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स्वतंत्र पत्रकार कैलाश चौधरी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के मुरसान विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत जटोई का संपूर्ण राजनीतिक इतिहास संकलित किया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामवासियों, विशेषकर युवाओं को गांव के अतीत और उसके राजनीतिक सफर से अवगत कराना है, जिसमें पुराने चेहरों और उनके योगदानों को ग्राम पंचायत सचिवालय में एक बोर्ड पर अंकित करने का भी प्रस्ताव है। ब्रिटिश हुकूमत के दौरान गांव में पंचायत का मुखिया होता था, जिसका चुनाव होता था या वे निर्विरोध चुने जाते थे। गांव जटोई के अंतिम मुखिया श्रीनन्दन सिंह पौनियां रहे। भारत की आज़ादी के बाद, संयुक्त उत्तर प्रदेश में सन 1949 में पंचायत अदालतों का नाम बदलकर न्याय पंचायत रखा गया; इससे पहले पंचायत अदालतें थीं, ग्राम पंचायतें नहीं थीं। पहले जटोई की पंचायत पांच गांवों की थी, और उससे भी पहले यह गांव 12 गांवों की बर्धवारी न्याय पंचायत का हिस्सा था, जिसके सरपंच गांव कटैला के रोशन सिंह बने। सन 1952 में ग्राम पंचायतों का गठन शुरू हुआ। उस समय गांव जटोई, करील, गढ़ी और गिलोन्दपुर सहित चार गांवों की एक पंचायत बनी, जिसके प्रथम प्रधान मास्टर रेशम सिंह पौनियां निर्विरोध चुने गए; इनका कार्यकाल तीन साल का था। सन 1960 में, जटोई अकेले गांव की पंचायत बनी और इसके प्रथम ग्राम प्रधान मास्टर बोहरे रतनलाल बने, जिन्होंने चुनाव में रामस्वरूप बौहरे को हराया। मास्टर रतनलाल बौहरे सन 1970 तक प्रधान रहे। उनके बाद कन्हैया सिंह पौनियां निर्विरोध प्रधान चुने गए, और 1972 में ठा0 अमर सिंह सर्वसम्मति से निर्विरोध प्रधान बने। ठा0 अमर सिंह के कार्यकाल में प्राइमरी स्कूल के पास एक कच्चे गोला कुएं को पक्का कराया गया और बची ईंटों से हनुमान मंदिर का निर्माण हुआ। ठा0 अमर सिंह के कार्यकाल के बाद, बोहरे मूलचंद दीक्षित उर्फ मूली बोहरे ने चुनाव में रामखिलाड़ी बोहरे को हराया। मूली बोहरे का कार्यकाल करीब एक साल रहा, क्योंकि वे गांव के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ा। उन्होंने मुरसान ब्लॉक प्रमुख का चुनाव पहली बार ताजपुर के चौधरी गेंदा सिंह से मात्र एक वोट से हारा, और दूसरी बार कुंवर धर्मबीर सिंह से दो वोटों से हार गए। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने ग्राम प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था, और उनके बाद जटोई के किसी व्यक्ति ने ब्लॉक प्रमुख का चुनाव नहीं लड़ा। उनके इस्तीफे के बाद बोहरे रामखिलाड़ी दीक्षित और मूली बोहरे के बीच फिर चुनाव हुआ, जिसमें रामखिलाड़ी बोहरे विजयी हुए। अप्रैल 1981 में हुए पंचायत चुनावों में रामनारायण वर्मा विजयी हुए, जिन्होंने मास्टर सुरेश दीक्षित को हराया। इनके कार्यकाल में दो पड़ंजे बनवाए गए, जिनका आधा भुगतान जनता ने और आधा सरकार द्वारा किया गया। 1986 में पूरन सिंह मुखिया को निर्विरोध नामित किया गया, लेकिन डोरीलाल बोहरे के विरोध के कारण निर्विरोध चुनाव रद्द हो गया, जिसके बाद मास्टर सुरेश दीक्षित, दामोदर दीक्षित और कीर्तराम फौजी के बीच मुकाबला हुआ और मास्टर सुरेश दीक्षित विजयी हुए। इनके कार्यकाल में प्राइमरी स्कूल में दो कमरों, एक ऑफिस और एक बरामदे सहित एक नई इमारत का निर्माण हुआ, जो आज भी मौजूद है, साथ ही कुछ खड़ंजे और पड़ंजे भी बने। 1995 में मुकेश पौनियां ने मास्टर सुरेश दीक्षित को हराकर प्रधान पद संभाला। इनके कार्यकाल में कुछ सरकारी हैंडपंप और खड़ंजों का निर्माण हुआ। सन 2000 में सिताबी, कालीचरण और ज्वाला के बीच त्रिकोणीय चुनाव हुआ, जिसमें सिताबी ने गोली डालकर जीत हासिल की। सिताबी के कार्यकाल में गरीबों को कृषि हेतु जमीन आवंटित की गई और कुछ हैंडपंप लगाए गए। 2005 में रामवीर सिंह पौनियां ने मोहन सिंह वर्मा और मुकेश पौनियां को हराकर विजय प्राप्त की। रामवीर पौनियां के कार्यकाल को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक माना जाता है, जिसमें जूनियर हाई स्कूल का निर्माण, ग्राम पंचायत की जमीन पर गांव करील के लिए प्रस्तावित पीएचसी का निर्माण, सरकारी हैंडपंप लगवाना और ग्राम पंचायत सचिवालय का निर्माण शामिल है। 2010 में वंदना देवी ने चन्द्रवती देवी, किरनदेवी, साधना वर्मा और महारानी देवी के बीच हुए चुनाव में जीत हासिल की। इनके कार्यकाल में कुछ खड़ंजे, हैंडपंप और नरेगा के तहत कई चकरोडों पर मिट्टी का काम हुआ। 2015 में प्रवेश देवी ने मास्टर सुरेश दीक्षित और रामवीर पौनियां को हराकर प्रधान पद संभाला। इनके कार्यकाल में गांव की सड़क, पानी और शौचालय पर ऐतिहासिक कार्य हुए, जिनमें आरसीसी की सड़कें, पक्की नालियां, आरओ पानी की व्यवस्था, 400 शौचालयों का निर्माण, और गरीबों को पीएम और लोहिया आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना शामिल है। सबसे हालिया चुनाव 2021 में हुआ, जिसमें सुखवीर ने कालीचरण, सिया और संगीता देवी को हराकर जीत दर्ज की। इनके कार्यकाल में कूड़ेदान और खेल मैदान बनवाने का कार्य किया गया, तथा गांव में सफाई व्यवस्था ठीकठाक रही। यह विस्तृत जानकारी ग्राम पंचायत के वरिष्ठ जनों से जुटाई गई है और पत्रकार कैलाश चौधरी ने आशा व्यक्त की है कि यह गांव का इतिहास सभी ग्राम पंचायतवासियों को पसंद आएगा।

