प्रबन्धों की जानकारी दी गई। महिला हिंसा से सम्बन्धित तथा अन्य शिकायतों के निवारण हेतु 1. वीमेन पावर लाइन (1090) 2. पुलिस आपातकालीन सेवा (112) 3. सीएम हेल्पलाइन नंबर (1076) 4. चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) 5. वन स्टाप सेन्टर (181) 6. साइबर हेल्पलाइन नंबर (1930) 7. स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन नंबर (102) 8. एम्बुलेन्स सेवा (108) 9. जनसुनवाई पोर्टल, स्थानीय थाने की हेल्प डेस्क, जिला संरक्षण अधिकारी, राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग, जनपद न्यायालय में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सम्बन्ध में एवं साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।1
- सीतापुर होली परिक्रमा मेला: सांस्कृतिक संध्या में स्वाती मिश्रा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु1
- हापुड़ में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2 मेडिकल स्टोर सील डीएम के आदेश पर 5 मेडिकल स्टोरों से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद जानिए कैसे नशे का आदी व्यक्ति डीएम के पास पहुंचा और क्या हुआ आगे हापुड़ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, नशे के इंजेक्शन और दवाइयां बरामद #Hapur #UttarPradesh #PoliceAction1
- उत्तर प्रदेश बाराबंकी देवा शरीफ सीएससी अस्पताल नूडल अधिकारी पहुंचे निरीक्षण करने के लिए1
- त्रिलोकपुर बाराबंकी । मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में सोमवार की शाम को पतंग खेत में जाने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। जिसमें कई लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले ने पहुंचकर घायलों को इलाज करने के साथ मामले की जांच पड़ताल शुरू किया। मसौली थाना क्षेत्र के अन्तर्गत त्रिलोकपुर कस्बे में सोमवार की शाम करीब पांच बजे दस्तगीर का का नाती 8 वर्षीय आर्यन पतंग उड़ा रहा था कि तभी पतंग नग्गू के खेत में चली गई। पतंग खेत से उठने को लेकर नग्गू के परिवार के लोगों ने दस्तगीर कहासुनी होते हुए देखते ही देखते लाठी डंडे चलने लगे। जिसमें कई लोग घायल हो ,गए वीडियो सोशल मीडिया वायरल। थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि दस्तगीर के पक्ष से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है ।घटना की जांच कराई जा रही है।1
- लखनऊ में “सौरभ विथ रियल हीरोज” पॉडकास्ट एवं स्टूडियो का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में सकारात्मक कार्य कर रहे वास्तविक नायकों की प्रेरणादायक कहानियों को लोगों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं अविनाश मिश्रा (गुरु जी), मानवी द्विवेदी और अवधेश शर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पॉडकास्ट के संचालक एवं सृष्टा ट्रस्ट के चेयरमैन ने बताया कि इस मंच के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों के अनुभव और संघर्ष की कहानियों को युवाओं तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें प्रेरणा मिल सके।1
- आलू के दाम गिरने से बर्बाद हो रहे किसानों के लिए किसान और खेती विरोधी भाजपा सरकार पूरी तरह लापरवाह होकर बैठी है और उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। भाजपा को सिर्फ़ अपनी राजनीतिक सत्ता से मतलब है। भाजपा के नेता चुनाव प्रचार के लिए तो उपलब्ध हैं लेकिन किसानों की परेशानी-दिक़्क़तों के लिए उनके पास समय नहीं है। भाजपा का पूरा खेल ही यही है कि पैदावार के दाम इतने कम करवा दो कि किसानों की लागत तक न निकले और वो थक-हार कर खेतीबाड़ी का काम ही छोड़ दें और अपनी ज़मीनें भाजपा के समर्थक अमीरों को कौड़ियों के दाम बेचने पर मजबूर हो जाएं और फिर ये भाजपाई पैसेवाले, किसान को उसके अपने खेत में ही मालिक से मजदूर बना दें। भाजपाइयों की साज़िश ही ये है कि वो किसानों की ज़मीन हड़प कर बड़े स्तर पर खेती करके खाद्यान्न और फसलों की पैदावार को अपने हाथों में ले लें और फिर मनमानी क़ीमत जनता से वसूलें। इसीलिए भाजपा कभी भू-अधिग्रहण बिल लाती है, कभी तीन कृषि काले क़ानून या फिर भारत की खेती-कारोबार के लिए प्राणघातक अमेरिकी डील करती है। यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं जब कि आज के खेत का मालिक किसान, कल को अपने ही खेत की पैदावार को ख़रीदन1