नवादा के सर्किट हाउस में शनिवार को जदयू बिहार के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता डॉ. आदित्य मेहता ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक कुशवाहा को उपहार स्वरूप मौर्य स्तंभ और भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये दोनों ही प्रतीक भारतीय संस्कृति, नैतिकता, शांति, जन-कल्याण और समावेशी नेतृत्व के महान प्रेरणास्रोत हैं। डॉ. आदित्य मेहता ने इन प्रतीकों का महत्व साझा करते हुए बताया कि मौर्य स्तंभ, विशेष रूप से सम्राट अशोक के धम्म स्तंभ, आदर्श शासन और सुशासन के प्रतीक हैं। यह प्रत्येक जनप्रतिनिधि और शासक को संदेश देते हैं कि सत्ता का उपयोग केवल जनता के कल्याण, न्याय और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए किया जाना चाहिए। वहीं, भगवान बुद्ध की प्रतिमा पूरी दुनिया को शांति, करुणा, अहिंसा और मानवता का संदेश देती है। एक सफल जननेता को संवाद, प्रेम और सहिष्णुता के माध्यम से ही समाज की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि बुद्ध की शिक्षाएं सभी जातियों, वर्गों और धर्मों के लिए समान रूप से समावेशी लोकतांत्रिक सोच को मजबूत करती हैं। डॉ. मेहता ने मौर्य काल को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रतीकों को भेंट करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणादायक परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। उन्होंने अटूट विश्वास जताया कि इन ऐतिहासिक प्रतीकों से जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनसेवा, सुशासन, नैतिक नेतृत्व और समाज के सर्वांगीण विकास के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहेगी।
नवादा के सर्किट हाउस में शनिवार को जदयू बिहार के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता डॉ. आदित्य मेहता ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक कुशवाहा को उपहार स्वरूप मौर्य स्तंभ और भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये दोनों ही प्रतीक भारतीय संस्कृति, नैतिकता, शांति, जन-कल्याण और समावेशी नेतृत्व के महान प्रेरणास्रोत हैं। डॉ. आदित्य मेहता ने इन प्रतीकों का महत्व साझा करते हुए बताया कि मौर्य स्तंभ, विशेष रूप से सम्राट अशोक के धम्म स्तंभ, आदर्श शासन और सुशासन के प्रतीक हैं। यह प्रत्येक जनप्रतिनिधि और शासक को संदेश देते हैं कि सत्ता का उपयोग केवल जनता के कल्याण, न्याय और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए किया जाना चाहिए। वहीं, भगवान बुद्ध की प्रतिमा पूरी दुनिया को शांति, करुणा, अहिंसा और मानवता का संदेश देती है। एक सफल जननेता को संवाद, प्रेम और सहिष्णुता के माध्यम से ही समाज की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि बुद्ध की शिक्षाएं सभी जातियों, वर्गों और धर्मों के लिए समान रूप से समावेशी लोकतांत्रिक सोच को मजबूत करती हैं। डॉ. मेहता ने मौर्य काल को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रतीकों को भेंट करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणादायक परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। उन्होंने अटूट विश्वास जताया कि इन ऐतिहासिक प्रतीकों से जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनसेवा, सुशासन, नैतिक नेतृत्व और समाज के सर्वांगीण विकास के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहेगी।
- नवादा में एक महिला ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा देने से साफ इनकार कर दिया है। महिला ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे दान पेटी में पैसा नहीं डालेंगी, बल्कि इसके बजाय वे अपना चंदा किसी लंगड़े-लुलहे व्यक्ति को देना पसंद करेंगी।1
- बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को नवादा समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता का विस्तृत आकलन किया। बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों और प्रखंड स्तरीय कर्मियों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं का काम पूरी पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंचायतों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान पंचायत भवनों के निर्माण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं से संबंधित लंबित कार्यों पर विशेष चर्चा की गई। समीक्षा बैठक के बाद हिसुआ पहुंचने पर मंत्री दीपक प्रकाश का कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति रही, जिन्होंने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। समर्थकों के बीच अपने संबोधन में मंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव के सर्वांगीण विकास और जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।1
- बांकीपुर उपचुनाव 2026 के बीच प्रशांत किशोर के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। जन सुराज के पूर्व सदस्य होने का दावा करने वाले पुरुषोत्तम कुमार ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2025 में पार्टी की सदस्यता ली थी, लेकिन टिकट बेचने के आरोपों के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी है। पुरुषोत्तम कुमार ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान बांकीपुर में घूम-घूमकर लोगों से स्थानीय उम्मीदवार को वोट देने और बाहरी उम्मीदवार का विरोध करने की अपील करने का ऐलान किया है। उनका यह भी आरोप है कि प्रशांत किशोर लोगों को भटका रहे हैं और सेक्युलर वोटों को काट रहे हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का काम आसान हो सके। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुरुषोत्तम कुमार के समर्थकों में 'पुरुषोत्तम कुमार जिंदाबाद' और प्रशांत किशोर के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं।1
- नालंदा में विराट कोहली के हमशक्ल का जलवा देखने को मिल रहा है। जब यह हमशक्ल एक मॉल में पहुंचा, तो वहां उसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। पूरे भारत में विराट कोहली के इस हमशक्ल का जबरदस्त जलवा बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @biharkavirat पर देखा जा सकता है।1
- नालंदा के बिहार शरीफ में गाँव के जीवन की शांति और सुकून को सबसे अनमोल बताया गया है। यहाँ व्यक्त भावनाओं के अनुसार, जीवन का असली सुकून सिर्फ गाँव में ही मिलता है, जबकि रोजी-रोटी या अन्य कारणों से शहर जाना तो महज़ एक मजबूरी बनकर रह गया है।1
- नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत मां पार्वती मिष्ठान भंडार के संचालक के यहाँ घरेलू बंटवारे को लेकर भारी विवाद हो गया। इस आपसी विवाद के दौरान जमकर लाठी, डंडे और ईंटें चलीं।1