16 hrs ago
user_कैलाश चौधरी
कैलाश चौधरी
Local News Reporter हाथरस, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago
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स्वतंत्र पत्रकार कैलाश चौधरी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के मुरसान विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत जटोई का संपूर्ण राजनीतिक इतिहास संकलित किया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामवासियों, विशेषकर युवाओं को गांव के अतीत और उसके राजनीतिक सफर से अवगत कराना है, जिसमें पुराने चेहरों और उनके योगदानों को ग्राम पंचायत सचिवालय में एक बोर्ड पर अंकित करने का भी प्रस्ताव है। ब्रिटिश हुकूमत के दौरान गांव में पंचायत का मुखिया होता था, जिसका चुनाव होता था या वे निर्विरोध चुने जाते थे। गांव जटोई के अंतिम मुखिया श्रीनन्दन सिंह पौनियां रहे। भारत की आज़ादी के बाद, संयुक्त उत्तर प्रदेश में सन 1949 में पंचायत अदालतों का नाम बदलकर न्याय पंचायत रखा गया; इससे पहले पंचायत अदालतें थीं, ग्राम पंचायतें नहीं थीं। पहले जटोई की पंचायत पांच गांवों की थी, और उससे भी पहले यह गांव 12 गांवों की बर्धवारी न्याय पंचायत का हिस्सा था, जिसके सरपंच गांव कटैला के रोशन सिंह बने। सन 1952 में ग्राम पंचायतों का गठन शुरू हुआ। उस समय गांव जटोई, करील, गढ़ी और गिलोन्दपुर सहित चार गांवों की एक पंचायत बनी, जिसके प्रथम प्रधान मास्टर रेशम सिंह पौनियां निर्विरोध चुने गए; इनका कार्यकाल तीन साल का था। सन 1960 में, जटोई अकेले गांव की पंचायत बनी और इसके प्रथम ग्राम प्रधान मास्टर बोहरे रतनलाल बने, जिन्होंने चुनाव में रामस्वरूप बौहरे को हराया। मास्टर रतनलाल बौहरे सन 1970 तक प्रधान रहे। उनके बाद कन्हैया सिंह पौनियां निर्विरोध प्रधान चुने गए, और 1972 में ठा0 अमर सिंह सर्वसम्मति से निर्विरोध प्रधान बने। ठा0 अमर सिंह के कार्यकाल में प्राइमरी स्कूल के पास एक कच्चे गोला कुएं को पक्का कराया गया और

