चरण स्पर्श उस महान माँ को, जिसने अपने अंतिम सांस तक अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा। जिसकी ममता इतनी गहरी और निस्वार्थ थी कि मृत्यु भी उसके स्नेह और जिम्मेदारी के आगे छोटी पड़ गई। उस माँ का त्याग, उसका प्रेम और उसकी अटूट ममता हर किसी के लिए प्रेरणा है। वह केवल एक जननी नहीं थी, बल्कि अपने बच्चे की पहली रक्षक, पहली गुरु और सबसे बड़ी ताकत थी। अपने प्राणों की परवाह किए बिना उसने अपने बच्चे को सुरक्षित रखने का जो संकल्प निभाया, वह मातृत्व की सबसे पवित्र और अमूल्य मिसाल है। ऐसी माँ के चरणों में कोटि-कोटि नमन, जिनकी ममता शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती — वह साक्षात त्याग, प्रेम और समर्पण की प्रतिमूर्ति थीं। चरण स्पर्श उस महान माँ को, जिसने अपने अंतिम सांस तक अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा। जिसकी ममता इतनी गहरी और निस्वार्थ थी कि मृत्यु भी उसके स्नेह और जिम्मेदारी के आगे छोटी पड़ गई। उस माँ का त्याग, उसका प्रेम और उसकी अटूट ममता हर किसी के लिए प्रेरणा है। वह केवल एक जननी नहीं थी, बल्कि अपने बच्चे की पहली रक्षक, पहली गुरु और सबसे बड़ी ताकत थी। अपने प्राणों की परवाह किए बिना उसने अपने बच्चे को सुरक्षित रखने का जो संकल्प निभाया, वह मातृत्व की सबसे पवित्र और अमूल्य मिसाल है। ऐसी माँ के चरणों में कोटि-कोटि नमन, जिनकी ममता शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती — वह साक्षात त्याग, प्रेम और समर्पण की प्रतिमूर्ति थीं।
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- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1
- मायके में महिला और युवक संदिग्ध हालात में मिले, परिवार ने किया हंगामा; पूछताछ के बाद मामला बढ़ा #jhalkodelhi #viral #news1
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- Post by Ritesh Singh1
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- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1
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