अतिक्रमण हटाओ अभियान: शहर में चिन्हिकरण की कार्रवाई, दुकानों-भवनों के आगे लगे लाल निशान प्रशासन-व्यापारी बैठक के बाद बदली रणनीति, पहले चिन्हिकरण फिर हटाने की कार्रवाई प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मंगलवार को शहर में अतिक्रमणों का चिन्हिकरण कर लाल निशान लगाए गए। अभियान की शुरुआत सुबह 10 बजे की गई और यह दोपहर करीब 1:30 बजे तक चला। नगर परिषद की टीम ने शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पहुंचकर दुकानों और भवनों के आगे नालियों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित किया। गौरतलब है कि इससे पहले प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। उस दौरान व्यापारियों ने मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। दुकानदारों का कहना था कि जेसीबी से वर्षों पुराने चबूतरे तोड़ दिए गए, जबकि ये लंबे समय से बने थे और व्यापार संचालन के लिए जरूरी थे। चबूतरे हटने से दुकानों के सामने ग्राहकों के खड़े होने, माल रखने और आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। व्यापारियों ने दुर्घटना की आशंका जताते हुए कारोबार प्रभावित होने की बात भी कही थी। विरोध के बाद सोमवार को एडीएम सुदर्शनसिंह तोमर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश राजौरा और भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर की मौजूदगी में दुकानदार-व्यापारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में व्यापारियों ने कार्रवाई को गलत बताते हुए अपनी आपत्तियां रखीं। वहीं प्रशासन ने कहा कि अतिक्रमण के कारण शहर में अव्यवस्था फैल रही है। आपात स्थिति में दमकल और एंबुलेंस तक रास्ता नहीं मिल पाता, और हादसे की स्थिति में प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में चर्चा के बाद यह तय किया गया कि सीधे तोड़फोड़ की बजाय पहले अतिक्रमणों का चिन्हिकरण किया जाएगा। इसी निर्णय के तहत मंगलवार को नगर परिषद की टीम ने अभियान चलाया। टीम में सफाई निरीक्षक पिंटू राम मीणा, सफाई इंचार्ज कमलेश, विकास, बबलू, महेश सहित आठ जमादार शामिल रहे। सभी सदस्य मिनी सचिवालय में एकत्रित होने के बाद माल गोदाम रोड से अभियान की शुरुआत कर स्टेशन बजरिया, सोनी बाबा चौराहा, महेश टॉकीज, सरकारी अस्पताल, नया बाजार और खारी बाजार तक पहुंचे। अभियान के दौरान दुकानों और भवनों के आगे नालियों पर किए गए अतिक्रमणों पर लाल निशान लगाए गए। इसके साथ ही सड़क के बीच में लगे बिजली और टेलीफोन के खंभों को भी चिन्हित कर सूची तैयार की गई, ताकि संबंधित विभागों को अवगत कराकर हटाने की कार्रवाई की जा सके। चिन्हिकरण के चलते मंगलवार को कई बाजार क्षेत्रों में दुकानदारों और व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ स्थानों पर टीम के सदस्यों और दुकानदारों के बीच नोंक-झोंक भी हुई और विरोध के स्वर सुनाई दिए। दिनभर बाजारों में अभियान को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
अतिक्रमण हटाओ अभियान: शहर में चिन्हिकरण की कार्रवाई, दुकानों-भवनों के आगे लगे लाल निशान प्रशासन-व्यापारी बैठक के बाद बदली रणनीति, पहले चिन्हिकरण फिर हटाने की कार्रवाई प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मंगलवार को शहर में अतिक्रमणों का चिन्हिकरण कर लाल निशान लगाए गए। अभियान की शुरुआत सुबह 10 बजे की गई और यह दोपहर करीब 1:30 बजे तक चला। नगर परिषद की टीम ने शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पहुंचकर दुकानों और भवनों के आगे नालियों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित किया। गौरतलब है कि इससे पहले प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। उस दौरान व्यापारियों ने मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। दुकानदारों का कहना था कि जेसीबी से वर्षों पुराने चबूतरे तोड़ दिए गए, जबकि ये लंबे समय से बने थे और व्यापार संचालन के लिए जरूरी थे। चबूतरे हटने से दुकानों के सामने ग्राहकों के खड़े होने, माल रखने और आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। व्यापारियों ने दुर्घटना की आशंका जताते हुए कारोबार प्रभावित होने की बात भी कही थी। विरोध के बाद सोमवार को एडीएम सुदर्शनसिंह तोमर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश राजौरा और भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर की मौजूदगी में दुकानदार-व्यापारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में व्यापारियों ने कार्रवाई को गलत बताते हुए अपनी आपत्तियां रखीं। वहीं प्रशासन ने कहा कि अतिक्रमण के कारण शहर में अव्यवस्था फैल रही है। आपात स्थिति में दमकल और एंबुलेंस तक रास्ता नहीं मिल पाता, और हादसे की स्थिति में प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में चर्चा के बाद यह तय किया गया कि सीधे तोड़फोड़ की बजाय पहले अतिक्रमणों का चिन्हिकरण किया