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बची ईंटों से हनुमान मंदिर का निर्माण हुआ। ठा0 अमर सिंह के कार्यकाल के बाद, बोहरे मूलचंद दीक्षित उर्फ मूली बोहरे ने चुनाव में रामखिलाड़ी बोहरे को हराया। मूली बोहरे का कार्यकाल करीब एक साल रहा, क्योंकि वे गांव के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ा। उन्होंने मुरसान ब्लॉक प्रमुख का चुनाव पहली बार ताजपुर के चौधरी गेंदा सिंह से मात्र एक वोट से हारा, और दूसरी बार कुंवर धर्मबीर सिंह से दो वोटों से हार गए। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने ग्राम प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था, और उनके बाद जटोई के किसी व्यक्ति ने ब्लॉक प्रमुख का चुनाव नहीं लड़ा। उनके इस्तीफे के बाद बोहरे रामखिलाड़ी दीक्षित और मूली बोहरे के बीच फिर चुनाव हुआ, जिसमें रामखिलाड़ी बोहरे विजयी हुए। अप्रैल 1981 में हुए पंचायत चुनावों में रामनारायण वर्मा विजयी हुए, जिन्होंने मास्टर सुरेश दीक्षित को हराया। इनके कार्यकाल में दो पड़ंजे बनवाए गए, जिनका आधा भुगतान जनता ने और आधा सरकार द्वारा किया गया। 1986 में पूरन सिंह मुखिया को निर्विरोध नामित किया गया, लेकिन डोरीलाल बोहरे के विरोध के कारण निर्विरोध चुनाव रद्द हो गया, जिसके बाद मास्टर सुरेश दीक्षित, दामोदर दीक्षित और कीर्तराम फौजी के बीच मुकाबला हुआ और मास्टर सुरेश दीक्षित विजयी हुए। इनके कार्यकाल में प्राइमरी स्कूल में दो कमरों, एक ऑफिस और एक बरामदे सहित एक नई इमारत का निर्माण हुआ, जो आज भी मौजूद है, साथ ही कुछ खड़ंजे और पड़ंजे भी बने। 1995 में मुकेश पौनियां ने मास्टर सुरेश दीक्षित को हराकर प्रधान पद संभाला। इनके कार्यकाल में कुछ सरकारी हैंडपंप और खड़ंजों का निर्माण हुआ। सन 2000 में

