छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुरा निवासी बबलू प्रजापति (45) ने आरोप लगाया है कि जब वह अपनी बेटी को लेने दामाद के घर हिम्मतपुरा पहुंचे, तो उनके दामाद और परिवार के चार अन्य लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना आज 24 जून को सुबह करीब 11:00 बजे हुई। बबलू प्रजापति के अनुसार, उन्होंने दामाद से बेटी को भेजने के लिए कहा था, जिस पर दामाद ने गाली-गलौज करते हुए उनसे 5 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर, दामाद और अन्य परिवारजनों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी और लाठी-डंडों से हमला करके बबलू प्रजापति के होंठ को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद, घायल बबलू अपने बेटे के साथ पड़रिया चौकी पहुंचे, जहाँ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के उपरांत, उन्हें इलाज के लिए छतरपुर के जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ वे भर्ती हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुरा निवासी बबलू प्रजापति (45) ने आरोप लगाया है कि जब वह अपनी बेटी को लेने दामाद के घर हिम्मतपुरा पहुंचे, तो उनके दामाद और परिवार के चार अन्य लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना आज 24 जून को सुबह करीब 11:00 बजे हुई। बबलू प्रजापति के अनुसार, उन्होंने दामाद से बेटी को भेजने के लिए कहा था, जिस पर दामाद ने गाली-गलौज करते हुए उनसे 5 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर, दामाद और अन्य परिवारजनों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी और लाठी-डंडों से हमला करके बबलू प्रजापति के होंठ को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद, घायल बबलू अपने बेटे के साथ पड़रिया चौकी पहुंचे, जहाँ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के उपरांत, उन्हें इलाज के लिए छतरपुर के जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ वे भर्ती हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
- छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के मनूरिया गांव के एक दलित युवक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुँचकर गांव के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि उसे फोन पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है। पीड़ित युवक ने यह भी बताया कि पहले शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला, जिसके बाद उसने एसपी से मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनकी स्थानीय भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें भी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और मामले की जांच तथा कार्रवाई पुलिस द्वारा की जानी है।1
- छतरपुर में आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट दिखाई दिया। इसी क्रम में, आज 24 जून को शाम करीब 6:00 बजे शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस बल द्वारा एक पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च में शहर के तीनों थानों के थाना प्रभारियों और महिला थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने नए मोहल्ले से लेकर महल रोड, चौक बाजार, फब्बारा चौक और बस स्टैंड क्षेत्र तक भ्रमण किया। इस दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही, पुलिस ने शहर के संवेदनशील स्थानों का भी निरीक्षण किया और नागरिकों को उनकी सुरक्षा का पूर्ण भरोसा दिलाया।1
- छतरपुर के नन्ही मड़िया गांव के ग्रामीण आजादी के अमृत काल में भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण, गांव को अपने अस्तित्व के 78 साल बाद भी महज 2 किलोमीटर लंबी सड़क का इंतजार है। इस अभाव के चलते, हर बारिश में नन्ही मड़िया टापू में तब्दील हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों की जिंदगी संकट में है। गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन महज दो किलोमीटर सड़क नहीं बना सका है, जो विकास के दावों की पोल खोलता है। यह सड़क उनके लिए नसीब का सवाल बन गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर सरपंच-सचिव से निराश ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर जनसुनवाई में 'सड़क दो, सुविधा दो' के नारों के साथ न्याय की गुहार लगाई। बच्चों ने भी सड़क निर्माण की मांग में अपनी आवाज उठाई। ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की बड़ी मांग की है, ताकि उनकी दशकों पुरानी परेशानी खत्म हो सके।1
- छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत गुरसारी के बर्दाहा कलां गाँव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ पिछले चार दिनों से 11 हजार केवी विद्युत लाइन का तार टूटा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा। इसी लापरवाही का नतीजा है कि टूटी हुई हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक गाय की दर्दनाक मौत हो गई, जो अभी भी विद्युत तार में लिपटी हुई पड़ी है। इस हादसे में दो गिलहरियों की भी करंट लगने से मौत हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बिजली विभाग समय रहते तार को ठीक कर देता तो यह हादसा टाला जा सकता था। उनका कहना है कि टूटा हुआ तार अभी भी घटनास्थल पर पड़ा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा तत्काल विद्युत लाइन की मरम्मत की मांग कर रहे हैं। इस पूरी स्थिति पर बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि चार दिनों से लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद बिजली विभाग ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया? क्या विभाग किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?1
- टीकमगढ़ जिले के जिला शिक्षा अधिकारी हनुमत सिंह चौहान, जो लंबे समय से विभिन्न आरोपों और विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं, का हाल ही में स्थानांतरण हो गया है। लेकिन, स्थानांतरण आदेश जारी होने के तीन दिन बाद भी उन्होंने नवागत अधिकारी को विभागीय प्रभार नहीं सौंपा है। प्रभार नहीं सौंपे जाने के इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में लगातार चर्चाएं जारी हैं। जब मीडिया ने जिला शिक्षा अधिकारी चौहान से इस विषय पर सवाल किया, तो उन्होंने अपनी ओर से सफाई देते हुए एक जवाब दिया, जो अब स्वयं चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्होरी खास के लोगों ने एक जन आंदोलन किया है। इस आंदोलन के संबंध में बैंक मैनेजर साहब ने क्या कुछ कहा, इस पर जानकारी सामने नहीं आई है और यह अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए इन आरोपों को भ्रम पैदा करने वाला एक षडयंत्र करार दिया है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से गलत और असत्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि आरोपों में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया। ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई थी, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की है। उन्होंने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें भी पूरी तरह गलत बताया, क्योंकि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है और उन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। खंडेलवाल ने यह भी सूचित किया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों में दिए गए तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्रियों को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों, या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके विकास कार्यों में पीछे नहीं कर सके, इसलिए इस तरह का षडयंत्र रच रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी 40 वर्षीय पत्नी के लापता होने और एक अन्य युवक फरीद खान के साथ चले जाने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित बबलू कुशवाहा का आरोप है कि उनकी पत्नी किरण कुशवाहा को उनके ही मोहल्ले में फर्नीचर पॉलिश का काम करने वाले फरीद खान ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। यह शिकायत आज 24 जून को दोपहर करीब 4 बजे दर्ज की गई। बबलू कुशवाहा के अनुसार, फरीद खान करीब एक साल से उनकी पत्नी को अपने साथ चलने के लिए दबाव बना रहा था। जब बबलू को इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने पत्नी से पूछताछ की, तो वह घर छोड़कर चली गई। पीड़ित पति ने बताया कि उनके तीन बड़े बच्चे शादीशुदा हैं और उनके नाती-पोते भी हैं, इसके बावजूद उनकी पत्नी ने यह कदम उठाया। यह पहली बार नहीं है; करीब तीन महीने पहले भी वह घर से लापता हुई थी, लेकिन पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वापस लौट आई थी। हालांकि, अब चार-पांच दिन पहले वह फिर से फरीद खान के साथ चली गई है, और पीड़ित का दावा है कि फरीद भी अपने घर से गायब है। पीड़ित बबलू कुशवाहा ने एसपी ऑफिस में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहना चाहती हैं, तो वह उन्हें स्पष्ट रूप से बता दें ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाक लिया जा सके। बबलू का कहना है कि उनकी पत्नी के इस तरह बार-बार घर छोड़कर चले जाने से पूरे परिवार की बदनामी हो रही है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।1