जाएगा। इसी निर्णय के तहत मंगलवार को नगर परिषद की टीम ने अभियान चलाया। टीम में सफाई निरीक्षक पिंटू राम मीणा, सफाई इंचार्ज कमलेश, विकास, बबलू, महेश सहित आठ जमादार शामिल रहे। सभी सदस्य मिनी सचिवालय में एकत्रित होने के बाद माल गोदाम रोड से अभियान की शुरुआत कर स्टेशन बजरिया, सोनी बाबा चौराहा, महेश टॉकीज, सरकारी अस्पताल, नया बाजार और खारी बाजार तक पहुंचे। अभियान के दौरान दुकानों और भवनों के आगे नालियों पर किए गए अतिक्रमणों पर लाल निशान लगाए गए। इसके साथ ही सड़क के बीच में लगे बिजली और टेलीफोन के खंभों को भी चिन्हित कर सूची तैयार की गई, ताकि संबंधित विभागों को अवगत कराकर हटाने की कार्रवाई की जा सके। चिन्हिकरण के चलते मंगलवार को कई बाजार क्षेत्रों में दुकानदारों और व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ स्थानों पर टीम के सदस्यों और दुकानदारों के बीच नोंक-झोंक भी हुई और विरोध के स्वर सुनाई दिए। दिनभर बाजारों में अभियान को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
- पूर्व सरपंच प्रभु कनवाड़ा की बेटियों के विवाह समारोह में कामा विधायक नौक्षम चौधरी ने शिरकत कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और 31 हजार रुपये का कन्यादान कर शुभकामनाएँ दीं लोकप्रिय विधायक की सादगी की मिसाल स्वागत के लिए बनाए गए मंच को छोड़कर आमजन के बीच में आकर बैठी इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने विधायक का स्वागत किया और परिवार को नई शुरुआत के लिए मंगलकामनाएँ दीं। विवाह समारोह हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ2
- Post by RK LIVE KARAULI1
- BreakingNews :- दौसा में आगरा रोड सिकंदरा में जबरदस्त एक्सीडेंट हो गया1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- खंडार: कस्बे में बालेर रोड़ स्थित आसपास की कोलोनियो में लगभग 4-5 दिनों से पेयजल व्यवस्था गड़बड़ा रहीं हैं। जिससे लोग बूंद-बूंद के मोहताज बने हुए हैं। वहीं पेयजल समस्या से आक्रोशित होकर महिलाओं ने जलदाय विभाग में नारेबाजी की गई। तथा सभी महिलाओ ने पेजयल व्यवस्था की समस्या के निस्तारण हेतु क्षेत्र के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र निस्तारण की मांग की गई। वहीं दूसरी ओर बीते 3 माह से नलों में दूषित पानी आ रहा है। लेकिन जलदाय विभाग कार्यों के प्रति लापरवाह बने होने से हालत जस के तस बने हुए हैं।1
- Post by Kishori priya Ji Maharaj1
- हिंडौन में माटी कला को लगे पंख: 20 कामगारों का मशीनरी के लिए चयन, अब 10 दिन मिलेगा विशेष प्रशिक्षण हिंडौन सिटी। पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कुम्हार समाज और माटी कला के उत्थान के लिए राजस्थान सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। शुक्रवार को श्री यादे माटी कला बोर्ड के तत्वाधान में स्थानीय हनुमान वाटिका में 'माटी कला कौशल विकास जागरूकता शिविर' का सफल आयोजन किया गया। लॉटरी से खुला 20 भाग्यशाली कामगारों का रास्ता दक्ष प्रजापति विकास समिति के प्रदेश सचिव विष्णु प्रजापति ने बताया कि बोर्ड की योजना के तहत जिले भर से कुल 165 कामगारों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता अपनाते हुए लॉटरी निकाली गई, जिसमें 20 कामगारों का चयन किया गया। इन चयनित लाभार्थियों को आधुनिक विद्युत चलित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें प्रदान की जाएंगी। दक्षता बढ़ाने के लिए मिलेगा 'स्पेशल ट्रेनिंग' बोर्ड के प्रतिनिधि विनोद सिंह ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि केवल मशीन देना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनका सही उपयोग सिखाना भी जरूरी है। चयनित कामगारों को हिंडौन में ही 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस ट्रेनिंग कैंप में: प्रोफेशनल ट्रेनर: मशीनों के संचालन की तकनीक सिखाएंगे। स्पेशल डिजाइनर: बाजार की मांग के अनुरूप मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों के नए डिजाइन बनाना सिखाएंगे। कम मेहनत, ज्यादा मुनाफा कार्यक्रम में मौजूद भाजपा शहर मंडल महामंत्री संपत लाल और अन्य अतिथियों ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पहली बार माटी कला के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया है। प्रदेश भर में 5,000 से अधिक विद्युत चाक वितरित किए जा चुके हैं। प्रतिनिधियों का मानना है कि इन मशीनों से शारीरिक श्रम कम होगा और कम समय में अधिक उत्पादन होने से कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 'माटी के लाल' पुरस्कार की शुरुआत: क्षेत्र की छिपी हुई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बोर्ड द्वारा 'माटी के लाल' पुरस्कार की भी शुरुआत की गई है, जो इस क्षेत्र के कलाकारों के लिए एक बड़ा सम्मान है।3
- Post by RK LIVE KARAULI1
- पक्का धोरा पर स्कॉर्पियो का खतरनाक एक्सीडेंट 20 खंबे उड़े।1