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सिताबी, कालीचरण और ज्वाला के बीच त्रिकोणीय चुनाव हुआ, जिसमें सिताबी ने गोली डालकर जीत हासिल की। सिताबी के कार्यकाल में गरीबों को कृषि हेतु जमीन आवंटित की गई और कुछ हैंडपंप लगाए गए। 2005 में रामवीर सिंह पौनियां ने मोहन सिंह वर्मा और मुकेश पौनियां को हराकर विजय प्राप्त की। रामवीर पौनियां के कार्यकाल को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक माना जाता है, जिसमें जूनियर हाई स्कूल का निर्माण, ग्राम पंचायत की जमीन पर गांव करील के लिए प्रस्तावित पीएचसी का निर्माण, सरकारी हैंडपंप लगवाना और ग्राम पंचायत सचिवालय का निर्माण शामिल है। 2010 में वंदना देवी ने चन्द्रवती देवी, किरनदेवी, साधना वर्मा और महारानी देवी के बीच हुए चुनाव में जीत हासिल की। इनके कार्यकाल में कुछ खड़ंजे, हैंडपंप और नरेगा के तहत कई चकरोडों पर मिट्टी का काम हुआ। 2015 में प्रवेश देवी ने मास्टर सुरेश दीक्षित और रामवीर पौनियां को हराकर प्रधान पद संभाला। इनके कार्यकाल में गांव की सड़क, पानी और शौचालय पर ऐतिहासिक कार्य हुए, जिनमें आरसीसी की सड़कें, पक्की नालियां, आरओ पानी की व्यवस्था, 400 शौचालयों का निर्माण, और गरीबों को पीएम और लोहिया आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना शामिल है। सबसे हालिया चुनाव 2021 में हुआ, जिसमें सुखवीर ने कालीचरण, सिया और संगीता देवी को हराकर जीत दर्ज की। इनके कार्यकाल में कूड़ेदान और खेल मैदान बनवाने का कार्य किया गया, तथा गांव में सफाई व्यवस्था ठीकठाक रही। यह विस्तृत जानकारी ग्राम पंचायत के वरिष्ठ जनों से जुटाई गई है और पत्रकार कैलाश चौधरी ने आशा व्यक्त की है कि यह गांव का इतिहास सभी ग्राम पंचायतवासियों को पसंद आएगा।

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  • उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के ग्राम अनीगड़ी में मां अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती बड़े उत्साह और शांतिपूर्वक तरीके से मनाई गई। इस समारोह में समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर भाग लिया, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल रहा। इस जयंती समारोह के आयोजन में कमेटी अध्यक्ष शिव बघेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ जितेंद्र बघेल, कुबेर कुमार, बलराम बघेल, नीरज कुमार, अनुज बघेल और गोबिंद बघेल जैसे अन्य कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। इस पूरे आयोजन में समस्त ग्राम पंचायत अनीगढ़ी बिसाना (हाथरस) का पूर्ण समर्थन रहा, जिसने ग्राम स्तर पर इस पावन अवसर को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने में योगदान दिया।
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    उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के ग्राम अनीगड़ी में मां अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती बड़े उत्साह और शांतिपूर्वक तरीके से मनाई गई। इस समारोह में समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर भाग लिया, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।

