बड़ा सवाल: राजस्थान में कब बनेगी पत्रकार कल्याण की योजनाएं? बड़ा सवाल: राजस्थान में कब बनेगी पत्रकार कल्याण की योजनाएं? जयबीर सिंह ब्यूरो खैरथल-तिजारा। खैरथल -तिजारा राजस्थान। देश के कई राज्यों में पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, दुर्घटना बीमा और आवास जैसी कल्याणकारी योजनाएं लागू हैं, लेकिन राजस्थान में आज भी पत्रकार इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह स्थिति तब है जब पत्रकार दिन-रात जोखिम उठाकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकार जयबीर सिंह (जिला खैरथल-तिजारा) ने राज्य सरकार से मांग की है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी जल्द से जल्द पत्रकार कल्याण योजनाएं लागू की जाएं। उन्होंने कहा कि “पत्रकार समाज की आवाज़ बनता है, लेकिन जब वही संकट में होता है तो उसके लिए कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती।” *जयबीर सिंह ने बताया कि कई राज्यों में पत्रकारों को—* स्वास्थ्य बीमा योजना आकस्मिक दुर्घटना बीमा पेंशन सुविधा आर्थिक सहायता व आवास योजनाएं जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि राजस्थान में अभी तक इस दिशा में कोई ठोस नीति सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल और हाल की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कितनी जरूरी है। ऐसे में राज्य सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए पत्रकारों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए। *अब बड़ा सवाल यही है—* क्या राजस्थान सरकार पत्रकारों की इस जायज़ मांग पर ध्यान देगी? *या फिर पत्रकारों को यूं ही उपेक्षा का शिकार होना पड़ेगा?*
बड़ा सवाल: राजस्थान में कब बनेगी पत्रकार कल्याण की योजनाएं? बड़ा सवाल: राजस्थान में कब बनेगी पत्रकार कल्याण की योजनाएं? जयबीर सिंह ब्यूरो खैरथल-तिजारा। खैरथल -तिजारा राजस्थान। देश के कई राज्यों में पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, दुर्घटना बीमा और आवास जैसी कल्याणकारी योजनाएं लागू हैं, लेकिन राजस्थान में आज भी पत्रकार इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह स्थिति तब है जब पत्रकार दिन-रात जोखिम उठाकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकार जयबीर सिंह (जिला खैरथल-तिजारा)
ने राज्य सरकार से मांग की है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी जल्द से जल्द पत्रकार कल्याण योजनाएं लागू की जाएं। उन्होंने कहा कि “पत्रकार समाज की आवाज़ बनता है, लेकिन जब वही संकट में होता है तो उसके लिए कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती।” *जयबीर सिंह ने बताया कि कई राज्यों में पत्रकारों को—* स्वास्थ्य बीमा योजना आकस्मिक दुर्घटना बीमा पेंशन सुविधा आर्थिक सहायता व आवास योजनाएं जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि राजस्थान में अभी तक
इस दिशा में कोई ठोस नीति सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल और हाल की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कितनी जरूरी है। ऐसे में राज्य सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए पत्रकारों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए। *अब बड़ा सवाल यही है—* क्या राजस्थान सरकार पत्रकारों की इस जायज़ मांग पर ध्यान देगी? *या फिर पत्रकारों को यूं ही उपेक्षा का शिकार होना पड़ेगा?*
- Post by Public Power मजदूर की आवाज1
- भिवाड़ी में प्रशासन की सख्ती, जांच के दौरान दो अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी मंगलवार को संयुक्त दल ने 315 औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण जयबीर सिंह ब्यूरो रिपोर्ट खैरथल तिजारा। खैरथल-तिजारा, 17 फरवरी। कारौली-भिवाड़ी स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में हुई आगजनी की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए व्यापक जांच अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच टीम ने दो अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री को सीज किया। यह मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। सीज कि गई औद्योगिक प्लॉट का आईजी रेंज जयपुर एच.जी. राघवेंद्र सुहास ने निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को जब्ती प्रक्रिया को नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार गठित जांच दल जब रीको प्लॉट संख्या जी-1/682 एंव जी 1- 538ए पर पहुंचा तो दोनों फैक्ट्री बंद मिली और मालिक मौके से फरार था। टीम द्वारा कई बार संपर्क करने के बावजूद मालिक के नहीं पहुंचने पर प्रशासन, पुलिस एवं रीको अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर से भारी मात्रा में पटाखे, कच्चा माल एवं निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों फैक्ट्री की जांच की गई। प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण एवं भंडारण पाया गया है, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। एहतियातन फैक्ट्री की बिजली आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से काट दी गई है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। पहली कार्रवाई में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्ड संख्या G1-682 पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार टपूकड़ा की टीम ने निरीक्षण किया। यह भूखण्ड मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक के नाम आवंटित है, लेकिन मौके पर फैक्ट्री बंद मिली। प्रशासन द्वारा निर्देश देने के बाद जब गेट नहीं खोला गया, तो अधिकारियों ने अंदर प्रवेश कर निरीक्षण किया, जहां जिप्सम, सिलिका सैंड, नाइट्रिक एसिड, पत्थर, रेशा सहित पटाखा निर्माण से संबंधित मशीनें और रासायनिक पदार्थ पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है तथा मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि इकाई को मैसर्स शिवशक्ति इंडस्ट्रीज को किराये पर दिया गया था। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 45 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। दुसरी कार्रवाई में रीको क्षेत्र स्थित एक भूखण्ड, जो वर्तमान में मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम दर्ज है, पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को बंद और ताला लगा हुआ पाया। प्रोपराइटर कृष्ण कुमार के अनुपस्थित होने पर प्रशासन की उपस्थिति में ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद हुई। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 90 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू, उपखंड अधिकारी टपूकडा लाखन सिंह गुर्जर, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, तहसीलदार, नगर परिषद, फायर विभाग एवं रीको के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा पूरे परिसर की गहन जांच की गई तथा संबंधित फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी एवं फेज-3 सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों की सघन जांच जारी रहेगी। जांच दल द्वारा मंगलवार को रीको यूनिट प्रथम ने 170 एवं रीको यूनिट द्वितीय ने 145 इकाइयों के निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों कि जांच सुनिश्चित की गई।4
- गोविंद डोटासरा ने आज अपने हमशक्ल में मुलाक़ात की। इनका नाम नरेश कुमार सिंधी है, जो डीडवाना जिले के लाडनूं में रहते हैं. 42 वर्षीय नरेश कुमार सिंधी मेडिकल क्षेत्र में जॉब करते हैं और उनका खुद का कैटरिंग का भी काम है. वे अक्सर शादी समारोह में कैटरिंग की बुकिंग पर जाते हैं. नरेश कुमार मूलतः जयपुर के रहने वाले हैं, मगर वे लगभग 12 सालों से लाडनूं में ही रहने लगे हैं. लाडनूं में ही उनका ससुराल भी है #कांग्रेस #राजस्थान1
- अलवर में हाल ही में आयोजित एक पारिवारिक समारोह ने राजनीतिक सीमाओं से परे आत्मीयता और अपनापन का सुंदर संदेश दिया। प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली की बेटी के विवाह समारोह में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और बढ़ा दी। समारोह के दौरान दोनों नेता खुशी के माहौल में आमजन और परिजनों के साथ थिरकते नज़र आए। यह दृश्य सिर्फ एक पारिवारिक उत्सव ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और मानवीय संबंधों की गर्मजोशी का भी प्रतीक बना। स्थानीय लोगों ने इस आत्मीय पल को सराहते हुए कहा कि ऐसे अवसर समाज में सकारात्मक संदेश और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।1
- मंगलवार को संयुक्त दल ने 315 औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण खैरथल-तिजारा, 17 फरवरी। कारौली-भिवाड़ी स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में हुई आगजनी की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए व्यापक जांच अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच टीम ने दो अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री को सीज किया। यह मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। सीज कि गई औद्योगिक प्लॉट का आईजी रेंज जयपुर एच.जी. राघवेंद्र सुहास ने निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को जब्ती प्रक्रिया को नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार गठित जांच दल जब रीको प्लॉट संख्या जी-1/682 एंव जी 1- 538ए पर पहुंचा तो दोनों फैक्ट्री बंद मिली और मालिक मौके से फरार था। टीम द्वारा कई बार संपर्क करने के बावजूद मालिक के नहीं पहुंचने पर प्रशासन, पुलिस एवं रीको अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर से भारी मात्रा में पटाखे, कच्चा माल एवं निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों फैक्ट्री की जांच की गई। प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण एवं भंडारण पाया गया है, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। एहतियातन फैक्ट्री की बिजली आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से काट दी गई है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। पहली कार्रवाई में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्ड संख्या G1-682 पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार टपूकड़ा की टीम ने निरीक्षण किया। यह भूखण्ड मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक के नाम आवंटित है, लेकिन मौके पर फैक्ट्री बंद मिली। प्रशासन द्वारा निर्देश देने के बाद जब गेट नहीं खोला गया, तो अधिकारियों ने अंदर प्रवेश कर निरीक्षण किया, जहां जिप्सम, सिलिका सैंड, नाइट्रिक एसिड, पत्थर, रेशा सहित पटाखा निर्माण से संबंधित मशीनें और रासायनिक पदार्थ पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है तथा मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि इकाई को मैसर्स शिवशक्ति इंडस्ट्रीज को किराये पर दिया गया था। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 45 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। दुसरी कार्रवाई में रीको क्षेत्र स्थित एक भूखण्ड, जो वर्तमान में मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम दर्ज है, पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को बंद और ताला लगा हुआ पाया। प्रोपराइटर श्री कृष्ण कुमार के अनुपस्थित होने पर प्रशासन की उपस्थिति में ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद हुई। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 90 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू, उपखंड अधिकारी टपूकडा लाखन सिंह गुर्जर, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, तहसीलदार, नगर परिषद, फायर विभाग एवं रीको के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा पूरे परिसर की गहन जांच की गई तथा संबंधित फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी एवं फेज-3 सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों की सघन जांच जारी रहेगी। जांच दल द्वारा मंगलवार को रीको यूनिट प्रथम ने 170 एवं रीको यूनिट द्वितीय ने 145 इकाइयों के निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों कि जांच सुनिश्चित की गई।1
- *भिवाड़ी में प्रशासन की सख्ती, जांच के दौरान दो अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी* *मंगलवार को संयुक्त दल ने 315 औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण* खैरथल / हीरालाल भूरानी कारौली-भिवाड़ी स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में हुई आगजनी की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए व्यापक जांच अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच टीम ने दो अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री को सीज किया। यह मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। सीज कि गई औद्योगिक प्लॉट का आईजी रेंज जयपुर एच.जी. राघवेंद्र सुहास ने निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को जब्ती प्रक्रिया को नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार गठित जांच दल जब रीको प्लॉट संख्या जी-1/682 एंव जी 1- 538ए पर पहुंचा तो दोनों फैक्ट्री बंद मिली और मालिक मौके से फरार था। टीम द्वारा कई बार संपर्क करने के बावजूद मालिक के नहीं पहुंचने पर प्रशासन, पुलिस एवं रीको अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर से भारी मात्रा में पटाखे, कच्चा माल एवं निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों फैक्ट्री की जांच की गई। प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण एवं भंडारण पाया गया है, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। एहतियातन फैक्ट्री की बिजली आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से काट दी गई है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। पहली कार्रवाई में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्ड संख्या G1-682 पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार टपूकड़ा की टीम ने निरीक्षण किया। यह भूखण्ड मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक के नाम आवंटित है, लेकिन मौके पर फैक्ट्री बंद मिली। प्रशासन द्वारा निर्देश देने के बाद जब गेट नहीं खोला गया, तो अधिकारियों ने अंदर प्रवेश कर निरीक्षण किया, जहां जिप्सम, सिलिका सैंड, नाइट्रिक एसिड, पत्थर, रेशा सहित पटाखा निर्माण से संबंधित मशीनें और रासायनिक पदार्थ पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है तथा मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि इकाई को मैसर्स शिवशक्ति इंडस्ट्रीज को किराये पर दिया गया था। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 45 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। दुसरी कार्रवाई में रीको क्षेत्र स्थित एक भूखण्ड, जो वर्तमान में मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम दर्ज है, पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को बंद और ताला लगा हुआ पाया। प्रोपराइटर श्री कृष्ण कुमार के अनुपस्थित होने पर प्रशासन की उपस्थिति में ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद हुई। जांच में उक्त भूखण्ड को बिना रीको की अनुमति किराये पर दिया गया था, जो रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का उल्लंघन है। इस पर रीको द्वारा 90 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूखण्ड निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू, उपखंड अधिकारी टपूकडा लाखन सिंह गुर्जर, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, तहसीलदार, नगर परिषद, फायर विभाग एवं रीको के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा पूरे परिसर की गहन जांच की गई तथा संबंधित फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी एवं फेज-3 सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों की सघन जांच जारी रहेगी। जांच दल द्वारा मंगलवार को रीको यूनिट प्रथम ने 170 एवं रीको यूनिट द्वितीय ने 145 इकाइयों के निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों कि जांच सुनिश्चित की गई।4
- Post by Dk rajput Rajput1
- आज के भाव अलवर मंडी1