इस जयंती समारोह के आयोजन में कमेटी अध्यक्ष शिव बघेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ जितेंद्र बघेल, कुबेर कुमार, बलराम बघेल, नीरज कुमार, अनुज बघेल और गोबिंद बघेल जैसे अन्य कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। इस पूरे आयोजन में समस्त ग्राम पंचायत अनीगढ़ी बिसाना (हाथरस) का पूर्ण समर्थन रहा, जिसने ग्राम स्तर पर इस पावन अवसर को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने में योगदान दिया।
    user_Vijay Dev
    Vijay Dev
    रिपोर्टर विजय देव B.india24.news Hathras, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • आगामी वर्षा ऋतु में शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नालों में चल रही सिल्ट सफाई व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष तौर पर यह भी निर्देश दिया कि नालों की सफाई से निकलने वाले मलबे को तत्काल उठवाया जाए।
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    आगामी वर्षा ऋतु में शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नालों में चल रही सिल्ट सफाई व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष तौर पर यह भी निर्देश दिया कि नालों की सफाई से निकलने वाले मलबे को तत्काल उठवाया जाए।
    user_धर्मेन्द्र कुमार गौतम पत्रकार
    धर्मेन्द्र कुमार गौतम पत्रकार
    Media company हाथरस, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • हाथरस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ घर से लापता हुई तीन युवतियों को पुलिस ने महज छह घंटों के भीतर दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा बरामद की गई तीनों युवतियों में दो मुस्लिम और एक हिन्दू युवती शामिल हैं। पुलिस ने इन युवतियों को दिल्ली के द्वारका नजफगढ़ स्थित एक होटल से बरामद किया। इस कार्रवाई के दौरान, पाँच युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हाथरस पुलिस की कई टीमें इन हिरासत में लिए गए पाँचों युवकों से सघन पूछताछ करने में जुटी हैं। थाना सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई इन युवतियों को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीमों की सराहना करते हुए, एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उन्हें पच्चीस हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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    हाथरस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ घर से लापता हुई तीन युवतियों को पुलिस ने महज छह घंटों के भीतर दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा बरामद की गई तीनों युवतियों में दो मुस्लिम और एक हिन्दू युवती शामिल हैं।

पुलिस ने इन युवतियों को दिल्ली के द्वारका नजफगढ़ स्थित एक होटल से बरामद किया। इस कार्रवाई के दौरान, पाँच युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हाथरस पुलिस की कई टीमें इन हिरासत में लिए गए पाँचों युवकों से सघन पूछताछ करने में जुटी हैं।

थाना सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई इन युवतियों को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीमों की सराहना करते हुए, एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उन्हें पच्चीस हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
    user_Journalists Sasni
    Journalists Sasni
    पत्रकार सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अलीगढ़ जिले के गोंडा क्षेत्र के ढांटौली गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब जल विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने नीरज चौधरी को उनके ही निजी निवास पर नजरबंद कर दिया। आज सुबह 6:00 बजे से ही नीरज चौधरी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह पूरा मामला ढांटौली नदी की सफाई के लिए निकाले गए एक सरकारी निविदा (टेंडर) से जुड़ा है। नीरज चौधरी के मुताबिक, जल विभाग ने 25 मई 2026 को यह टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 30 मई 2026 तय की गई थी। हालांकि, आरोप है कि अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई टेंडर नहीं खोला गया। जब नीरज चौधरी ने इस संबंध में जल विभाग के आला अधिकारियों से बात कर नदी सफाई कार्य में हो रही देरी का कारण पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों के इस 'अड़ियल रवैये' से नाराज होकर नीरज चौधरी ने आज विभाग को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था। लेकिन, इससे पहले कि वह घर से निकल पाते, आज सुबह 06:00 बजे पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। नीरज चौधरी ने अपनी नजरबंदी पर बयान देते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। उन्होंने कहा कि जल विभाग की लापरवाही के कारण ढांटौली नदी की सफाई 'अधर में लटकी है' और जब उन्होंने जवाब मांगा तथा 'शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने की बात कही', तो प्रशासन ने 'आवाज दबाने के लिए' उन्हें सुबह से ही घर में कैद कर दिया।
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    अलीगढ़ जिले के गोंडा क्षेत्र के ढांटौली गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब जल विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने नीरज चौधरी को उनके ही निजी निवास पर नजरबंद कर दिया। आज सुबह 6:00 बजे से ही नीरज चौधरी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

यह पूरा मामला ढांटौली नदी की सफाई के लिए निकाले गए एक सरकारी निविदा (टेंडर) से जुड़ा है। नीरज चौधरी के मुताबिक, जल विभाग ने 25 मई 2026 को यह टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 30 मई 2026 तय की गई थी। हालांकि, आरोप है कि अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई टेंडर नहीं खोला गया। जब नीरज चौधरी ने इस संबंध में जल विभाग के आला अधिकारियों से बात कर नदी सफाई कार्य में हो रही देरी का कारण पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

अधिकारियों के इस 'अड़ियल रवैये' से नाराज होकर नीरज चौधरी ने आज विभाग को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था। लेकिन, इससे पहले कि वह घर से निकल पाते, आज सुबह 06:00 बजे पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया।

नीरज चौधरी ने अपनी नजरबंदी पर बयान देते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। उन्होंने कहा कि जल विभाग की लापरवाही के कारण ढांटौली नदी की सफाई 'अधर में लटकी है' और जब उन्होंने जवाब मांगा तथा 'शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने की बात कही', तो प्रशासन ने 'आवाज दबाने के लिए' उन्हें सुबह से ही घर में कैद कर दिया।
    user_MD News ( Aligarh)
    MD News ( Aligarh)
    इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रविवार को छुट्टी के दिन, अलीगढ़ से 20 हजार से ज़्यादा श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान के लिए राजघाट पहुँचे। बड़ी संख्या में आई यह भीड़ अलीगढ़ से लेकर राजघाट तक फैली हुई थी।
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    रविवार को छुट्टी के दिन, अलीगढ़ से 20 हजार से ज़्यादा श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान के लिए राजघाट पहुँचे। बड़ी संख्या में आई यह भीड़ अलीगढ़ से लेकर राजघाट तक फैली हुई थी।
    user_Abhishek Singh
    Abhishek Singh
    Artist इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जनपद अलीगढ़ की इगलास तहसील स्थित महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली बेसवा में तेज आंधी के साथ जमकर ओले बरसे। इस प्राकृतिक आपदा के कारण धरनीधर सरोवर पर चल रहे धरनीधर कुंभ के मेले में दुकानदारों की दुकानों को भारी क्षति पहुँची, जिससे दुकानदारों के चेहरे पर उदासी छा गई। इसी दौरान, चौरासी परिक्रमणार्थियों को भी इस आंधी और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था ईश्वरीय प्रकोप पर भारी पड़ी और चौरासी कोस की परिक्रमा नहीं रुकी। वहीं, इस घटना ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, क्योंकि थोड़ी सी बारिश में ही बाजार में जगह-जगह नालियाँ चोक होने से जलभराव हो गया। जब श्रद्धालुओं से इस स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दुखी मन से नगर अध्यक्ष की कमियों को उजागर किया।
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    जनपद अलीगढ़ की इगलास तहसील स्थित महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली बेसवा में तेज आंधी के साथ जमकर ओले बरसे। इस प्राकृतिक आपदा के कारण धरनीधर सरोवर पर चल रहे धरनीधर कुंभ के मेले में दुकानदारों की दुकानों को भारी क्षति पहुँची, जिससे दुकानदारों के चेहरे पर उदासी छा गई।

इसी दौरान, चौरासी परिक्रमणार्थियों को भी इस आंधी और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था ईश्वरीय प्रकोप पर भारी पड़ी और चौरासी कोस की परिक्रमा नहीं रुकी। वहीं, इस घटना ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, क्योंकि थोड़ी सी बारिश में ही बाजार में जगह-जगह नालियाँ चोक होने से जलभराव हो गया।

जब श्रद्धालुओं से इस स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दुखी मन से नगर अध्यक्ष की कमियों को उजागर किया।
    user_राकेश चौधरी
    राकेश चौधरी
    इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सासनी में विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बा के उस पार से रामनगर तक मंडी समिति द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य पर स्थानीय निवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। निवासियों के अनुसार, आबादी क्षेत्र में सीमेंटेड (CC) सड़क के दोनों ओर काफी खाली जगह मुख्य सड़क से नीचे छोड़ दी गई है। इसी खामी के कारण वाहन चालक सामने से आते वाहनों को रास्ता देते समय या बचाने के प्रयास में असंतुलित होकर नीचे गिर जाते हैं, जिससे लोग घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क पर मौजूद बड़े-बड़े गड्ढों को सिर्फ नाम मात्र के पत्थरों और गिट्टी से भरा जा रहा है, जिससे वे ठीक से भर नहीं पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सड़क की सतह पर कई जगहों पर मिट्टी जमी हुई है, और उसे साफ किए बिना ही निर्माण कार्य जारी है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक माप पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। पहले यह सड़क निर्माण विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बे के पुल से शुरू होता था, लेकिन अब इसे अचानक पुल के उस पार से शुरू कर दिया गया है, जिस कारण पुल के पास के पुराने गड्ढे वैसे ही छूटे हुए हैं और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। वहीं, मंडी समिति के उपनिदेशक निर्माण, आजाद सोनकर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण का यह कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराया जा रहा है। सोनकर ने मिट्टी के ऊपर डामर डाले जाने के ग्रामीणों के आरोप को भी गलत बताया और कहा कि डामरीकरण से पहले सड़क के गड्ढों को पत्थरों से अच्छी तरह भरा जा रहा है ताकि सड़क की सतह मजबूत और टिकाऊ बन सके। उन्होंने कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही से साफ इनकार किया।
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    सासनी में विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बा के उस पार से रामनगर तक मंडी समिति द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य पर स्थानीय निवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। निवासियों के अनुसार, आबादी क्षेत्र में सीमेंटेड (CC) सड़क के दोनों ओर काफी खाली जगह मुख्य सड़क से नीचे छोड़ दी गई है। इसी खामी के कारण वाहन चालक सामने से आते वाहनों को रास्ता देते समय या बचाने के प्रयास में असंतुलित होकर नीचे गिर जाते हैं, जिससे लोग घायल हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क पर मौजूद बड़े-बड़े गड्ढों को सिर्फ नाम मात्र के पत्थरों और गिट्टी से भरा जा रहा है, जिससे वे ठीक से भर नहीं पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सड़क की सतह पर कई जगहों पर मिट्टी जमी हुई है, और उसे साफ किए बिना ही निर्माण कार्य जारी है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक माप पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। पहले यह सड़क निर्माण विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने बम्बे के पुल से शुरू होता था, लेकिन अब इसे अचानक पुल के उस पार से शुरू कर दिया गया है, जिस कारण पुल के पास के पुराने गड्ढे वैसे ही छूटे हुए हैं और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

वहीं, मंडी समिति के उपनिदेशक निर्माण, आजाद सोनकर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण का यह कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराया जा रहा है। सोनकर ने मिट्टी के ऊपर डामर डाले जाने के ग्रामीणों के आरोप को भी गलत बताया और कहा कि डामरीकरण से पहले सड़क के गड्ढों को पत्थरों से अच्छी तरह भरा जा रहा है ताकि सड़क की सतह मजबूत और टिकाऊ बन सके। उन्होंने कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही से साफ इनकार किया।
    user_Journalists Sasni
    Journalists Sasni
    पत्रकार सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सासनी क्षेत्र के गांव चक्की नगला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दौरान भागवत आचार्य लाडली राधिका शरण जी महाराज ने प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण के प्राकट्य की पावन कथा का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास लाडली राधिका शरण जी ने सर्वप्रथम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का भार बढ़ा है, तब-तब प्रभु ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। इसके बाद उन्होंने श्री कृष्ण जन्म की लीला का सुंदर वर्णन किया। जैसे ही पंडाल में 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंजे, श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। कथा स्थल पर पुष्प वर्षा की गई और बधाई गीतों के साथ प्रभु का जन्मोत्सव मनाया गया। आचार्य जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को धर्म के मार्ग पर चलाने की प्रेरणा है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री राम और श्री कृष्ण का चरित्र हमें नैतिकता, प्रेम और त्याग का संदेश देता है, और जो व्यक्ति अपने जीवन में भागवत को उतार लेता है, उसका लोक और परलोक दोनों संवर जाते हैं। इस दौरान परीक्षित वीरपाल शर्मा सहित राजकुमार शर्मा, मुरारी लाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, राधेश्याम शर्मा, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र पाठक, विष्णु पाठक, रामकुमार पाठक, पुनीत उपाध्याय निरंजन शर्मा, मुराली लाल शर्मा राजेंद्र शर्मा,महेंद्र शर्मा, रवि वशिष्ठ विवेक उपाध्याय, पुनीत उपाध्याय, हितेश शर्मा, शिशपाल उपाध्याय, रविशंकर उपाध्याय के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन नजर आए। कथा पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों ने प्रभु श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर प्रसाद ग्रहण किया और कथा का पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी आगंतुक भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में कथा का श्रवण करने की अपील की।
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    सासनी क्षेत्र के गांव चक्की नगला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दौरान भागवत आचार्य लाडली राधिका शरण जी महाराज ने प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण के प्राकट्य की पावन कथा का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे।

कथा व्यास लाडली राधिका शरण जी ने सर्वप्रथम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का भार बढ़ा है, तब-तब प्रभु ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। इसके बाद उन्होंने श्री कृष्ण जन्म की लीला का सुंदर वर्णन किया। जैसे ही पंडाल में 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंजे, श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। कथा स्थल पर पुष्प वर्षा की गई और बधाई गीतों के साथ प्रभु का जन्मोत्सव मनाया गया।

आचार्य जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को धर्म के मार्ग पर चलाने की प्रेरणा है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री राम और श्री कृष्ण का चरित्र हमें नैतिकता, प्रेम और त्याग का संदेश देता है, और जो व्यक्ति अपने जीवन में भागवत को उतार लेता है, उसका लोक और परलोक दोनों संवर जाते हैं। इस दौरान परीक्षित वीरपाल शर्मा सहित राजकुमार शर्मा, मुरारी लाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, राधेश्याम शर्मा, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र पाठक, विष्णु पाठक, रामकुमार पाठक, पुनीत उपाध्याय निरंजन शर्मा, मुराली लाल शर्मा राजेंद्र शर्मा,महेंद्र शर्मा, रवि वशिष्ठ विवेक उपाध्याय, पुनीत उपाध्याय, हितेश शर्मा, शिशपाल उपाध्याय, रविशंकर उपाध्याय के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन नजर आए। कथा पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों ने प्रभु श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर प्रसाद ग्रहण किया और कथा का पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी आगंतुक भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में कथा का श्रवण करने की अपील की।
    user_Manoj kumar varshney
    Manoj kumar varshney
    सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद भारी हंगामा देखने को मिला है। यहाँ एक रोडवेज बस और ट्रैक्टर के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे के बाद, ट्रैक्टर सवार गुस्साए लोगों ने कानून हाथ में लेते हुए रोडवेज बस पर जमकर पथराव किया और उसके शीशे तोड़ दिए।
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    अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद भारी हंगामा देखने को मिला है। यहाँ एक रोडवेज बस और ट्रैक्टर के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे के बाद, ट्रैक्टर सवार गुस्साए लोगों ने कानून हाथ में लेते हुए रोडवेज बस पर जमकर पथराव किया और उसके शीशे तोड़ दिए।
    user_अविनाश कुमार पत्रकार
    अविनाश कुमार पत्रकार
    Doctor इगलास, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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